प्यार में इंसान क्या क्या नहीं कर जाता है, जीता जागता तस्वीर गोपालगंज में देखने को मिला,'शोले' स्टाइल ड्रामा हथकड़ी में आया 'वीरू' तब टावर पर से उतरी 'बसंती'। प्यार में इंसान क्या क्या नहीं कर जाता है, जीता जागता तस्वीर गोपालगंज में देखने को मिला,'शोले' स्टाइल ड्रामा हथकड़ी में आया 'वीरू' तब टावर पर से उतरी 'बसंती'। *--प्यार में इंसान किसी भी हद तक जा सकता है, जिसका उदाहरण भोरे थाना क्षेत्र के बनकटा जागीरदारी गांव में देखने को मिला. यहां एक युवती अपने प्रेमी की रिहाई की मांग के लिए टावर पर चढ़ गई. इस दौरान मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) गोपालगंज 06 मार्च 2026 गोपालगंज:-आपने फिल्म 'शोले' में वीरू को बसंती के लिए पानी की टंकी पर चढ़ते तो देखा ही होगा, लेकिन गोपालगंज में इसका 'रिवर्स वर्जन' देखने को मिला है. यहां 'बसंती' अपने 'वीरू' की रिहाई के लिए टावर पर जा बैठी. शुक्रवार (6 मार्च) की सुबह गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के बनकटा जागीरदारी गांव में एक युवती अपने प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर गगनचुंबी मोबाइल टावर पर चढ़ गई. घंटों चले इस ड्रामे के बाद पुलिस को मजबूरन हिरासत में लिए गए प्रेमी को हथकड़ी समेत टावर के नीचे लाना पड़ा.बनकटा मल गांव निवासी संजय गोंड की पुत्री अर्पिता कुमारी का प्रेम प्रसंग गांव के ही पवन चौहान के साथ पिछले काफी समय से चल रहा था. गुरुवार (5 मार्च) की रात अर्पिता अचानक अपने घर से लापता हो गई. परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब वह नहीं मिली, तो उन्होंने पवन चौहान पर अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रेमी पवन चौहान को हिरासत में ले लिया और उसे थाने ले आई.शुक्रवार की सुबह जब ग्रामीणों की नजर बनकटा जागीरदारी स्थित मोबाइल टावर पर पड़ी, तो उनके होश उड़ गए. अर्पिता टावर की ऊंचाई पर बैठी थी. देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. युवती की मांग थी कि पवन को रिहा किया जाए और उन दोनों की शादी कराई जाए. घटना की सूचना मिलते ही भोरे थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. काफी समझाने-बुझाने के बाद भी जब अर्पिता नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई, तो पुलिस ने एक अनोखा तरीका अपनाया. पुलिस हाजत में बंद पवन चौहान को हथकड़ी लगी हालत में ही जीप से टावर के पास लाया गया,तब जाकर युवती नीचे उतरी और मामला शांत हुआ.
प्यार में इंसान क्या क्या नहीं कर जाता है, जीता जागता तस्वीर गोपालगंज में देखने को मिला,'शोले' स्टाइल ड्रामा हथकड़ी में आया 'वीरू' तब टावर पर से उतरी 'बसंती'। प्यार में इंसान क्या क्या नहीं कर जाता है, जीता जागता तस्वीर गोपालगंज में देखने को मिला,'शोले' स्टाइल ड्रामा हथकड़ी में आया 'वीरू' तब टावर पर से उतरी 'बसंती'। *--प्यार में इंसान किसी भी हद तक जा सकता है, जिसका उदाहरण भोरे थाना क्षेत्र के बनकटा जागीरदारी गांव में देखने को मिला. यहां एक युवती अपने प्रेमी की रिहाई की मांग के लिए टावर पर चढ़ गई. इस दौरान मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) गोपालगंज 06 मार्च 2026 गोपालगंज:-आपने फिल्म 'शोले' में वीरू को बसंती के लिए पानी की टंकी पर चढ़ते तो देखा ही होगा, लेकिन गोपालगंज में इसका 'रिवर्स वर्जन' देखने को मिला है. यहां 'बसंती' अपने 'वीरू' की रिहाई के लिए टावर पर जा बैठी. शुक्रवार (6 मार्च) की सुबह गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के बनकटा जागीरदारी गांव में एक युवती अपने प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर गगनचुंबी मोबाइल टावर पर चढ़ गई. घंटों चले इस ड्रामे के बाद पुलिस को मजबूरन हिरासत में लिए गए प्रेमी को हथकड़ी समेत टावर के नीचे लाना पड़ा.बनकटा मल गांव निवासी संजय गोंड की पुत्री अर्पिता कुमारी का प्रेम प्रसंग गांव के ही पवन चौहान के साथ पिछले काफी समय से चल रहा था. गुरुवार (5 मार्च) की रात अर्पिता अचानक अपने घर से लापता हो गई. परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब वह नहीं मिली, तो उन्होंने पवन चौहान पर अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रेमी पवन चौहान को हिरासत में ले लिया और उसे थाने ले आई.शुक्रवार की सुबह जब ग्रामीणों की नजर बनकटा जागीरदारी स्थित मोबाइल टावर पर पड़ी, तो उनके होश उड़ गए. अर्पिता टावर की ऊंचाई पर बैठी थी. देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. युवती की मांग थी कि पवन को रिहा किया जाए और उन दोनों की शादी कराई जाए. घटना की सूचना मिलते ही भोरे थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. काफी समझाने-बुझाने के बाद भी जब अर्पिता नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई, तो पुलिस ने एक अनोखा तरीका अपनाया. पुलिस हाजत में बंद पवन चौहान को हथकड़ी लगी हालत में ही जीप से टावर के पास लाया गया,तब जाकर युवती नीचे उतरी और मामला शांत हुआ.
- User1862Paharpur, Purbi Champaran💣17 hrs ago
- गर्मी से पहले ही मुजफ्फरपुर में पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने की तैयारी हुई तेज, जिलाधिकारी ने 16 मरम्मती दलों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना। *पेयजल संबंधी शिकायत, सुझाव, समाधान हेतु करें कॉल-टॉल फ्री नंबर* 18001231121 18003451121 *नियंत्रण कक्ष मुज 06212242445 मोतीपुर 06223291255* जयचंद्र कुमार राज्य सचिव बिहार दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार मुजफ्फरपुर 6 मार्च, 2026 गर्मी की दस्तक के साथ ही जिले में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर जिलाधिकारी पूरी तरह सक्रिय हो गये हैं। जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने स्पष्ट किया है कि जिले के प्रत्येक गांव, प्रत्येक घर तक शुद्ध पेयजल की नियमित एवं निर्वाध आपूर्ति सुनिश्चित की जायेगी। इसी उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) द्वारा खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान के तहत जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने समाहरणालय परिसर से कुल 16 मरम्मती दलों को हरी झंडी दिखाकर उनके निर्धारित क्षेत्रों के लिए रवाना किया। ये मरम्मती दल जिले के विभिन्न प्रखंडों में जाकर खराब पड़े चापाकलों की पहचान कर उनकी मरम्मत करेंगे तथा जहां आवश्यक होगा वहां जीर्ण-शीर्ण चापाकलों को हटाने की भी कार्रवाई करेंगे।इस अवसर पर जिलाधिकारी ने लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता, मुजफ्फरपुर एवं मोतीपुर को निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत कार्य का सतत और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में किसी भी व्यक्ति को पेयजल की किल्लत नहीं होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी चापाकल खराब न पड़ा रहे जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जो चापाकल मरम्मत योग्य हैं, उन्हें तुरंत मैकेनिक द्वारा ठीक किया जाए, जबकि जो चापाकल अत्यधिक जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं, उन्हें हटाकर नई व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मरम्मत कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी टीमों को जिम्मेदारी और तत्परता के साथ काम करना होगा। मरम्मती दलों की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने के लिए प्रत्येक प्रखंड में एक वाहन पर तीन मैकेनिकों की टीम तैनात की गई है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत करेंगी। जिलाधिकारी ने कहा कि टीमों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के साथ-साथ पूरी जवाबदेही के साथ काम करना होगा, ताकि गर्मी के मौसम में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के तहत घर-घर लगाए गए नलों से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। इसके लिए आम लोगों को शिकायत दर्ज कराने की सुविधा प्रदान की गई है। लोग टोल फ्री नंबर 18001231121 और 18003451121 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त पेयजल संबंधी समस्या के निदान एवं सहयोग हेतु दोनों डिवीजन के लिए नियंत्रण कक्ष बनाये गये हैं। मुजफ्फरपुर डिवीजन के लिए 06212242445 तथा मोतीपुर डिवीजन के लिए 06223291255 नंबर भी जारी किए गए हैं। इसके अलावा आम नागरिक एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से भी अपनी शिकायत भेज सकते हैं। इसके लिए 8544429082 और 8544429024 नंबर जारी किए गए हैं। शिकायत भेजते समय संबंधित व्यक्ति को वार्ड संख्या, गांव, पंचायत, प्रखंड और जिला का नाम, शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर तथा शिकायत का प्रकार स्पष्ट रूप से लिखना होगा, ताकि संबंधित टीम द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा सके। जिलाधिकारी श्री सेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जिन प्रखंडों में पंचायतों की संख्या अधिक है, वहां अतिरिक्त मरम्मती टीमों की तैनाती की जाए। उन्होंने विशेष रूप से उन प्रखंडों का उल्लेख किया जिनमें 20 से अधिक पंचायतें हैं। ऐसे प्रखंडों में कार्य की गति बढ़ाने के लिए दो-दो मरम्मती टीमों को लगाया जाएगा। मुजफ्फरपुर डिवीजन के अंतर्गत मुसहरी, सकरा, औराई, गायघाट और कटरा प्रखंडों में दो-दो मरम्मती टीमों की तैनाती करने का निर्देश दिया है। इसी प्रकार मोतीपुर डिवीजन के अंतर्गत कुढ़नी, सरैया, मोतीपुर, पारु और मीनापुर प्रखंडों में भी दो-दो टीमों को लगाया जायेगा। इन टीमों के द्वारा अभियान के रूप में कार्य करते हुए सभी खराब चापाकलों की मरम्मत करने तथा पेयजल आपूर्ति को सुचारु एवं सुदृढ़ करने कुछ कार्रवाई की जायेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले ही सभी खराब चापाकलों की मरम्मत कर ली जाएगी तथा जहां-जहां घरों में लगाए गए नलों में तकनीकी समस्या है, उन्हें भी ठीक किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इसी माह के भीतर अधिकतम समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि गर्मी के दौरान लोगों को निर्बाध रूप से पेयजल उपलब्ध हो सके।उन्होंने बताया कि पंचायत स्तर पर भी इस अभियान को प्रभावी बनाने के लिए विकास मित्र और पंचायत सचिवों को जिम्मेदारी दी गई है। ये कर्मी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर खराब चापाकलों की सूची तैयार कर रहे हैं। इसके आधार पर मरम्मती टीमों को भेजकर समस्याओं का त्वरित समाधान कराया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिले में कोई भी चापाकल खराब न रहे और हर व्यक्ति को शुद्ध पेयजल आसानी से उपलब्ध हो। उन्होंने पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को पूरी तत्परता एवं जवाबदेह से उक्त कार्य संपादित करने का निर्देश दिया है, ताकि जिले में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारु और प्रभावी बनी रहे जिलाधिकारी द्वारा शुरू किया गया यह विशेष अभियान गर्मी के मौसम में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह प्रयास किया गया है कि समय रहते सभी आवश्यक मरम्मत कार्य पूरे कर लिए जाएं, जिससे जिले के विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को गर्मी के दौरान पेयजल की कोई परेशानी न हो।1
- कल्याणपुर प्रखंड की राजनीति में उस समय हलचल मच गई जब उपप्रमुख धीरेंद्र कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि 27 फरवरी को प्रखंड के 34 पंचायत समिति सदस्यों में से 26 सदस्यों ने उपप्रमुख के खिलाफ हस्ताक्षर युक्त आवेदन देकर अविश्वास प्रस्ताव लाने की पहल की थी। सूत्रों के अनुसार, बहुमत घटने की आशंका के बीच उपप्रमुख ने अपना त्यागपत्र चकिया अनुमंडल पदाधिकारी को सौंप दिया। हालांकि जब पत्रकारों ने उनसे अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। वहीं चकिया की अनुमंडल पदाधिकारी शिवानी शुभम ने बताया कि उपप्रमुख का इस्तीफा प्राप्त हो गया है, जिसे नियम के तहत सात दिनों तक प्रतीक्षा में रखा जाएगा। इस दौरान उपप्रमुख चाहें तो अपना इस्तीफा वापस ले सकते हैं। यदि सात दिनों के भीतर इस्तीफा वापस नहीं लिया गया तो उसे स्वीकार कर लिया जाएगा। इस्तीफा देने के कारणों पर उपप्रमुख धीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि कल्याणपुर थानाध्यक्ष ने उनके एक पंचायत समिति सदस्य को गलत तरीके से मामले में फंसा कर जेल भेज दिया था। बाद में मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात की जांच में वह सदस्य निर्दोष पाया गया और संबंधित थानाप्रभारी पर कार्रवाई भी की गई थी। अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या उपप्रमुख सात दिनों के भीतर अपना इस्तीफा वापस लेंगे या कल्याणपुर प्रखंड में नए उपप्रमुख के चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी।1
- Post by Talk On Chair1
- Post by Vishwanath Sahni1
- मुख्यमंत्री पद छोड़ेंगे Nitish Kumar? राज्यसभा नामांकन के बाद तेज हुई सियासी हलचल1
- कृषि विज्ञान है यानी कि एग्रीकल्चर जो कृषि के बारे में खेती के बारे में बताया जाता है1
- सुगौली रेल पुलिस ने स्प्रिंग चाकू के साथ रेल परिसर से दो युवकों को किया गिरफ्तार, भेजा जेल।1
- प्यार में इंसान क्या क्या नहीं कर जाता है, जीता जागता तस्वीर गोपालगंज में देखने को मिला,'शोले' स्टाइल ड्रामा हथकड़ी में आया 'वीरू' तब टावर पर से उतरी 'बसंती'। *--प्यार में इंसान किसी भी हद तक जा सकता है, जिसका उदाहरण भोरे थाना क्षेत्र के बनकटा जागीरदारी गांव में देखने को मिला. यहां एक युवती अपने प्रेमी की रिहाई की मांग के लिए टावर पर चढ़ गई. इस दौरान मौके पर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई।* (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) गोपालगंज 06 मार्च 2026 गोपालगंज:-आपने फिल्म 'शोले' में वीरू को बसंती के लिए पानी की टंकी पर चढ़ते तो देखा ही होगा, लेकिन गोपालगंज में इसका 'रिवर्स वर्जन' देखने को मिला है. यहां 'बसंती' अपने 'वीरू' की रिहाई के लिए टावर पर जा बैठी. शुक्रवार (6 मार्च) की सुबह गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के बनकटा जागीरदारी गांव में एक युवती अपने प्रेमी की रिहाई की मांग को लेकर गगनचुंबी मोबाइल टावर पर चढ़ गई. घंटों चले इस ड्रामे के बाद पुलिस को मजबूरन हिरासत में लिए गए प्रेमी को हथकड़ी समेत टावर के नीचे लाना पड़ा.बनकटा मल गांव निवासी संजय गोंड की पुत्री अर्पिता कुमारी का प्रेम प्रसंग गांव के ही पवन चौहान के साथ पिछले काफी समय से चल रहा था. गुरुवार (5 मार्च) की रात अर्पिता अचानक अपने घर से लापता हो गई. परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब वह नहीं मिली, तो उन्होंने पवन चौहान पर अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रेमी पवन चौहान को हिरासत में ले लिया और उसे थाने ले आई.शुक्रवार की सुबह जब ग्रामीणों की नजर बनकटा जागीरदारी स्थित मोबाइल टावर पर पड़ी, तो उनके होश उड़ गए. अर्पिता टावर की ऊंचाई पर बैठी थी. देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई. युवती की मांग थी कि पवन को रिहा किया जाए और उन दोनों की शादी कराई जाए. घटना की सूचना मिलते ही भोरे थाना की पुलिस मौके पर पहुंची. काफी समझाने-बुझाने के बाद भी जब अर्पिता नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई, तो पुलिस ने एक अनोखा तरीका अपनाया. पुलिस हाजत में बंद पवन चौहान को हथकड़ी लगी हालत में ही जीप से टावर के पास लाया गया,तब जाकर युवती नीचे उतरी और मामला शांत हुआ.1