ग्राम डांगराखेड़ा के प्रगतिशील, दूरदर्शी और आधुनिक सोच वाले किसानों ने वह कर दिखाया है, जिसे कृषि क्षेत्र में एक प्रेरणादायक परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। वर्षों पहले लगभग लुप्त हो चुकी ज्वार, मक्का, बाजरा और धान जैसी पारंपरिक फसलें अब आधुनिक तकनीक के साथ खेतों में फिर से लहलहा रही हैं। मालवा की मिट्टी में फिर गूंज रही ज्वार-बाजरे की हरियाली, डांगराखेड़ा के किसानों ने ड्रोन तकनीक से रचा कृषि नवाचार का नया इतिहास कन्नौद। मालवा अंचल की पहचान रही पारंपरिक खेती एक बार फिर अपने गौरवशाली स्वरूप में लौटती दिखाई दे रही है विकासखंड कन्नौद के ग्राम डांगराखेड़ा के प्रगतिशील, दूरदर्शी और आधुनिक सोच वाले किसानों ने वह कर दिखाया है, जिसे कृषि क्षेत्र में एक प्रेरणादायक परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। वर्षों पहले लगभग लुप्त हो चुकी ज्वार, मक्का, बाजरा और धान जैसी पारंपरिक फसलें अब आधुनिक तकनीक के साथ खेतों में फिर से लहलहा रही हैं। एक समय था जब मालवा अंचल में इन फसलों की खेती बैलों, हल, खड़ी और पारंपरिक कृषि संसाधनों के सहारे की जाती थी। बदलते समय, बढ़ती लागत और नई फसलों के प्रभाव के कारण यह कृषि परंपरा धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ गई थी। लेकिन डांगराखेड़ा के जागरूक किसानों ने यह साबित कर दिया कि यदि परंपरा को तकनीक का साथ मिल जाए, तो खेती केवल जीविका का साधन नहीं बल्कि समृद्धि का मार्ग बन सकती है। गांव के किसानों ने ज्वार की फसल में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक का छिड़काव कर कृषि क्षेत्र में आधुनिक युग की नई इबारत लिख दी है। आसमान से उड़ते ड्रोन द्वारा खेतों में किया गया कीटनाशक छिड़काव ग्रामीण अंचल में कौतूहल का विषय बना हुआ है। इस तकनीक से कम समय में अधिक क्षेत्र में सटीक, संतुलित और प्रभावी छिड़काव संभव हो रहा है, जिससे किसानों की श्रम लागत घट रही है, समय की बचत हो रही है और फसल की गुणवत्ता तथा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार की संभावना बढ़ रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ज्वार, बाजरा और मक्का जैसी फसलें भविष्य की जलवायु चुनौतियों का प्रभावी समाधान हैं। कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली ये फसलें पोषण, स्वास्थ्य और आर्थिक
ग्राम डांगराखेड़ा के प्रगतिशील, दूरदर्शी और आधुनिक सोच वाले किसानों ने वह कर दिखाया है, जिसे कृषि क्षेत्र में एक प्रेरणादायक परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। वर्षों पहले लगभग लुप्त हो चुकी ज्वार, मक्का, बाजरा और धान जैसी पारंपरिक फसलें अब आधुनिक तकनीक के साथ खेतों में फिर से लहलहा रही हैं। मालवा की मिट्टी में फिर गूंज रही ज्वार-बाजरे की हरियाली, डांगराखेड़ा के किसानों ने ड्रोन तकनीक से रचा कृषि नवाचार का नया इतिहास कन्नौद। मालवा अंचल की पहचान रही पारंपरिक खेती एक बार फिर अपने गौरवशाली स्वरूप में लौटती दिखाई दे रही है विकासखंड कन्नौद के ग्राम डांगराखेड़ा के प्रगतिशील, दूरदर्शी और आधुनिक सोच वाले किसानों ने वह कर दिखाया है, जिसे कृषि क्षेत्र में एक प्रेरणादायक परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। वर्षों पहले लगभग लुप्त हो चुकी ज्वार, मक्का, बाजरा और धान जैसी पारंपरिक फसलें अब आधुनिक तकनीक के साथ खेतों में फिर से लहलहा रही हैं। एक समय था जब मालवा अंचल में इन फसलों की खेती बैलों, हल, खड़ी और पारंपरिक कृषि संसाधनों के सहारे की जाती थी। बदलते समय,
बढ़ती लागत और नई फसलों के प्रभाव के कारण यह कृषि परंपरा धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ गई थी। लेकिन डांगराखेड़ा के जागरूक किसानों ने यह साबित कर दिया कि यदि परंपरा को तकनीक का साथ मिल जाए, तो खेती केवल जीविका का साधन नहीं बल्कि समृद्धि का मार्ग बन सकती है। गांव के किसानों ने ज्वार की फसल में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक का छिड़काव कर कृषि क्षेत्र में आधुनिक युग की नई इबारत लिख दी है। आसमान से उड़ते ड्रोन द्वारा खेतों में किया गया कीटनाशक छिड़काव ग्रामीण अंचल में कौतूहल का विषय बना हुआ है। इस तकनीक से कम समय में अधिक क्षेत्र में सटीक, संतुलित और प्रभावी छिड़काव संभव हो रहा है, जिससे किसानों की श्रम लागत घट रही है, समय की बचत हो रही है और फसल की गुणवत्ता तथा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार की संभावना बढ़ रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ज्वार, बाजरा और मक्का जैसी फसलें भविष्य की जलवायु चुनौतियों का प्रभावी समाधान हैं। कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली ये फसलें पोषण, स्वास्थ्य और आर्थिक
- रक्तदान किया, एवं हास्पिटल में कुर्सी, व पानी के जार वितरण कर पौधे लगाये रक्तदान किया, एवं हास्पिटल में कुर्सी, व पानी के जार वितरण कर पौधे लगाये देवास जिले के नेवरी में कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के निर्देश अनुसार 30 लोगों ने रक्तदान किया, एवं हास्पिटल में कुर्सी, व पानी के जार वितरण कर पौधे लगाये। राज्यसभा सांसद एवं अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष जनाब इमरान प्रतापगढ़ी साहब के जन्मदिवस को पखवाड़े के रूप में मनाया जा रहा है देवास ग्रामीण कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग टीम गोलू काजी द्वारा सेवा संकल्प के रूप में 3 दिन तक मनाया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ जन डॉक्टर जगदीश जी जोशी,डॉक्टर पंकज जोशी,गणेश जी जायसवाल , मुबारीक खान,शरीफ मेवाती,विनोद कुमार तथा सभी वरिष्ठ कांग्रेस जन एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे1
- नगरीय मार्गों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को नगर परिषद ने कांजी हाउस पहुंचाया नगरीय मार्गों पर घूम रहे आवारा मवेशियों को नगर परिषद ने कांजी हाउस पहुंचाया हरदा/टिमरनी- ग्राम सहित नगरीय क्षेत्रों में आवारा मवेशी झुंड बनाकर घूम रहे, आए दिन हो रही दुर्घटनाऐं। कलेक्टर के निर्देश पर ग्राम एवं नगर स्तर पर स्थानीय प्रशासन के द्वारा ऐसे मवेशियों को गौशालाओं एवं कांजी हाउस पहुंचाया जा रहा है। इसी क्रम में टिमरनी नगर परिषद सीएमओ के द्वारा मुहिम छेड़ी गई जिसके अंतर्गत नपा कर्मचारियों ने नगर के मार्गो ,वार्डों में घूम रहे आवारा मवेशियों को पकड़कर कांजी हाउस पहुंचाया जा रहा। नगर परिषद के द्वारा यह मुहिम आगे भी चलती रहेगी। आज सुबह नपा कर्मचारियों ने इन मवेशियों को स्थानीय कांजी हाउस भेजा।4
- पुनासा/मुंदी भोले की भक्ति में निकली भव्य कावड़ यात्रा, संत सिंगाजी समाधि से ओंकारेश्वर रवाना, बीड़-मोहद के बड़ी संख्या में कावड़िये हुए शामिल, विधायक प्रतिनिधि दीपक पटेल ने किया स्वागत। श्रावण मास शुरू होते ही मुंदी क्षेत्र के अलग-अलग ग्रामों से ओंकारेश्वर के लिए कावड़ यात्राओं के निकलने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी क्रम में शनिवार को ग्राम बीड़ एवं मोहद के ग्रामीणों और युवाओं द्वारा कावड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा का शुभारंभ संत सिंगाजी महाराज की समाधि स्थल से किया गया। कावड़िये हाथों में कावड़ लेकर भगवान भोलेनाथ के जयकारे लगाते हुए ओंकारेश्वर के लिए रवाना हुए। यात्रा के दौरान रास्तेभर श्रद्धालुओं में उत्साह और भक्ति का माहौल नजर आया। जगह-जगह ग्रामीणों एवं श्रद्धालुओं द्वारा कावड़ियों का स्वागत किया गया तथा चाय-पानी सहित अन्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। कावड़ यात्रा के बीड़ पहुंचने पर मांधाता विधायक प्रतिनिधि दीपक पटेल ने दोनों ग्रामों से शामिल कावड़ियों का स्वागत किया। वहीं कावड़ यात्रा के मुंदी पहुंचने पर नगर के भक्तों एवं श्रद्धालुओं ने कावड़ियों के लिए चाय-पानी की व्यवस्था कर सेवा की। कावड़ यात्रा में शामिल सदस्यों ने बताया कि वे श्रावण मास के दूसरे सोमवार को ओंकारेश्वर पहुंचेंगे, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर भगवान ओंकारेश्वर का जलाभिषेक करेंगे और दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। कावड़ियों ने बताया कि ग्राम बीड़ और मोहद से निकलने वाली यह कावड़ यात्रा पिछले कई वर्षों से लगातार आयोजित की जा रही है। श्रद्धा और आस्था से शुरू हुई यह परंपरा आज भी निरंतर जारी है। यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं युवा श्रद्धालु शामिल हैं, जो भगवान भोलेनाथ के जयकारों के साथ ओंकारेश्वर की ओर आगे बढ़ रहे हैं।1
- Writing 🎷 सैक्सोफोन की धुन और दिल छू लेने वाला अंदाज ❤️ क्रिएटर मीटअप में सुमित भाई ने “दिल दिया है, जान भी देंगे” की धुन बजाकर लूटी महफिल। मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह जी भी इस खूबसूरत प्रस्तुति का आनंद लेते नजर आए। ✨1
- साइबर ठगी मे सीहोर पुलिस को मिली बड़ी सफलता, फरियादि को मिली राशि लोकेशन सीहोर *साइबर ठगी में सीहोर पुलिस की बड़ी सफलता* अज्ञात लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक... और खाते से ₹40,153 गायब सीहोर के अनार सिंह के साथ जब यह साइबर फ्रॉड हुआ, तो उन्होंने तुरंत थाना कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क की टीम तुरंत हरकत में आई। सी एस पी सीहोर डॉक्टर अभिनंदना शर्मा द्वारा तुरंत कार्यवाही के निर्देश दिए गए NCRP पोर्टल की मदद से अमेज़न पे से हुए भुगतान को तत्काल कैंसिल कराया गया।, पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित अनार सिंह को उनके पूरे ₹40,153 वापस मिल गए। वही सी एस पी सीहोर द्वारा अनजान लिंक से दूर रहने ओर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करने की बात कही है *बाइट- डॉक्टर अभिनंदना शर्मा सी एस पी सीहोर* *बाइट -आनार सिंह साइबर फ्रोड के शिकार*2
- ढकलगांव में संचालित शराब दुकान को बंद /हटाने की मांग ग्राम की महिलाएं कर रही है अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन *ग्राम ढकलगाँव में संचालित शराब दुकान को बंद/हटाने की मांग* ग्राम की महिलाओं द्वारा किया जा रहा है अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन सनावद:- समीपस्थ ग्राम ढकलगांव में मेन रोड़ पर संचालित शराब दुकान को बंद करने एवं वहां से हटाने के लिए ग्राम की महिलाएं धरने पर बैठ गई हैं सनावद के समीपस्थ ग्राम ढकलगांव, तहसील बड़वाह, जिला खरगोन की निवासी महिलाएँ जिनकी मांग है की हमारे ग्राम के मुख्य मार्ग पर संचालित शराब दुकान के कारण महिलाओं, बच्चियों एवं परिवारों को लगातार असुविधा एवं परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शराब दुकान के आसपास शराब सेवन करने वाले लोगों की भीड एवं आवाजाही के कारण महिलाओं एवं बच्चियों का आवागमन प्रभावित होता है तथा उन्हें असहज एवं असुरक्षित वातावरण का सामना करना पड़ता है। शराब सेचन के कारण विवाद एवं सड़क दुर्घटनाओं की आशंका भी रहती है, जिससे ग्राम कर शांतिपूर्ण वातावरण प्रभावित हो रहा है।वर्तमान में शासन द्वारा नशा मुक्त समाज बनाने एवं नशे बढ़ रही दुर्घटनाओं से लोगों को बचाने के लिए नशामुक्ति एवं जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। ऐसे समय में ग्राम के मुख्य मार्ग पर शराब दुकान का संचालन होना ग्राम की महिलाओं एवं परिवारों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। हम ग्राम की महिलाएँ शासन के नशामुक्त समाज के उद्देश्य का समर्थन करते हुए मांग करती हैं कि ग्राम ढकलगाँव में संचालित उक्त शराब दुकान को बंद किया जाए अथवा ग्राम के मुख्य मार्ग एवं आबादी क्षेत्र से हटाकर अन्य उपयुक्त स्थान पर नियमानुसार स्थानांतरित किया जाए। उक्त समस्या के संबंध में पूर्व में भी संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या एवं मांग रखने के बावजूद यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई है, ग्राम की महिलाएँ ढकलगांव में शराब दुकान बंद/हटाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन, शांतिपूर्ण एवं अहिंसात्मक धरना-प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया है यह धरना तब तक जारी रखने का निर्णय लिया गया है, जब तक हमारी उचित मांग पर प्रशासन द्वारा सकारात्मक एवं नियमानुसार कार्रवाई नहीं की जाती।हम महिलाएँ स्पष्ट रूप से आवस्त किया हैं कि हमारा आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, अहिंसात्मक एवं लोकतांत्रिक तरीके से होगा तथा कानून-व्यवस्था एवं प्रशासन द्वारा निर्धारित आवश्यक नियमों का पालन किया जाएगा। बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीण महिलाओं ने विनम्र निवेदन किया है कि हमारी गंभीर समस्या को जनहित एवं महिला सुरक्षा से जुड़ा विषय मानते हुए शराब दुकान का तत्काल स्थल निरीक्षण एवं आवश्यक जांच करवाकर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए तथा हमारी मांग का शीघ्र समाधान किया जाएासाथ ही प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन के संबंध में आवश्यक प्रशासनिक एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिवित करने की कृपा करें। हमें विश्वास है कि प्रशासन ग्राम की महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान, परिवारों की सुख-शांति एवं नशामुक्त समाज के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए हमारी मांग पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई करेगा।4
- ग्राम डांगराखेड़ा के प्रगतिशील, दूरदर्शी और आधुनिक सोच वाले किसानों ने वह कर दिखाया है, जिसे कृषि क्षेत्र में एक प्रेरणादायक परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। वर्षों पहले लगभग लुप्त हो चुकी ज्वार, मक्का, बाजरा और धान जैसी पारंपरिक फसलें अब आधुनिक तकनीक के साथ खेतों में फिर से लहलहा रही हैं। मालवा की मिट्टी में फिर गूंज रही ज्वार-बाजरे की हरियाली, डांगराखेड़ा के किसानों ने ड्रोन तकनीक से रचा कृषि नवाचार का नया इतिहास कन्नौद। मालवा अंचल की पहचान रही पारंपरिक खेती एक बार फिर अपने गौरवशाली स्वरूप में लौटती दिखाई दे रही है विकासखंड कन्नौद के ग्राम डांगराखेड़ा के प्रगतिशील, दूरदर्शी और आधुनिक सोच वाले किसानों ने वह कर दिखाया है, जिसे कृषि क्षेत्र में एक प्रेरणादायक परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। वर्षों पहले लगभग लुप्त हो चुकी ज्वार, मक्का, बाजरा और धान जैसी पारंपरिक फसलें अब आधुनिक तकनीक के साथ खेतों में फिर से लहलहा रही हैं। एक समय था जब मालवा अंचल में इन फसलों की खेती बैलों, हल, खड़ी और पारंपरिक कृषि संसाधनों के सहारे की जाती थी। बदलते समय, बढ़ती लागत और नई फसलों के प्रभाव के कारण यह कृषि परंपरा धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ गई थी। लेकिन डांगराखेड़ा के जागरूक किसानों ने यह साबित कर दिया कि यदि परंपरा को तकनीक का साथ मिल जाए, तो खेती केवल जीविका का साधन नहीं बल्कि समृद्धि का मार्ग बन सकती है। गांव के किसानों ने ज्वार की फसल में ड्रोन के माध्यम से कीटनाशक का छिड़काव कर कृषि क्षेत्र में आधुनिक युग की नई इबारत लिख दी है। आसमान से उड़ते ड्रोन द्वारा खेतों में किया गया कीटनाशक छिड़काव ग्रामीण अंचल में कौतूहल का विषय बना हुआ है। इस तकनीक से कम समय में अधिक क्षेत्र में सटीक, संतुलित और प्रभावी छिड़काव संभव हो रहा है, जिससे किसानों की श्रम लागत घट रही है, समय की बचत हो रही है और फसल की गुणवत्ता तथा उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय सुधार की संभावना बढ़ रही है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि ज्वार, बाजरा और मक्का जैसी फसलें भविष्य की जलवायु चुनौतियों का प्रभावी समाधान हैं। कम पानी में बेहतर उत्पादन देने वाली ये फसलें पोषण, स्वास्थ्य और आर्थिक2
- हर घर तिरंगा अभियान अंतर्गत नगर परिषद ने निकाली तिरंगा वाहन रैली हर घर तिरंगा अभियान अंतर्गत नगर परिषद ने निकाली तिरंगा वाहन रैली हरदा/टिमरनी-शासन के निर्देशानुसार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिले में ‘हर घर तिरंगा अभियान 2026’ का आयोजन आज 9 अगस्त से 17 अगस्त 2026 तक किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य देशभक्ति की भावना को सुदृढ़ करना तथा हर घर, सरकारी कार्यालय, शैक्षणिक संस्थान एवं ग्राम पंचायतों में राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्रीय एकता का संदेश देना है। इसी क्रम में आज अभियान का शुभारंभ करते हुए टिमरनी नगर परिषद अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा टिमरनी नगरी क्षेत्र में तिरंगा बाइक रैली निकाली गई राष्ट्रीय एकता का, देश भक्ति का परिचय दिया गया।इस दौरान नगर परिषद सीएमओ, अधिकारी कर्मचारी,जनप्रतिनिधी रहे मौजूद।4
- हरसूद क्रिएटर मीटअप की तैयारियां तेज़हरसूद में क्रिएटर्स के बड़े मिलन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। हरसूद में क्रिएटर्स के बड़े मिलन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं। यह आयोजन स्थानीय क्रिएटर्स को एक साझा मंच प्रदान करने और उन्हें नई पहचान व अवसर देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। हरसूद में होने वाले इस क्रिएटर मीटअप को लेकर प्रतिभागियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।1