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Pawan banjara
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More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Post by Narendra Kumar yadav1
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- Post by रवि कुडिया राष्ट्रीय अध्यक्ष1
- शिकारपुर : नगर के जैन धर्म के 24 वें तीर्थ कर भगवान महावीर स्वामी के जन्म कल्याणक महोत्सव (महावीर जयंती) के पावन अवसर पर नगर में भव्य रथ यात्रा हर्षोल्लास के साथ निकाली गई गाजे-बाजे और धार्मिक भजनों के साथ निकली इस शोभायात्रा में जैन समाज के पुरुष, महिलाएं, और बच्चे केसरिया वस्त्र धारण कर शामिल हुए सांप्रदायिक सौहार्द की दिखी अनूठी मिसाल रथ यात्रा के दौरान नगर में गंगा-जमुनी तहजीब का एक सुन्दर नजारा देखने को मिला जब शोभायात्रा मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों से गुजरी तो वहाँ के स्थानीय वार्ड सभासद अरशद अन्सारी, और मुस्लिम समुदाय के गणमान्य नागरिकों ने भगवान महावीर के रथ पर पुष्प वर्षा कर जोरदार स्वागत किया सभासद अरशद अन्सारी, ने इस अवसर पर कहा कि त्यौहार हमें आपस में प्रेम और भाईचारे का संदेश देते है और भगवान महावीर का सत्य व अहिंसा का मार्ग पूरी मानवता के लिए है पुष्प वर्षा से महक उठा मार्ग रथ यात्रा का नगर के मुख्य चौराहों और गलियों में जगह-जगह स्वागत द्वार बना कर अभिनंदन किया गया श्रद्धालुओं ने अपने घरों की छतों और दरवाजों से रथ पर पुष्पों की बारिश की भगवान महावीर के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया सुरक्षा के कड़े इंतजाम शोभायात्रा को देखते हुए कोतवाली प्रभारी निरीक्षक यज्ञदत्त शर्मा, कस्बा इंचार्ज कौशल गुप्ता, एस आई शुलभ कुमार, पवन कुमार, विशाल चौधरी, विकास, सहित भारी पुलिस फोर्स शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल यात्रा के साथ मौजूद रहा यात्रा के समापन पर मन्दिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना और आरती का आयोजन किया गया जिसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया ।3
- सिकंदराराऊ। नगर के मोहल्ला शिव कॉलोनी निवासी अमित कुमार ने UPPCS-2024 परीक्षा में 51वीं बी रैंक हासिल कर न केवल सिकंदराराऊ, बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार सफलता से नगर क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों ने फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और मिठाई बांटकर उनका भव्य स्वागत किया। अमित कुमार ने बातचीत के दौरान बताया कि वह बचपन से ही पढ़ाई में बेहद मेधावी रहे हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, अगसौली से हुई, जहां वह हमेशा अपनी कक्षा में अव्वल आते थे। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा उन्हें लगातार प्रशस्ति पत्र और सराहना मिलती रही, जिससे उनका आत्मविश्वास और मनोबल मजबूत होता गया। उन्होंने बताया कि एक बार स्कूल में सम्मान समारोह के दौरान उप जिलाधिकारी (SDM) मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे। उस समय एसडीएम का व्यक्तित्व, रुतबा और सम्मान देखकर उनके मन में भी एक प्रतिष्ठित प्रशासनिक अधिकारी बनने की प्रेरणा जगी। तभी उन्होंने ठान लिया कि वह UPPCS जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा उत्तीर्ण कर अपनी अलग पहचान बनाएंगे। अमित ने इसके बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसी दौरान उन्होंने सरकारी नौकरी की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी। मेहनत के बल पर उनका चयन लेखपाल पद पर हो गया और उनकी तैनाती सहारनपुर नगर में हुई। लेखपाल की नौकरी करते हुए भी उन्होंने अपने सपने को नहीं छोड़ा और पूरी लगन के साथ UPPCS की तैयारी जारी रखी। उन्होंने बताया कि पहले प्रयास में उन्होंने मेंस परीक्षा तक सफलता प्राप्त की, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो सका। दूसरे प्रयास में भी उन्होंने प्री और मेंस परीक्षा पास की, मगर सफलता हाथ नहीं लगी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। तीसरे प्रयास में अपनी पिछली कमियों को दूर करते हुए पूरे आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत के साथ फिर परीक्षा दी। आखिरकार UPPCS-2024 में सफलता प्राप्त कर 51वीं बी रैंक हासिल की और उनका चयन कमर्शियल टैक्स ऑफिसर पद पर हुआ। अमित कुमार ने बताया कि उन्होंने लखनऊ में रहकर समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित सरकारी कोचिंग से तैयारी की, जिसने उनकी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अमित की सफलता की खबर मिलते ही उनके घर और क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बन गया। मोहल्ले और नगर के लोगों, रिश्तेदारों व मित्रों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर और ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया। लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। अमित कुमार के निजी जीवन की बात करें तो कुछ वर्ष पहले उनके पिता का निधन हो चुका है। उनकी एक बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। उनकी माता सरकारी सेवा में थीं, लेकिन बेटे के चयन के बाद उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया। अमित की यह सफलता संघर्ष, धैर्य और निरंतर मेहनत का प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।1
- Post by Its Arvind1
- इगलास तहसील क्षेत्र गाँव कलिंजरी निवासी विनय कुमार तहसील में आयोजित होने वाले संपूर्ण समाधान दिवस में 2019 से अपनी शिकायत करता फिर रहा. फिर भी नहीं मिल रहा विनय कुमार को न्याय. आज फिर विनय कुमार उक्त शिकायत को लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में लेकर पहुँचे. पीड़ित विनय कुमार का कहना है की गाँव के सरकारी रास्ते पर कुछ ग्रामीणों द्वारा अवैध रैंप का निर्माण कर रखा है. जिसके कारण सड़क से गुजरने वाले वाहनों व ग्रामीणों को काफी परेशानीयों का सामना करना पड़ रहा. इसी शिकायत को लेकर विनय कुमार 2019 से लेकर 2026 तक 264 शिकायत संपूर्ण समाधान दिवस में कर चुका है. फिर भी कोई अधिकारी सुनने वाला नहीं है. वहीं आज एसडीएम इगलास पारितोष मिश्रा द्वारा पीड़ित की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मौके पर गाँव के सेकेट्री को बुलाकर आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए. पीड़ित विनय कुमार को कार्यवाही करने का अस्वासन दिया है.1
- सिकंदराराऊ। उत्तराखंड के हरिद्वार निवासी एवं मूल रूप से सिकंदराराऊ क्षेत्र के अलीगढ़ रोड स्थित गांव अरनौट से संबंध रखने वाले आर्यन जादौन ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा-2025 में 104वीं रैंक हासिल कर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आर्यन की इस उपलब्धि से गांव से लेकर शहर तक खुशी और गर्व का माहौल है। आर्यन जादौन वर्तमान में उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित त्रिमूर्ति नगर के निवासी हैं, जबकि उनका पैतृक संबंध सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव अरनौट से है। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए ऑल इंडिया 104वीं रैंक हासिल की है। खास बात यह है कि उन्होंने यह सफलता अपने दूसरे प्रयास में प्राप्त की है। आर्यन ने मुंबई से फॉरेंसिक साइंस में ग्रेजुएशन किया है। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने UPSC की तैयारी शुरू की और पूरी लगन के साथ लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे। परिजनों के अनुसार, आर्यन बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि के रहे हैं और उनका सपना हमेशा से जनसेवा के क्षेत्र में जाने का था। उनके पिता पुष्पेंद्र सिंह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद परिवार ने आर्यन को हर कदम पर सहयोग दिया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। परिवार के लोगों ने बताया कि पहले प्रयास में आर्यन इंटरव्यू तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन से चूक गए थे। हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और पहले प्रयास के अनुभव को अपनी ताकत बनाते हुए दोबारा तैयारी में जुट गए। कड़ी मेहनत, अनुशासित अध्ययन और मजबूत रणनीति के दम पर उन्होंने दूसरी बार में यह बड़ी सफलता हासिल कर ली। मंगलवार को आर्यन जादौन अपने पैतृक गांव अरनौट पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। परिवारजनों और ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, फूलमालाओं और नोटों की माला पहनाकर उनका सम्मान किया। गांव में जश्न जैसा माहौल देखने को मिला। उनकी सफलता पर रिश्तेदारों, मित्रों और स्थानीय निवासियों ने मिठाई बांटकर तथा आतिशबाजी कर अपनी खुशी का इजहार किया। आर्यन के घर पर बधाई देने वालों का लगातार तांता लगा रहा। आर्यन की एक छोटी बहन भी है, जो वर्तमान में पढ़ाई कर रही है। परिवार ने इस सफलता को पूरे परिवार और क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। ग्रामीणों का कहना है कि आर्यन जादौन की उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं के लिए एक प्रेरणा है और इससे बच्चों में बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का हौसला बढ़ेगा। मंगलवार को ग्राम अरनौट, ब्लॉक सिकंदराराऊ में आर्यन जादौन से खास बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवारजनों, शिक्षकों और नियमित अध्ययन को दिया। उन्होंने कहा कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो, मेहनत सच्ची हो और धैर्य बना रहे, तो सफलता जरूर मिलती है। आर्यन जादौन की इस उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि सिकंदराराऊ क्षेत्र और उत्तराखंड भी गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि संकल्प, संघर्ष और सतत मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।2