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ग्वालियर के थाना जनकगंज में तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) का एक संदिग्ध वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में ASI कैमरे से बचते हुए कुछ रुपए गिनते नजर आ रहे हैं, जिस पर पुलिस के आला अधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लिया है। इस पूरे मामले पर पुलिस महानिरीक्षक (IG) ग्वालियर रेंज ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर का अधिकारी हो, यदि उसका संदिग्ध आचरण उसके कार्यक्षेत्र में दिखता है और गुपचुप लेन-देन की आशंका होती है, तो उसे बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाएगा, चाहे वह किसी भी रैंक का क्यों न हो। उन्होंने संबंधित नगर पुलिस अधीक्षक को इस मामले में निष्पक्ष और विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को कतई बर्दाश्त न किया जा सके।
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ग्वालियर के थाना जनकगंज में तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) का एक संदिग्ध वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में ASI कैमरे से बचते हुए कुछ रुपए गिनते नजर आ रहे हैं, जिस पर पुलिस के आला अधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लिया है। इस पूरे मामले पर पुलिस महानिरीक्षक (IG) ग्वालियर रेंज ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर का अधिकारी हो, यदि उसका संदिग्ध आचरण उसके कार्यक्षेत्र में दिखता है और गुपचुप लेन-देन की आशंका होती है, तो उसे बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाएगा, चाहे वह किसी भी रैंक का क्यों न हो। उन्होंने संबंधित नगर पुलिस अधीक्षक को इस मामले में निष्पक्ष और विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को कतई बर्दाश्त न किया जा सके।
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- ग्वालियर जिले के भितरवार स्थित बैलगाड़ा थाना क्षेत्र में एक शादी समारोह के दौरान उस समय हंगामा हो गया जब बारात लेकर पहुंचे दूल्हे और बारातियों पर दुल्हन पक्ष के लोगों ने हमला कर दिया। इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बताया जा रहा है कि दुल्हन के भाई और चाचा ने बारातियों के साथ मारपीट की। हमलावरों ने दूल्हा-दुल्हन की गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया, जिससे हालात और बिगड़ गए। इस घटना के बाद दूल्हा-दुल्हन सीधे थाने पहुंचे और इस पूरे मामले में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस फिलहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में जुटी हुई है।1
- नगर में इन दिनों शादियों के चलते जाम की गंभीर स्थिति बनी हुई है, जिसके कारण वाहन रेंग-रेंगकर चल रहे हैं। इस जाम का मुख्य कारण मैरिज गार्डनों में पार्किंग की व्यवस्था न होना और वाहनों का बेतरतीब तरीके से खड़ा किया जाना है। स्थिति इतनी खराब हो गई कि पुलिस की 112 वाहन भी इस जाम में फंस गई।1
- मध्य प्रदेश के डबरा (ग्वालियर) स्थित बिलौआ के क्रेशर मार्केट में एक मुनीम के साथ मारपीट और पिस्टल लगाकर धमकाने का मामला सामने आया है। पीड़ित कमलेश जाटव ने आरोप लगाया है कि ग्वालियर निवासी गगन कमरिया नामक व्यक्ति ने उसके साथ मारपीट की और पिस्टल से धमकाया। यह घटना बीती रात को हुई, जब मुनीम कमलेश पुत्र जगन्नाथ जाटव खदान में था और मशीन खराब होने पर गगन कमरिया ने उसके साथ मारपीट की। बाद में जब कमलेश सनी ग्रेनाइट पर पहुंचा, तो गगन वहां भी आया और पिस्टल दिखाकर उसे धमकाया। अन्य लोगों के आने पर आरोपी वहां से चला गया। बिलौआ क्षेत्र काली गिट्टी के अवैध खनन के लिए पूरे जिले में जाना जाता है, जहां एक सौ से अधिक वैध और अवैध खदानें संचालित होती हैं और अक्सर वर्चस्व को लेकर विवाद होते रहते हैं। यह घटना भी इसी पृष्ठभूमि में हुई है। पीड़ित ने घटना की जानकारी अपने मालिक को दी, जिसके बाद वे उसे लेकर बिलौआ थाने पहुंचे। पुलिस ने उसका मेडिकल तो कराया, लेकिन पीड़ित का आरोप है कि वह तीन घंटे से अधिक समय तक थाने में बैठा रहा और पुलिस ने न तो उसकी कोई सुनवाई की और न ही कोई अपराध दर्ज किया। इस संबंध में, एडिशनल एसपी देहात जय राज कुबेर ने बताया है कि खदान पर हुई घटना की जानकारी ली जा रही है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।3
- अटेर विधायक हेमंत कटारे उन लोगों के बीच पहुँचे जो अधूरे चंबल पुल के निर्माण को लेकर धरने पर बैठे थे। विधायक ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की।1
- ग्वालियर में योग दिवस के अवसर पर एक्यूप्रेशर योगिक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राजा मानसिंह पार्क में आयोजित हुआ।1
- कानपुर में मोबाइल चोरी के आरोप में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस इन दोनों युवकों के साथ फोटो और वीडियो बनवाने लगी। इसी दौरान एक युवक ने डिब्बा पकड़ने से इनकार करते हुए कहा, "जब मैंने चोरी ही नहीं की, तो डिब्बा कैसे पकड़ लें?" हालांकि, एसीएन भारत इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।1
- नगर परिषद मगरौनी में आवारा पशुओं का आतंक अपने चरम पर पहुँच गया है, जिससे स्थानीय निवासी और राहगीर भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। ये आवारा मवेशी मुख्य बाजारों, चौराहों और रिहायशी इलाकों में हर समय डेरा जमाए रहते हैं, जिसके कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों ने बताया कि सड़कों के बीचों-बीच बैठे इन पशुओं के कारण आवागमन लगातार बाधित हो रहा है। इसके अलावा, कई बार ये पशु आपस में भिड़ जाते हैं, जिससे आस-पास की दुकानों और राहगीरों को चोट लगने का जोखिम भी पैदा हो जाता है। इस गंभीर समस्या से परेशान आमजन ने अब नगर परिषद प्रशासन से गुहार लगाई है। उनकी मुख्य मांग है कि इन आवारा पशुओं को जल्द से जल्द पकड़कर स्थानीय गौशाला में स्थानांतरित किया जाए। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि प्रशासन इस दिशा में ठोस कदम उठाता है, तभी नगरवासियों को इस परेशानी से मुक्ति मिल सकेगी और वे राहत की सांस ले पाएंगे।1
- ग्वालियर के थाना जनकगंज में तैनात एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) का एक संदिग्ध वीडियो वायरल हुआ है। इस वीडियो में ASI कैमरे से बचते हुए कुछ रुपए गिनते नजर आ रहे हैं, जिस पर पुलिस के आला अधिकारियों ने कड़ा संज्ञान लिया है। इस पूरे मामले पर पुलिस महानिरीक्षक (IG) ग्वालियर रेंज ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर का अधिकारी हो, यदि उसका संदिग्ध आचरण उसके कार्यक्षेत्र में दिखता है और गुपचुप लेन-देन की आशंका होती है, तो उसे बिल्कुल भी नहीं बख्शा जाएगा, चाहे वह किसी भी रैंक का क्यों न हो। उन्होंने संबंधित नगर पुलिस अधीक्षक को इस मामले में निष्पक्ष और विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं, ताकि ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को कतई बर्दाश्त न किया जा सके।1