हरदोई के सण्डीला नगर में ज्येष्ठ माह के अंतिम मंगलवार के पावन अवसर पर धार्मिक आस्था, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर भव्य भंडारों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और लोगों ने उत्साहपूर्वक इन आयोजनों में भाग लिया। आयोजनों के क्रम में, पूर्व प्रतिभा सिनेमा – चक्कर रोड मार्ग पर स्थित बिहारी हॉस्पिटल के सामने बेवफा पान भंडार के प्रो० शिवम प्रजापति और उनके सहयोगियों ने एक भव्य भंडारा आयोजित किया, जहां आने-जाने वाले राहगीरों और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इसी तरह, सण्डीला के हरदोई रोड स्थित श्री बिहारी जी होटल एंड बैंकेट हॉल में डॉ० बिहारी लाल, अरुण पाल और आलोक पाल द्वारा विशाल भंडारा कराया गया, जिसमें लोगों को पूड़ी-सब्जी, छोला-चावल समेत अन्य प्रसाद दिए गए। वहीं, पूर्व प्रतिभा सिनेमा तिराहे पर एक पुजारी ने श्रद्धालुओं को शीतल शरबत बांटा। सेलिब्रेशन लॉन के निकट विनीत कुमार ने भी अपने आवास के बाहर सहयोगियों के साथ मिलकर श्रद्धालुओं और राहगीरों को छोला-चावल वितरित किए। विनीत कुमार ने इस अवसर पर कहा कि हनुमानजी की कृपा से पिछले कई वर्षों से निष्ठा के साथ गरीबों की सेवा करना ही उनका उद्देश्य है। नगर के कई अन्य स्थानों पर भी लोगों ने पूड़ी-सब्जी, छोला-चावल और शरबत आदि का वितरण कर सेवा और धार्मिक श्रद्धा का परिचय दिया।
हरदोई के सण्डीला नगर में ज्येष्ठ माह के अंतिम मंगलवार के पावन अवसर पर धार्मिक आस्था, सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान नगर के विभिन्न स्थानों पर भव्य भंडारों का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया। पूरे नगर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और लोगों ने उत्साहपूर्वक इन आयोजनों में भाग लिया। आयोजनों के क्रम में, पूर्व प्रतिभा सिनेमा – चक्कर रोड मार्ग पर स्थित बिहारी हॉस्पिटल के सामने बेवफा पान भंडार के प्रो० शिवम प्रजापति और उनके सहयोगियों ने एक भव्य भंडारा आयोजित किया, जहां आने-जाने वाले राहगीरों और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इसी तरह, सण्डीला के हरदोई रोड स्थित श्री
बिहारी जी होटल एंड बैंकेट हॉल में डॉ० बिहारी लाल, अरुण पाल और आलोक पाल द्वारा विशाल भंडारा कराया गया, जिसमें लोगों को पूड़ी-सब्जी, छोला-चावल समेत अन्य प्रसाद दिए गए। वहीं, पूर्व प्रतिभा सिनेमा तिराहे पर एक पुजारी ने श्रद्धालुओं को शीतल शरबत बांटा। सेलिब्रेशन लॉन के निकट विनीत कुमार ने भी अपने आवास के बाहर सहयोगियों के साथ मिलकर श्रद्धालुओं और राहगीरों को छोला-चावल वितरित किए। विनीत कुमार ने इस अवसर पर कहा कि हनुमानजी की कृपा से पिछले कई वर्षों से निष्ठा के साथ गरीबों की सेवा करना ही उनका उद्देश्य है। नगर के कई अन्य स्थानों पर भी लोगों ने पूड़ी-सब्जी, छोला-चावल और शरबत आदि का वितरण कर सेवा और धार्मिक श्रद्धा का परिचय दिया।
- सरकार शिक्षा के संबंध में बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति ठीक इसके विपरीत है, जहां सब कुछ 'गोल' यानी अव्यवस्थित है। 'डबल इंजन' सरकार के ये बड़े-बड़े दावे हकीकत में खोखले साबित हो रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं।3
- लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड में कुल 15 लोगों की जान चली गई है, जिसने न केवल जिंदगियां लीं बल्कि कई परिवारों के सपनों को भी राख कर दिया। यह हृदयविदारक घटना उन घरों में मातम लेकर आई है, जहाँ खुशियों का माहौल था। इस दुखद हादसे का शिकार होने वालों में निलेश कुमार और अनामिका सामंत भी शामिल हैं, जो जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले थे और अपनी शादी की तैयारियों में व्यस्त थे। जिन घरों में शहनाई बजने की तैयारी थी, वहां अब गहरे शोक का माहौल है। अब इन परिवारों के परिजन अपनों को अंतिम विदाई देने की तैयारियों में जुटे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में गम और मायूसी छाई हुई है।1
- हरदोई के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परेली में धर्मेंद्र उर्फ लालू पुत्र श्री कृष्ण की पैतृक जमीन पर उनके ही गांव के विश्वनाथ पुत्र राजकुमार, राहुल पुत्र विश्वनाथ और अंकित पुत्र विश्वनाथ नामक दबंग भूमाफियाओं ने कथित तौर पर अवैध कब्जा कर लिया है। पीड़ित ने बताया कि उनकी गैर-मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई, जबकि उनकी भूमि पर चारों ओर दीवार बनी हुई थी और उस पर एक दरवाजा भी लगा था। दबंगों ने उस दरवाजे को तोड़कर जबरन अवैध कब्जा कर लिया। जब पीड़ित ने इसका विरोध किया, तो उसे गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले को लेकर पीड़ित ने स्थानीय पाली थाने में तहरीर भी दी थी, लेकिन आरोप है कि पुलिस प्रशासन द्वारा आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। स्थानीय पुलिस की कथित निष्क्रियता से आहत होकर, पीड़ित ने अब निष्पक्ष पुलिस अधीक्षक हरदोई से प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस अधीक्षक हरदोई ने पीड़ित को उचित कार्रवाई और दोषियों पर कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब देखना यह होगा कि पुलिस अधीक्षक के इन निर्देशों पर प्रभारी निरीक्षक क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर यह निर्देश भी पिछली फर्जी आख्याओं की तरह फाइलों में ही दबे रह जाएंगे, जैसा कि आरोप लगाया गया है कि निष्पक्ष योगी सरकार में भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं।4
- अलीगंज अग्निकांड के मामले में निलंबित किए गए एफएसएसओ कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र भेजकर अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। सिंह ने दावा किया है कि उन्हें भवनों से संबंधित एनओसी जारी करने जैसे अधिकार प्राप्त नहीं थे, जिसके चलते उन्हें इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। अपने पत्र में कमलेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि भवनों की एनओसी और अन्य महत्वपूर्ण निर्णय मुख्य अग्निशमन अधिकारी (सीएफओ) के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदारियों की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक जवाबदेही तय करने की मांग की है। इसके अतिरिक्त, सिंह ने दमकल के मौके पर देरी से पहुंचने के मुद्दे को भी उठाया है और इसकी भी विस्तृत जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है। फिलहाल, अलीगंज अग्निकांड से संबंधित जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया निरंतर जारी है, जिसमें विभिन्न विभागों की भूमिका की गहन पड़ताल की जा रही है।1
- लखनऊ के थाना अलीगंज क्षेत्र के सेक्टर-डी स्थित भवन संख्या 02813 में 22 जून 2026 को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 9 अन्य घायल हुए हैं। पुलिस ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक मकान मालिक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हादसे के बाद भवन में धुआं भर जाने से कई छात्र और अन्य लोग इसकी चपेट में आ गए। कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए इमारत से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वे घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाया। घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है। इस घटना के संबंध में थाना अलीगंज में मुकदमा दर्ज कर विस्तृत विवेचना शुरू की गई है। जांच के दौरान भवन के संचालन, अग्नि सुरक्षा मानकों, फायर एनओसी तथा अन्य वैधानिक अनुमतियों की गहनता से पड़ताल की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में मकान मालिक वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, गेमिंग जोन संचालक तुषांक कृष्ण जायसवाल, पेट शॉप संचालक राम कृष्ण उपाध्याय और संबंधित संस्थानों से जुड़े सुरेश कुमार साहू को गिरफ्तार किया है। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मृतकों एवं घायलों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है तथा शासन-प्रशासन द्वारा उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।3
- लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्रामा सेंटर पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल में उपचाराधीन लोगों और उनके परिजनों से मुलाकात कर इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की। अस्पताल में अखिलेश यादव ने डॉक्टरों से घायलों की स्थिति के बारे में जानकारी ली और उनके लिए बेहतर इलाज उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह एक बेहद दुखद घटना है और प्रभावित परिवारों के दर्द में पूरा समाज सहभागी है। सपा अध्यक्ष ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया। उन्होंने हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग भी की। ट्रामा सेंटर में उनके दौरे के दौरान पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद थे।1
- फूलपुर और ग्रामीण इलाकों के शिया आबादी वाले क्षेत्रों में सातवीं मोहर्रम का जुलूस अकीदत के साथ निकाला गया।2
- लखनऊ के अलीगंज स्थित लोक सेवा आयोग के पीछे चल रहे एक कोचिंग सेंटर में आज दोपहर भीषण आग लगने से 15 मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। जमीन पर बनी एक दुकान से उठी आग और दम घोंटू धुएं ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के वक्त ऊपर की मंजिलों पर क्लास चल रही थी, जिससे छात्र भीतर ही फंस गए और जान बचाने के लिए बच्चों को दो मंजिला इमारत की छत तथा संकरे छज्जों से कूदना पड़ा, जिसमें कई गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रॉमा सेंटर प्रशासन के मुताबिक, अब तक 15 बच्चों की जान दम घुटने और बुरी तरह झुलसने की वजह से गई है। ग्राउंड जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि बेसमेंट में अवैध निर्माण किया गया था और ऊपर की मंजिल की छत पूरी तरह लॉक थी, जिस कारण यह पूरी इमारत छात्रों के लिए एक 'डेथ ट्रैप' साबित हुई और उन्हें बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिला। हादसे की भयावहता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा रद्द कर दिया और सीधे लखनऊ के घटनास्थल पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए राहत एवं बचाव कार्य तेज करने और घायलों के समुचित उपचार के सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹50,000 की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। घटना की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी CM ब्रजेश पाठक, DM विशाख अय्यर और ADCP नॉर्थ ट्विंकल जैन समेत प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। दमकल विभाग की कई गाड़ियों और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म की मदद से आग पर काबू पाया गया। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 नामजद और 3 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 6 नामजद आरोपियों में से रामकृष्ण उपाध्याय, वीरेन्द्र प्रसाद शुक्ला, तूशांक कृष्ण जायसवाल और सुरेश कुमार साहू नामक 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं ताकि इस अवैध निर्माण की जड़ें तलाशी जा सकें, लेकिन इस त्रासदी ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या मुआवजा उन मासूमों की जिंदगी वापस ला सकता है, इस भीषण लापरवाही का असली जिम्मेदार कौन है और उस पर क्या ठोस कार्रवाई होगी, या एसआईटी जांच का मतलब सिर्फ मामलों को ठंडे बस्ते में डालना होगा।1