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जलालाबाद क्षेत्र के ग्राम नगरिया बुजुर्ग में गरीब महिला की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, दोबारा तोड़ी दीवार शाहजहांपुर जनपद की कोतवाली जलालाबाद ग्राम नगरिया बुजुर्ग निवासी मोनी पुत्री बादाम सिंह ने कोतवाली जलालाबाद पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी विकलांग माता जैवत्ता के नाम एक खसरा प्लॉट पर बनी दीवार को गांव के कई दबंग लोगों दीवार तोड़ दिया और जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया।मोनी के अनुसार, पहले थाने में शिकायत पर शांति भंग की कार्रवाई हुई थी,
आकाश मिश्रा
जलालाबाद क्षेत्र के ग्राम नगरिया बुजुर्ग में गरीब महिला की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, दोबारा तोड़ी दीवार शाहजहांपुर जनपद की कोतवाली जलालाबाद ग्राम नगरिया बुजुर्ग निवासी मोनी पुत्री बादाम सिंह ने कोतवाली जलालाबाद पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी विकलांग माता जैवत्ता के नाम एक खसरा प्लॉट पर बनी दीवार को गांव के कई दबंग लोगों दीवार तोड़ दिया और जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया।मोनी के अनुसार, पहले थाने में शिकायत पर शांति भंग की कार्रवाई हुई थी,
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- जलालाबाद क्षेत्र के ग्राम नगरिया बुजुर्ग में गरीब महिला की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, दोबारा तोड़ी दीवार शाहजहांपुर जनपद की कोतवाली जलालाबाद ग्राम नगरिया बुजुर्ग निवासी मोनी पुत्री बादाम सिंह ने कोतवाली जलालाबाद पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनकी विकलांग माता जैवत्ता के नाम एक खसरा प्लॉट पर बनी दीवार को गांव के कई दबंग लोगों दीवार तोड़ दिया और जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया।मोनी के अनुसार, पहले थाने में शिकायत पर शांति भंग की कार्रवाई हुई थी,1
- पंचायत सहायक की लापरवाही, पंचायत घर नहीं खुलने से ग्रामीण परेशान जलालाबाद। विकासखंड जलालाबाद की ग्राम पंचायत कुमारवा में पंचायत सहायक की लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पंचायत सहायक निधि पाल द्वारा नियमित रूप से पंचायत घर नहीं खोला जाता, जबकि शासन के निर्देशानुसार पंचायत सहायक को प्रतिदिन पंचायत घर खोलना अनिवार्य होता है। गांव के निवासी सुखबीर ने बताया कि पंचायत सहायक निधि पाल प्राइवेट नौकरी भी करती हैं, जिसके कारण पंचायत का कार्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि जब भी गांव के लोगों को किसी प्रमाण पत्र या अन्य पंचायत संबंधी कार्य की आवश्यकता होती है, तो पंचायत घर बंद मिलता है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार पंचायत सहायक की अनुपस्थिति में उनके पिता द्वारा ही कागजों पर मोहर लगा दी जाती है, जो नियमों के विरुद्ध है। इससे गांव के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की जांच कर पंचायत सहायक के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा पंचायत घर को नियमित रूप से खुलवाया जाए, ताकि ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।1
- बाबू खां गम्भीर रूप से घायल । पुरानी रंजिश की भी चर्चा नगर में तेज1
- विष्णु भगवान की प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व निकली भव्य कलश यात्रा शाहजहांपुर ( संजय मिश्रा) जनपद के कस्बा तिलहर के प्रचीन गोसाई मंदिर में भगवान विष्णु व लक्ष्मी की प्रस्तावित प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व शनिवार को नगर में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर कलश यात्रा का जोरदार स्वागत किया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। मोहल्ला नितगंजा निवासी कमल सक्सेना, गुड्डू, मोहित सहित अन्य भक्तों की अगुवाई में तथा मुख्य आचार्य पंडित अयोध्या प्रसाद के सानिध्य में कलश यात्रा गोसाई मंदिर से विधिवत पूजन-अर्चन के बाद प्रारंभ हुई। सिर पर कलश धारण किए महिलाएं और भजन-कीर्तन करते श्रद्धालु यात्रा में उत्साहपूर्वक शामिल रहे। कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होती हुई पांच मंदिरों में पहुंची, जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद यात्रा पुनः गोसाई मंदिर पहुंचकर विधिवत संपन्न हुई। आयोजकों ने बताया कि भगवान विष्णु की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर मंदिर परिसर में व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। कलश यात्रा के सफल आयोजन पर भक्तों में खासा उत्साह देखने को मिला।2
- होली पर शाहाबाद नगर कूड़े में डूबा, वेतन न मिलने से सफाई कर्मियों की बगाबत हरदोई जिले के शाहाबाद में उस वक्त हड़कंप मच गया जब आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों ने दो माह से लंबित वेतन को लेकर नगर में जगह-जगह विशाल धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। मामला शाहाबाद नगर पालिका का है, जहां कर्मचारियों ने सड़कों पर उतरकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने नगर पालिका परिषद मुरादाबाद के खिलाफ भी नारे लगाए और वेतन भुगतान में हो रही देरी पर नाराजगी जताई। कर्मचारियों का कहना है कि पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के कारण उनके सामने रोज़मर्रा के खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। सूचना मिलते ही प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने मामले का संज्ञान लिया और सफाई कर्मचारियों को शासन स्तर पर समाधान का आश्वासन दिया। मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर जल्द से जल्द बकाया वेतन जारी कराने की बात कही। फिलहाल कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र भुगतान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। नगर में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से आम जनता को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।4
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Uttar Pradesh Hardoi Shahabad ग्राम पीड़मा फतेहपुर भट्ट पर से रोड बरपुर के बीच में इस नाली की रोड की कोई करवाई है कि नहीं1
- बहुजन समाज पार्टी नेता पातीराम बौद्ध से खास बातचीत रिपोर्ट – विशेष संवाददाता आज बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता पातीराम बौद्ध जी से सामाजिक परंपराओं और धार्मिक रीति-रिवाजों को लेकर एक विशेष चर्चा की गई। बातचीत के दौरान मृत्यु के बाद होने वाले मुंडन, तेहरवीं और मृत्यु भोज जैसे विषयों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए गए। ❓ मृत्यु के बाद परिवारजन मुंडन क्यों कराते हैं? इस सवाल पर पातीराम बौद्ध जी ने कहा कि कई समाजों में मुंडन शोक और वैराग्य का प्रतीक माना जाता है। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि यह परंपरा सामाजिक मान्यता पर आधारित है, धार्मिक अनिवार्यता नहीं है। उनका कहना था कि समय के साथ समाज को तर्क और समझ के आधार पर परंपराओं का मूल्यांकन करना चाहिए। ❓ तेहरवीं और मृत्यु भोज पर क्या बोले? पातीराम बौद्ध जी ने कहा कि “जन्म पर खुशी का भोज होना चाहिए, लेकिन मृत्यु पर भोज देना उचित नहीं है। मृत्यु के समय परिवार पहले से ही दुख और आर्थिक दबाव में होता है, ऐसे में मृत्यु भोज जैसी परंपराएं उन पर अतिरिक्त बोझ डालती हैं।” उन्होंने आगे कहा कि तेहरवीं जैसे कार्यक्रम सामाजिक दबाव के कारण किए जाते हैं, जबकि इनका मूल उद्देश्य आत्मचिंतन और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना होना चाहिए, न कि दिखावा या खर्च। ✅ जन्म भोज पर जोर उन्होंने कहा कि समाज को सकारात्मक परंपराओं को बढ़ावा देना चाहिए। “जन्म उत्सव है, इसलिए जन्म पर भोजन और खुशी मनाना उचित है, लेकिन मृत्यु के बाद सादगी और श्रद्धा रखनी चाहिए।” 🎤 सामाजिक सुधार की अपील अंत में पातीराम बौद्ध जी ने समाज से अपील की कि अनावश्यक खर्च और दिखावे से बचते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और बच्चों के भविष्य पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुधार की शुरुआत जागरूकता से होती है। 📌 निष्कर्ष: इस खास चर्चा में पातीराम बौद्ध जी ने मृत्यु भोज और तेहरवीं जैसी परंपराओं पर पुनर्विचार की जरूरत बताई और जन्मोत्सव को सकारात्मक रूप से मनाने पर बल दिया।1