कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी की मिसाल बने उपेंद्र विश्वकर्मा व प्रवीण रवि : विदाई समारोह में नम हुईं आंखें कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी की मिसाल बने उपेंद्र विश्वकर्मा व प्रवीण रवि : विदाई समारोह में नम हुईं आंखें ऊंटारी रोड। पीएम श्री उच्च विद्यालय करकट्टा, ऊंटारी रोड के विद्यालय परिसर में स्थानांतरित हुए सहायक आचार्य श्री उपेंद्र कुमार विश्वकर्मा एवं लिपिक श्री प्रवीण कुमार रवि के सम्मान में विद्यालय परिवार की ओर से भावभीनी विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने दोनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि जीवन में कितनी भी परेशानियां आएं, व्यक्ति को अपने मूल पथ पर अडिग रहते हुए ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहना चाहिए। उन्होंने दोनों शिक्षाकर्मियों को जहां भी पदस्थापित हुए हैं, उस स्थान को अपनी कर्मभूमि समझकर पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने और अपने शेष जीवन को समाज एवं शिक्षा के प्रति समर्पित करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय परिवार के शिक्षकों ने भी दोनों के कार्यकाल को याद करते हुए उनके सहयोग, व्यवहार एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की तथा उनके नए कार्यस्थल पर सफलता की कामना की। विदाई समारोह के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने भावपूर्ण विदाई गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावुक एवं रंगारंग बना दिया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से अंगवस्त्र प्रदान कर एवं माल्यार्पण कर श्री उपेंद्र कुमार विश्वकर्मा और श्री प्रवीण कुमार रवि को सम्मानित किया गया। समारोह के अंत में विद्यालय परिवार ने दोनों के सुखद, सफल एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए भावपूर्ण विदाई दी।
कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी की मिसाल बने उपेंद्र विश्वकर्मा व प्रवीण रवि : विदाई समारोह में नम हुईं आंखें कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी की मिसाल बने उपेंद्र विश्वकर्मा व प्रवीण रवि : विदाई समारोह में नम हुईं आंखें ऊंटारी रोड। पीएम श्री उच्च विद्यालय करकट्टा, ऊंटारी रोड के विद्यालय परिसर में स्थानांतरित हुए सहायक आचार्य श्री उपेंद्र कुमार विश्वकर्मा एवं लिपिक श्री प्रवीण कुमार रवि के सम्मान में विद्यालय परिवार की ओर से भावभीनी विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं ने दोनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह को संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक श्री संजय कुमार सिंह ने कहा कि जीवन में कितनी भी परेशानियां आएं, व्यक्ति को अपने मूल पथ पर अडिग रहते हुए ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहना चाहिए। उन्होंने दोनों शिक्षाकर्मियों को जहां भी पदस्थापित हुए हैं, उस स्थान को अपनी कर्मभूमि समझकर पूरी निष्ठा के साथ कार्य करने और अपने शेष जीवन को समाज एवं शिक्षा के प्रति समर्पित करने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय परिवार के शिक्षकों ने भी दोनों के कार्यकाल को याद करते हुए उनके सहयोग, व्यवहार एवं कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की तथा उनके नए कार्यस्थल पर सफलता की कामना की। विदाई समारोह के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने भावपूर्ण विदाई गीत प्रस्तुत कर माहौल को भावुक एवं रंगारंग बना दिया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार की ओर से अंगवस्त्र प्रदान कर एवं माल्यार्पण कर श्री उपेंद्र कुमार विश्वकर्मा और श्री प्रवीण कुमार रवि को सम्मानित किया गया। समारोह के अंत में विद्यालय परिवार ने दोनों के सुखद, सफल एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए भावपूर्ण विदाई दी।
- लालगढ़ व रेहला में स्थित 10+2 उच्च विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का स्थानीय विधायक में किया शिलान्यास विश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत लालगढ़ स्थित राजकीयकृत 10+2 उच्च विद्यालय तथा नगर परिषद मुख्यालय स्थित रेहला 10+2 जेबी उच्च विद्यालय में अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का निर्माण कराया जायेगा। अतिरिक्त वर्ग कक्षा भवन का शिलान्यास स्थानीय विधायक नरेश प्रसाद सिंह ने शिलापट का अनावरण के बाद नारियल फोड़ कर किया।1
- मुगलो के जमाने का सजरा खाता (जो खातियान ) बोला जाता है l उसे देखकर प्रतीत होता है l भारत के मूल निवासी हिंदू मुस्लिम के वंश एक ही है l भारत में हिंदू और सनातन संस्कृति के लोग हजारों सालों (लगभग 5000 वर्ष या उससे भी अधिक) से रह रहे हैं। हिंदू धर्म को दुनिया का सबसे प्राचीन जीवित धर्म माना जाता है, जिसकी जड़ें भारतीय उपमहाद्वीप की मूल संस्कृति में हैं।मुख्य काल और इतिहाससिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500–3000 ईसा पूर्व): आधुनिक हिंदू धर्म और यहाँ की संस्कृति के प्रमाण सिंधु घाटी सभ्यता (Harappan Civilization) से मिलते हैं। यहाँ की मूर्तियों, योगासन और प्रकृति पूजा के साक्ष्य आज के हिंदू धर्म से मेल खाते हैं।वैदिक काल (लगभग 1500 ईसा पूर्व): इस काल में वेदों की रचना हुई। इसे हिंदू धर्म के सिद्धांतों और संस्कारों का सुव्यवस्थित रूप माना जाता है।सनातन परंपरा: इतिहासकारों और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू धर्म किसी एक व्यक्ति द्वारा या एक निश्चित समय पर शुरू नहीं हुआ था, बल्कि यह यहीं की भूमि पर विकसित हुआ एक जीवन जीने का तरीका है।क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे:वैदिक काल की संस्कृतिसिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष और धर्म दर्शसता है l भारत में मुसलमानों का रहना और इस्लाम का आना सातवीं शताब्दी (7th Century) में शुरू हुआ था। यह प्रक्रिया युद्ध के अलावा व्यापार और शांतिपूर्ण बस्तियों के जरिए हुई। [1, 2, 3] दक्षिण भारत और व्यापार (केरल) अरब व्यापारी इस्लाम के उदय से पहले भी भारत के पश्चिमी तट पर आते थे। 7वीं शताब्दी में पैगंबर मुहम्मद के जीवनकाल में ही कई अरब व्यापारी केरल और तटीय क्षेत्रों में बसने लगे। इन व्यापारियों ने स्थानीय महिलाओं से विवाह किए और यहाँ बस गए। इस तरह दक्षिण भारत में बिना किसी युद्ध के मुस्लिम समुदाय का आगमन हुआ। [1, 2] उत्तर भारत और सिंध (712 ईस्वी) उत्तर भारत में राजनीतिक और सैन्य स्तर पर इस्लाम का प्रवेश 712 ईस्वी में हुआ। अरब सेनापति मोहम्मद बिन कासिम ने सिंध पर आक्रमण किया और राजा दाहिर को हराया। इसके बाद सिंध क्षेत्र में पहली बार इस्लामिक शासन और बस्तियाँ मजबूती से स्थापित हुईं। [1, 2, 3] बाद का विस्तार (11वीं से 16वीं शताब्दी) 11वीं और 12वीं शताब्दी में महमूद गजनवी और गौरी के आक्रमण हुए। इसके बाद दिल्ली सल्तनत (1206 ईस्वी) और बाद में मुगल साम्राज्य (16वीं शताब्दी) के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी और प्रभाव का तेजी से विस्तार हुआ। सूफी संतों की भी इसमें बड़ी भूमिका रही। [1, 2, 3] क्या आप इसके बारे में कुछ और जानना चाहते हैं, जैसे: केरल में इस्लाम के शुरुआती इतिहास के बारे में? दिल्ली सल्तनत या मुगल काल के दौरान भारत में मुस्लिम आबादी के बढ़ने के कारणों के बारे में?1
- जमौती में ग्राम सभा आयोजित, खेल मैदान की मांग के साथ ग्रामीणों को दी गई कानूनी जानकारी माननीय झालसा, रांची के निर्देश तथा सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) गढ़वा मनोज प्रसाद एवं सचिव निभा रंजना लकड़ा के निर्देशानुसार 27 अगस्त 2026 को भंडरिया प्रखंड की करचाली पंचायत अंतर्गत ग्राम जमौती में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। बैठक में ग्रामीणों ने गांव के बच्चों के लिए खेल मैदान उपलब्ध कराने की मांग वन विभाग के समक्ष रखी। इस दौरान वन विभाग के फ्लिस्टर कमलेश कुमार राम, वनरक्षी दयानंद राम, ग्राम प्रधान सुनीत मिंज, वन अध्यक्ष परमेश्वर केरकेट्टा, वन समिति अध्यक्ष मनोज कच्छप, सचिव रेशमा खाखा, ग्राम समिति सचिव प्रेमचंद तिर्की, महिला सदस्य रंजना टोप्पो सहित ग्रामीण एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में भंडरिया प्रखंड के पीएलवी राजेश कुमार चौधरी एवं भंडरिया थाना के पीएलवी लाजरूस तिर्की ने बाल विवाह, महिला उत्पीड़न, छात्रवृत्ति, पेंशन, नशामुक्ति, निःशुल्क कानूनी सहायता एवं साइबर अपराध से बचाव की जानकारी दी। पीएलवी राजेश कुमार चौधरी ने लोक अदालत एवं डीएलएसए के माध्यम से छोटे-मोटे विवादों का आपसी सहमति से त्वरित और सरल समाधान संभव होने की जानकारी दी। ग्रामीणों को स्थायी लोक अदालत, पर्यावरण संरक्षण, गरीबी उन्मूलन से संबंधित नालसा योजनाओं तथा कानूनी सहायता के टोल-फ्री नंबर 15100 के बारे में भी बताया गया। उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी नागरिकों को शोषण और अन्याय के विरुद्ध मजबूती से खड़े होने का अधिकार देती है।1
- केतार (गढ़वा) धंगरडीहा में दो मौतें, पीड़ित परिवार को विधायक का सहारा1
- गुप्तकाशी शिवद्वार, घोरावल भोलेनाथ का जलाभिषेक कांवर जलाभिषेक का गर्भगृह से सीधा प्रसारण देखे वीडियो में1
- ब्लॉक रोड़ में गो ग्रीन स्मार्ट इलेक्ट्रिक स्कूटी एंड सोलर लाइफ प्रतिष्ठान का भव्य उद्घाटन। रफीगंज शहर के ब्लॉक रोड ओवरब्रिज के समीप इलेक्ट्रिक वाहन और सोलर उपकरणों की सुविधा को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल के तहत गो ग्रीन स्मार्ट इलेक्ट्रिक स्कूटी एंड सोलर लाइफ प्रतिष्ठान का गुरुवार दोपहर क़रीब एक बजे भव्य उद्घाटन किया गया। गुरुवार को मो जमशेद आलम, डॉ अब्दुल रशीद, तबरेज़ आलम,परवेज आलम, सदाम आलम ,विधायक प्रतिनिधि भोला चौधरी, जदयू प्रखंड अध्यक्ष मधुकर लाल कुशवाहा , मो सुहैल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर प्रतिष्ठान का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं ग्राहक मौजूद रहे। प्रतिष्ठान के संचालक एम. एस. हुसैन एवं शम्स परवेज ने बताया कि यहां ग्राहकों को इलेक्ट्रिक स्कूटी के साथ-साथ स्कूटी एक्सेसरीज एवं सर्विस सेंटर की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा सोलर सिस्टम, इन्वर्टर, बैटरी, सोलर स्ट्रक्चर, सोलर इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस और अन्य सोलर उपकरण भी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। ग्राहकों के लिए आसान ईएमआई सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। संचालकों ने बताया कि पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इलेक्ट्रिक स्कूटी एवं सौर ऊर्जा से जुड़े उत्पादों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसमे इरफान आलम, पूर्व मुखिया आलमगीर आलम सहित अन्य शामिल हुए ।1
- रक्षाबंधन के दिन ग्रहण लगेगा या नहीं पूरी जानकारी हिंदी में जानी है रक्षाबंधन के दिन ग्रहण लगेगा या नहीं पूरी जानकारी हिंदी में जानी है1
- रक्षाबंधन के मौके पर रेहला के ज्ञान निकेतन में कई कार्यक्रम का हुआ आयोजन रक्षाबंधन के मौके पर रेहला के ज्ञान निकेतन में प्रतियोगिता सहित कई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक अमित कुमार सिंह बाबुल व संचालन प्राचार्य मनीष कुमार पांडेय ने किया।1