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वित्तीय आपातकाल की तरफ बढ़ रहा है बिहार! एनडीए सरकार की रेवड़ी सियासत ने बिहार का खजाना खाली कर दिया है!! वित्तीय आपातकाल की तरफ बढ़ रहा है बिहार! एनडीए सरकार की रेवड़ी सियासत ने बिहार का खजाना खाली कर दिया है!!
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वित्तीय आपातकाल की तरफ बढ़ रहा है बिहार! एनडीए सरकार की रेवड़ी सियासत ने बिहार का खजाना खाली कर दिया है!! वित्तीय आपातकाल की तरफ बढ़ रहा है बिहार! एनडीए सरकार की रेवड़ी सियासत ने बिहार का खजाना खाली कर दिया है!!
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- दैनिक चलंत दरिद्र नारायण भोज3
- सघन शहरी क्षेत्र को जलजमाव और सड़ांध से बचाने के लिए नालों की बेहतर सफाई जरूरी: गरिमा मझौलिया से जापान साह की रिपोर्ट बेतिया। नगर निगम क्षेत्र में जलजमाव और नालों से उठने वाली दुर्गंध की समस्या को गंभीरता से लेते हुए महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने मुख्य नालों की सफाई में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सघन शहरी क्षेत्रों को जलजमाव और कचरे या सिल्ट की सड़ांध से बचाने के लिए नालों की नियमित एवं प्रभावी सफाई अत्यंत आवश्यक है। महापौर ने नगर निगम प्रशासन के मानव बल एवं सरकारी उपकरणों के माध्यम से जारी सफाई कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बेतिया नगर निगम क्षेत्र स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय के समीप मुख्य नाले की तल से हो रही सफाई का जायजा लिया और सफाई निरीक्षकों को सख्त निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्कूलों एवं सार्वजनिक स्थलों के आसपास नालों में जमा गाद और कचरे से उठने वाली दुर्गंध आमजन, विशेषकर बच्चों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन रही है। इसे देखते हुए सभी प्रमुख नालों की सफाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। महापौर ने नालों की तल तक से गाद हटाने, कचरे के समुचित निष्पादन की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि सफाई कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने महापौर से मुलाकात कर नाले से उत्पन्न खतरे से सुरक्षा के लिए उसके किनारे चहारदीवारी निर्माण की मांग रखी। साथ ही नाले के समीप खाली पड़ी जमीन को लघु वाटिका या पार्क के रूप में विकसित कर सौंदर्यीकरण करने का अनुरोध भी किया। इस पर महापौर गरिमा देवी सिकारिया ने आश्वस्त किया कि छात्राओं की मांगों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने की पहल की जाएगी। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ और दुर्गंधमुक्त बनाने के लिए नगर निगम पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।1
- - संदिग्ध परिस्थितियों में 22 वर्षीय युवक का फंदे से लटकता मिला शव - किराए के कमरे में शव मिलने से फैली सनसनी - मृतक की शिनाख़्य 22 वर्षीय विजेंद्र चौहान के रूप में हुई - सूचना पर पहुंची पुलिस व फॉरेंसिक टीम - पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा - शुरुआती जांच में आत्महत्या की आशंका - पडरौना के भूतनाथ कॉलोनी का मामला। -4
- पडरौना नगर के साहबगंज दक्षिणी स्थित श्री शिवमंदिर परिसर में ‘श्री सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अवसर पर सोमनाथ यात्रा के स्वागत में एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पूरे आयोजन के दौरान भजन कीर्तन, वैदिक मंत्रों के उच्चारण और महाप्रसाद वितरण ने माहौल को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। मंदिर परिसर में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां उपस्थित लोगों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। बता दें कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग द्वारा विदेशी आक्रांता गजनी के सोमनाथ मंदिर पर पहले विफल हमले के 1000 वर्ष पूर्ण होने के साथ ही स्वतंत्र भारत में लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी के नेतृत्व में मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देश भर me सांस्कृतिक चेतना कार्यक्रम का आयोजन कराया जा रहा है। इस मौके पर नगरपालिका परिषद पडरौना के अध्यक्ष विनय जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना को जागृत करने के साथ ही हमारी सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि देश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश में पूज्य योगी आदित्यनाथ जी महाराज के नेतृत्व व मार्गदर्शन में भारतीय परंपराओं और मूल्यों को पुनर्स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास हो रहे हैं, जिससे समाज में जागरूकता और गौरव की भावना बढ़ रही है। कार्यक्रम के अंत में महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय लोगों और मंदिर समिति की अहम भूमिका रही। कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यालय मंत्री भाजपा सुदर्शन पाल, राधेश्याम गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि मनीष बुलबुल जायसवाल, संतोष मिश्रा, अजय जायसवाल, अमित शर्मा, धर्मेंद्र मद्धेशिया, अमित त्रिपाठी, अजय शाह, राजेश जायसवाल, सर्वेश जायसवाल, राहुल सिंह, संतोष चौहान, सन्नी मिश्रा, अनिल पांडेय, कुंदन सिंह, विशाल गुप्ता, अंकित अग्रवाल, शिव मद्धेशिया के अलावा सैंकड़ों की संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे4
- भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता बिहार का शिक्षा विभाग,'धनकुबेर' बने बैठे हैं कई जिला शिक्षा पदाधिकारी बिहार में शिक्षा विभाग की साख अब धीरे-धीरे धूमिल होती जा रही है और इसका हाल भी प्रदेश की पुलिस व्यवस्था जैसा होता दिख रहा है। हाल ही में सामने आ रहे विभिन्न मामलों और वीडियो ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य के अधिकतर जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) की छवि अब एक 'रिश्वतखोर' अधिकारी के रूप में तब्दील होती जा रही है। यही वह मुख्य कारण है जिसकी वजह से निजी विद्यालयों के संचालकों के मन में विभाग का कोई खौफ नहीं बचा है। उन्हें भली-भांति ज्ञात है कि व्यवस्था की कुर्सी पर बैठे लोग बिकाऊ हैं, बस खरीदने वाला दिलदार होना चाहिए। शिक्षा विभाग के गलियारों में चर्चा आम है कि यदि बिहार के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों की संपत्ति की निष्पक्ष जांच कराई जाए, तो इनमें से अधिकतर अधिकारी 'धनकुबेर' से कम नहीं निकलेंगे। अकूत संपत्ति और भ्रष्टाचार के इस खेल ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को खोखला कर दिया है। सरकारी फाइलों को आगे बढ़ाने से लेकर निजी स्कूलों को एनओसी (NOC) देने तक, हर मेज के नीचे से रिश्वत का लेन-देन अब एक अघोषित नियम बन चुका है। *पश्चिम चंपारण का जिला मुख्यालय बेतिया भी इस काली सच्चाई से अछूता नहीं है। बेतिया जिला शिक्षा विभाग की स्थिति भी बेहद चिंताजनक बनी हुई है*, *जहाँ पारदर्शिता का अभाव और अधिकारियों की मनमानी चरम पर है। स्थानीय स्तर पर भी विभाग की कार्यशैली को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने से इन अधिकारियों के हौसले बुलंद हैं*। यह वीडियो और बढ़ते भ्रष्टाचार के प्रमाण इस बात की ओर इशारा करते हैं कि जब तक इन 'सफेदपोश धनकुबेरों' पर नकेल नहीं कसी जाएगी, तब तक बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की कल्पना करना बेमानी होगा। अब समय आ गया है कि सरकार इन अधिकारियों की संपत्तियों की जांच कराए ताकि जनता के सामने विभाग की असली तस्वीर साफ हो सके।1