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Vijendra jangid
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More news from Sawai Madhopur and nearby areas
- Post by Vijendra jangid1
- मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के मलारना रेलवे स्टेशन पर एक बुजुर्ग महिला की ट्रेन से गिरने के कारण मौत हो गई। यह घटना देर रात डाउन लाइन में प्लेटफॉर्म नंबर दो के खंभा संख्या 1059/4 के पास हुई। महिला की अभी तक शिनाख्त नहीं हो पाई है। डीलक्स एक्सप्रेस के ड्राइवर ने रेलवे लाइन पर एक महिला के पड़े होने की सूचना स्टेशन मास्टर मनकेश मीणा को दी। मौके पर पहुंची टीम को महिला 50 से 60 वर्ष की प्रतीत हुई, जिसने लाल-गुलाबी साड़ी पहन रखी थी। उसके पैरों में पायल और चप्पलें थीं, और रंग गोरा था। महिला के पास से एक गुलाबी रंग का लेडीज पर्स मिला, जिसमें 360 रुपये नकद थे। हालांकि, पर्स में पहचान संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे महिला की शिनाख्त नहीं हो पाई है। स्टेशन मास्टर मनकेश मीणा ने पोटर माजीद खान को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद आरपीएफ, जीआरपीएफ और राजस्थान पुलिस थाना मलारना डूंगर को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही मलारना स्टेशन चौकी से कांस्टेबल सतवीर सिंह बैंसला, रेलवे कर्मचारी विनोद गुर्जर और विक्की मेहरा मौके पर पहुंचे। आरपीएफ से एएसआई पृथ्वीराज मीणा और हेड कांस्टेबल अमर सिंह भी घटनास्थल पर पहुंचे। जीआरपीएफ से हेड कांस्टेबल राजेंद्र, कांस्टेबल महेंद्र (380) और कांस्टेबल रसीला (224) ने भी मौके पर पहुंचकर जांच में सहयोग किया। बुजुर्ग महिला के शव को बरामद कर लिया गया है। सुबह 9:45 बजे जयपुर-बयाना ट्रेन से शव को गंगापुर सिटी ले जाया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और महिला की शिनाख्त के प्रयास जारी हैं।4
- वाइजर एकेडमी के टॉपर्स का भव्य रोड शो लालसोट। वाइजर एकेडमी ने कॉमर्स में जिला टॉपर छात्रों के सम्मान में भव्य रोड शो निकाला। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए टॉपर्स का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। इस वर्ष अनीषा मीणा प्रथम, गीत गंगवाल द्वितीय व दक्षिता जैन तृतीय रही। टॉप-10 में 5 स्थान भी संस्थान के छात्रों ने हासिल किए। निदेशक अनिल जैन ने लगातार 6 वर्षों से टॉप रिजल्ट का श्रेय मेहनत व बेहतर मार्गदर्शन को दिया।3
- Post by Jitendra Prajapati1
- सवाई माधोपुर रणथम्भौर नेशनल पार्क में टाइग्रेस सुल्ताना का बेटा मलंग फिर से श्रद्धालुओं के सामने आ गया। इस दौरान झाड़ियों में बैठा मलंग (आरबीटी-2511) 20 मिनट तक श्रद्धालुओं के सामने बैठा रहा। अचानक झाड़ियों में दिखे बाघ को देख श्रद्धालु सहम गए। इस दौरान बुधवार सुबह त्रिनेत्र गणेश मंदिर के रास्ते पर अटल सागर के पास झाड़ियों में बाघ बैठा नजर आया। इस बार मलंग रास्ते में नहीं था। इस वजह से ट्रैफिक प्रभावित नहीं हुआ। 15 मिनट बैठे रहने के बाद मलंग आमाघाटी की तरफ निकल गया।1
- RBSE 12वीं में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त कर 99.60% अंक अर्जित करने वाली प्रतिभाशाली बेटी नव्या मीणा से आज फोन पर बात कर उन्हें हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं प्रेषित की। नव्या की यह अद्भुत उपलब्धि सिर्फ उनके निरंतर परिश्रम, धैर्य और समर्पण का परिणाम नहीं है, बल्कि यह उस उज्जवल भविष्य की प्रथम किरण है, जिसकी चमक आने वाले कल में न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित करेगी। उनकी इस अनमोल सफलता ने परिवार, विद्यालय और हमारे समाज—सभी का मान बढ़ाया है। नव्या को ढेरों शुभकामनाएं—यूँ ही अपने सपनों को नई उड़ानें देती रहें, नई ऊंचाइयों को छूती रहें। बेटी की आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता का आश्वासन देते हुए, साथ ही ग्रामीण जनों की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनकर उनके समाधान का आश्वासन भी दिया।1
- जब हम ख़ुर्रा ग्राम के बीजासणी माता मेले के इतिहास की बात करते हैं, तो यह केवल सुनी-सुनाई बातें नहीं हैं। आज के 'कॉन्ट्रैक्ट' और 'तलाक' वाले दौर में, माता के मेले में तय हुए रिश्ते आज भी चट्टान की तरह मजबूत खड़े हैं। मैं, खेमराज जोशी, खुद इस परंपरा का एक जीता-जागता उदाहरण हूँ—मेरा अपना रिश्ता इसी पावन मेले में तय हुआ था, जो बिना किसी बिखराव के आज भी पूरी मजबूती के साथ चल रहा है। रिश्तों की वह 'अदृश्य' डोर आज से ४० साल पहले, जब समाज बीजासणी माता के आँगन में इकट्ठा होता था, तो वहां केवल व्यापार नहीं होता था, बल्कि परिवारों का मिलन होता था। शब्द की कीमत: उस समय न कोई लिखित एग्रीमेंट था, न कोई कानूनी कागज़। माता की चौखट पर दी गई 'जुबान' ही सबसे बड़ा कानून थी। अटूट बंधन: मेरा स्वयं का उदाहरण गवाह है कि उस समय के रिश्तों में जो 'ठहराव' था, वह माता के प्रति अटूट श्रद्धा और आपसी विश्वास का परिणाम था। आज की चकाचौंध वाले वैवाहिक आयोजनों के मुकाबले, मेले की उस सादगी में बंधे रिश्ते कहीं ज्यादा टिकाऊ साबित हुए हैं। संस्कृति का गिरता स्तर और हमारी जिम्मेदारी पहले मेहमानों के लिए दरवाजे चौबीस घंटे खुले रहते थे। गाँवों में उत्साह ऐसा होता था कि लोग अपने घर आए मेहमान को भगवान का रूप मानते थे। आज इंतजाम सरकारी हैं, व्यवस्थाएं आधुनिक हैं, लेकिन वह 'अपनापन' गायब है बीजासणी माता के मेले की वह ४० साल पुरानी विरासत आज भी उन लोगों की यादों में और उनके सफल वैवाहिक जीवन में जीवित है, जिन्होंने उस दौर को जिया है। मेरा रिश्ता मात्र एक संयोग नहीं, बल्कि सांस्कृतिक धरोहर की एक कड़ी है, जिसे आज की युवा पीढ़ी को समझने और सहेजने की जरूरत है ग्राऊंड रिपोर्ट :खेमराज जोशी, शुरू न्यूज़,2
- 📰 टॉपर बनीं इशिता शर्मा, 12वीं साइंस में 98.20% अंक हासिल शिक्षा जगत से एक शानदार खबर सामने आई है। मेहनत और लगन का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए छात्रा इशिता शर्मा ने 12वीं कक्षा (साइंस स्ट्रीम) में 98.20% अंक हासिल कर टॉप किया है। इशिता की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे स्कूल और क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया है। उनकी सफलता के पीछे नियमित पढ़ाई, सही मार्गदर्शन और दृढ़ संकल्प का बड़ा योगदान रहा। 🎯 इशिता का कहना है कि उन्होंने हमेशा समय का सही उपयोग किया और हर विषय को समझकर पढ़ाई की, न कि सिर्फ रटने पर ध्यान दिया। 👨👩👧 परिवार और शिक्षकों में खुशी की लहर इशिता की इस सफलता पर उनके माता-पिता और शिक्षकों ने गर्व जताया है और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। 📌 यह सफलता उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए मेहनत कर रहे हैं।1