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चंडीगढ़ सचिवालय में हरियाणा बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन के रूप में पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में उन्होंने कार्यभार संभाला। इस समारोह में पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी सहित कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस नियुक्ति के साथ, मोहनलाल बड़ौली ने अपने राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का उपयोग करते हुए एक महत्वपूर्ण सरकारी पद पर अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया है।

18 hrs ago
user_Shri ram
Shri ram
Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
18 hrs ago

चंडीगढ़ सचिवालय में हरियाणा बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली ने हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन के रूप में पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मौजूदगी में उन्होंने कार्यभार संभाला। इस समारोह में पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी सहित कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस नियुक्ति के साथ, मोहनलाल बड़ौली ने अपने राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का उपयोग करते हुए एक महत्वपूर्ण सरकारी पद पर अपनी सेवाएं देना शुरू कर दिया है।

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  • हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने आज पंचकूला के सेक्टर-26 स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में सफाई व्यवस्था, कक्षाओं में पठन-पाठन का माहौल तथा विद्यार्थियों को दी जा रही विभिन्न बुनियादी सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्कूल के कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और खेल के मैदान का अवलोकन किया। उन्होंने स्कूल में पाई गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि गरीब से गरीब बच्चे को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। विद्यालय के अध्यापकों एवं प्रशासनिक स्टाफ के साथ संवाद करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं। उन्होंने स्टाफ को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को और अधिक बेहतर, आधुनिक एवं प्रभावकारी तरीकों से शिक्षा प्रदान की जाए। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अध्यापकों को पढ़ाई के नए और रोचक तरीकों का समावेश करना चाहिए ताकि विद्यार्थियों में सीखने के प्रति स्वाभाविक रुचि पैदा हो सके। मंत्री महीपाल ढांडा ने शिक्षा के साथ-साथ खेलों के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए खेलों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा खेलों की भूमि है और हमारे विद्यालयों से ही भविष्य के ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होते हैं। मंत्री ने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए कि वे बच्चों को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करें और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मॉडल संस्कृति स्कूलों की परिकल्पना सरकारी शिक्षा प्रणाली को निजी स्कूलों से बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है। सरकार इन स्कूलों में शिक्षकों की क्षमता निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश के राजकीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
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    हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने आज पंचकूला के सेक्टर-26 स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय परिसर में सफाई व्यवस्था, कक्षाओं में पठन-पाठन का माहौल तथा विद्यार्थियों को दी जा रही विभिन्न बुनियादी सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने स्कूल के कक्षाओं, प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और खेल के मैदान का अवलोकन किया। उन्होंने स्कूल में पाई गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करने के साथ-साथ सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि हरियाणा सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों को बेहतरीन सुविधाएं प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि गरीब से गरीब बच्चे को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

विद्यालय के अध्यापकों एवं प्रशासनिक स्टाफ के साथ संवाद करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं। उन्होंने स्टाफ को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को और अधिक बेहतर, आधुनिक एवं प्रभावकारी तरीकों से शिक्षा प्रदान की जाए। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अध्यापकों को पढ़ाई के नए और रोचक तरीकों का समावेश करना चाहिए ताकि विद्यार्थियों में सीखने के प्रति स्वाभाविक रुचि पैदा हो सके।

मंत्री महीपाल ढांडा ने शिक्षा के साथ-साथ खेलों के महत्व पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केवल किताबी ज्ञान ही काफी नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत बनाने के लिए खेलों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा खेलों की भूमि है और हमारे विद्यालयों से ही भविष्य के ओलंपियन और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होते हैं।

मंत्री ने स्कूल प्रशासन को निर्देश दिए कि वे बच्चों को खेल गतिविधियों में भाग लेने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करें और उन्हें आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराएं। शिक्षा मंत्री ने कहा कि मॉडल संस्कृति स्कूलों की परिकल्पना सरकारी शिक्षा प्रणाली को निजी स्कूलों से बेहतर बनाने के उद्देश्य से की गई है। सरकार इन स्कूलों में शिक्षकों की क्षमता निर्माण और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। प्रदेश के राजकीय स्कूलों में शिक्षा के स्तर और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकता है।
    user_Newz India 27
    Newz India 27
    Crime News Channel Panchkula, Haryana•
    22 hrs ago
  • AI से बदलेगी हिमाचल के जंगलों की किस्मत, ₹22,600 करोड़ की हरित अर्थव्यवस्था का दावा हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश के बावजूद अब तक करीब 1 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सबसे अधिक प्रभावित जिले कांगड़ा, लाहौल और पांगी रहे हैं। इस बीच राज्य सरकार ने लोगों तक समय रहते मौसम और आपदा संबंधी जानकारी पहुंचाने के लिए ‘आपदा रक्षक’ मोबाइल ऐप भी शुरू किया है, जिससे रीयल-टाइम अलर्ट और एडवाइजरी उपलब्ध कराई जा रही है। पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि मानसून सीजन में कम बारिश होने के बावजूद प्रदेश को अब तक करीब 1 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा, लाहौल और पांगी में सबसे अधिक क्षति दर्ज की गई है। प्रदेश में करीब 130 सड़कें बंद हैं, जिन्हें बहाल करने का कार्य लगातार जारी है। डॉ. पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि राज्यभर में ‘आपदा रक्षक’ मोबाइल ऐप के माध्यम से मौसम के पूर्वानुमान, प्रारंभिक चेतावनी संदेश, आपदा अलर्ट और सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी की रीयल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि शिमला स्थित कंट्रोल सेंटर में कोई भी व्यक्ति अपने आसपास हो रही आपदा की जानकारी भेज सकता है। यह ऐप राज्य का कोई भी व्यक्ति डाउनलोड कर सकता है और समय पर मिलने वाली जानकारी से आपदा के दौरान सतर्क रह सकता है। हिमाचल प्रदेश सरकार का कहना है कि ‘आपदा रक्षक’ ऐप के जरिए लोगों तक समय पर चेतावनी और जरूरी जानकारी पहुंचाकर आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि बंद सड़कों को भी तेजी से बहाल किया जा रहा है। रियल-टाइम एआई और सैटेलाइट मैपिंग के जरिए जंगलों की लगातार निगरानी संभव होगी। इससे जंगल की आग जैसी पारिस्थितिक आपदाओं से बचाव, वैश्विक जलवायु वित्त तक पहुंच और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि चीड़ की सूखी सुइयों जैसे आग के खतरे को बहु-करोड़ रुपये के औद्योगिक संसाधन में बदलना इस मॉडल का प्रमुख उदाहरण है, जहां आपदा प्रबंधन और आर्थिक विकास साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। बाइट—1— डॉ. पुष्पेंद्र राणा, निदेशक, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग बाइट—2- सुरेश अत्री, चीफ साइंटिफिक ऑफिसर, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग बाइट—3- रिसर्च स्कॉलर, आईआईटी मंडी
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    AI से बदलेगी हिमाचल के जंगलों की किस्मत, ₹22,600 करोड़ की हरित अर्थव्यवस्था का दावा
हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश के बावजूद अब तक करीब 1 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है। सबसे अधिक प्रभावित जिले कांगड़ा, लाहौल और पांगी रहे हैं। इस बीच राज्य सरकार ने लोगों तक समय रहते मौसम और आपदा संबंधी जानकारी पहुंचाने के लिए ‘आपदा रक्षक’ मोबाइल ऐप भी शुरू किया है, जिससे रीयल-टाइम अलर्ट और एडवाइजरी उपलब्ध कराई जा रही है।
पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के निदेशक एवं विशेष सचिव आपदा प्रबंधन डॉ. पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि मानसून सीजन में कम बारिश होने के बावजूद प्रदेश को अब तक करीब 1 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा, लाहौल और पांगी में सबसे अधिक क्षति दर्ज की गई है। प्रदेश में करीब 130 सड़कें बंद हैं, जिन्हें बहाल करने का कार्य लगातार जारी है।
डॉ. पुष्पेंद्र राणा ने बताया कि राज्यभर में ‘आपदा रक्षक’ मोबाइल ऐप के माध्यम से मौसम के पूर्वानुमान, प्रारंभिक चेतावनी संदेश, आपदा अलर्ट और सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी की रीयल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि शिमला स्थित कंट्रोल सेंटर में कोई भी व्यक्ति अपने आसपास हो रही आपदा की जानकारी भेज सकता है। यह ऐप राज्य का कोई भी व्यक्ति डाउनलोड कर सकता है और समय पर मिलने वाली जानकारी से आपदा के दौरान सतर्क रह सकता है।
हिमाचल प्रदेश सरकार का कहना है कि ‘आपदा रक्षक’ ऐप के जरिए लोगों तक समय पर चेतावनी और जरूरी जानकारी पहुंचाकर आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि बंद सड़कों को भी तेजी से बहाल किया जा रहा है। रियल-टाइम एआई और सैटेलाइट मैपिंग के जरिए जंगलों की लगातार निगरानी संभव होगी। इससे जंगल की आग जैसी पारिस्थितिक आपदाओं से बचाव, वैश्विक जलवायु वित्त तक पहुंच और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि चीड़ की सूखी सुइयों जैसे आग के खतरे को बहु-करोड़ रुपये के औद्योगिक संसाधन में बदलना इस मॉडल का प्रमुख उदाहरण है, जहां आपदा प्रबंधन और आर्थिक विकास साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। 
बाइट—1— डॉ. पुष्पेंद्र राणा, निदेशक, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
बाइट—2- सुरेश अत्री, चीफ साइंटिफिक ऑफिसर, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग
बाइट—3- रिसर्च स्कॉलर, आईआईटी मंडी
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    9 hrs ago
  • हरियाणा के कुरुक्षेत्र में संतों ने गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व महंत राजेंद्र पुरी महाराज ने किया। संतों के कड़े रुख और प्रदर्शन के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा और उन्होंने संतों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया। प्रदर्शन शाहाबाद मार्कंडा में आयोजित किया गया था। संतों ने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। प्रशासन ने संतों की मांग को गंभीरता से लिया और ज्ञापन स्वीकार करके स्थिति को शांत किया।
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    हरियाणा के कुरुक्षेत्र में संतों ने गौ माता को ‘राष्ट्र माता’ का दर्जा देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन का नेतृत्व महंत राजेंद्र पुरी महाराज ने किया। संतों के कड़े रुख और प्रदर्शन के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा और उन्होंने संतों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया।

प्रदर्शन शाहाबाद मार्कंडा में आयोजित किया गया था। संतों ने स्पष्ट कर दिया था कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे अपना आंदोलन जारी रखेंगे। प्रशासन ने संतों की मांग को गंभीरता से लिया और ज्ञापन स्वीकार करके स्थिति को शांत किया।
    user_Dharamvir Singh
    Dharamvir Singh
    Shahbad, Kurukshetra•
    19 hrs ago
  • रादौर के एरिया मे भारी बरसात हो रही है। सावन की दस्तक......... रादौर के एरिया मे भारी बरसात हो रही है। सावन की दस्तक.........
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    रादौर के एरिया मे भारी बरसात हो रही है। सावन की दस्तक.........
रादौर के एरिया मे भारी बरसात हो रही है। सावन की दस्तक.........
    user_Gulshan Dhiman
    Gulshan Dhiman
    रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
    6 hrs ago
  • प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट बिलासपुर के ज्योरी पत्तन में जल्द होगा शुरू: राहुल कुमार उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित, स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा बिलासपुर उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट जिला बिलासपुर की गोविंद सागर झील स्थित ज्योरी पत्तन में आगामी एक माह के भीतर पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से बिलासपुर को इको टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स, एयरो स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। उपायुक्त आज यहां सोसायटी फॉर टूरिज्म, स्पोर्ट्स, ट्रेड एंड एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उपायुक्त ने कहा कि आइलैंड टूरिज्म परियोजना के तहत गोविंद सागर झील के मध्य स्थित प्राकृतिक द्वीपों को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक एवं आरामदायक आवास की व्यवस्था होगी, जहां वे प्राकृतिक वातावरण के बीच सुकून भरा समय व्यतीत कर सकेंगे। पर्यटकों को नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें स्थानीय व्यंजनों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा ताकि वे बिलासपुर की समृद्ध खानपान संस्कृति का अनुभव कर सकें। उन्होंने कहा कि पर्यटक यहां प्री-वेडिंग शूट, फिशिंग, स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण तथा प्रकृति की गोद में विभिन्न साहसिक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे पर्यटक हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से भी रू-ब-रू हो सकेंगे। राहुल कुमार ने कहा कि स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों तथा अन्य पारंपरिक उत्पादों के विक्रय के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। इससे स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे पर्यटकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि बिलासपुर में गोविंद सागर झील के प्रमुख द्वीपों ज्योरी पत्तन, धररसानी और भोलू को अंडमान एवं निकोबार की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यह हिमाचल प्रदेश की अपनी तरह की पहली पर्यटन पहल होगी, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी। बैठक में मंडी-भराड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। हितधारकों ने वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं बारे अवगत करवाया। उपायुक्त ने एसडीएम झंडूता को वॉटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस संबंध में बीबीएमबी के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले उद्यमियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त बैठक में कोल डैम तथा नकराणा क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पर्यटन से जुड़े सभी प्रस्तावों को समयबद्ध आगे बढ़ाने तथा इस संबंध में आवश्यक समन्वय स्थापित करने को भी कहा ताकि बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से आगे बढ़ाया जा सके। बैठक में एडीसी रुपिंदर कौर, एसडीएम सदर राजकुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक मौजूद रहे।
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    प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट बिलासपुर के ज्योरी पत्तन में जल्द होगा शुरू: राहुल कुमार
उपायुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित, स्टेकहोल्डर्स की समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा

बिलासपुर
उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश का पहला आइलैंड टूरिज्म प्रोजेक्ट जिला बिलासपुर की गोविंद सागर झील स्थित ज्योरी पत्तन में आगामी एक माह के भीतर पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से बिलासपुर को इको टूरिज्म, वॉटर स्पोर्ट्स, एयरो स्पोर्ट्स और एडवेंचर टूरिज्म के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। 
उपायुक्त आज यहां सोसायटी फॉर टूरिज्म, स्पोर्ट्स, ट्रेड एंड एम्प्लॉयमेंट जेनरेशन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। 
उपायुक्त ने कहा कि आइलैंड टूरिज्म परियोजना के तहत गोविंद सागर झील के मध्य स्थित प्राकृतिक द्वीपों को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पर्यटकों के लिए आधुनिक एवं आरामदायक आवास की व्यवस्था होगी, जहां वे प्राकृतिक वातावरण के बीच सुकून भरा समय व्यतीत कर सकेंगे। पर्यटकों को नाश्ता, दोपहर एवं रात्रि भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें स्थानीय व्यंजनों को विशेष रूप से शामिल किया जाएगा ताकि वे बिलासपुर की समृद्ध खानपान संस्कृति का अनुभव कर सकें।
उन्होंने कहा कि पर्यटक यहां प्री-वेडिंग शूट, फिशिंग, स्थानीय दर्शनीय स्थलों का भ्रमण तथा प्रकृति की गोद में विभिन्न साहसिक एवं मनोरंजक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। स्थानीय कलाकारों द्वारा लोक संगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे, जिससे पर्यटक हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं से भी रू-ब-रू हो सकेंगे।
राहुल कुमार ने कहा कि स्थानीय हस्तशिल्प, कृषि उत्पादों तथा अन्य पारंपरिक उत्पादों के विक्रय के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। इससे स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपने उत्पाद सीधे पर्यटकों तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। यह परियोजना स्थानीय रोजगार, स्वरोजगार तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
उन्होंने बताया कि बिलासपुर में गोविंद सागर झील के प्रमुख द्वीपों ज्योरी पत्तन, धररसानी और भोलू को अंडमान एवं निकोबार की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। यह हिमाचल प्रदेश की अपनी तरह की पहली पर्यटन पहल होगी, जो राज्य के पर्यटन क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ेगी।
बैठक में मंडी-भराड़ी क्षेत्र में प्रस्तावित वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। हितधारकों ने वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों को लेकर स्थानीय स्तर पर आ रही समस्याओं बारे अवगत करवाया। उपायुक्त ने एसडीएम झंडूता को वॉटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि इस संबंध में बीबीएमबी के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक आयोजित कर स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, ताकि पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले उद्यमियों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
इसके अतिरिक्त बैठक में कोल डैम तथा नकराणा क्षेत्र में वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के विस्तार की संभावनाओं को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पर्यटन से जुड़े सभी प्रस्तावों को समयबद्ध आगे बढ़ाने तथा इस संबंध में आवश्यक समन्वय स्थापित करने को भी कहा ताकि बिलासपुर को पर्यटन की दृष्टि से आगे बढ़ाया जा सके। 
बैठक में एडीसी रुपिंदर कौर, एसडीएम सदर राजकुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा पर्यटन क्षेत्र से जुड़े हितधारक मौजूद रहे।
    user_Inform News
    Inform News
    Press advisory बिलासपुर सदर, बिलासपुर, हिमाचल प्रदेश•
    17 hrs ago
  • हरियाणा के कुरुक्षेत्र में प्रशासनिक उपेक्षा और अव्यवस्था के कारण आम नागरिकों में भारी असंतोष है। टूटी सड़कें, ओवरलोड डंपरों का तांडव, ध्वस्त यातायात प्रणाली, बिजली विभाग की मनमानी, शिक्षा विभाग में नीतियों का भ्रम और प्रशासनिक रेड-टेपिज्म ने जनता को त्रस्त कर दिया है। कुरुक्षेत्र की मुख्य सड़कें और बाईपास भारी ओवरलोड डंपरों के कारण जर्जर हो चुके हैं, जिससे रोजाना हादसे हो रहे हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफ़िक प्रबंधन ध्वस्त है और घंटों लगने वाले जाम से एम्बुलेंस तक फंसी रहती हैं। बिजली विभाग बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों पावर कट लगा रहा है और बेतहाशा बिजली बिल भेजकर उपभोक्ताओं को प्रताड़ित कर रहा है। सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी और नई नीतियों के भ्रम ने शिक्षा व्यवस्था को संकट में डाल दिया है। प्रशासनिक तंत्र 'कागजी औपचारिकताओं' और डराने की नीति पर काम कर रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज़ दबाई जा रही है। जन-आवाज मंच ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज से कुरुक्षेत्र की समस्याओं पर सीधे सवाल पूछे हैं। जनता जानना चाहती है कि ओवरलोडिंग पर लगाम कब लगेगी, टूटी सड़कों और ट्रैफिक जाम के लिए कौन जिम्मेदार है, बिजली विभाग की मनमानी पर कब कार्रवाई होगी और प्रशासनिक जवाबदेही की गारंटी कब मिलेगी। जन-आवाज मंच की प्रमुख मांगों में विशेष चेकिंग अभियान, सड़क सुधार एवं ट्रैफिक प्लान, उच्चस्तरीय जांच समिति, और दोषी अधिकारियों पर FIR शामिल हैं। अंतिम चेतावनी में कहा गया है कि यदि समय रहते कुरुक्षेत्र की बदहाली और प्रशासनिक तानाशाही पर लगाम नहीं कसी गई, तो यह पूरे हरियाणा में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले सकती है। जनता अब झूठे आश्वासनों से नहीं, बल्कि ज़मीन पर ठोस कार्रवाई और जवाबदेही से संतुष्ट होगी।
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    हरियाणा के कुरुक्षेत्र में प्रशासनिक उपेक्षा और अव्यवस्था के कारण आम नागरिकों में भारी असंतोष है। टूटी सड़कें, ओवरलोड डंपरों का तांडव, ध्वस्त यातायात प्रणाली, बिजली विभाग की मनमानी, शिक्षा विभाग में नीतियों का भ्रम और प्रशासनिक रेड-टेपिज्म ने जनता को त्रस्त कर दिया है।

कुरुक्षेत्र की मुख्य सड़कें और बाईपास भारी ओवरलोड डंपरों के कारण जर्जर हो चुके हैं, जिससे रोजाना हादसे हो रहे हैं। शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफ़िक प्रबंधन ध्वस्त है और घंटों लगने वाले जाम से एम्बुलेंस तक फंसी रहती हैं। बिजली विभाग बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों पावर कट लगा रहा है और बेतहाशा बिजली बिल भेजकर उपभोक्ताओं को प्रताड़ित कर रहा है। सरकारी स्कूलों में अध्यापकों की कमी और नई नीतियों के भ्रम ने शिक्षा व्यवस्था को संकट में डाल दिया है। प्रशासनिक तंत्र 'कागजी औपचारिकताओं' और डराने की नीति पर काम कर रहा है, जिससे स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की आवाज़ दबाई जा रही है।

जन-आवाज मंच ने कैबिनेट मंत्री अनिल विज से कुरुक्षेत्र की समस्याओं पर सीधे सवाल पूछे हैं। जनता जानना चाहती है कि ओवरलोडिंग पर लगाम कब लगेगी, टूटी सड़कों और ट्रैफिक जाम के लिए कौन जिम्मेदार है, बिजली विभाग की मनमानी पर कब कार्रवाई होगी और प्रशासनिक जवाबदेही की गारंटी कब मिलेगी।

जन-आवाज मंच की प्रमुख मांगों में विशेष चेकिंग अभियान, सड़क सुधार एवं ट्रैफिक प्लान, उच्चस्तरीय जांच समिति, और दोषी अधिकारियों पर FIR शामिल हैं। अंतिम चेतावनी में कहा गया है कि यदि समय रहते कुरुक्षेत्र की बदहाली और प्रशासनिक तानाशाही पर लगाम नहीं कसी गई, तो यह पूरे हरियाणा में एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले सकती है। जनता अब झूठे आश्वासनों से नहीं, बल्कि ज़मीन पर ठोस कार्रवाई और जवाबदेही से संतुष्ट होगी।
    user_Vishal Sharma journalist
    Vishal Sharma journalist
    Media company Thanesar, Kurukshetra•
    22 hrs ago
  • हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई तक भारी बारिश का खतरा, कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी। हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 30 और 31 जुलाई को कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और मौसम की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। वीओ,,,मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहा। सोलन जिले के कंडाघाट में करीब 100 मिलीमीटर, बिलासपुर के काहू में 40 मिलीमीटर, शिमला शहर में 16 मिलीमीटर, कुफरी में 15 मिलीमीटर और कुल्लू जिले के कोठी में करीब 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सिरमौर सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड हुई। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई से 1 अगस्त तक पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा और अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। 27 जुलाई को सोलन और सिरमौर जिले के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 28 जुलाई को बिलासपुर और सिरमौर, 29 जुलाई को सिरमौर, 30 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर, जबकि 31 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि बारिश की सबसे अधिक गतिविधि 29 जुलाई की देर रात से 31 जुलाई के बीच देखने को मिलेगी। इस दौरान प्रदेश के कई इलाकों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। फ्लैश फ्लड की संभावना पर उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है क्योंकि पिछले 24 घंटों में बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रही है। लेकिन 28 जुलाई से शुरू होने वाले नए स्पेल के दौरान यदि परिस्थितियां बनती हैं तो मौसम विभाग समय-समय पर फ्लैश फ्लड बुलेटिन जारी करेगा। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने में प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य के आसपास बारिश दर्ज की गई है। केवल हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि बाकी आठ जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं 1 जून से 27 जुलाई तक पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 7 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है, जो मौसम विभाग के अनुसार अभी भी सामान्य श्रेणी में आती है। बाइट,,,संदीप शर्मा मौसम वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला।
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    हिमाचल प्रदेश में 31 जुलाई तक भारी बारिश का खतरा, कई जिलों  के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी।
हिमाचल प्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने 28 जुलाई से 31 जुलाई तक प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 30 और 31 जुलाई को कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने और मौसम की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। 
वीओ,,,मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप कुमार शर्मा ने बताया कि बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहा। सोलन जिले के कंडाघाट में करीब 100 मिलीमीटर, बिलासपुर के काहू में 40 मिलीमीटर, शिमला शहर में 16 मिलीमीटर, कुफरी में 15 मिलीमीटर और कुल्लू जिले के कोठी में करीब 20 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सिरमौर सहित कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश रिकॉर्ड हुई।
उन्होंने बताया कि 27 जुलाई से 1 अगस्त तक पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय रहेगा और अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहेगा। इस दौरान कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।
27 जुलाई को सोलन और सिरमौर जिले के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 28 जुलाई को बिलासपुर और सिरमौर, 29 जुलाई को सिरमौर, 30 जुलाई को चंबा, कांगड़ा, मंडी, शिमला और सिरमौर, जबकि 31 जुलाई को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और शिमला जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
संदीप कुमार शर्मा ने कहा कि बारिश की सबसे अधिक गतिविधि 29 जुलाई की देर रात से 31 जुलाई के बीच देखने को मिलेगी। इस दौरान प्रदेश के कई इलाकों में लगातार हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। फ्लैश फ्लड की संभावना पर उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है क्योंकि पिछले 24 घंटों में बारिश की तीव्रता अपेक्षाकृत कम रही है। लेकिन 28 जुलाई से शुरू होने वाले नए स्पेल के दौरान यदि परिस्थितियां बनती हैं तो मौसम विभाग समय-समय पर फ्लैश फ्लड बुलेटिन जारी करेगा। उन्होंने बताया कि जुलाई महीने में प्रदेश में कुल मिलाकर सामान्य के आसपास बारिश दर्ज की गई है। केवल हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी और लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम वर्षा हुई है, जबकि बाकी आठ जिलों में सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। वहीं 1 जून से 27 जुलाई तक पूरे मानसून सीजन में प्रदेश में सामान्य से 7 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है, जो मौसम विभाग के अनुसार अभी भी सामान्य श्रेणी में आती है।
बाइट,,,संदीप शर्मा मौसम वैज्ञानिक, मौसम विज्ञान केंद्र शिमला।
    user_Roshan Sharma
    Roshan Sharma
    Local News Reporter Shimla (Urban), Himachal Pradesh•
    9 hrs ago
  • पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यावनिका पार्क में सुरक्षा पर सवाल, गंदे पानी में नहा रहे बच्चे, हादसे का खतरा! पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यावनिका पार्क में सुरक्षा पर सवाल, गंदे पानी में नहा रहे बच्चे, हादसे का खतरा! पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यावनिका पार्क में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पार्क में कथित तौर पर कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं है, जबकि छोटे बच्चे फाउंटेन/जलकुंड के गंदे पानी में नहाते दिखाई दे रहे हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, पास में मौजूद कुएँ जैसी संरचना भी बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, साफ-सफाई कराने और संभावित हादसों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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    पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यावनिका पार्क में सुरक्षा पर सवाल, गंदे पानी में नहा रहे बच्चे, हादसे का खतरा!
पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यावनिका पार्क में सुरक्षा पर सवाल, गंदे पानी में नहा रहे बच्चे, हादसे का खतरा!
पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित यावनिका पार्क में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पार्क में कथित तौर पर कोई सुरक्षा कर्मी मौजूद नहीं है, जबकि छोटे बच्चे फाउंटेन/जलकुंड के गंदे पानी में नहाते दिखाई दे रहे हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, पास में मौजूद कुएँ जैसी संरचना भी बच्चों की सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, साफ-सफाई कराने और संभावित हादसों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
    user_Shri ram
    Shri ram
    Local News Reporter पंचकूला, पंचकूला, हरियाणा•
    4 hrs ago
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