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करमा पर्व पर जहां घर-घर खुशियां और करम गीत गूंज रहे थे, वहीं पलामू में कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कोयल नदी में डूबने समेत अलग-अलग हादसों में कई लोगों की जान चली गई। करम डाल विसर्जन के दौरान भी हादसा सामने आया। एक ओर पर्व की खुशियां थीं, तो दूसरी ओर अपनों को खोने का दर्द। आखिर करमा पर्व के दौरान इतने हादसे कैसे हुए? क्या नदी-तालाब के आसपास पर्व मनाते समय सुरक्षा को लेकर और ज्यादा सावधानी की जरूरत है? पूरी खबर वीडियो में देखें और अपनी राय कमेंट में बताएं।
Sunil Kumar journalist
करमा पर्व पर जहां घर-घर खुशियां और करम गीत गूंज रहे थे, वहीं पलामू में कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कोयल नदी में डूबने समेत अलग-अलग हादसों में कई लोगों की जान चली गई। करम डाल विसर्जन के दौरान भी हादसा सामने आया। एक ओर पर्व की खुशियां थीं, तो दूसरी ओर अपनों को खोने का दर्द। आखिर करमा पर्व के दौरान इतने हादसे कैसे हुए? क्या नदी-तालाब के आसपास पर्व मनाते समय सुरक्षा को लेकर और ज्यादा सावधानी की जरूरत है? पूरी खबर वीडियो में देखें और अपनी राय कमेंट में बताएं।
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- दर्शन नाला–गांवा सड़क की गुणवत्ता जांचने पहुंची राज्य स्तरीय टीम या फिर लिपा पोती की जाएगी सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर राज्य स्तरीय टीम पहुंची सतगावां,दर्शन नाला–गांवा मार्ग का किया स्थल निरीक्षण वीडियो वायरल होने के बाद हुई थी खानापूर्ति,अब जगह-जगह सड़क पर बने थे गड्ढे; निर्माण गुणवत्ता पर उठे थे सवाल कोडरमा/सतगावां दर्शन नाला से गांवा तक सड़क की मरम्मत एवं निर्माण कार्य में कथित अनियमितता और गुणवत्ता को लेकर लगातार उठ रही शिकायतों के बीच बुधवार को राज्य स्तरीय जांच टीम सतगावां पहुंची। टीम द्वारा सड़क के विभिन्न हिस्सों का स्थल निरीक्षण किया गया । निरीक्षण के दौरान सड़क की वर्तमान स्थिति, मरम्मत कार्य, निर्माण की गुणवत्ता और सड़क सुरक्षा से जुड़े बिंदुओं को देखा गया मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और पत्रकारों से भी सड़क निर्माण से संबंधित जानकारी ली गई इससे पहले सड़क की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार सवाल उठते रहे थे। कुछ दिन पहले सड़क की ऊपरी डामर परत को झाड़ू लगाने मात्र से उखड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल तेज हुए थे। ग्रामीणों का आरोप था कि उस समय समस्या के स्थायी समाधान के बजाय महज ‘खाना पूर्ति’ की गई थी। अब सड़क के जगह-जगह खराब होने और गड्ढे बनने के बाद एक बार फिर निर्माण के गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि यदि सड़क का निर्माण और मरम्मत निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार किया गया होता तो कुछ ही समय बाद सड़क की स्थिति इस तरह खराब नहीं होती। पहले वायरल हुआ था डामर की परत उखड़ने का वीडियो कुछ दिन पहले ग्रामीणों द्वारा सड़क की ऊपरी डामर परत को झाड़ू लगाने से उखड़ने का वीडियो बनाया गया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही थी। ग्रामीणों का कहना था कि वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित स्तर पर सड़क की स्थिति सुधारने की बात हुई थी, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ था। ग्रामीणों के अनुसार उस समय केवल ‘खाना पूर्ति’ की गई थी। अब जगह-जगह सड़क पर बनने लगे थे गड्ढे अब सड़क के जगह-जगह गड्ढे बनने के बाद ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की गुणवत्ता को लेकर पहले जो सवाल उठाए गए थे, वे फिर सामने हैं। बारिश के मौसम में सड़क पर पानी जमा होने और वाहनों के लगातार आवागमन से समस्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही थी। ग्रामीणों ने बुधवार पहुंची राज्य स्तरीय जांच टीम से सड़क की वास्तविक स्थिति की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। बासोडीह बाजार कलीडीह समेत अन्य स्थानों पर भी उठे थे सवाल ग्रामीणों के अनुसार बासोडीह बाजार , कली डीह समेत सड़क के अन्य हिस्सों में भी निर्माण एवं मरम्मत कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए गए थे। कुछ स्थानों पर पहले से मौजूद पीसीसी सड़क के ऊपर डामरीकरण किए जाने की बात भी सामने आई थी। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण से संबंधित डीपीआर,स्वीकृत लागत,कार्य अवधि और निर्माण से जुड़ी अन्य जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की थी। राज्य स्तरीय टीम बुधवार कर रही थी स्थल निरीक्षण सड़क की गुणवत्ता को लेकर लगातार उठती शिकायतों के बीच बुधवार राज्य स्तरीय जांच टीम मौके पर पहुंची थी। टीम द्वारा सड़क के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण किया गया । निर्माण कार्य की स्थिति, सड़क की वर्तमान हालत और गुणवत्ता से जुड़े बिंदुओं की जांच की गईl ग्रामीणों द्वारा टीम के सामने सड़क में बने गड्ढे, डामर की परत से जुड़ी शिकायत और अन्य स्थानों पर सामने आई समस्याओं की जानकारी दी गई। पत्रकार दीपेश अग्रवाल भी जांच के दौरान मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने सड़क की खराब स्थिति, निर्माण कार्य की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सवाल राज्य स्तरीय टीम के सामने रखे । पहले खुट्टा हादसे के बाद भी उठे थे सुरक्षा पर सवाल इससे पहले 13 सितंबर को खुट्टा के पास सड़क हादसा हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी। हादसे के बाद सड़क निर्माण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। घटना के बाद पत्रकार दीपेश अग्रवाल मौके पर पहुंचे थे और सड़क की स्थिति तथा निर्माणाधीन हिस्से में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल उठाए थे। मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों को भी बुलाया गया था। निर्माण स्थल पर बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड की व्यवस्था को लेकर भी सवाल किए गए थे। बीडीओ सह अंचल अधिकारी मनोज कुमार रवि ने संबंधित विभाग से जवाब देने का ज्ञापन जारी किया गया था केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख गुणवत्ता पर जांच की मांग की थी सड़क की स्थिति और निर्माण कार्य को लेकर मामला स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा था। कोडरमा की सांसद सह केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सड़क निर्माण की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने की मांग की थी। इसके बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी मामला चर्चा में आया था। अब जांच रिपोर्ट पर टिकी लोगों की नजर बुधवार राज्य स्तरीय टीम द्वारा किए जा रहे स्थल निरीक्षण के बाद स्थानीय लोगों की नजर जांच के निष्कर्ष पर है। ग्रामीणों की मांग है कि सड़क निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, डामरीकरण की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों, सड़क की मोटाई, स्वीकृत लागत और कार्य की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए और सड़क की मरम्मत निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप दोबारा कराई जानी चाहिए। फिलहाल बुधवार राज्य स्तरीय जांच टीम के स्थल निरीक्षण से सड़क निर्माण से जुड़े मामले में जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। अब देखना है कि जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और सड़क की गुणवत्ता एवं सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित विभाग आगे क्या कार्रवाई करता है।1
- स्मार्ट क्लास में पढ़ाई की जगह भोजपुरी गाने पर डांस, जमुआवां हाईस्कूल में व्यवस्था पर उठे सवाल वजीरगंज (गया)। वजीरगंज प्रखंड अंतर्गत जमुआवां 10+2 उच्चतर विद्यालय में स्मार्ट क्लास के इस्तेमाल को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय में परीक्षा के दौरान स्मार्ट क्लास में टीवी पर भोजपुरी गाने का वीडियो चलाकर बच्चों के डांस करने का मामला सामने आया है। इसका वीडियो सामने आने के बाद विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और स्मार्ट क्लास के उपयोग पर सवाल उठने लगे हैं। बताया गया कि सरकार की ओर से विद्यार्थियों को आधुनिक और बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विद्यालयों में स्मार्ट क्लास और स्मार्ट टीवी की व्यवस्था की गई है। लेकिन यहां पढ़ाई के बजाय भोजपुरी गाने का वीडियो चलने और बच्चों के डांस करने की बात सामने आई है। खासकर परीक्षा के दौरान इस तरह की गतिविधि होने से विद्यालय प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर जब पत्रकार ने विद्यालय के प्रधान शिक्षक से जानकारी लेने का प्रयास किया तो उनके जवाब को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। बातचीत के मामले के बाद सवाल उठ रहा है कि परीक्षा के दौरान स्मार्ट क्लास में भोजपुरी गाने का वीडियो किसकी अनुमति से चलाया गया और बच्चों को इस तरह की गतिविधि की इजाजत कैसे मिली। लोगों ने शिक्षा विभाग से पूरे मामले की जांच कर दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदार लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस मामले में क्या संज्ञान लेते हैं।1
- बक्शीडीह हेटटोला में महिलाओं ने भाई की सुरक्षा के लिए करम पर्व मनाया दारू बक्शीडीह हेटटोला : बहनों ने अपने भाई की सुरक्षा के लिए करम पर्व मनाया। महिलाएं और युवतियाँ करम गीतों पर झूमती हुई नाचती रहीं। इस अवसर पर सभी ने भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा की भावना को प्रकट किया। इस पर्व के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीतों का आनंद लिया और सामाजिक सद्भावना का संदेश दिया। इस आयोजन में स्थानीय समाज ने भी भागीदारी दिखाई। बक्शीडीह हेटटोला में महिलाओं ने भाई की सुरक्षा के लिए करम पर्व मनाया दारू बक्शीडीह हेटटोला : बहनों ने अपने भाई की सुरक्षा के लिए करम पर्व मनाया। महिलाएं और युवतियाँ करम गीतों पर झूमती हुई नाचती रहीं। इस अवसर पर सभी ने भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा की भावना को प्रकट किया। इस पर्व के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक गीतों का आनंद लिया और सामाजिक सद्भावना का संदेश दिया। इस आयोजन में स्थानीय समाज ने भी भागीदारी दिखाई।1
- गोविंदपुर में आंचल जीविका की वार्षिक आमसभा आयोजित, सैकड़ों जीविका दीदियां हुईं शामिल* *गोविंदपुर में आंचल जीविका की वार्षिक आमसभा आयोजित, सैकड़ों जीविका दीदियां हुईं शामिल* गोविंदपुर। नवादा जिला अंतर्गत गोविंदपुर प्रखंड के स्थानीय बाजार गोविंदपुर के गणपति मैरेज हॉल में बुधवार को आंचल जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड, बनिया बिगहा के तत्वावधान में वित्तीय वर्ष 2025-26 की सामान्य निकाय की वार्षिक आमसभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन बिहार ग्रामीण जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका), बिहार के संपोषण से किया गया। आमसभा में सहकारी समिति से जुड़ी सैकड़ों जीविका दीदियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ आंचल जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति की अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्ष ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। दीप प्रज्ज्वलन के बाद अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष समेत समिति के सदस्यों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में जीविका बीपीएम, एसी, सीसी, जीविका सीएम सहित बड़ी संख्या में जीविका दीदियां मौजूद रहीं। आमसभा के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 में समिति द्वारा किए गए कार्यों एवं हासिल की गई उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के कार्यों, संचालन व्यवस्था तथा सदस्यों की भूमिका और सहभागिता को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही आने वाले समय में समिति को और बेहतर तरीके से संचालित करने तथा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने से संबंधित कार्ययोजना पर चर्चा की गई। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जीविका से जुड़कर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं समूह के माध्यम से बचत, ऋण, स्वरोजगार और विभिन्न आजीविका गतिविधियों से जुड़ रही हैं। इससे महिलाओं में आत्मनिर्भरता बढ़ने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में भी मदद मिल रही है। जीविका बीपीएम ने आमसभा को संबोधित करते हुए समिति से जुड़े सदस्यों एवं जीविका दीदियों से सक्रिय रूप से सहभागिता निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की सफलता उसके सदस्यों की सक्रिय भागीदारी और बेहतर संचालन पर निर्भर करती है। वार्षिक आमसभा जैसे आयोजनों के माध्यम से सदस्यों को समिति के कार्यों और उपलब्धियों की जानकारी मिलने के साथ आगे की दिशा तय करने का अवसर मिलता है। आमसभा के दौरान महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए और जीविका के माध्यम से संचालित गतिविधियों को लेकर चर्चा की। कार्यक्रम में मौजूद सैकड़ों जीविका दीदियों की भागीदारी से पूरा आयोजन उत्साहपूर्ण बना रहा। अधिकारियों एवं समिति के पदाधिकारियों ने महिलाओं को आगे भी समूह एवं सहकारी समिति की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।1
- जनसुराज ने पटना स्नातक MLC चुनाव के लिए डॉ. अनुज को बनाया उम्मीदवार #शिक्षक और स्नातक दोनों सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबले के आसार...!1
- मौसम : झमाझम हुई बारिश, मौसम हुआ सुहाना। रिपोर्टर ; इम्तियाज फोनवेल की रिपोर्ट।1
- चार साल से बंद वृद्धा पेंशन, आवास से भी वंचित विधवा मनवा देवी की अब सर्वे पर टिकी उम्मीदें विधवा महिला को नहीं मिला आवास का लाभ, चार साल से बंद है वृद्धा पेंशन अब प्रधानमंत्री आवास सर्वे में नाम शामिल होने की उम्मीद, ग्रामीणों की निगाहें सर्वे पर रिपोर्ट कौशल पांडेय सतगावां। कोडरमा जिले के सतगावां प्रखंड अंतर्गत राजावर पंचायत के सुदूरवर्ती हड़ोलवा गांव में एक बुजुर्ग विधवा महिला सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित होने का मामला सामने आया है। हड़ोलवा निवासी मनवा देवी, पति स्वर्गीय सुदेश राय विधवा महिला हैं। बताया गया कि उनकी बहू भी विधवा हैं। इसके बावजूद परिवार को अब तक न तो अबुआ आवास योजना का लाभ मिला है और न ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास मिल पाया है। बताया गया कि मनवा देवी की आर्थिक स्थिति कमजोर है और आवास के अभाव में परिवार को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महिला द्वारा आवास योजना का लाभ दिलाने को लेकर पंचायत की मुखिया को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक आवास का लाभ नहीं मिल सका है। वहीं, बुजुर्ग मनवा देवी को मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन भी करीब चार वर्षों से बंद है। लंबे समय से पेंशन नहीं मिलने के कारण बुजुर्ग महिला के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी परेशानी बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि राजावर पंचायत का यह क्षेत्र सुदूरवर्ती होने के कारण यहां अधिकारियों और संबंधित कर्मियों का आना-जाना अपेक्षाकृत कम होता है। ऐसे में कई जरूरतमंद परिवार सरकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ से वंचित रह जाते हैं। इधर, इस बार प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सर्वे का कार्य किया जा रहा है। ऐसे में अब ग्रामीणों और महिला के परिजनों की नजर इस बात पर है कि सर्वे के दौरान मनवा देवी का नाम पात्र लाभुकों की सूची में शामिल किया जाता है या नहीं। यदि इस बार भी नाम सर्वे में शामिल नहीं हुआ तो एक विधवा बुजुर्ग महिला को आवास के लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर मनवा देवी की पात्रता का सत्यापन कराया जाए और यदि वह योजना के लिए पात्र हैं तो उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाए। साथ ही चार वर्षों से बंद वृद्धावस्था पेंशन की भी जांच कर उसे पुनः चालू कराने की मांग की गई है। अब सवाल यह है कि प्रधानमंत्री आवास के इस सर्वे में मनवा देवी का नाम जुड़ता है या फिर एक बार फिर सरकारी आवास के इंतजार में उनका परिवार रह जाएगा।1
- करमा पर्व पर जहां घर-घर खुशियां और करम गीत गूंज रहे थे, वहीं पलामू में कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। कोयल नदी में डूबने समेत अलग-अलग हादसों में कई लोगों की जान चली गई। करम डाल विसर्जन के दौरान भी हादसा सामने आया। एक ओर पर्व की खुशियां थीं, तो दूसरी ओर अपनों को खोने का दर्द। आखिर करमा पर्व के दौरान इतने हादसे कैसे हुए? क्या नदी-तालाब के आसपास पर्व मनाते समय सुरक्षा को लेकर और ज्यादा सावधानी की जरूरत है? पूरी खबर वीडियो में देखें और अपनी राय कमेंट में बताएं।1