पांढुर्णा के तीन शेर चौक स्थित बीएसएनएल टावर पर सोमवार दोपहर से चढ़ा एक रहस्यमयी व्यक्ति बुधवार को आखिरकार रेस्क्यू टीम द्वारा सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। तीन दिनों तक प्रशासन की सांसें अटकाए रखने वाले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का इसी के साथ समापन हो गया। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ भोपाल फायर रेस्क्यू और नागपुर फायर सेफ्टी की विशेषज्ञ टीमों ने संयुक्त मोर्चा संभाला था। विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग करते हुए कई घंटों की योजनाबद्ध कार्रवाई के बाद युवक को सकुशल नीचे उतारा। रेस्क्यू के दौरान युवक का व्यवहार सबसे हैरान करने वाला रहा, क्योंकि ऊंचाई पर बैठकर वह बार-बार प्रशासन से खाने में मच्छी-भात उपलब्ध कराने की मांग कर रहा था। उसकी इस अजीबोगरीब शर्त ने पुलिस और रेस्क्यू दल के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी थीं। इस पूरे घटनाक्रम ने बीएसएनएल की लचर सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही के कारण ही एक अज्ञात व्यक्ति इतनी आसानी से 230 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गया। जनता ने अब मांग उठाई है कि कंपनी की सुरक्षा में चूक करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया है। पुलिस अब उसकी पहचान जुटाने और टावर पर चढ़ने के पीछे के कारणों का पता लगाने में लगी है।
पांढुर्णा के तीन शेर चौक स्थित बीएसएनएल टावर पर सोमवार दोपहर से चढ़ा एक रहस्यमयी व्यक्ति बुधवार को आखिरकार रेस्क्यू टीम द्वारा सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। तीन दिनों तक प्रशासन की सांसें अटकाए रखने वाले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का इसी के साथ समापन हो गया। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ भोपाल फायर रेस्क्यू और नागपुर फायर सेफ्टी की विशेषज्ञ टीमों ने संयुक्त मोर्चा संभाला था। विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग करते हुए कई घंटों की योजनाबद्ध कार्रवाई के बाद युवक को सकुशल नीचे उतारा। रेस्क्यू के दौरान युवक का व्यवहार सबसे हैरान करने वाला रहा, क्योंकि ऊंचाई पर बैठकर वह बार-बार प्रशासन से खाने में मच्छी-भात उपलब्ध कराने की मांग कर रहा था। उसकी इस अजीबोगरीब शर्त ने पुलिस और रेस्क्यू दल के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी थीं। इस पूरे घटनाक्रम ने बीएसएनएल की लचर सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही के कारण ही एक अज्ञात व्यक्ति इतनी आसानी से 230 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गया। जनता ने अब मांग उठाई है कि कंपनी की सुरक्षा में चूक करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया है। पुलिस अब उसकी पहचान जुटाने और टावर पर चढ़ने के पीछे के कारणों का पता लगाने में लगी है।
- पांढुर्णा के तीन शेर चौक स्थित बीएसएनएल टावर पर सोमवार दोपहर से चढ़ा एक रहस्यमयी व्यक्ति बुधवार को आखिरकार रेस्क्यू टीम द्वारा सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। तीन दिनों तक प्रशासन की सांसें अटकाए रखने वाले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का इसी के साथ समापन हो गया। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ भोपाल फायर रेस्क्यू और नागपुर फायर सेफ्टी की विशेषज्ञ टीमों ने संयुक्त मोर्चा संभाला था। विशेषज्ञों ने आधुनिक तकनीकी उपकरणों का उपयोग करते हुए कई घंटों की योजनाबद्ध कार्रवाई के बाद युवक को सकुशल नीचे उतारा। रेस्क्यू के दौरान युवक का व्यवहार सबसे हैरान करने वाला रहा, क्योंकि ऊंचाई पर बैठकर वह बार-बार प्रशासन से खाने में मच्छी-भात उपलब्ध कराने की मांग कर रहा था। उसकी इस अजीबोगरीब शर्त ने पुलिस और रेस्क्यू दल के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी थीं। इस पूरे घटनाक्रम ने बीएसएनएल की लचर सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही के कारण ही एक अज्ञात व्यक्ति इतनी आसानी से 230 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गया। जनता ने अब मांग उठाई है कि कंपनी की सुरक्षा में चूक करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल, युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा गया है। पुलिस अब उसकी पहचान जुटाने और टावर पर चढ़ने के पीछे के कारणों का पता लगाने में लगी है।1
- छिंदवाड़ा जिले के पांढुर्णा में एक अज्ञात व्यक्ति को आज बीएसएनएल टावर से नीचे उतारा गया। यह व्यक्ति बीते तीन दिनों से टावर पर चढ़ा हुआ था। इंडिया NDRF की टीम और पुलिस प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से उसे टावर के ऊपर से सुरक्षित नीचे उतारा जा सका।1
- पांढुर्णा में एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहाँ पिछले तीन दिनों से एक अज्ञात युवक बीएसएनएल टावर पर चढ़ा हुआ है। प्रशासन इतने लंबे समय के बाद भी उसे नीचे उतारने में पूरी तरह से असमर्थ रहा है, जिससे उसकी बेबसी साफ झलक रही है। लगभग 50 वर्ष का यह अज्ञात व्यक्ति बिना कुछ खाए-पिए लगातार टावर पर ही अपनी जान जोखिम में डालकर बैठा है। इस पूरे मामले में पांढुर्णा का प्रशासन नतमस्तक दिखाई दे रहा है और तीन दिन बीत जाने के बावजूद भी व्यक्ति को सुरक्षित नीचे नहीं उतारा जा सका है।1
- बैतूल जिले में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण और गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए, पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन के निर्देश पर अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे और एसडीओपी सारणी सुश्री प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में सारणी पुलिस को शहर का माहौल खराब करने वाले आदतन फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता मिली है। यह कार्रवाई शोभापुर निवासी प्रार्थी कोमल बरकड़े की रिपोर्ट पर आधारित है। शिकायत के अनुसार, दिनांक 13-14.03.2026 की रात को आरोपी अभिजीत बारस्कर ने अपने साथियों विक्रम कुमरे, करण भारती और आशीष बिन्झाड़े के साथ मिलकर प्रार्थी के घर में घुसकर गाली-गलौज, मारपीट और तोड़फोड़ की थी। आरोपियों ने तलवार और डंडों से हमला कर परिवार के सदस्यों को घायल कर दिया और लगभग ₹40-50 हजार का नुकसान पहुँचाया, साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। इस घटना के संबंध में अपराध क्रमांक 81/2026 के तहत धारा 296, 324(4), 331(6), 115(2), 351(2), 3(5) बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई थी। दिनांक 13.03.2026 की घटना के बाद से फरार चल रहे तीन आरोपियों — करन उर्फ भोला पिता अवधेश भारती (उम्र 28 साल, निवासी शक्ति नगर शोभापुर), विक्रम पिता जगननाथ कुमरे (उम्र 28 साल, निवासी वार्ड क्रमांक 29 जामुन ढोल के पास पाथाखेड़ा), और आशीष उर्फ कच्ची पिता शारदा प्रसाद बिंझाड़े (उम्र 21 साल, निवासी काली माई शोभापुर) — को सारणी पुलिस ने गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया है। इस सराहनीय कार्रवाई में निरीक्षक जयपाल इनवाती (थाना प्रभारी सारणी), उपनिरीक्षक मनोज उईके (चौकी प्रभारी पाथाखेड़ा), प्रधान आरक्षक मनोज देहरिया, ज्ञानसिंह टेकाम, आरक्षक रविमोहन और सुभाष रघुवंशी सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेंद्र जैन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे पारिवारिक या आपसी विवादों को बढ़ाने की बजाय शांतिपूर्ण संवाद, सामाजिक सहयोग और पुलिस की सहायता से सुलझाने का प्रयास करें, क्योंकि कानून अपने हाथ में लेना एक दंडनीय अपराध है। उन्होंने आमजन से यह भी आग्रह किया है कि किसी भी अप्रिय घटना, विवाद या संकट की स्थिति में तुरंत डायल 112 या नजदीकी पुलिस थाना को सूचित करें, जिससे समय रहते आवश्यक सहायता और वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।1
- मुलताई नगर के भगत सिंह वार्ड में नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। वार्डवासियों का आरोप है कि इस निर्माण कार्य में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा जा रहा, जिससे भविष्य में कई समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। एक प्रमुख समस्या यह है कि पेयजल आपूर्ति पाइपलाइन का वाल्व नाली के अंदर स्थित है, जहाँ अक्सर पानी भरा रहता है। इस स्थिति के कारण वाल्व के संचालन, मरम्मत या उसे बदलने में वार्डवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या के बारे में नगर पालिका अधिकारियों और संबंधित ठेकेदार को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक कोई सुधारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। इसके अतिरिक्त, स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि नाली निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री में केवल रेत, गिट्टी और सीमेंट का उपयोग हो रहा है, जबकि सरिया (स्टील रॉड) का उपयोग नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में ठेकेदार से बात करने पर वार्डवासियों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इन आरोपों के चलते वार्ड में निर्माण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से पूरे निर्माण कार्य की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराने की मांग की है। उनकी माँग है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही, पेयजल पाइपलाइन के वाल्व को नाली के बाहर एक सुरक्षित स्थान पर स्थापित कर वार्डवासियों की इस समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए।1
- बैतूल जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत, सारणी पुलिस ने शहर का माहौल बिगाड़ने वाले तीन आदतन फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। इन आरोपियों ने मार्च माह में एक परिवार के घर में घुसकर तलवार और डंडों से हमला किया था, जमकर मारपीट और तोड़फोड़ की थी, तथा जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए थे। घटना के बाद से ही पुलिस लगातार उनकी तलाश में जुटी हुई थी और आखिरकार उन्हें न्यायालय में पेश कर दिया। पुलिस के अनुसार, शोभापुर निवासी कोमल बरकड़े द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, 13-14 मार्च 2026 की मध्यरात्रि आरोपी अभिजीत बारस्कर अपने साथियों करण उर्फ भोला भारती, विक्रम कुमरे और आशीष उर्फ कच्ची बिन्झाड़े के साथ शिकायतकर्ता के घर में जबरन घुस गए थे। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए पूरे परिवार के साथ मारपीट शुरू कर दी और तलवार एवं डंडों से हमला कर परिवार के सदस्यों को घायल कर दिया। उन्होंने घर में तोड़फोड़ करते हुए लगभग 40 से 50 हजार रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और जाते-जाते पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस घटना के बाद थाना सारणी में अपराध क्रमांक 81/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं 296, 324(4), 331(6), 115(2), 351(2), 3(5) तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई थी। पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे एवं एसडीओपी सारणी सुश्री प्रियंका करचाम के मार्गदर्शन में थाना सारणी पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। पुलिस ने लगातार आरोपियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी करण उर्फ भोला भारती (28 वर्ष, निवासी शक्ति नगर शोभापुर), विक्रम कुमरे (28 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 29, जामुनढोल के पास पाथाखेड़ा) तथा आशीष उर्फ कच्ची बिन्झाड़े (21 वर्ष, निवासी काली माई, शोभापुर) को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उनके विरुद्ध आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जयपाल इनवाती, चौकी प्रभारी पाथाखेड़ा उपनिरीक्षक मनोज उईके, प्रधान आरक्षक मनोज देहरिया, प्रधान आरक्षक ज्ञानसिंह टेकाम, आरक्षक रविमोहन, आरक्षक सुभाष रघुवंशी सहित थाना सारणी की पूरी टीम की सराहनीय भूमिका रही। इस कार्रवाई को अपराधियों के विरुद्ध एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे किसी भी पारिवारिक अथवा आपसी विवाद को हिंसा का रूप न दें और कानून अपने हाथ में लेने के बजाय पुलिस एवं प्रशासन की सहायता लें। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना, अपराध या विवाद की जानकारी तत्काल डायल 112 अथवा नजदीकी पुलिस थाने को दें। पुलिस का कहना है कि जिले में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाले तथा फरार आरोपियों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार लगातार अभियान जारी रहेगा।2
- पांढुर्णा में भाजपा जिलाध्यक्ष संदीप मोहोड ने नागपुर–छिंदवाड़ा मार्ग पर सौंसर के पास सड़क पर गिरे एक बाइक चालक को देखकर तत्काल अपना वाहन रोका। उन्होंने तुरंत अपने साथ मौजूद सहयोगियों को घायल की सहायता करने के निर्देश दिए और उसकी मदद के लिए सक्रिय हो गए। घटना के बाद, संदीप मोहोड ने घायल बाइक चालक को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की और आवश्यक सहयोग सुनिश्चित किया। उनकी इस तत्परता के कारण घायल को समय पर प्राथमिक सहायता मिल सकी। इस दौरान, उन्होंने जोर देकर कहा कि संकट की घड़ी में मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और सड़क दुर्घटनाओं में समय पर मिली सहायता किसी भी घायल के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को जरूरतमंद की मदद के लिए आगे आना चाहिए। इस पूरी घटना के दौरान स्थानीय लोगों ने भी घायल की सहायता में सहयोग किया।2