23 सितंबर की अलसुबह घर में घुसा तेंदुआ, पालतू कुत्ते को बनाया शिकार कांकेर के टिकरापारा में सुबह 5 बजे तेंदुए की दस्तक से हड़कंप, CCTV में कैद हुई पूरी घटना; शहर में बढ़ती वन्यजीवों की आमद से दहशत कांकेर। कांकेर शहर में जंगली जानवरों की लगातार बढ़ती दस्तक अब शहरवासियों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। 23 सितंबर की अलसुबह करीब 5 बजे टिकरापारा इलाके में एक तेंदुआ अचानक रहवासी क्षेत्र में पहुंच गया और एक घर में घुसकर वहां मौजूद पालतू कुत्ते को अपना शिकार बना लिया। तेंदुए की यह पूरी गतिविधि घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल है। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, अलसुबह तेंदुआ अचानक घर के परिसर में पहुंचा और कुछ ही देर में घर में मौजूद पालतू कुत्ते पर हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में तेंदुए की आवाजाही और हमले की घटना कैद हुई है। इससे एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर जंगल से निकलकर वन्यजीव शहर के रहवासी इलाकों के भीतर तक कैसे पहुंच रहे हैं। घर की चौखट तक पहुंचा जंगल का शिकारी कांकेर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ समय से तेंदुआ और भालू जैसे जंगली जानवरों की मौजूदगी की सूचनाएं लगातार सामने आ रही हैं। वन्यजीवों के रहवासी क्षेत्रों में पहुंचने से लोगों में भय का माहौल है। पूर्व में भी वन्यजीवों के हमले में लोगों के घायल होने और जनहानि की घटनाओं के कारण ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लोग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी घटना की जानकारी मिलने के बाद कांकेर रेंज के रेंजर आशीष परिहार ने बताया कि मोहल्लेवासियों द्वारा तेंदुए के रहवासी क्षेत्र में घुसने की सूचना दी गई है। इसके आधार पर वन विभाग की टीम आसपास के क्षेत्रों में निगरानी कर रही है। लोगों को शाम के बाद और रात के समय सावधानी बरतते हुए आवाजाही करने की हिदायत दी गई है। वन विभाग के अनुसार संभावित एवं संदिग्ध स्थानों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि तेंदुआ अथवा अन्य जंगली जानवर दोबारा आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें। निगरानी के बावजूद शहर में क्यों पहुंच रहे वन्यजीव? वन विभाग द्वारा निगरानी किए जाने के बावजूद शहर और आसपास के गांवों में तेंदुआ तथा भालू की मौजूदगी की खबरें लगातार सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ रही है। शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन और वन विभाग को लगातार वन्यजीवों की गतिविधियों की जानकारी दी जा रही है, लेकिन रहवासी क्षेत्रों में इनकी आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नजर नहीं आ रहा है। लोगों का सवाल है कि आखिर जंगली जानवर बार-बार जंगल की सीमा छोड़कर आबादी और घरों तक क्यों पहुंच रहे हैं? यदि वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बनी हुई है तो संवेदनशील इलाकों में निगरानी, ट्रैकिंग और त्वरित रेस्क्यू की व्यवस्था कितनी प्रभावी है, इसकी भी समीक्षा जरूरी है। शहरवासी बोले—अब अलसुबह और रात में भी डर टिकरापारा की ताजा घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। यदि अलसुबह करीब 5 बजे तेंदुआ घर के भीतर तक पहुंच सकता है तो बच्चों, बुजुर्गों और सुबह-शाम घर से बाहर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। शहरवासियों ने वन विभाग से संवेदनशील इलाकों की पहचान कर नियमित गश्त, कैमरा ट्रैप, प्रभावी निगरानी और त्वरित रेस्क्यू व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि वन्यजीव और इंसान दोनों सुरक्षित रह सकें। 23 सितंबर की अलसुबह हुई इस घटना ने एक बार फिर कांकेर शहर में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चुनौती को सामने ला दिया है।
23 सितंबर की अलसुबह घर में घुसा तेंदुआ, पालतू कुत्ते को बनाया शिकार कांकेर के टिकरापारा में सुबह 5 बजे तेंदुए की दस्तक से हड़कंप, CCTV में कैद हुई पूरी घटना; शहर में बढ़ती वन्यजीवों की आमद से दहशत कांकेर। कांकेर शहर में जंगली जानवरों की लगातार बढ़ती दस्तक अब शहरवासियों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। 23 सितंबर की अलसुबह करीब 5 बजे टिकरापारा इलाके में एक तेंदुआ अचानक रहवासी क्षेत्र में पहुंच गया और एक घर में घुसकर वहां मौजूद पालतू कुत्ते को अपना शिकार बना लिया। तेंदुए की यह पूरी गतिविधि घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल है। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, अलसुबह तेंदुआ अचानक घर के परिसर में पहुंचा और कुछ ही देर में घर में मौजूद पालतू कुत्ते पर हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में तेंदुए की आवाजाही और हमले की घटना कैद हुई है। इससे एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर जंगल से निकलकर वन्यजीव शहर के रहवासी इलाकों के भीतर तक कैसे पहुंच रहे हैं। घर की चौखट तक पहुंचा जंगल का शिकारी कांकेर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ समय से तेंदुआ और भालू जैसे जंगली जानवरों की मौजूदगी की सूचनाएं लगातार सामने आ रही हैं। वन्यजीवों के रहवासी क्षेत्रों में पहुंचने से लोगों में भय का माहौल है। पूर्व में भी वन्यजीवों के हमले में लोगों के घायल होने और जनहानि की घटनाओं के कारण ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लोग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी घटना की जानकारी मिलने के बाद कांकेर रेंज के रेंजर आशीष परिहार ने बताया कि मोहल्लेवासियों द्वारा तेंदुए के रहवासी क्षेत्र में घुसने की सूचना दी गई है। इसके आधार पर वन विभाग की टीम आसपास के क्षेत्रों में निगरानी कर रही है। लोगों को शाम के बाद और रात के समय सावधानी बरतते हुए आवाजाही करने की हिदायत दी गई है। वन विभाग के अनुसार संभावित एवं संदिग्ध स्थानों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि तेंदुआ अथवा अन्य जंगली जानवर दोबारा आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें। निगरानी के बावजूद शहर में क्यों पहुंच रहे वन्यजीव? वन विभाग द्वारा निगरानी किए जाने के बावजूद शहर और आसपास के गांवों में तेंदुआ तथा भालू की मौजूदगी की खबरें लगातार सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ रही है। शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन और वन विभाग को लगातार वन्यजीवों की गतिविधियों की जानकारी दी जा रही है, लेकिन रहवासी क्षेत्रों में इनकी आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नजर नहीं आ रहा है। लोगों का सवाल है कि आखिर जंगली जानवर बार-बार जंगल की सीमा छोड़कर आबादी और घरों तक क्यों पहुंच रहे हैं? यदि वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बनी हुई है तो संवेदनशील इलाकों में निगरानी, ट्रैकिंग और त्वरित रेस्क्यू की व्यवस्था कितनी प्रभावी है, इसकी भी समीक्षा जरूरी है। शहरवासी बोले—अब अलसुबह और रात में भी डर टिकरापारा की ताजा घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। यदि अलसुबह करीब 5 बजे तेंदुआ घर के भीतर तक पहुंच सकता है तो बच्चों, बुजुर्गों और सुबह-शाम घर से बाहर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। शहरवासियों ने वन विभाग से संवेदनशील इलाकों की पहचान कर नियमित गश्त, कैमरा ट्रैप, प्रभावी निगरानी और त्वरित रेस्क्यू व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि वन्यजीव और इंसान दोनों सुरक्षित रह सकें। 23 सितंबर की अलसुबह हुई इस घटना ने एक बार फिर कांकेर शहर में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चुनौती को सामने ला दिया है।
- 23 सितंबर की अलसुबह घर में घुसा तेंदुआ, पालतू कुत्ते को बनाया शिकार कांकेर के टिकरापारा में सुबह 5 बजे तेंदुए की दस्तक से हड़कंप, CCTV में कैद हुई पूरी घटना; शहर में बढ़ती वन्यजीवों की आमद से दहशत कांकेर। कांकेर शहर में जंगली जानवरों की लगातार बढ़ती दस्तक अब शहरवासियों के लिए चिंता का कारण बनती जा रही है। 23 सितंबर की अलसुबह करीब 5 बजे टिकरापारा इलाके में एक तेंदुआ अचानक रहवासी क्षेत्र में पहुंच गया और एक घर में घुसकर वहां मौजूद पालतू कुत्ते को अपना शिकार बना लिया। तेंदुए की यह पूरी गतिविधि घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे मोहल्ले में दहशत का माहौल है। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, अलसुबह तेंदुआ अचानक घर के परिसर में पहुंचा और कुछ ही देर में घर में मौजूद पालतू कुत्ते पर हमला कर दिया। सीसीटीवी फुटेज में तेंदुए की आवाजाही और हमले की घटना कैद हुई है। इससे एक बार फिर यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर जंगल से निकलकर वन्यजीव शहर के रहवासी इलाकों के भीतर तक कैसे पहुंच रहे हैं। घर की चौखट तक पहुंचा जंगल का शिकारी कांकेर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ समय से तेंदुआ और भालू जैसे जंगली जानवरों की मौजूदगी की सूचनाएं लगातार सामने आ रही हैं। वन्यजीवों के रहवासी क्षेत्रों में पहुंचने से लोगों में भय का माहौल है। पूर्व में भी वन्यजीवों के हमले में लोगों के घायल होने और जनहानि की घटनाओं के कारण ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लोग अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी घटना की जानकारी मिलने के बाद कांकेर रेंज के रेंजर आशीष परिहार ने बताया कि मोहल्लेवासियों द्वारा तेंदुए के रहवासी क्षेत्र में घुसने की सूचना दी गई है। इसके आधार पर वन विभाग की टीम आसपास के क्षेत्रों में निगरानी कर रही है। लोगों को शाम के बाद और रात के समय सावधानी बरतते हुए आवाजाही करने की हिदायत दी गई है। वन विभाग के अनुसार संभावित एवं संदिग्ध स्थानों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि तेंदुआ अथवा अन्य जंगली जानवर दोबारा आबादी वाले क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें। निगरानी के बावजूद शहर में क्यों पहुंच रहे वन्यजीव? वन विभाग द्वारा निगरानी किए जाने के बावजूद शहर और आसपास के गांवों में तेंदुआ तथा भालू की मौजूदगी की खबरें लगातार सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ रही है। शहरवासियों का कहना है कि प्रशासन और वन विभाग को लगातार वन्यजीवों की गतिविधियों की जानकारी दी जा रही है, लेकिन रहवासी क्षेत्रों में इनकी आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नजर नहीं आ रहा है। लोगों का सवाल है कि आखिर जंगली जानवर बार-बार जंगल की सीमा छोड़कर आबादी और घरों तक क्यों पहुंच रहे हैं? यदि वन्यजीवों की आवाजाही लगातार बनी हुई है तो संवेदनशील इलाकों में निगरानी, ट्रैकिंग और त्वरित रेस्क्यू की व्यवस्था कितनी प्रभावी है, इसकी भी समीक्षा जरूरी है। शहरवासी बोले—अब अलसुबह और रात में भी डर टिकरापारा की ताजा घटना ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। यदि अलसुबह करीब 5 बजे तेंदुआ घर के भीतर तक पहुंच सकता है तो बच्चों, बुजुर्गों और सुबह-शाम घर से बाहर निकलने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। शहरवासियों ने वन विभाग से संवेदनशील इलाकों की पहचान कर नियमित गश्त, कैमरा ट्रैप, प्रभावी निगरानी और त्वरित रेस्क्यू व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है, ताकि वन्यजीव और इंसान दोनों सुरक्षित रह सकें। 23 सितंबर की अलसुबह हुई इस घटना ने एक बार फिर कांकेर शहर में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चुनौती को सामने ला दिया है।1
- शहर में तेंदुए की धमक, कुत्ते का शिकार करते सीसीटीवी में कैद कांकेर शहर में वन्यप्राणियों की आमद से लोगों में दहशत का माहौल है। बीती रात टिकरापारा वार्ड में एक तेंदुआ रिहायशी इलाके में पहुंच गया और,घर के बाहर मौजूद कुत्ते का शिकार कर उसे अपने साथ ले गया। घटना के दौरान घर के सभी लोग सो रहे थे। सुबह परिजनों की नजर कुत्ते के गायब होने पर पड़ी तो उन्होंने,सीसीटीवी फुटेज खंगाला, जिसमें तेंदुआ कुत्ते को उठाकर ले जाता हुआ दिखाई दिया। रिहायशी इलाके में तेंदुए के पहुंचने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी शहर और आसपास के इलाकों में तेंदुए द्वारा कुत्ते, मुर्गी और मवेशियों का शिकार किए जाने के मामले सामने आ चुके हैं। लगातार हो रही वन्यप्राणियों की आमद से शहरवासियों में भय बना हुआ है।1
- पखांजूर में मिशन रक्षक का शुभारंभ, 320 युवाओं को मिलेगा निःशुल्क प्रशिक्षण कांकेर/ पखांजूर। पुलिस एवं पैरामिलिट्री सेवाओं में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को बेहतर अवसर और दिशा देने के उद्देश्य से कांकेर पुलिस की पहल ‘मिशन रक्षक’ का बुधवार को सुभाष चंद्र बोस स्टेडियम पखांजूर में शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण के पहले दिन 320 युवाओं ने हिस्सा लिया। इनमें 190 पुरुष एवं 130 अन्य अभ्यर्थी शामिल रहे। कार्यक्रम के लिए पखांजूर अनुविभाग से कुल 514 आवेदन प्राप्त हुए हैं। पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के निर्देशन में संचालित इस अभियान के तहत ग्रामीण, दूरस्थ एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को पुलिस, पैरामिलिट्री सहित अन्य सुरक्षा सेवाओं की भर्ती के लिए आवश्यक शारीरिक दक्षता की निःशुल्क तैयारी कराई जाएगी। कांकेर पुलिस के प्रशिक्षित महिला एवं पुरुष प्रशिक्षक नियमित रूप से युवाओं को प्रशिक्षण देंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक विक्रम देव उसेंडी रहे। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष नारायण साह, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष मोनिका शाह, मंडल अध्यक्ष दीपांकर राय, बंग समाज प्रदेश अध्यक्ष मनोज मंडल, एसडीएम मनीष देव साहू, तहसीलदार केतन भुआर्य, सीमा सुरक्षा बल के कमांडेंट अरुण सिंह गंगवार, जनपद पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी उदय प्रकाश नाग सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पखांजूर राकेश कुर्रे के मार्गदर्शन एवं थाना प्रभारी तेज कुमार वर्मा के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में युवाओं को नियमित अभ्यास, अनुशासन और मेहनत के साथ लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया गया। कांकेर पुलिस द्वारा भानुप्रतापपुर, आमाबेड़ा, कोयलीबेड़ा एवं अंतागढ़ में भी ‘मिशन रक्षक’ शुरू किया जा चुका है। आगामी सप्ताह में कांकेर में भी प्रशिक्षण प्रारंभ किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य युवाओं को सकारात्मक दिशा से जोड़कर उनकी प्रतिभा को निखारना और उन्हें रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है।4
- *✰शास्त्रार्थ का शंखनाद✰* अवश्य देखिए *3 व 4 अक्टूबर* शनिवार और रविवार रात 7:30 से 9:30 बजे तक *साधना चैनल* पर *✰शास्त्रार्थ का शंखनाद✰* अवश्य देखिए *3 व 4 अक्टूबर* शनिवार और रविवार रात 7:30 से 9:30 बजे तक *साधना चैनल* पर1
- रमतरा में विद्युत तार टूटने से एक पखवाड़े से स्ट्रीट लाइट बंद विद्युत तार की मरम्मत नही होने के कारण ग्राम रमतरा के बस्ती मे विद्युत खंभों पर लगाया गया स्ट्रीट लाइट एक पखवाड़े से बंद है। वर्तमान मे बारिश का सीजन होने के कारण तथा गांव की गलियो मे स्ट्रीट लाइट बंद होने के कारण सर्प बिच्छू जैसे विषैले जीवो का भय बना हुआ है। ग्रामीणो के मुताबिक यह विद्युत तार आखिर किस वजह से टूटा है यह अभी तक स्पष्ट नही हो पाया है लेकिन टूटे हुए तार जमीन पर बिखरा पड़ा हुआ है ऐसे मे ग्रामीण तथा मवेशियो के साथ हर पल अनहोनी की आशंका बनी हुई है।1
- वर्ष में एक बार खुलने वाले मां लिंगेश्वरी गुफा का दरबार, हजारों की संख्या में दर्शन के लिए कर रहे अपनी बारी का इंतजार वर्ष में एक बार खुलने वाले मां लिंगेश्वरी का खुला दरबार, हजारों की संख्या में दर्शन के लिए कर रहे अपनी बारी का इंतजार1
- राज्यसभा सांसद फुलोदेवी नेताम का व्हाट्सएप हैक, मैसेज भेजकर की गई 50 से 60 हजार रुपये तक की मांग राज्यसभा सांसद फुलोदेवी नेताम का व्हाट्सएप हैक, मैसेज भेजकर की गई 50 से 60 हजार रुपये तक की मांग कोंडागांव :- छत्तीसगढ़ की राज्यसभा सांसद फुलो देवी नेताम का व्हाट्सएप अकाउंट कथित तौर पर पार्सल स्कैम के जरिए हैक किए जाने का मामला सामने आया है। हैकर्स ने सांसद के नाम से उनके परिचितों को मैसेज भेजकर 50 से 60 हजार रुपये तक की मांग की। मामले को लेकर राज्यसभा सांसद ने कोंडागांव एसपी पंकज चंद्रा से शिकायत की है। वहीं इस घटना ने छत्तीसगढ़ में चल रहे साइबर जागरूकता अभियान पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सांसद फुलो देवी नेताम का कहना है कि जब एक सांसद का व्हाट्सएप और मोबाइल नंबर सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की साइबर सुरक्षा को लेकर क्या स्थिति होगी। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब सांसद फुलोदेवी नेताम को कई सांसदों के फोन आने लगे। फोन करने वाले सांसदों ने उनसे पूछा कि उनके नाम से किसी तरह के पैसे की मांग तो नहीं की जा रही है। इसके बाद फुलो देवी नेताम को अपने व्हाट्सएप अकाउंट के हैक होने की जानकारी हुई। बताया जा रहा है कि अज्ञात साइबर अपराधी ने पार्सल स्कैम के जरिए व्हाट्सएप अकाउंट तक पहुंच बनाई और फिर सांसद के संपर्क में रहने वाले लोगों को मैसेज भेजकर 50 से 60 हजार रुपये तक की रकम मांगी। मामले की जानकारी मिलते ही सांसद ने कोंडागांव एसपी पंकज चंद्रा से शिकायत की और कार्रवाई की मांग की। फुलो देवी नेताम ने लोगों से साफ अपील की है कि उनके नाम से अगर कोई व्हाट्सएप पर पैसे मांगे तो किसी भी तरह का लेन-देन न करें और पहले सीधे उनसे संपर्क कर इसकी पुष्टि करें। सांसद ने इस घटना को लेकर राज्य और केंद्र सरकार की साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन ऐसी घटनाएं व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने व्हाट्सएप हैकिंग के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- श्याम नगर पंचायत में लाखों के कामों पर सवाल, अधूरे निर्माण ने खोली व्यवस्था की पोल शौचालय अधूरा, पुलिया की गुणवत्ता पर सवाल और सामुदायिक भवन की राशि पर भी उठी उंगली; ग्रामीणों ने खोला शिकायतों का पिटारा कांकेर। ग्राम पंचायत श्याम नगर (पीवी-13/14/सोहगांव) में सरकारी राशि से कराए जा रहे निर्माण कार्यों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। वर्तमान सरपंच सुधांशु कुमेटी एवं सचिव प्रताप मंडल के कार्यकाल में हुए विभिन्न निर्माण कार्यों और शासकीय राशि के उपयोग को लेकर वार्ड पंचों व ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाते हुए कलेक्टर से उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायतकर्ताओं ने निर्माण कार्यों के साथ-साथ पंचायत के वित्तीय अभिलेखों की भी बारीकी से जांच कराने की मांग उठाई है। राशि निकली, लेकिन शौचालय अब भी अधूरा! शिकायत के अनुसार पीवी-14 में बालक-बालिका शौचालय जीर्णोद्धार के नाम पर करीब एक वर्ष पूर्व शासकीय राशि आहरित की गई, लेकिन ग्रामीणों का दावा है कि निर्माण कार्य आज भी अधूरा पड़ा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि राशि के आहरण के बावजूद काम पूरा क्यों नहीं हुआ? चार लाख की पुलिया, जमीन पर काम को लेकर सवाल गोठान मार्ग पुलिया निर्माण के नाम पर करीब चार लाख रुपए की राशि आहरित अथवा अग्रिम लिए जाने की बात शिकायत में कही गई है। ग्रामीणों ने पुलिया के निर्माण की गुणवत्ता, वास्तविक लागत, उपयोग की गई सामग्री और मौके पर हुए कार्य का तकनीकी मूल्यांकन कराने की मांग की है। सामुदायिक भवन की राशि का भी मांगा हिसाब पीवी-13 में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए करीब 1.20 लाख रुपए की राशि आहरित किए जाने का उल्लेख शिकायत में है। ग्रामीणों ने निर्माण में लगी सामग्री, मजदूरी भुगतान, बिल-वाउचर और वास्तविक निर्माण की स्थिति का मौके पर सत्यापन कराने की मांग की है। कैशबुक से बैंक तक जांच की मांग मामला केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। शिकायतकर्ताओं ने पंचायत की कैशबुक, बैंक स्टेटमेंट, पासबुक, बिल-वाउचर, मस्टर रोल और अन्य वित्तीय अभिलेखों का मिलान कराने की मांग की है। ग्रामीणों को आशंका है कि दस्तावेजों की जांच से ही वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। 10 सितंबर की शिकायत के बाद भी कार्रवाई पर सवाल ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने 10 सितंबर 2026 को जनपद पंचायत कोयलीबेड़ा के लिंक कार्यालय पखांजूर में सीईओ उदय प्रकाश नाग को लिखित शिकायत दी थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसके बाद भी अपेक्षित जांच और निरीक्षण नहीं हुआ। अब ग्रामीणों ने जिला स्तर पर मामले की जांच कराने की मांग करते हुए शिकायत पर हुई कार्रवाई का भी ब्यौरा मांगा है। ग्रामीणों की दो टूक—जांच हो, सच सामने आए ग्रामीणों ने मांग की है कि सभी निर्माण स्थलों का तकनीकी परीक्षण कराया जाए, बैंक खातों और कैशबुक का मिलान किया जाए तथा मूल दस्तावेजों को जांच पूरी होने तक सुरक्षित रखा जाए। साथ ही जांच में यदि वित्तीय अनियमितता या राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार लोगों से नियमानुसार राशि की वसूली और विभागीय कार्रवाई की जाए। ज्ञापन देने वालों में मनोज राणा, शेफाली, स्वरूप मंडल, कनिका चक्रवर्ती, संप्रीत सिदार सहित वार्ड पंच एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल बताए गए हैं। अब निगाहें जिला प्रशासन की जांच पर हैं—शिकायत में लगाए गए आरोपों की सच्चाई दस्तावेजी जांच और मौके के तकनीकी सत्यापन के बाद ही स्पष्ट होगी।2