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जनपद पंचायत गुरुर अध्यक्ष सुनीता संजय साहू ने तीज महोत्सव और गणेश चतुर्थी की बधाई दी। जनपद पंचायत गुरुर अध्यक्ष सुनीता संजय साहू ने तीज महोत्सव और गणेश चतुर्थी की बधाई दी।

2 hrs ago
user_खोमेश्वर गुरुपंच
खोमेश्वर गुरुपंच
Voice of people गुरुर, बालोद, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago

जनपद पंचायत गुरुर अध्यक्ष सुनीता संजय साहू ने तीज महोत्सव और गणेश चतुर्थी की बधाई दी। जनपद पंचायत गुरुर अध्यक्ष सुनीता संजय साहू ने तीज महोत्सव और गणेश चतुर्थी की बधाई दी।

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  • जनपद पंचायत गुरुर अध्यक्ष सुनीता संजय साहू ने तीज महोत्सव और गणेश चतुर्थी की बधाई दी। जनपद पंचायत गुरुर अध्यक्ष सुनीता संजय साहू ने तीज महोत्सव और गणेश चतुर्थी की बधाई दी।
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    जनपद पंचायत गुरुर अध्यक्ष सुनीता संजय साहू ने तीज महोत्सव और गणेश चतुर्थी की बधाई दी। 
जनपद पंचायत गुरुर अध्यक्ष सुनीता संजय साहू ने तीज महोत्सव और गणेश चतुर्थी की बधाई दी।
    user_खोमेश्वर गुरुपंच
    खोमेश्वर गुरुपंच
    Voice of people गुरुर, बालोद, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • बगदेही में पानी भरे बेस पर नाली निर्माण, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल डेढ़ फीट पानी के बीच जारी निर्माण ने खोली जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली की पोल, ग्रामीणों ने ठेकेदार और इंजीनियर पर उठाए सवाल धमतरी। जिले के कुरूद क्षेत्र के ग्राम पंचायत बगदेही में चल रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। निर्माण स्थल पर करीब डेढ़ फीट पानी भरा होने के बावजूद नाली निर्माण का काम जारी रहने से निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब नाली के बेस में ही पानी भरा हुआ है, तो ऐसे हालात में किया जा रहा निर्माण आखिर कितने समय तक टिक पाएगा? मौके की तस्वीर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करने वाली है। सामान्य तौर पर मजबूत और टिकाऊ निर्माण के लिए बेस की स्थिति, जल निकासी और निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। लेकिन बगदेही में पानी से भरे बेस के बीच निर्माण कार्य कराया जाना ठेकेदार की कार्यप्रणाली के साथ-साथ निर्माण की निगरानी कर रहे इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति पर जिम्मेदार अधिकारी मौके पर कितना निरीक्षण कर रहे हैं, यह जांच का विषय है। यदि निर्माण से पहले बेस की स्थिति का तकनीकी परीक्षण किया गया था, तो पानी भरे स्थान पर काम शुरू करने की अनुमति कैसे मिली? और यदि बिना उचित निरीक्षण के काम आगे बढ़ाया जा रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है? ठेकेदार के साथ इंजीनियर भी सवालों के घेरे में ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच के बाद ही भुगतान किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि केवल नाली बना देना विकास कार्य नहीं है, बल्कि निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि अभी से निर्माण में लापरवाही बरती गई तो आने वाले समय में नाली टूटने या धंसने की स्थिति में सरकारी राशि की दोबारा बर्बादी हो सकती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस निर्माण कार्य की निगरानी इंजीनियर और संबंधित विभागीय अधिकारी कर रहे हैं, वहां पानी भरे बेस में काम कैसे शुरू हुआ? क्या मौके पर तकनीकी निरीक्षण किया गया? क्या निर्माण की गुणवत्ता की जांच की जा रही है? और क्या ठेकेदार को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए गए हैं? ग्रामीणों ने कार्रवाई की उठाई मांग ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने, निर्माण स्थल का तकनीकी निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण कराने तथा लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदार एवं जिम्मेदार निगरानी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखने वाली बात होगी कि पानी भरे बेस पर नाली निर्माण की इस तस्वीर को जिम्मेदार अधिकारी गंभीरता से लेते हैं या फिर सरकारी निर्माण कार्यों की निगरानी महज कागजों तक सीमित रह जाती है।
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    बगदेही में पानी भरे बेस पर नाली निर्माण, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

डेढ़ फीट पानी के बीच जारी निर्माण ने खोली जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली की पोल, ग्रामीणों ने ठेकेदार और इंजीनियर पर उठाए सवाल
धमतरी। जिले के कुरूद क्षेत्र के ग्राम पंचायत बगदेही में चल रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। निर्माण स्थल पर करीब डेढ़ फीट पानी भरा होने के बावजूद नाली निर्माण का काम जारी रहने से निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब नाली के बेस में ही पानी भरा हुआ है, तो ऐसे हालात में किया जा रहा निर्माण आखिर कितने समय तक टिक पाएगा?
मौके की तस्वीर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करने वाली है। सामान्य तौर पर मजबूत और टिकाऊ निर्माण के लिए बेस की स्थिति, जल निकासी और निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। लेकिन बगदेही में पानी से भरे बेस के बीच निर्माण कार्य कराया जाना ठेकेदार की कार्यप्रणाली के साथ-साथ निर्माण की निगरानी कर रहे इंजीनियर और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति पर जिम्मेदार अधिकारी मौके पर कितना निरीक्षण कर रहे हैं, यह जांच का विषय है। यदि निर्माण से पहले बेस की स्थिति का तकनीकी परीक्षण किया गया था, तो पानी भरे स्थान पर काम शुरू करने की अनुमति कैसे मिली? और यदि बिना उचित निरीक्षण के काम आगे बढ़ाया जा रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
ठेकेदार के साथ इंजीनियर भी सवालों के घेरे में
ग्रामीणों ने मांग की है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराई जाए और गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच के बाद ही भुगतान किया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि केवल नाली बना देना विकास कार्य नहीं है, बल्कि निर्माण की मजबूती और गुणवत्ता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यदि अभी से निर्माण में लापरवाही बरती गई तो आने वाले समय में नाली टूटने या धंसने की स्थिति में सरकारी राशि की दोबारा बर्बादी हो सकती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस निर्माण कार्य की निगरानी इंजीनियर और संबंधित विभागीय अधिकारी कर रहे हैं, वहां पानी भरे बेस में काम कैसे शुरू हुआ? क्या मौके पर तकनीकी निरीक्षण किया गया? क्या निर्माण की गुणवत्ता की जांच की जा रही है? और क्या ठेकेदार को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप काम करने के निर्देश दिए गए हैं?
ग्रामीणों ने कार्रवाई की उठाई मांग
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने, निर्माण स्थल का तकनीकी निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण कराने तथा लापरवाही पाए जाने पर ठेकेदार एवं जिम्मेदार निगरानी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अब देखने वाली बात होगी कि पानी भरे बेस पर नाली निर्माण की इस तस्वीर को जिम्मेदार अधिकारी गंभीरता से लेते हैं या फिर सरकारी निर्माण कार्यों की निगरानी महज कागजों तक सीमित रह जाती है।
    user_Deepak Sahu
    Deepak Sahu
    Media company कुरुद, धमतरी, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • नेशनल लोक अदालत में 1.12 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण नेशनल लोक अदालत में 1.12 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण कांकेर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 12 सितंबर को जिला एवं सत्र न्यायालय कांकेर में तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के माध्यम से विभिन्न प्रकृति के कुल 1,12,307 प्रकरणों का निराकरण किया गया। लोक अदालत के दौरान न्यायालय परिसर में कांकेर पुलिस ने साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा यातायात नियमों को लेकर जागरूकता शिविर लगाया। पुलिस ने नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड, संदिग्ध लिंक और फोन कॉल से सावधान रहने की जानकारी दी। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की अपील की गई। शिविर में वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने तथा यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया। महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। पुलिस की अपील: कांकेर पुलिस ने नागरिकों से साइबर अपराधों से सतर्क रहने, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या अपराध की सूचना कांकेर पुलिस की हेल्पलाइन 94791-55125 पर देने की अपील की गई। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई।
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    नेशनल लोक अदालत में 1.12 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण

नेशनल लोक अदालत में 1.12 लाख से अधिक प्रकरणों का निराकरण
कांकेर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में 12 सितंबर को जिला एवं सत्र न्यायालय कांकेर में तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत में आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के माध्यम से विभिन्न प्रकृति के कुल 1,12,307 प्रकरणों का निराकरण किया गया।
लोक अदालत के दौरान न्यायालय परिसर में कांकेर पुलिस ने साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा यातायात नियमों को लेकर जागरूकता शिविर लगाया। पुलिस ने नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड, संदिग्ध लिंक और फोन कॉल से सावधान रहने की जानकारी दी। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की अपील की गई।
शिविर में वाहन चालकों को हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने, नशे की हालत में वाहन नहीं चलाने तथा यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरूक किया गया। महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान न्यायालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण और हरित वातावरण का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायालय के न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
पुलिस की अपील: कांकेर पुलिस ने नागरिकों से साइबर अपराधों से सतर्क रहने, महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा के प्रति सजग रहने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की। संदिग्ध व्यक्ति, गतिविधि या अपराध की सूचना कांकेर पुलिस की हेल्पलाइन 94791-55125 पर देने की अपील की गई। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखने की बात कही गई।
    user_Tokeshwar sahu
    Tokeshwar sahu
    Local News Reporter कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • दो दिवसीय भव्य रामधुनि जस झांकी का आयोजन किया जा रहा है। मंदलोर (नवापारा राजिम) ग्राम पंचायत मंदलोर हर वर्ष की भाती इस वर्ष राम नाम जस गान का आयोजन किया गया । जिसमें रात्रि में भव्य रामधुनि जस झांकी छिपनी (मेघा) का, मां दुर्गा का नव रूप का दर्शन, गणेश का दर्शन,लंकेश राजा रावण के सुपुत्र का मेघनाथ का विवाह का झांकी का चित्र एवं भव्य धूम धाम से मनमोहक नजारा देखने को मिला जो कि बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति रहा पूरा दर्शक गण मंद मुध रहा। आयोजक ग्राम विकास समिति मंदलोर एवं समस्त ग्राम वाशी द्वारा आयोजन किया जा रहा है।
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    दो दिवसीय भव्य रामधुनि जस झांकी का आयोजन किया जा रहा है।
मंदलोर (नवापारा राजिम)
ग्राम पंचायत मंदलोर हर वर्ष की भाती इस वर्ष राम नाम जस गान का आयोजन किया गया । जिसमें रात्रि में भव्य रामधुनि जस झांकी छिपनी (मेघा) का, मां दुर्गा का नव रूप का दर्शन, गणेश का दर्शन,लंकेश राजा रावण के सुपुत्र का मेघनाथ का विवाह का झांकी का चित्र एवं भव्य धूम धाम से मनमोहक नजारा देखने को मिला जो कि बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति रहा पूरा दर्शक गण मंद मुध रहा। आयोजक ग्राम विकास समिति मंदलोर एवं समस्त ग्राम वाशी द्वारा आयोजन किया जा रहा है।
    user_बाबूलाल यादव
    बाबूलाल यादव
    Electrician अभनपुर, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • ग्राम कोहका से दीवान झिटिया तक सड़क निर्माण, 5 महिने से अधूरी
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    ग्राम कोहका से दीवान झिटिया तक सड़क निर्माण, 5 महिने से अधूरी
    user_Aishwary Shyam
    Aishwary Shyam
    राजनांदगांव, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • गरियाबंद में 'सेवा संकल्प अभियान' की तैयारी तेज, प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। गरियाबंद में 'सेवा संकल्प अभियान' की तैयारी तेज गरियाबंद। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिले में 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जाएगा। प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। अभियान के तहत 17 सितंबर को शाम 7 बजे 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम में धार्मिक स्थलों और शासकीय संस्थानों में दीप प्रज्ज्वलन होगा। वहीं सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही शासन की योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। अभियान में स्कूल प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, स्वच्छता अभियान और जनभागीदारी की विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित होंगी।
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    गरियाबंद में 'सेवा संकल्प अभियान' की तैयारी तेज, प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की।
गरियाबंद में 'सेवा संकल्प अभियान' की तैयारी तेज
गरियाबंद। 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक जिले में 'सेवा संकल्प अभियान' चलाया जाएगा। प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक लेकर तैयारियों की समीक्षा की। अभियान के तहत 17 सितंबर को शाम 7 बजे 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम में धार्मिक स्थलों और शासकीय संस्थानों में दीप प्रज्ज्वलन होगा। वहीं सेवा सेतु शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही शासन की योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा। अभियान में स्कूल प्रतियोगिता, नुक्कड़ नाटक, स्वच्छता अभियान और जनभागीदारी की विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित होंगी।
    user_नागेन्द्र निषाद
    नागेन्द्र निषाद
    राजिम, गरियाबंद, छत्तीसगढ़•
    15 hrs ago
  • धमतरी के लटियारा में सिस्टम की बदहाल तस्वीर, खाट पर मरीज और कंधों पर जिंदगी—उफनते डूमर नाले को जान जोखिम में डालकर पार कराते ग्रामीण धमतरी। जिले में आफत की बारिश के बीच सिस्टम की बदहाल तस्वीर सामने आई है... वनांचल क्षेत्र के लटियारा गांव में उफनते डूमर नाले ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं......तबीयत बिगड़ने पर गांव के गोपेश पटेल को अस्पताल पहुंचाना था.....लेकिन रास्ते में उफनता नाला मौत का खतरा बनकर खड़ा था... ऐसे में ग्रामीणों ने मरीज को खाट पर लिटाया और कंधों पर उठाकर तेज बहाव वाले नाले को पार कराया.....तस्वीरें बताने के लिए काफी हैं कि यहां सड़क-पुल की सुविधा कितनी जरूरी है... ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से डूमर नाले पर पुलिया निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ.....बारिश में यही नाला स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के लिए जानलेवा चुनौती बन जाता है... शादी-ब्याह हो या इलाज के लिए अस्पताल जाना, हर जरूरत के लिए ग्रामीणों को जोखिम उठाना पड़ता है.....प्रशासन लोगों से उफनते नदी-नालों से दूर रहने की अपील कर रहा है... लेकिन सवाल यही है कि जब बीमारी और आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने का रास्ता ही उफनते नाले से होकर जाता हो, तो ग्रामीण आखिर जाएं तो जाएं कहां?
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    धमतरी के लटियारा में सिस्टम की बदहाल तस्वीर, खाट पर मरीज और कंधों पर जिंदगी—उफनते डूमर नाले को जान जोखिम में डालकर पार कराते ग्रामीण
धमतरी। जिले में आफत की बारिश के बीच सिस्टम की बदहाल तस्वीर सामने आई है... वनांचल क्षेत्र के लटियारा गांव में उफनते डूमर नाले ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं......तबीयत बिगड़ने पर गांव के गोपेश पटेल को अस्पताल पहुंचाना था.....लेकिन रास्ते में उफनता नाला मौत का खतरा बनकर खड़ा था... ऐसे में ग्रामीणों ने मरीज को खाट पर लिटाया और कंधों पर उठाकर तेज बहाव वाले नाले को पार कराया.....तस्वीरें बताने के लिए काफी हैं कि यहां सड़क-पुल की सुविधा कितनी जरूरी है... ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से डूमर नाले पर पुलिया निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ.....बारिश में यही नाला स्कूली बच्चों और ग्रामीणों के लिए जानलेवा चुनौती बन जाता है... शादी-ब्याह हो या इलाज के लिए अस्पताल जाना, हर जरूरत के लिए ग्रामीणों को जोखिम उठाना पड़ता है.....प्रशासन लोगों से उफनते नदी-नालों से दूर रहने की अपील कर रहा है... लेकिन सवाल यही है कि जब बीमारी और आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचने का रास्ता ही उफनते नाले से होकर जाता हो, तो ग्रामीण आखिर जाएं तो जाएं कहां?
    user_Deepak Sahu
    Deepak Sahu
    Media company कुरुद, धमतरी, छत्तीसगढ़•
    20 hrs ago
  • लखनपुरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर दर्दनाक हादसा, 15 गाय-बैल को रौंदकर अज्ञात वाहन फरार 13 सितंबर सुबह 8 बजे मिली जानकारी अनुसार,लखनपुरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात यानि 12 सितंबर की रात, तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे,लगभग 15 गाय-बैल को रौंद दिया। हादसे में कई मवेशियों की मौके पर ही मौत होने की सूचना है। घटना के बाद वाहन चालक वाहन समेत फरार हो गया। घटना के बाद सड़क पर मवेशियों के शव बिखरे रहे। हादसे से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर मवेशियों की सुरक्षा और, तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है।
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    लखनपुरी राष्ट्रीय राजमार्ग पर दर्दनाक हादसा, 15 गाय-बैल को रौंदकर अज्ञात वाहन फरार
13 सितंबर सुबह 8 बजे मिली जानकारी अनुसार,लखनपुरी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर देर रात यानि 12 सितंबर की रात, तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे,लगभग 15 गाय-बैल को रौंद दिया। हादसे में कई मवेशियों की मौके पर ही मौत होने की सूचना है। घटना के बाद वाहन चालक वाहन समेत फरार हो गया।
घटना के बाद सड़क पर मवेशियों के शव बिखरे रहे। हादसे से क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर मवेशियों की सुरक्षा और, तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण के लिए प्रशासन से ठोस कार्रवाई की मांग की है।
    user_Ashish parihar
    Ashish parihar
    कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
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