गुना में शिक्षा व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर! स्कूल मे ताला हाथों मे किताबें दोपहर 12 बजे तक स्कूल पर लटका रहा ताला, बच्चे बाहर बैठकर करते रहे पढ़ाई सिरसी पंचायत के बेरखेड़ी प्राथमिक शासकीय विद्यालय का वीडियो वायरल, शिक्षक और शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग पर उठे गंभीर सवाल गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। सिरसी पंचायत अंतर्गत बेरखेड़ी प्राथमिक शासकीय विद्यालय का एक वीडियो मंगलवार 11 अगस्त को सामने आया है, जिसमें स्कूल के समय में भी विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लटका दिखाई दे रहा है और बच्चे शिक्षकों के इंतजार में स्कूल के बाहर बैठे नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो के अनुसार, दोपहर 12 बजे के बाद तक स्कूल का ताला नहीं खुला था। बच्चे काफी देर तक शिक्षकों के आने का इंतजार करते रहे। जब इंतजार लंबा हो गया तो बच्चों ने हार मानने के बजाय स्कूल के बाहर ही बैठकर खुद पढ़ाई शुरू कर दी। 📚 शिक्षक नहीं पहुंचे तो बच्चों ने खुद संभाली पढ़ाई वीडियो में मासूम बच्चे स्कूल के बाहर जमीन पर बैठकर पढ़ते दिखाई दे रहे हैं। जिस उम्र में बच्चों को कक्षा में शिक्षक से पढ़ाई मिलनी चाहिए, उसी उम्र में वे बंद स्कूल के बाहर अपनी पढ़ाई खुद करने को मजबूर नजर आए। यह तस्वीर केवल एक स्कूल की अव्यवस्था नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। 🥛 बच्चों के हाथ में दूध का डिब्बा, संचालक भी लौटे मामले में एक और हैरान करने वाली बात सामने आई। बताया जा रहा है कि इसी दौरान समूह के संचालक ने छात्राओं के हाथों में दूध का डिब्बा थमा दिया और कथित तौर पर यह कहते हुए चले गए कि घर जाकर खीर बना लेना। अगर यह बात सही है तो सवाल यह है कि स्कूल में बच्चों के लिए निर्धारित मध्याह्न भोजन/पोषण व्यवस्था आखिर किस तरह संचालित हो रही है? क्या बच्चों को विद्यालय में भोजन और दूध दिया जाना था या फिर उन्हें सामग्री देकर घर भेजना ही व्यवस्था का हिस्सा बना दिया गया है? 📱 ई-अटेंडेंस से लेकर मॉनिटरिंग तक कई सवाल इस घटना ने शिक्षा विभाग की ई-अटेंडेंस व्यवस्था, स्कूल मॉनिटरिंग, शिक्षकों की उपस्थिति और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल खुलने के निर्धारित समय पर शिक्षक मौजूद थे या नहीं? ई-अटेंडेंस में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज हुई या नहीं? स्कूल की नियमित मॉनिटरिंग कौन करता है? जिम्मेदार अधिकारियों ने विद्यालय का निरीक्षण कब किया था? बच्चों को स्कूल के बाहर क्यों बैठना पड़ा? दूध/मध्याह्न भोजन की व्यवस्था निर्धारित नियमों के अनुसार हुई या नहीं? पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होगी या मामला केवल जांच तक सीमित रह जाएगा? ⚠️ सबसे बड़ा सवाल—बच्चों के भविष्य का क्या? सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे शासन की शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर होते हैं। यदि स्कूल के समय में ही विद्यालय बंद मिले और बच्चे शिक्षक का इंतजार करते हुए बाहर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हों, तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता है। बच्चों के हाथ में किताबें होनी चाहिए, बंद स्कूल का ताला नहीं। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के सामने आने के बाद गुना जिला शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और बेरखेड़ी प्राथमिक शासकीय विद्यालय में स्कूल समय पर ताला लटकने की वास्तविक वजह क्या थी। नोट: वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
गुना में शिक्षा व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर! स्कूल मे ताला हाथों मे किताबें दोपहर 12 बजे तक स्कूल पर लटका रहा ताला, बच्चे बाहर बैठकर करते रहे पढ़ाई सिरसी पंचायत के बेरखेड़ी प्राथमिक शासकीय विद्यालय का वीडियो वायरल, शिक्षक और शिक्षा विभाग की मॉनिटरिंग पर उठे गंभीर सवाल गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले से शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली तस्वीर सामने आई है। सिरसी पंचायत अंतर्गत बेरखेड़ी प्राथमिक शासकीय विद्यालय का एक वीडियो मंगलवार 11 अगस्त को सामने आया है, जिसमें स्कूल के समय में भी विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लटका दिखाई दे रहा है और बच्चे शिक्षकों के इंतजार में स्कूल के बाहर बैठे नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो के अनुसार, दोपहर 12 बजे के बाद तक स्कूल का ताला नहीं खुला था। बच्चे काफी देर तक शिक्षकों के आने का इंतजार करते रहे। जब इंतजार लंबा हो गया तो बच्चों ने हार मानने के बजाय स्कूल के बाहर ही बैठकर खुद पढ़ाई शुरू कर दी। 📚 शिक्षक नहीं पहुंचे तो बच्चों ने खुद संभाली पढ़ाई वीडियो में मासूम बच्चे स्कूल के बाहर जमीन पर बैठकर पढ़ते दिखाई दे रहे हैं। जिस उम्र में बच्चों को कक्षा में शिक्षक से पढ़ाई मिलनी चाहिए, उसी उम्र में वे बंद स्कूल के बाहर अपनी पढ़ाई खुद करने को मजबूर नजर आए। यह तस्वीर केवल एक स्कूल की अव्यवस्था नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की निगरानी और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। 🥛 बच्चों के हाथ में दूध का डिब्बा, संचालक भी लौटे मामले में एक और हैरान करने वाली बात सामने आई। बताया जा रहा है कि इसी दौरान समूह के संचालक ने छात्राओं के हाथों में दूध का डिब्बा थमा दिया और कथित तौर पर यह कहते हुए चले गए कि घर जाकर खीर बना लेना। अगर यह बात सही है तो सवाल यह है कि स्कूल में बच्चों के लिए निर्धारित मध्याह्न भोजन/पोषण व्यवस्था आखिर किस तरह संचालित हो रही है? क्या बच्चों को विद्यालय में भोजन और दूध दिया जाना था या फिर उन्हें सामग्री देकर घर भेजना ही व्यवस्था का हिस्सा बना दिया गया है? 📱 ई-अटेंडेंस से लेकर मॉनिटरिंग तक कई सवाल इस घटना ने शिक्षा विभाग की ई-अटेंडेंस व्यवस्था, स्कूल मॉनिटरिंग, शिक्षकों की उपस्थिति और मध्यान्ह भोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्कूल खुलने के निर्धारित समय पर शिक्षक मौजूद थे या नहीं? ई-अटेंडेंस में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज हुई या नहीं? स्कूल की नियमित मॉनिटरिंग कौन करता है? जिम्मेदार अधिकारियों ने विद्यालय का निरीक्षण कब किया था? बच्चों को स्कूल के बाहर क्यों बैठना पड़ा? दूध/मध्याह्न भोजन की व्यवस्था निर्धारित नियमों के अनुसार हुई या नहीं? पूरे मामले में जिम्मेदारी तय होगी या मामला केवल जांच तक सीमित रह जाएगा? ⚠️ सबसे बड़ा सवाल—बच्चों के भविष्य का क्या? सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे शासन की शिक्षा व्यवस्था पर निर्भर होते हैं। यदि स्कूल के समय में ही विद्यालय बंद मिले और बच्चे शिक्षक का इंतजार करते हुए बाहर बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हों, तो यह व्यवस्था की गंभीर विफलता है। बच्चों के हाथ में किताबें होनी चाहिए, बंद स्कूल का ताला नहीं। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के सामने आने के बाद गुना जिला शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और बेरखेड़ी प्राथमिक शासकीय विद्यालय में स्कूल समय पर ताला लटकने की वास्तविक वजह क्या थी। नोट: वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम और आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि संबंधित विभागीय जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
- अटरू नगर पालिका वार्ड नंबर 1 में हो रही है गंदगी कीचड़ से निकलने को मजबूर नगर पालिका अटरू के वार्ड नंबर 1 में 7 महीने से पेंडिंग चल रहा है इंटरलॉकिंग का काम कीचड़ से निकलने को मजबूर वार्ड वासी अटरू2
- जिला विदिशा के लटेरी में बारिश का कहर,सिंध नदी उफान पर, काछीखेड़ा में आवागमन बंद। लटेरी क्षेत्र में पिछले 36 घंटे से अधिक समय से रुक-रुककर हो रही बारिश के चलते जनजीवन प्रभावित हो गया है। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र की नदी-नाले उफान पर आ गए हैं और कई जगहों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। काछीखेड़ा क्षेत्र में सिंधु नदी का जलस्तर बढ़ने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। सड़कें सुनसान नजर आ रही हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा स्थिति पर नजर रखी जा रही है।1
- *प्रेस नोट* *दिनांक : 11 अगस्त 2026* *जिला : विदिशा* *विदिशा पुलिस के 360° दृष्टि अभियान को मिला SBI का सहयोग — CCTV कैमरा इंस्टालेशन हेतु पुलिस अधीक्षक विदिशा को दिया ₹9 लाख 94 हजार का चेक* विदिशा पुलिस द्वारा जिले में अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित “360° दृष्टि अभियान” के अंतर्गत आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय, विदिशा में CSR (Corporate Social Responsibility) गतिविधि के तहत महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) द्वारा जिले के प्रमुख चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों एवं आसपास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में CCTV कैमरों के इंस्टालेशन के लिए लगभग ₹8 लाख 42 हजार + जीएसटी (9 लाख 94 हजार) की राशि का चेक विदिशा पुलिस को प्रदान किया गया। इस अवसर पर भोपाल मंडल जनरल मैनेजर SBI श्री भरत कुमार मिश्रा, रीजनल मैनेजर, क्षेत्रीय कार्यालय विदिशा एवं रायसेन श्री धीरज राय एवं LDM श्री भगवान सिंह बघेल द्वारा उक्त राशि का चेक पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी को सौंपा गया। *CCTV निगरानी से मजबूत होगी सुरक्षा व्यवस्था:* “360° दृष्टि अभियान” के तहत जिले के प्रमुख चौराहों एवं महत्वपूर्ण स्थानों पर CCTV कैमरों का इंस्टालेशन किया जाएगा। इससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने, अपराधों की रोकथाम, घटनाओं के त्वरित खुलासे तथा CCTV फुटेज के माध्यम से आरोपियों की पहचान करने में पुलिस को महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी। पुलिस अधीक्षक श्री रोहित काशवानी ने भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारियों का इस महत्वपूर्ण जनहितकारी पहल में सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस और समाज के विभिन्न संस्थानों के समन्वित प्रयासों से जिले की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सकता है।1
- विदिशा जिले के कुरवाई क्षेत्र के ग्राम करई बेरखेड़ी से समस्त युवा मंडली द्वारा भव्य डाक कांवड़ यात्रा निकाली गई। नमस्कार, मैं गजेन्द्र दांगी। आप देख रहे हैं कुरवाई लाइव न्यूज़। विदिशा जिले के कुरवाई क्षेत्र के ग्राम करई बेरखेड़ी से समस्त युवा मंडली द्वारा भव्य डाक कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में युवा और शिवभक्त शामिल हुए। सभी भक्त सबसे पहले देवपुर धाम पहुंचे, जहां बाबा विश्वनाथ को जल अर्पित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद भक्तों ने देवपुर के पुण्य कुंड से जल भरकर, डाक कांवड़ के रूप में नीलकंठ महादेव के लिए प्रस्थान किया। इस दौरान पूरे यात्रा मार्ग पर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे गूंजते रहे। शिवभक्तों में यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। युवा मंडली द्वारा निकाली गई इस डाक कांवड़ यात्रा का उद्देश्य भगवान शिव को जल अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति की कामना करना है।3
- मिलावट के खिलाफ प्रशासन का एक्शन, दूध डेयरियों में हड़कंप लटेरी में दूध डेयरियों पर प्रशासन का बड़ा एक्शन! त्योहारों से पहले मिलावट के खिलाफ छापामार कार्रवाई में दो दूध डेयरियां सील की गईं। खाद्य विभाग ने दूध के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई होगी।1
- parvaan Nadi ka pahla Ho1
- न्यूज़ हेडलाइन:* *सिरोंज में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, विधायक उमाकांत शर्मा के साथ स्कूली बच्चे बोले "भारत माता की जय"* *सिरोंज।* *रिपोर्टर: रूपेश यादव* *न्यूज़ हेडलाइन:* *सिरोंज में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, विधायक उमाकांत शर्मा के साथ स्कूली बच्चे बोले "भारत माता की जय"* *सिरोंज।* *रिपोर्टर: रूपेश यादव* स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को सिरोंज में देशभक्ति के रंग में सराबोर *विशाल तिरंगा यात्रा* का आयोजन किया गया। यात्रा का नेतृत्व स्थानीय विधायक *उमाकांत शर्मा* ने किया। *स्कूली बच्चों का जोश, रिमझिम बारिश में भी बना रहा उत्साह* शाम 4 बजे *संदीपनी विद्यालय* से शुरू हुई यह यात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होती हुई *बस स्टैंड स्थित अमर शहीद तात्या टोपे की प्रतिमा* पर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा में हाथों में तिरंगा लिए स्कूली बच्चे, नागरिक और भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। रिमझिम बारिश के बावजूद देशभक्ति गीतों और "भारत माता की जय" के नारों से माहौल गूंजता रहा। मार्ग में जगह-जगह लोगों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। *विधायक ने किया बच्चों का उत्साहवर्धन और माल्यार्पण* यात्रा से पहले संदीपनी विद्यालय में कतार में खड़े विभिन्न स्कूलों के छात्रों से विधायक उमाकांत शर्मा ने मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया। इस दौरान उन्होंने देश की एकता-अखंडता के लिए शहीद हुए स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया और हर नागरिक से अपने घर और दुकान पर तिरंगा लगाने की अपील की। यात्रा के समापन पर बस स्टैंड पर विधायक ने वीर तात्या टोपे की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और यात्रा में शामिल बच्चों को पुरस्कृत भी किया। ग्रामीण क्षेत्रों से भी भाजपा मंडलों के कार्यकर्ता तिरंगा यात्रा लेकर नगर की यात्रा में शामिल हुए। यात्रा के दौरान व्यवस्था बनाए रखने में *एसडीएम ओमप्रकाश बड़कुल* और *एसडीओपी सोनू डाबर* प्रशासनिक दल के साथ मौजूद रहे।3