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Ra Rakesh meda official yt channel

21 hrs ago
user_Timli R Meda MedaOfficial
Timli R Meda MedaOfficial
सरदारपुर, धार, मध्य प्रदेश•
21 hrs ago

Ra Rakesh meda official yt channel

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • Post by खुमचद सिगाड ईटानखेडा
    1
    Post by खुमचद सिगाड ईटानखेडा
    user_खुमचद सिगाड ईटानखेडा
    खुमचद सिगाड ईटानखेडा
    Bricklayer थांदला, झाबुआ, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • *अली खामेनेई की मौत पर कश्मीर में लाल चौक पर प्रदर्शन,..* *शिया समुदाय के लोगों ने अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की...* जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर आक्रोश देखने को मिल रहा है. इस बीच शिया समुदाय के लोगों के ने अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है. खामेनेई की मौत पर लोगों ने कड़ा विरोध जताते हुए सड़कों पर उतर आए हैं. इस दौरान लोगों द्वारा जमकर नारेबाजी करते हुए अमेरिका का विरोध किया जा रहा है. इस दौरान प्रदर्शनकारी लोग ‘रहबर तेरे खून से इंकलाब आएगा’ के नारे लगा रहे हैं. लोगों में अली खामेनेई की मौत पर जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है. जम्मू-कश्मीर के लोगों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर आक्रोश है. श्रीनगर के लाल चौक पर लोग तस्वीरें, पोस्टर, बैनर और ईरानी झंडे लेकर खड़े हैं. हजारों की तादाद में लोगों में साफतौर पर ईरान के सर्वोच्च लीडर की मौत पर गुस्सा देखने को मिल रही है. इस बीच प्रदर्शनकारी ‘एक से बढ़कर एक जलील, अमेरिका-इजराइल’ के भी नारे लगा रहे हैं. वहीं आगे इन लोगों का साफ कहना है कि ‘अमेरिका को जो यार है, गद्दार है’. अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर के लाल चौक पर लोगों का जमावड़ा लग गया है. इस दौरान लाल चौक पुरुष और युवा अपने हाथों में अली खामेनेई के फोटो लेकर दिखाई दे रहे हैं. इस दौरान कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में इस मौत पर लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है. कश्मीर के अंदर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. लोग भारी संख्या में अपने घरों से निकलकर सड़कों, इमामबाड़ों पर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं. ईरान ने लगभग 8 देशों में करारा जवाब दिया. इसी बीच खबर आ रही है कि ईरान के सर्वोच्च नेता के परिवार पर हमला हुआ जिसमें उन समेत कई लोग मारे गए हैं. बता दें कि शनिवार (1 मार्च) को इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के तेहरान पर शुरुआती हमला किया. जिसके जवाब में ईरान की तरफ से अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार (1 मार्च) की सुबह पुष्टि की और कहा कि इजराइल और अमेरिका के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत हो गई है. अधिकारियों ने बताया कि शिया बहुल इलाकों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक सड़कों पर मार्च किया और अमेरिका तथा इजराइल विरोधी नारे लगाए।
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    *अली खामेनेई की मौत पर कश्मीर में लाल चौक पर प्रदर्शन,..*
*शिया समुदाय के लोगों ने अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की...*
जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर आक्रोश देखने को मिल रहा है. इस बीच शिया समुदाय के लोगों के ने अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है. खामेनेई की मौत पर लोगों ने कड़ा विरोध जताते हुए सड़कों पर उतर आए हैं. इस दौरान लोगों द्वारा जमकर नारेबाजी करते हुए अमेरिका का विरोध किया जा रहा है. इस दौरान प्रदर्शनकारी लोग ‘रहबर तेरे खून से इंकलाब आएगा’ के नारे लगा रहे हैं. लोगों में अली खामेनेई की मौत पर जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है. 
जम्मू-कश्मीर के लोगों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर आक्रोश है. श्रीनगर के लाल चौक पर लोग तस्वीरें, पोस्टर, बैनर और ईरानी झंडे लेकर खड़े हैं.
हजारों की तादाद में लोगों में साफतौर पर ईरान के सर्वोच्च लीडर की मौत पर गुस्सा देखने को मिल रही है. इस बीच प्रदर्शनकारी ‘एक से बढ़कर एक जलील, अमेरिका-इजराइल’ के भी नारे लगा रहे हैं. वहीं आगे इन लोगों का साफ कहना है कि ‘अमेरिका को जो यार है, गद्दार है’. 
अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर के लाल चौक पर लोगों का जमावड़ा लग गया है. इस दौरान लाल चौक पुरुष और युवा अपने हाथों में अली खामेनेई के फोटो लेकर दिखाई दे रहे हैं. इस दौरान कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में इस मौत पर लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है. कश्मीर के अंदर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. लोग भारी संख्या में अपने घरों से निकलकर सड़कों, इमामबाड़ों पर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं. 
ईरान ने लगभग 8 देशों में करारा जवाब दिया. इसी बीच खबर आ रही है कि ईरान के सर्वोच्च नेता के परिवार पर हमला हुआ जिसमें उन समेत कई लोग मारे गए हैं. बता दें कि शनिवार (1 मार्च) को इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के तेहरान पर शुरुआती हमला किया. जिसके जवाब में ईरान की तरफ से अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया.
ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार (1 मार्च) की सुबह पुष्टि की और कहा कि इजराइल और अमेरिका के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत हो गई है. अधिकारियों ने बताया कि शिया बहुल इलाकों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक सड़कों पर मार्च किया और अमेरिका तथा इजराइल विरोधी नारे लगाए।
    user_MP 11 NEWS
    MP 11 NEWS
    Court reporter कुक्षी, धार, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • Post by Hemant Nagziriya
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    Post by Hemant Nagziriya
    user_Hemant Nagziriya
    Hemant Nagziriya
    News Anchor बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • बड़वानी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 2 मार्च को नागलवाड़ी में आयोजित होने जा रही कृषि कैबिनेट बैठक के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। निमाड़ अंचल के सात जिलों—खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ और आलीराजपुर—को साधने की रणनीति के रूप में इस बैठक को देखा जा रहा है। इन सात जिलों की कुल 28 विधानसभा सीटों में से 14 पर कांग्रेस और 14 पर भाजपा का कब्जा है। ऐसे में 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिहाज से यह बैठक अहम मानी जा रही है। नागलवाड़ी में अस्थायी मंत्रालय बैठक का आयोजन शिखरधाम स्थित भिलट देव मंदिर की तलहटी में बने आठ एकड़ के गार्डन में किया जा रहा है। यहां एसी डोम और अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप तैयार किया गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष अजय यादव के अनुसार, सुबह करीब 11:30 बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक प्रारंभ होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री जुलवानिया में आयोजित भगोरिया हाट में भी शामिल होंगे। यह प्रदेश की छठी डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक है। इससे पहले जबलपुर (भेड़ाघाट), सिंग्रामपुर, महेश्वर, इंदौर और पचमढ़ी में बैठकें हो चुकी हैं। इन मुद्दों पर होगी चर्चा सूत्रों के मुताबिक बैठक में निम्न विषयों पर मंथन संभव है— किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार,उन्नत बीज और बेहतर बाजार व्यवस्था,आय दोगुनी करने की कार्ययोजना मसाला फसलों (मिर्च, हल्दी, धनिया) को बढ़ावा,पशुपालकों को आधुनिक प्रशिक्षण (ब्राजील मॉडल),किसानों के खातों को समग्र आईडी से जोड़ना,कृषि संबंधी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराना उद्यानिकी विभाग द्वारा मसाला फसलों के लिए नई योजना की घोषणा भी संभव बताई जा रही है। फूड प्रोसेसिंग यूनिट की मांग नागलवाड़ी क्षेत्र टमाटर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय किसान संतोष भायल, दिनेश यादव और मुकेश गेहलोत ने क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग यूनिट (कैचप प्लांट) स्थापित करने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि यहां का टमाटर देश के 10 से अधिक राज्यों में सप्लाई होता है और निर्यात की भी संभावनाएं हैं। प्रशासनिक तैयारियां पूरी कलेक्टर जयति सिंह ने बताया कि कृषि कैबिनेट को लेकर सुरक्षा, पार्किंग, मंच और वीआईपी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कांग्रेस-भाजपा में जुबानी जंग पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने आरोप लगाया कि मोहन सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय नागलवाड़ी को 1900 करोड़ रुपए की सौगात दी गई थी। विधानसभा सत्र समय से पहले समाप्त कर सरकार जनता के सवालों से बच रही है। वहीं भाजपा जिला प्रभारी बाबूलाल यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस के नेताओं ने अपने कार्यकाल में जिले के विकास के लिए ठोस कार्य नहीं किए। चुनावी नजर से अहम बैठक राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, निमाड़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। ऐसे में कृषि कैबिनेट के माध्यम से सरकार विकास और किसान हितैषी निर्णयों का संदेश देना चाहती है।नागलवाड़ी की यह बैठक प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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    बड़वानी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 2 मार्च को नागलवाड़ी में आयोजित होने जा रही कृषि कैबिनेट बैठक के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। निमाड़ अंचल के सात जिलों—खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ और आलीराजपुर—को साधने की रणनीति के रूप में इस बैठक को देखा जा रहा है।
इन सात जिलों की कुल 28 विधानसभा सीटों में से 14 पर कांग्रेस और 14 पर भाजपा का कब्जा है। ऐसे में 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिहाज से यह बैठक अहम मानी जा रही है।
नागलवाड़ी में अस्थायी मंत्रालय
बैठक का आयोजन शिखरधाम स्थित भिलट देव मंदिर की तलहटी में बने आठ एकड़ के गार्डन में किया जा रहा है। यहां एसी डोम और अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप तैयार किया गया है।
भाजपा जिलाध्यक्ष अजय यादव के अनुसार, सुबह करीब 11:30 बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक प्रारंभ होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री जुलवानिया में आयोजित भगोरिया हाट में भी शामिल होंगे।
यह प्रदेश की छठी डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक है। इससे पहले जबलपुर (भेड़ाघाट), सिंग्रामपुर, महेश्वर, इंदौर और पचमढ़ी में बैठकें हो चुकी हैं।
इन मुद्दों पर होगी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक बैठक में निम्न विषयों पर मंथन संभव है—
किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार,उन्नत बीज और बेहतर बाजार व्यवस्था,आय दोगुनी करने की कार्ययोजना
मसाला फसलों (मिर्च, हल्दी, धनिया) को बढ़ावा,पशुपालकों को आधुनिक प्रशिक्षण (ब्राजील मॉडल),किसानों के खातों को समग्र आईडी से जोड़ना,कृषि संबंधी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराना
उद्यानिकी विभाग द्वारा मसाला फसलों के लिए नई योजना की घोषणा भी संभव बताई जा रही है।
फूड प्रोसेसिंग यूनिट की मांग
नागलवाड़ी क्षेत्र टमाटर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय किसान संतोष भायल, दिनेश यादव और मुकेश गेहलोत ने क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग यूनिट (कैचप प्लांट) स्थापित करने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि यहां का टमाटर देश के 10 से अधिक राज्यों में सप्लाई होता है और निर्यात की भी संभावनाएं हैं।
प्रशासनिक तैयारियां पूरी
कलेक्टर जयति सिंह ने बताया कि कृषि कैबिनेट को लेकर सुरक्षा, पार्किंग, मंच और वीआईपी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
कांग्रेस-भाजपा में जुबानी जंग
पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने आरोप लगाया कि मोहन सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय नागलवाड़ी को 1900 करोड़ रुपए की सौगात दी गई थी। विधानसभा सत्र समय से पहले समाप्त कर सरकार जनता के सवालों से बच रही है।
वहीं भाजपा जिला प्रभारी बाबूलाल यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस के नेताओं ने अपने कार्यकाल में जिले के विकास के लिए ठोस कार्य नहीं किए।
चुनावी नजर से अहम बैठक
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, निमाड़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। ऐसे में कृषि कैबिनेट के माध्यम से सरकार विकास और किसान हितैषी निर्णयों का संदेश देना चाहती है।नागलवाड़ी की यह बैठक प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
    user_पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • *आमखुट भगोरिया में उमड़ा जनसैलाब, चालक परिचालक कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष गोलू पटेल जोबट पूर्व विधायक माधु सिंह डावर का भव्य स्वागत*
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    *आमखुट भगोरिया में उमड़ा जनसैलाब, चालक परिचालक कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष गोलू  पटेल जोबट पूर्व विधायक माधु सिंह डावर का भव्य स्वागत*
    user_आलीराजपुर समाचार
    आलीराजपुर समाचार
    Local News Reporter अलीराजपुर, अलीराजपुर, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • निडर भारत न्यूज़ से पत्रकार आकाश कोहली की रिपोर्ट 📍 ग्राम पांदा – महाराणा प्रताप सूर्य स्थल पांदा में “अभिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति” का नियुक्ति पत्र जारी ग्राम पांदा स्थित महाराणा प्रताप सूर्य स्थल पर अभिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति द्वारा एक आधिकारिक नियुक्ति पत्र जारी किया गया। जारी दस्तावेज़ के अनुसार समिति ने मध्य प्रदेश अध्यक्ष पद पर श्री हीरा सिंह ठाकुर को नियुक्त कर सम्मानित किया है। यह नियुक्ति प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी की सहमति से की गई है। 📄 पत्र का विवरण: संस्था का नाम: अभिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति
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    निडर भारत न्यूज़ से पत्रकार आकाश कोहली की रिपोर्ट
📍 ग्राम पांदा – महाराणा प्रताप सूर्य स्थल पांदा में “अभिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति” का नियुक्ति पत्र जारी
ग्राम पांदा स्थित महाराणा प्रताप सूर्य स्थल पर अभिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति द्वारा एक आधिकारिक नियुक्ति पत्र जारी किया गया। जारी दस्तावेज़ के अनुसार समिति ने मध्य प्रदेश अध्यक्ष पद पर श्री हीरा सिंह ठाकुर को नियुक्त कर सम्मानित किया है। यह नियुक्ति प्रदेश अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी की सहमति से की गई है।
📄 पत्र का विवरण:
संस्था का नाम: अभिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति
    user_NB NEWS निडर भारत
    NB NEWS निडर भारत
    महू, इंदौर, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • 1.83 करोड़ की टंकी बनी खतरे की घंटी, जेतपुरा में हादसे किनार संकेत देती पानी की टंकी। धार जिले के समीप ग्राम जेतपुरा से विकास के दावों की हकीकत उजागर करती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। जहां मछली केंद्र के पास लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा करीब 1 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी की टंकी आज ग्रामीणों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि भय का कारण बन चुकी है। वर्ष 2022 में निर्मित और 2023 में शुरू की गई यह टंकी महज तीन वर्षों में ही जर्जर हालत में पहुंच गई है। टंकी के चारों ओर गहरी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जिनसे लगातार पानी रिस रहा है। रिसाव के चलते पिलर और नींव कमजोर होते जा रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। पानी की सप्लाई ठप, बढ़ी दहशत रिसाव इतना अधिक हो गया है कि टंकी भरते ही पानी रिसने लगता है। हालात ऐसे हो गए थे कि 15 से 20 दिनों तक पूरे क्षेत्र में जल आपूर्ति बंद रखनी पड़ी। हजारों की आबादी को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ा। टंकी के आसपास घनी आबादी और बच्चों का खेल क्षेत्र होने से ग्रामीणों में हर पल दुर्घटना का डर बना हुआ है। ग्रामीणों के आरोप ग्राम के उपसरपंच सुरेश मेडा का कहना है कि टंकी शुरू से ही रिसाव कर रही थी, लेकिन अब स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। स्थानीय निवासी लखन भिड़े ने बताया कि उनका घर टंकी के पास है और परिवार हमेशा दहशत में रहता है। वहीं प्रीति व्यास का कहना है कि टंकी की सीढ़ियां जर्जर हो चुकी हैं और ऊपर चढ़ते ही ढांचा हिलने लगता है। खराब निर्माण के आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और भ्रष्टाचार के चलते यह स्थिति बनी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद तीन साल में टंकी की हालत खराब होना कई सवाल खड़े करता है। विभागीय लापरवाही? पीएचई विभाग के अधिकारी सुरेश चंद्र जालोनिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। न तो फोन का जवाब मिला और न ही वे कार्यालय में उपलब्ध बताए गए। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? क्या ग्रामीणों की सुरक्षा से बढ़कर कागजी योजनाएं हैं? ग्रामीणों की मांग है कि तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, टंकी की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए और यदि निर्माण में लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए। फिलहाल, 1.83 करोड़ की यह पानी की टंकी विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि खतरे की चेतावनी बनकर खड़ी है।
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    1.83 करोड़ की टंकी बनी खतरे की घंटी, जेतपुरा में हादसे किनार संकेत देती पानी की टंकी।
धार जिले के समीप ग्राम जेतपुरा से विकास के दावों की हकीकत उजागर करती एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। जहां मछली केंद्र के पास लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) द्वारा करीब 1 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से निर्मित पानी की टंकी आज ग्रामीणों के लिए सुविधा नहीं, बल्कि भय का कारण बन चुकी है।
वर्ष 2022 में निर्मित और 2023 में शुरू की गई यह टंकी महज तीन वर्षों में ही जर्जर हालत में पहुंच गई है। टंकी के चारों ओर गहरी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं, जिनसे लगातार पानी रिस रहा है। रिसाव के चलते पिलर और नींव कमजोर होते जा रहे हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
पानी की सप्लाई ठप, बढ़ी दहशत
रिसाव इतना अधिक हो गया है कि टंकी भरते ही पानी रिसने  लगता है। हालात ऐसे हो गए थे कि 15 से 20 दिनों तक पूरे क्षेत्र में जल आपूर्ति बंद रखनी पड़ी। हजारों की आबादी को बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ा। टंकी के आसपास घनी आबादी और बच्चों का खेल क्षेत्र होने से ग्रामीणों में हर पल दुर्घटना का डर बना हुआ है।
ग्रामीणों के आरोप
ग्राम के उपसरपंच सुरेश मेडा का कहना है कि टंकी शुरू से ही रिसाव कर रही थी, लेकिन अब स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
स्थानीय निवासी लखन भिड़े ने बताया कि उनका घर टंकी के पास है और परिवार हमेशा दहशत में रहता है। वहीं प्रीति व्यास का कहना है कि टंकी की सीढ़ियां जर्जर हो चुकी हैं और ऊपर चढ़ते ही ढांचा हिलने लगता है।
खराब निर्माण के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और भ्रष्टाचार के चलते यह स्थिति बनी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद तीन साल में टंकी की हालत खराब होना कई सवाल खड़े करता है।
विभागीय लापरवाही?
पीएचई विभाग के अधिकारी सुरेश चंद्र जालोनिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। न तो फोन का जवाब मिला और न ही वे कार्यालय में उपलब्ध बताए गए।
अब बड़ा सवाल यह है कि 
क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? क्या ग्रामीणों की सुरक्षा से बढ़कर कागजी योजनाएं हैं?
ग्रामीणों की मांग है कि तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए, टंकी की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराया जाए और यदि निर्माण में लापरवाही पाई जाए तो जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल, 1.83 करोड़ की यह पानी की टंकी विकास का प्रतीक नहीं, बल्कि खतरे की चेतावनी बनकर खड़ी है।
    user_Journalist Akki
    Journalist Akki
    Local News Reporter धार, धार, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • बड़वानी। जिले में आदिवासी समाज का पारंपरिक और बहुप्रतीक्षित भगोरिया हाट पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। 24 फरवरी को पलसूद से शुरू हुए इस सांस्कृतिक पर्व ने अब पूरे जिले को उत्सव के रंग में रंग दिया है। शनिवार को बड़वानी शहर के दशहरा मैदान में आयोजित भगोरिया हाट में हजारों की संख्या में समाजजन उमड़े। सुबह से ही मैदान और आसपास के क्षेत्रों में चहल-पहल का माहौल रहा। दशहरा मैदान में चारों ओर रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियां नजर आए। ढोल-मांदल की गूंज पर समूहों में लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए। युवाओं ने पारंपरिक साफा-फेंटा बांधा तो युवतियों ने चांदी के आभूषण और पारंपरिक श्रृंगार से अपनी संस्कृति की झलक पेश की। बुजुर्गों ने लोकगीत गाकर वातावरण को और भी जीवंत बना दिया। पूरा मैदान आदिवासी परंपराओं, संगीत और उल्लास से सराबोर दिखा। परंपरा का पर्व भगोरिया हाट होली पर्व से पूर्व मनाया जाने वाला आदिवासी समाज का प्रमुख उत्सव है। यह केवल खरीद-फरोख्त का बाजार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, पारिवारिक संबंधों और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण अवसर है। भगोरिया को प्रेम और सामाजिक स्वीकृति का प्रतीक भी माना जाता है। होलिका दहन तक जिले के अलग-अलग स्थानों पर हाट आयोजित होते हैं और इसके साथ ही पर्व का समापन होता है। बाजार में रही विशेष रौनक दशहरा मैदान में सजी दुकानों पर कृषि उत्पाद, वन उपज, महुआ, तेंदूपत्ता, स्थानीय हस्तशिल्प, घरेलू सामग्री, श्रृंगार वस्तुएं और पारंपरिक व्यंजन आकर्षण का केंद्र रहे। महिलाओं ने होली पूजन सामग्री की खरीदी की, वहीं बच्चों ने खिलौनों और मिठाइयों का आनंद लिया। त्योहार से एक सप्ताह पहले ही नए कपड़ों और आभूषणों की खरीदारी शुरू हो गई थी। जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल भगोरिया हाट के आयोजन में जनप्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की और समाजजनों को शुभकामनाएं दीं। विष्णु बंडे (बड़वानी विधायक प्रतिनिधि) ने कहा कि भगोरिया हाट हमारी आदिवासी संस्कृति की पहचान है और इसे सहेजना सभी की जिम्मेदारी है। वहीं दूधी राम (ग्रामीण) ने बताया कि यह पर्व समाज को एकजुट रखने और परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम है।
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    बड़वानी। जिले में आदिवासी समाज का पारंपरिक और बहुप्रतीक्षित भगोरिया हाट पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। 24 फरवरी को पलसूद से शुरू हुए इस सांस्कृतिक पर्व ने अब पूरे जिले को उत्सव के रंग में रंग दिया है। शनिवार को बड़वानी शहर के दशहरा मैदान में आयोजित भगोरिया हाट में हजारों की संख्या में समाजजन उमड़े। सुबह से ही मैदान और आसपास के क्षेत्रों में 
चहल-पहल का माहौल रहा।
दशहरा मैदान में चारों ओर रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा में सजे युवक-युवतियां नजर आए। ढोल-मांदल की गूंज पर समूहों में लोकनृत्य प्रस्तुत किए गए। युवाओं ने पारंपरिक साफा-फेंटा बांधा तो युवतियों ने चांदी के आभूषण और पारंपरिक श्रृंगार से अपनी संस्कृति की झलक पेश की। बुजुर्गों ने लोकगीत गाकर वातावरण को और भी जीवंत बना दिया। पूरा मैदान आदिवासी परंपराओं, संगीत और उल्लास से सराबोर दिखा।
परंपरा का पर्व
भगोरिया हाट होली पर्व से पूर्व मनाया जाने वाला आदिवासी समाज का प्रमुख उत्सव है। यह केवल खरीद-फरोख्त का बाजार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, पारिवारिक संबंधों और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण अवसर है। भगोरिया को प्रेम और सामाजिक स्वीकृति का प्रतीक भी माना जाता है।
होलिका दहन तक जिले के अलग-अलग स्थानों पर हाट आयोजित होते हैं और इसके साथ ही पर्व का समापन होता है।
बाजार में रही विशेष रौनक
दशहरा मैदान में सजी दुकानों पर कृषि उत्पाद, वन उपज, महुआ, तेंदूपत्ता, स्थानीय हस्तशिल्प, घरेलू सामग्री, श्रृंगार वस्तुएं और पारंपरिक व्यंजन आकर्षण का केंद्र रहे। महिलाओं ने होली पूजन सामग्री की खरीदी की, वहीं बच्चों ने खिलौनों और मिठाइयों का आनंद लिया। त्योहार से एक सप्ताह पहले ही नए कपड़ों और आभूषणों की खरीदारी शुरू हो गई थी।
जनप्रतिनिधि भी हुए शामिल
भगोरिया हाट के आयोजन में जनप्रतिनिधियों ने भी सहभागिता की और समाजजनों को शुभकामनाएं दीं।
विष्णु बंडे (बड़वानी विधायक प्रतिनिधि) ने कहा कि भगोरिया हाट हमारी आदिवासी संस्कृति की पहचान है और इसे सहेजना सभी की जिम्मेदारी है।
वहीं दूधी राम (ग्रामीण) ने बताया कि यह पर्व समाज को एकजुट रखने और परंपराओं को जीवित रखने का माध्यम है।
    user_पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार आदित्य शर्मा बड़वानी
    पत्रकार बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • अंजड की हाई टेक सिटी में बसा मैरेज गार्डन को स्वच्छता के पैमाने को डर किनार कर गार्डन की गन्दगी को गार्डन के पीछे ही फेक कर रहवासियों को गन्दगी और बदबू के हवाले कर दिया जबकि पास ही आश्रम में रहने वाले साधु संतों पर भी रहम नही कर रहा है आश्रम में आने वाले साधक की पीड़ा बढ़ती जा रही है
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    अंजड की हाई टेक सिटी में बसा मैरेज गार्डन को स्वच्छता के पैमाने को डर किनार कर गार्डन की गन्दगी को गार्डन के पीछे ही फेक कर रहवासियों को गन्दगी और बदबू के हवाले कर दिया जबकि पास ही आश्रम में रहने वाले साधु संतों पर भी रहम नही कर रहा है आश्रम में आने वाले साधक की पीड़ा बढ़ती जा रही है
    user_Hemant Nagziriya
    Hemant Nagziriya
    News Anchor बड़वानी, बड़वानी, मध्य प्रदेश•
    20 hrs ago
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