पिछले 7-8 साल की मेहनत रंग लाई, 600 पेड़ों से हराभरा बना विद्यालय परिसर दौसा। राज्य सरकार के 'हरियालो राजस्थान' अभियान और 'एक पेड़ मां के नाम' संकल्प को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पुरोहितों का बास ने अनूठी सफलता में बदल दिया है। विद्यालय स्टाफ ने पिछले 7-8 वर्षों से लगातार पौधारोपण, संरक्षण और संवर्धन का कार्य करते हुए परिसर में करीब 600 पेड़ तैयार कर दिए हैं, जिससे पूरा विद्यालय हरियाली से आच्छादित हो गया है। प्रधानाचार्य ग्यारसीलाल मीणा के नेतृत्व में शिक्षकों ने आपसी सहयोग से करीब 21 हजार रुपये की लागत से पौधे लगाए तथा उनकी सुरक्षा के लिए रेलिंग और तारबंदी भी करवाई। शिक्षक जयराम मीणा, सुगन चंद मीणा, विजय सिंह गुर्जर, दिनेश चंद शर्मा, हाबू लाल सैनी सहित पूरे स्टाफ की मेहनत आज पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन गई है। हराभरा परिसर विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं प्राकृतिक वातावरण प्रदान कर रहा है, जबकि स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
पिछले 7-8 साल की मेहनत रंग लाई, 600 पेड़ों से हराभरा बना विद्यालय परिसर दौसा। राज्य सरकार के 'हरियालो राजस्थान' अभियान और 'एक पेड़ मां के नाम' संकल्प को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पुरोहितों का बास ने अनूठी सफलता में बदल दिया
है। विद्यालय स्टाफ ने पिछले 7-8 वर्षों से लगातार पौधारोपण, संरक्षण और संवर्धन का कार्य करते हुए परिसर में करीब 600 पेड़ तैयार कर दिए हैं, जिससे पूरा विद्यालय हरियाली से आच्छादित हो गया है। प्रधानाचार्य ग्यारसीलाल मीणा के नेतृत्व में
शिक्षकों ने आपसी सहयोग से करीब 21 हजार रुपये की लागत से पौधे लगाए तथा उनकी सुरक्षा के लिए रेलिंग और तारबंदी भी करवाई। शिक्षक जयराम मीणा, सुगन चंद मीणा, विजय सिंह गुर्जर, दिनेश चंद शर्मा, हाबू लाल सैनी सहित पूरे
स्टाफ की मेहनत आज पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन गई है। हराभरा परिसर विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं प्राकृतिक वातावरण प्रदान कर रहा है, जबकि स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
- पिछले 7-8 साल की मेहनत रंग लाई, 600 पेड़ों से हराभरा बना विद्यालय परिसर दौसा। राज्य सरकार के 'हरियालो राजस्थान' अभियान और 'एक पेड़ मां के नाम' संकल्प को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, पुरोहितों का बास ने अनूठी सफलता में बदल दिया है। विद्यालय स्टाफ ने पिछले 7-8 वर्षों से लगातार पौधारोपण, संरक्षण और संवर्धन का कार्य करते हुए परिसर में करीब 600 पेड़ तैयार कर दिए हैं, जिससे पूरा विद्यालय हरियाली से आच्छादित हो गया है। प्रधानाचार्य ग्यारसीलाल मीणा के नेतृत्व में शिक्षकों ने आपसी सहयोग से करीब 21 हजार रुपये की लागत से पौधे लगाए तथा उनकी सुरक्षा के लिए रेलिंग और तारबंदी भी करवाई। शिक्षक जयराम मीणा, सुगन चंद मीणा, विजय सिंह गुर्जर, दिनेश चंद शर्मा, हाबू लाल सैनी सहित पूरे स्टाफ की मेहनत आज पर्यावरण संरक्षण की मिसाल बन गई है। हराभरा परिसर विद्यार्थियों को स्वच्छ एवं प्राकृतिक वातावरण प्रदान कर रहा है, जबकि स्थानीय लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।4
- राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पंचम चरण के अंतर्गत दौसा शहर में प्रस्तावित 19.76 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के संबंध राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के पंचम चरण के अंतर्गत दौसा शहर में प्रस्तावित 19.76 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के संबंध में बुधवार को जिला कलक्ट्रेट सभागार में 'आरयूआईडीपी संवाद' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में दौसा विधायक दीन दयाल बैरवा सहित नगर के जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षद, प्रबुद्धजन, विभिन्न विभागों के अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि एवं अन्य हितधारकों ने भाग लेकर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, उचित ड्रेनेज सिस्टम तथा हेरिटेज एवं पर्यटन विकास के संबंध में महत्वपूर्ण सुझाव दिए।1
- *संत शिरोमणि गुरु श्री रविदास* जी की 650 वीं जयंती वर्ष पर राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे *सामाजिक समरसता अभियान*का शुभारंभ जयपुर जिले के एस एम एस इंडोर में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650 वीं जयंती पर 05 अगस्त 2026 को एस.एम.एस इंडोर स्टेडियम में* होने वाले *कलश वंदन रथ यात्रा का विधि विधान से पूजा अर्चना करके आरती करके रथ यात्रा का प्रदेश स्तरीय समरसता संकल्प अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में किया जाएगा इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़, व अन्य भाजपा के पदाधिकारी पहुंचे पर संत रविदास जिंदाबाद के नारे लगाए जय श्री राम जय श्री राम भारत माता की जय से गूंजा मंच सत्ता ओर संगठन एक ही मंच पर मौजूद सत्ता ओर संगठन एक साथ शांति का आज आज ही मंच पर करेंगे सम्मान इस मौके पर काफी दूर दराज से आए गुरु, साधु संत महात्मा व भाजपा के सभी पदाधिकारी गण व भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे1
- बिनोरी बालाजी मार्ग पर PWD की अनदेखी: 800 मीटर के गड्ढों में उलझी हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षा, कब जागेगा प्रशासन ( ग्राउंड रिपोर्ट खेमराज जोशी शुरू न्यूज़ के लिए ) दौसा/लालसोट: नेशनल हाईवे 11B को बामनवास विधानसभा क्षेत्र से जोड़ने वाला बिनोरी बांध से बालाजी तक का मुख्य सड़क मार्ग पिछले 5 वर्षों से बदहाली के आंसू बहा रहा है। महज 800 मीटर का यह व्यस्त सड़क टुकड़ा अब सड़क कम और जानलेवा गड्ढों का जाल ज्यादा नजर आता है। हर मंगलवार और शनिवार को बिनोरी बालाजी के दर्शनार्थ आने वाले हजारों श्रद्धालुओं और दैनिक यात्रियों के लिए यह सफर हादसों का सबब बन चुका है, लेकिन सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) और स्थानीय जनप्रतिनिधि मूकदर्शक बने बैठे हैं। प्रशासनिक नाकामी और भ्रष्टाचार के गंभीर सवाल स्टे ऑर्डर के नाम पर पल्ला झाड़ता विभाग: स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस 800 मीटर के टुकड़े पर किसी व्यक्ति द्वारा न्यायालय से स्थगन आदेश (Stay Order) लिया गया है। सवाल यह उठता है कि PWD विभाग के अधिकारी इस स्टे को हटवाने के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी करने में सुस्ती क्यों बरत रहे हैं? ठेकेदार को पूरा भुगतान, जनता को केवल गड्ढे: सूत्रों और जनचर्चा के अनुसार, संबंधित ठेकेदार पूरा पेमेंट उठाकर चलता बना। बिना सड़क का काम गुणवत्तापूर्ण पूरा हुए भुगतान किस आधार पर जारी किया गया, यह जांच का विषय है। 28 किमी लंबे मार्ग के भविष्य पर ग्रहण: जब प्रशासन और PWD के अधिकारी महज 800 मीटर के टुकड़े का निस्तारण नहीं कर पा रहे हैं, तो गढ़मोरा तक जाने वाले पूरे 28 किलोमीटर लंबे मार्ग की देखरेख और मरम्मत की क्या उम्मीद की जाए? दो विधानसभाओं की सीमा में पिसती जनता यह मार्ग लालसोट और बामनवास दोनों विधानसभा क्षेत्रों को आपस में जोड़ता है। विडंबना यह है कि चुनाव आते ही बड़े-बड़े दावे करने वाले दोनों क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि चुनाव बीतते ही इस गंभीर जनसमस्या से मुंह मोड़ लेते हैं। हर हफ्ते दोपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन न तो शासन-प्रशासन की नींद टूट रही है और न ही जनप्रतिनिधियों की। तत्काल एक्शन की मांग कानूनी पैरवी: PWD विभाग के उच्च अधिकारी तुरंत विधिक राय लेकर कोर्ट से स्टे हटवाने की प्रक्रिया तेज करें। अस्थाई पैचवर्क: जब तक स्थायी सड़क का निर्माण नहीं होता, तब तक हादसों को रोकने के लिए तुरंत गिट्टी और मुरम डालकर गड्ढों को भरा जाए। जवाबदेही तय हो: ठेकेदार के भुगतान और अधिकारियों की शिथिलता की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि समय रहते इस 800 मीटर के खूनी टुकड़े की मरम्मत नहीं कराई गई, तो क्षेत्रवासी और श्रद्धालु बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी PWD विभाग और स्थानीय प्रशासन की होगी।1
- राजस्व अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक लंबित राजस्व प्रकरणों का गुणवत्ता के साथ शीघ्र निस्तारण करें: अतिरिक्त जिला कलक्टर दौसा, 5 अगस्त। अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा की अध्यक्षता में बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिले के राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। बैठक में राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों, नामांतरण, रास्ता प्रकरण, अतिक्रमण, गैर खातेदारों को खातेदारी अधिकार प्रदान करने, कृषि भूमि के अकृषि प्रयोजनार्थ रूपांतरण सहित विभिन्न राजस्व प्रकरणों की समीक्षा की गई। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएलपीसी में दर्ज प्रकरणों, पीडीआर एक्ट के अंतर्गत लंबित वसूली प्रकरणों तथा एमएसीटी से संबंधित मामलों की भी समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। अतिरिक्त जिला कलक्टर ने उपखंड अधिकारियों से कहा कि राजस्व न्यायालयों में लंबित वादों के निस्तारण की गति बढ़ाई जाए। उन्होंने प्राथमिक डिग्री एवं कुर्रेजात रिपोर्टों के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि उपखंड अधिकारी नियमित रूप से पटवारियों के साथ बैठक कर इन प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। बैठक में पत्थरगढ़ी एवं रास्ते से संबंधित प्रकरणों की भी समीक्षा की गई तथा इनके त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर (लालसोट) मनमोहन मीणा, उपखंड अधिकारी दौसा संजू मीणा, सहायक निदेशक लोक सेवाएं मनीषा मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जिले के सभी उपखंड अधिकारी एवं तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।1
- लालसोट : एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत संस्कृत महाविद्यालय में 511 पौधों का रोपण उपखंड के महाराजपुरा तलावगांव स्थित श्री कृष्ण शास्त्री राजकीय आचार्य संस्कृत महाविद्यालय में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 511 पौधे लगाए गए। सुप्रीम फाउंडेशन, जसवंतगढ़ के सहयोग और प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद शर्मा के नेतृत्व में परिसर को हरित बनाने का अभियान लगातार जारी है। महाविद्यालय में पहले से 2500 पौधे विकसित हो चुके हैं तथा आगामी वर्षा ऋतु में 1100 औषधीय पौधे लगाने की योजना है।3
- हेलीकाप्टर मे घूम रहे मुख्यमंत्री के बच्चे और हमारे बच्चे😢😢😢 *नेता के बच्चों के लिए उड़ान, युवाओं के लिए पेपर लीक और बिकती नौकरियां!* ❌ एक तरफ हेलीकॉप्टर की सैर और शाही ठाठ-बाठ है… तो दूसरी ओर झारखंड का युवा पेपर लीक, भर्ती घोटालों और लाठियों का सामना कर रहा है। जमीन बेचकर पढ़ने वाले छात्र आज बारिश में अपने हक के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं। *हेमंत सोरेन जी, झारखंड का युवा अब चुप नहीं बैठेगा — हिसाब लेकर रहेगा।* ✊🏻1
- थाना सैंथल में छात्रों का थाना भ्रमण, पुलिस ने कानून, साइबर सुरक्षा और महिला सुरक्षा की दी जानकारी दौसा। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत थाना सैंथल में छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता एवं थाना भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को पुलिस व्यवस्था से परिचित कराना तथा उनमें कानून के प्रति विश्वास और जागरूकता विकसित करना रहा। कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली, कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका, जनसेवा, अपराध नियंत्रण और नागरिक सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। साथ ही छात्रों को थाने के विभिन्न कार्यालयों, मालखाना, अभिलेख कक्ष, आगंतुक कक्ष एवं अन्य व्यवस्थाओं का भ्रमण कराया गया। इस दौरान बच्चों को गुड टच–बैड टच, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, सोशल मीडिया के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग, सड़क सुरक्षा नियमों तथा आपातकालीन स्थिति में पुलिस सहायता प्राप्त करने के तरीकों की विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों से किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने की अपील भी की। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को अनुशासित जीवन, नैतिक मूल्यों, संविधान और कानून के प्रति सम्मान रखने तथा जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछे, जिनका अधिकारियों ने सरल और व्यवहारिक तरीके से समाधान किया। पुलिस विभाग ने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को पुलिस से जोड़ना, उनमें सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में कानून के प्रति सम्मान और विश्वास की भावना को मजबूत करना है।4