होमस्टे इकाइयों के संचालन में बड़ा बदलाव: अब 8 कमरे और 24 बिस्तरों तक अनुमति उदयपुर, 20 फरवरी। प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान पर्यटन विभाग ने राजस्थान होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) योजना, 2026 के अंतर्गत महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन बदलावों से राज्य में आवास क्षमता बढ़ने और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार अब होमस्टे या पेइंग गेस्ट हाउस में अधिकतम 8 कमरों की अनुमति होगी, जबकि पहले यह सीमा 5 कमरों तक निर्धारित थी। इसके साथ ही प्रति इकाई 24 बिस्तरों तक की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे आवास सुविधाओं में उल्लेखनीय विस्तार संभव होगा। सबसे बड़ा बदलाव संचालन व्यवस्था में किया गया है। पहले यह अनिवार्य था कि संपत्ति स्वामी या उसके परिवार का सदस्य उसी आवास में रहकर होमस्टे का संचालन करे। अब इस शर्त को लचीला बनाते हुए स्वामी को केयरटेकर नियुक्त करने की अनुमति दी गई है, जो निर्धारित नियमों के अनुसार संचालन के लिए जिम्मेदार होगा। पर्यटन विभाग का मानना है कि इन संशोधनों से योजना अधिक व्यवहारिक और सरल बनेगी, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
होमस्टे इकाइयों के संचालन में बड़ा बदलाव: अब 8 कमरे और 24 बिस्तरों तक अनुमति उदयपुर, 20 फरवरी। प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान पर्यटन विभाग ने राजस्थान होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) योजना, 2026 के अंतर्गत महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन बदलावों से राज्य में आवास क्षमता बढ़ने और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार अब होमस्टे या पेइंग गेस्ट हाउस में अधिकतम 8 कमरों की अनुमति होगी, जबकि पहले यह सीमा 5 कमरों तक निर्धारित थी। इसके साथ ही प्रति इकाई 24 बिस्तरों तक की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे आवास सुविधाओं में उल्लेखनीय विस्तार संभव होगा। सबसे बड़ा बदलाव संचालन व्यवस्था में किया गया है। पहले यह अनिवार्य था कि संपत्ति स्वामी या उसके परिवार का सदस्य उसी आवास में रहकर होमस्टे का संचालन करे। अब इस शर्त को लचीला बनाते हुए स्वामी को केयरटेकर नियुक्त करने की अनुमति दी गई है, जो निर्धारित नियमों के अनुसार संचालन के लिए जिम्मेदार होगा। पर्यटन विभाग का मानना है कि इन संशोधनों से योजना अधिक व्यवहारिक और सरल बनेगी, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
- उदयपुर / नई दिल्ली। बॉलीवुड के प्रसिद्ध निर्देशक-निर्माता विक्रम भट्ट को ₹30 करोड़ के कथित धोखाधड़ी मामले में बड़ी राहत मिली है। Supreme Court of India ने उन्हें नियमित जमानत प्रदान करते हुए रिहा करने के आदेश दिए, जिसके बाद वे उदयपुर की केंद्रीय जेल से बाहर आ गए। यह मामला उदयपुर के एक व्यवसायी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। आरोप था कि फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर बड़ी राशि ली गई, लेकिन तय शर्तों के अनुसार कार्य पूरा नहीं किया गया। इसी आधार पर धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में केस दर्ज हुआ था। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि मामला प्रथम दृष्टया व्यावसायिक लेन-देन से जुड़ा प्रतीत होता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि जमानत दिए जाने का अर्थ आरोपों से बरी होना नहीं है। मामले की सुनवाई आगे जारी रहेगी। सूत्रों के अनुसार, जेल से रिहाई के बाद विक्रम भट्ट ने सबसे पहले मंदिर जाकर दर्शन किए। उनकी रिहाई की खबर सामने आते ही फिल्म इंडस्ट्री और सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 🔖 Hashtags #VikramBhatt #SupremeCourt #UdaipurNews #BollywoodNews #RajasthanNews #BreakingNews #LegalUpdate1
- विधानसभा सत्र के युवा मामले, खेल एवं उद्योग विभाग की अनुदान मांग पर चर्चा के दौरान वल्लभनगर विधायक उदय लाल डांगी ने विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को मजबूती से उठाया। जानकारी के अनुसार विधायक डांगी ने कहा कि कानोड़ तहसील क्षेत्र के राजस्व गांव गोपालपुरा में रिको औद्योगिक क्षेत्र प्रस्ताव विचाराधीन है, कानोड़ क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्र नहीं खुलने से युवाओं को रोजगार नहीं मिल पा रहा है, जिससे युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता है, वहीं यहां के क्षेत्रवासी खेती पर निर्भर है, यहां पर रीको औद्योगिक क्षेत्र अति आवश्यक है , गोपालपुरा में 454 बीघा जमीन उपलब्ध है, यहां पर रीको खुलने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के साथ-साथ क्षेत्र वासियों को काफी लाभ होगा, और कानोड़ क्षेत्र से पलायन रुकेगा और क्षेत्र का काफी विकास रीको खुलने से होगा, वहीं विधायक डांगी ने खेलों को लेकर भी आवाज उठाई और कहा कि वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र के छापरा का खैल मैदान में आधुनिक , इनडोर स्टेडियम का निर्माण काफी आवश्यक है, वहीं भींडर उपखंड के भैरव राजकीय विद्यालय में वॉलीबॉल, बैडमिंटन, कराटे आदि के उपकरण उपलब्ध नहीं होने, जिससे यहां के युवा खिलाड़ियों को खैलने के लिए बाहर जाना पड़ता है, भींडर में एक सुसज्जित स्टेडियम की आवश्यकता है, इसकी स्थापना से खेलों को बढ़ावा मिलेगा। वहीं वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र कि सभी राजकीय विद्यालयों में खेल मैदानों के चार दिवारीओ के निर्माण की आवश्यकता है, वहीं प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मिनी खेल स्टेडियम का निर्माण किया जाएं, तो ग्रामीण क्षेत्रों कि प्रतिभाओं को भी आगे आने का अवसर मिलेगा। विधायक उदय लाल डांगी ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में युवाओं के कौशल विकास, खेल सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहन तथा लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने हेतु संचालित योजनाओं पर आभार व्यक्त किया। साथ ही, क्षेत्र में खेल मैदानों के उन्नत, इंडोर स्टेडियम की स्थापना, युवा प्रशिक्षण केंद्रों की शुरुआत तथा नए औद्योगिक क्षेत्रों को विकसित करने की आवश्यकता पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।1
- उदयपुर जिले के झाड़ोल थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार वाहन ने बाइक को टक्कर मार दी, जिससे बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा मामा-भांजा घाटी क्षेत्र में हुआ बताया जा रहा है। सूचना मिलते ही झाड़ोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को स्थानीय चिकित्सालय की मोर्चरी में रखवाया। पुलिस के अनुसार युवक ने करीब एक माह पहले ही नई बाइक खरीदी थी। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद मौके पर पहुंचे परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।1
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- उदयपुर, 20 फरवरी। प्रदेश में पर्यटन सुविधाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजस्थान पर्यटन विभाग ने राजस्थान होमस्टे (पेइंग गेस्ट हाउस) योजना, 2026 के अंतर्गत महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। इन बदलावों से राज्य में आवास क्षमता बढ़ने और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। संशोधित प्रावधानों के अनुसार अब होमस्टे या पेइंग गेस्ट हाउस में अधिकतम 8 कमरों की अनुमति होगी, जबकि पहले यह सीमा 5 कमरों तक निर्धारित थी। इसके साथ ही प्रति इकाई 24 बिस्तरों तक की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे आवास सुविधाओं में उल्लेखनीय विस्तार संभव होगा। सबसे बड़ा बदलाव संचालन व्यवस्था में किया गया है। पहले यह अनिवार्य था कि संपत्ति स्वामी या उसके परिवार का सदस्य उसी आवास में रहकर होमस्टे का संचालन करे। अब इस शर्त को लचीला बनाते हुए स्वामी को केयरटेकर नियुक्त करने की अनुमति दी गई है, जो निर्धारित नियमों के अनुसार संचालन के लिए जिम्मेदार होगा। पर्यटन विभाग का मानना है कि इन संशोधनों से योजना अधिक व्यवहारिक और सरल बनेगी, जिससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।1