logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

पुलिस ने विभिन्न राज्यों से आए युवक-युवतियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इन युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस की कार्रवाई से कई राज्यों के इन युवक-युवतियों को बंधन से मुक्ति मिली।

5 hrs ago
user_Darpan24 News
Darpan24 News
Local News Reporter लहेरिअसारै, दरभंगा•
5 hrs ago

पुलिस ने विभिन्न राज्यों से आए युवक-युवतियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इन युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस की कार्रवाई से कई राज्यों के इन युवक-युवतियों को बंधन से मुक्ति मिली।

More news from दरभंगा and nearby areas
  • पुलिस ने विभिन्न राज्यों से आए युवक-युवतियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इन युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस की कार्रवाई से कई राज्यों के इन युवक-युवतियों को बंधन से मुक्ति मिली।
    1
    पुलिस ने विभिन्न राज्यों से आए युवक-युवतियों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। इन युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस की कार्रवाई से कई राज्यों के इन युवक-युवतियों को बंधन से मुक्ति मिली।
    user_Darpan24 News
    Darpan24 News
    Local News Reporter लहेरिअसारै, दरभंगा•
    5 hrs ago
  • बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है। अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं। पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई? गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।
    1
    बिहार के आरा में हुआ भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला अब एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मोड़ पर आ गया है। इस एनकाउंटर की सच्चाई पर अब बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने ही सबसे बड़ा सवाल उठाया है, जिन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को पूरी तरह कटघरे में खड़ा करते हुए इसे 'एनकाउंटर' मानने से साफ इनकार कर दिया है और इसे 'प्रथम दृष्ट्या हत्या' का मामला बताया है।

अयोध्या से जारी एक वीडियो संदेश में पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि मृतक भरत तिवारी कोई पेशेवर अपराधी, डकैत, रंगदार या आतंकवादी नहीं था। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह स्थानीय लोगों और जवनिया गांव के विस्थापितों की समस्याओं के लिए लड़ने वाला एक व्यक्ति था। पूर्व डीजीपी ने सोशल मीडिया पर वायरल क्लिपिंग्स का हवाला देते हुए पुलिस की थ्योरी की धज्जियां उड़ा दी हैं।

पूर्व डीजीपी ने जो सवाल उठाए हैं, वे कानून व्यवस्था और पुलिस की ट्रेनिंग को शर्मसार करने वाले हैं। उन्होंने पूछा कि जब पुलिस खुद मान रही है कि भरत तिवारी मानसिक रूप से विक्षिप्त यानी इमोशनली अनबैलेंस था, तो एक बीमार व्यक्ति पर इतनी बर्बरता क्यों की गई? उनका दूसरा सवाल था कि भरत तिवारी के हाथ में जो पिस्टल थी, उसकी मारक क्षमता महज 30 मीटर होती है, जबकि पुलिस बल उससे 200 मीटर की दूरी पर था; ऐसे में पुलिस को कौन सा जानलेवा खतरा था? तीसरा और सबसे बड़ा सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वीडियो में साफ दिख रहा है कि भरत तिवारी ने अपना हथियार फेंक दिया था, वह निहत्था हो चुका था और सरेंडर कर रहा था, तो फिर निहत्थे शख्स पर आधुनिक हथियारों से गोलियों की बौछार क्यों की गई?

गुप्तेश्वर पांडेय ने साफ शब्दों में कहा है कि पुलिस को गाली देना या परेशान करना किसी की जान लेने का लाइसेंस नहीं बन जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने अपने अहंकार को चोट पहुंचने के कारण आपा खोया और एक निहत्थे की जान ले ली। उन्होंने मुख्यमंत्री और मौजूदा डीजीपी से मांग की है कि इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज हो, दोषी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी हो और माननीय उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी जांच कराई जाए। खाकी पर लगे इस गहरे दाग के बाद अब प्रशासन क्या जवाब देगा, इस पर हमारी नजर बनी रहेगी।
    user_Nitesh Sinha
    Nitesh Sinha
    गोरा बौरम, दरभंगा, बिहार•
    18 hrs ago
  • फरदीन खान लाइव और ईलमासनगर टुडे के माध्यम से एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है, जिसमें समोसे के रंग पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि समोसे का रंग बीमारी की वजह बन सकता है।
    1
    फरदीन खान लाइव और ईलमासनगर टुडे के माध्यम से एक महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की गई है, जिसमें समोसे के रंग पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया गया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि समोसे का रंग बीमारी की वजह बन सकता है।
    user_ईलमासनगर टुडे
    ईलमासनगर टुडे
    Voice of people Khanpur, Samastipur•
    3 hrs ago
  • दरभंगा जिले के बहुअरवा में एक सड़क दुर्घटना के पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी स्थिति का जायजा लिया गया। बातचीत के दौरान यह सामने आया कि घायल के इलाज के लिए परिवार अब तक ₹30,000 से अधिक का कर्ज ले चुका है, जबकि इलाज अभी भी जारी है। इस हादसे के कारण, संबंधित चाची शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में हैं। इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि आखिर इस विकट स्थिति का जिम्मेदार कौन है। वर्षों से खराब सड़कों, लगातार हो रहे हादसों और प्रशासन की घोर अनदेखी का खामियाजा आम जनता कब तक भुगतेगी, यह तीखा प्रश्न उठाया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि समय रहते सड़क की समस्या का समाधान कर दिया गया होता, तो शायद यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा होता ही नहीं। यह भी माँग की गई है कि जब सड़कों का निर्माण करवाना सरकार और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है, तो हादसों के बाद पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता मिलनी चाहिए। सभी से अनुरोध किया गया है कि इस चाची और ऐसे सभी सड़क हादसा पीड़ित परिवारों के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें, ताकि गरीब और आम लोग व्यवस्था की इस लापरवाही का शिकार बनते न रहें और उन्हें न्याय मिल सके।
    1
    दरभंगा जिले के बहुअरवा में एक सड़क दुर्घटना के पीड़ित परिवार से मिलकर उनकी स्थिति का जायजा लिया गया। बातचीत के दौरान यह सामने आया कि घायल के इलाज के लिए परिवार अब तक ₹30,000 से अधिक का कर्ज ले चुका है, जबकि इलाज अभी भी जारी है। इस हादसे के कारण, संबंधित चाची शारीरिक, आर्थिक और मानसिक रूप से बेहद कमजोर स्थिति में हैं।

इस घटना के बाद एक बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि आखिर इस विकट स्थिति का जिम्मेदार कौन है। वर्षों से खराब सड़कों, लगातार हो रहे हादसों और प्रशासन की घोर अनदेखी का खामियाजा आम जनता कब तक भुगतेगी, यह तीखा प्रश्न उठाया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि यदि समय रहते सड़क की समस्या का समाधान कर दिया गया होता, तो शायद यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा होता ही नहीं।

यह भी माँग की गई है कि जब सड़कों का निर्माण करवाना सरकार और जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है, तो हादसों के बाद पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता मिलनी चाहिए। सभी से अनुरोध किया गया है कि इस चाची और ऐसे सभी सड़क हादसा पीड़ित परिवारों के लिए अपनी आवाज़ बुलंद करें, ताकि गरीब और आम लोग व्यवस्था की इस लापरवाही का शिकार बनते न रहें और उन्हें न्याय मिल सके।
    user_Kishore Mahendra Paswan
    Kishore Mahendra Paswan
    Social Media Manager तरडीह, दरभंगा, बिहार•
    1 hr ago
  • बिहार के मधुबनी जिले में बिस्फी थाना क्षेत्र के ईटहरवा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका के मायके पक्ष ने सीधे तौर पर उसके ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दहेज के लिए प्रताड़ित करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई है। वहीं, ग्रामीणों और परिजनों द्वारा मृतका के पति के कथित प्रेम संबंधों को भी इस हत्या की एक बड़ी वजह बताया जा रहा है, जिससे हत्या की आशंका और गहरी हो गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की सच्चाई जानने और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच में जुट गई है।
    1
    बिहार के मधुबनी जिले में बिस्फी थाना क्षेत्र के ईटहरवा गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतका के मायके पक्ष ने सीधे तौर पर उसके ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि दहेज के लिए प्रताड़ित करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई है।

वहीं, ग्रामीणों और परिजनों द्वारा मृतका के पति के कथित प्रेम संबंधों को भी इस हत्या की एक बड़ी वजह बताया जा रहा है, जिससे हत्या की आशंका और गहरी हो गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की सच्चाई जानने और मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए गहन जांच में जुट गई है।
    user_Prabhat Times Madhubani
    Prabhat Times Madhubani
    Local News Reporter मधुबनी, मधुबनी, बिहार•
    4 hrs ago
  • समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र के गोलिया गांव में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां कथित तौर पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने द्वेष भावना के चलते सैकड़ों हरे-भरे वृक्षों को गुपचुप तरीके से नष्ट कर दिया है। इस चौंकाने वाली कार्रवाई से स्थानीय निवासी स्तब्ध हैं और पूरे गांव में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों के अनुसार, ये वृक्ष न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण थे, बल्कि गांव की पारिस्थितिकी और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में भी अहम भूमिका निभाते थे। इस विनाशकारी कृत्य ने न केवल प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ दिया है, बल्कि इसने गांव के सामाजिक ताने-बाने में भी उथल-पुथल मचा दी है। अब पुलिस और वन विभाग से इस मामले की गहन जांच करने की अपेक्षा की जा रही है, ताकि नष्ट किए गए वृक्षों के संबंध में न्याय सुनिश्चित किया जा सके और भविष्य में ऐसी दुर्भावनापूर्ण घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक एवं उचित उपाय किए जा सकें।
    1
    समस्तीपुर जिले के सिंघिया थाना क्षेत्र के गोलिया गांव में एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां कथित तौर पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने द्वेष भावना के चलते सैकड़ों हरे-भरे वृक्षों को गुपचुप तरीके से नष्ट कर दिया है। इस चौंकाने वाली कार्रवाई से स्थानीय निवासी स्तब्ध हैं और पूरे गांव में हड़कंप मच गया है।

ग्रामीणों के अनुसार, ये वृक्ष न केवल पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण थे, बल्कि गांव की पारिस्थितिकी और ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में भी अहम भूमिका निभाते थे। इस विनाशकारी कृत्य ने न केवल प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ दिया है, बल्कि इसने गांव के सामाजिक ताने-बाने में भी उथल-पुथल मचा दी है।

अब पुलिस और वन विभाग से इस मामले की गहन जांच करने की अपेक्षा की जा रही है, ताकि नष्ट किए गए वृक्षों के संबंध में न्याय सुनिश्चित किया जा सके और भविष्य में ऐसी दुर्भावनापूर्ण घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक एवं उचित उपाय किए जा सकें।
    user_JantaStarNews
    JantaStarNews
    Video Creator सिंघिया, समस्तीपुर, बिहार•
    4 hrs ago
  • मनीष कश्यप ने एक निर्दोष व्यक्ति, भरत तिवारी, के ए/नकाउंटर की कड़ी निंदा की है। इस घटना पर उन्होंने अपनी जोरदार प्रतिक्रिया देते हुए खूब खरी-खोटी सुनाई। उल्लेखनीय है कि मनीष कश्यप पहले भी जबनिया गाँव से संबंधित मुद्दों को उठाते रहे हैं।
    1
    मनीष कश्यप ने एक निर्दोष व्यक्ति, भरत तिवारी, के ए/नकाउंटर की कड़ी निंदा की है। इस घटना पर उन्होंने अपनी जोरदार प्रतिक्रिया देते हुए खूब खरी-खोटी सुनाई। उल्लेखनीय है कि मनीष कश्यप पहले भी जबनिया गाँव से संबंधित मुद्दों को उठाते रहे हैं।
    user_PTB gramin
    PTB gramin
    News Anchor Darbhanga, Bihar•
    1 hr ago
  • बिहार के समस्तीपुर में ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक युवक ने दावा किया है कि एक महिला मरीज को इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय पुलिसकर्मियों ने उससे ₹3,500 की रिश्वत की मांग की। युवक का आरोप है कि जब उसने रिश्वत देने से इनकार किया, तो ट्रैफिक पुलिस ने उसके साथ-साथ उसकी भाभी और साथ मौजूद महिला मरीज के साथ भी मारपीट की। इसके अतिरिक्त, पुलिस पर उनका मोबाइल फोन भी छीनने का आरोप है। इस मामले में अभी तक पुलिस का कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। घटना के सामने आने के बाद, इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
    1
    बिहार के समस्तीपुर में ट्रैफिक पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं। एक युवक ने दावा किया है कि एक महिला मरीज को इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय पुलिसकर्मियों ने उससे ₹3,500 की रिश्वत की मांग की।

युवक का आरोप है कि जब उसने रिश्वत देने से इनकार किया, तो ट्रैफिक पुलिस ने उसके साथ-साथ उसकी भाभी और साथ मौजूद महिला मरीज के साथ भी मारपीट की। इसके अतिरिक्त, पुलिस पर उनका मोबाइल फोन भी छीनने का आरोप है।

इस मामले में अभी तक पुलिस का कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। घटना के सामने आने के बाद, इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
    user_PTB gramin
    PTB gramin
    News Anchor Darbhanga, Bihar•
    1 hr ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.