रीवा में ढाई साल की बच्ची का अपहरण, 6 घंटे में सीधी से सकुशल बरामद सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग, पड़ोसी दंपति समेत चार आरोपी गिरफ्तार रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा शहर में ढाई साल की मासूम बच्ची के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। समान थाना क्षेत्र के गाडरियां दुर्गा मंदिर के पास रहने वाली मजदूर महिला की ढाई साल की बेटी अचानक घर से लापता हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए करीब छह घंटे के भीतर बच्ची को पड़ोसी जिले सीधी से सकुशल बरामद कर लिया। जानकारी के अनुसार, बच्ची की मां रोज की तरह मजदूरी करने गई थी। घर पर उसका पांच वर्षीय बेटा और ढाई साल की बेटी मौजूद थे। शाम को जब महिला वापस लौटी तो बेटी घर पर नहीं मिली। काफी तलाश के बाद भी बच्ची का पता नहीं चलने पर परिजन समान थाना पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। मासूम बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आशीष मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हुई। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच के दौरान मोहल्ले के ही एक दंपति की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। फुटेज में दंपति बाइक से जाते दिखाई दिए और बाइक पर एक संदिग्ध बोरी रखी नजर आई। पुलिस ने संदेह के आधार पर दंपति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में बच्ची को ले जाने की बात सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आरोपी दंपति निःसंतान था और कथित तौर पर बच्ची को अपने साथ ले जाने की योजना बनाई थी। बच्ची को बोरी में रखकर सीधी जिले में एक रिश्तेदार के घर पहुंचाए जाने की बात भी सामने आई। सुराग मिलते ही रीवा पुलिस की टीम ने तत्काल सीधी जिले में दबिश दी और करीब छह घंटे के भीतर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने मामले में आरोपी पति रविशंकर, उसकी पत्नी केशकाली, उनकी भाभी सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और कथित अपहरण की साजिश में शामिल अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस की तत्परता से मासूम सुरक्षित घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सका। सीसीटीवी फुटेज और तत्काल की गई कार्रवाई इस मामले की जांच में अहम कड़ी साबित हुई।
रीवा में ढाई साल की बच्ची का अपहरण, 6 घंटे में सीधी से सकुशल बरामद सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग, पड़ोसी दंपति समेत चार आरोपी गिरफ्तार रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा शहर में ढाई साल की मासूम बच्ची के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। समान थाना क्षेत्र के गाडरियां दुर्गा मंदिर के पास रहने वाली मजदूर महिला की ढाई साल की बेटी अचानक घर से लापता हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए करीब छह घंटे के भीतर बच्ची को पड़ोसी जिले सीधी से सकुशल बरामद कर लिया। जानकारी के अनुसार, बच्ची की मां रोज की तरह मजदूरी करने गई थी। घर पर उसका पांच वर्षीय बेटा और ढाई साल की बेटी मौजूद थे। शाम को जब महिला वापस लौटी तो बेटी घर पर नहीं मिली। काफी तलाश के बाद भी बच्ची का पता नहीं चलने पर परिजन समान थाना पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। मासूम बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आशीष मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हुई। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच के दौरान मोहल्ले के ही एक दंपति की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। फुटेज में दंपति बाइक से जाते दिखाई दिए और बाइक पर एक संदिग्ध बोरी रखी नजर आई। पुलिस ने संदेह के आधार पर दंपति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में बच्ची को ले जाने की बात सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आरोपी दंपति निःसंतान था और कथित तौर पर बच्ची को अपने साथ ले जाने की योजना बनाई थी। बच्ची को बोरी में रखकर सीधी जिले में एक रिश्तेदार के घर पहुंचाए जाने की बात भी सामने आई। सुराग मिलते ही रीवा पुलिस की टीम ने तत्काल सीधी जिले में दबिश दी और करीब छह घंटे के भीतर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने मामले में आरोपी पति रविशंकर, उसकी पत्नी केशकाली, उनकी भाभी सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और कथित अपहरण की साजिश में शामिल अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस की तत्परता से मासूम सुरक्षित घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सका। सीसीटीवी फुटेज और तत्काल की गई कार्रवाई इस मामले की जांच में अहम कड़ी साबित हुई।
- रीवा में ढाई साल की बच्ची का अपहरण, 6 घंटे में सीधी से सकुशल बरामद सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग, पड़ोसी दंपति समेत चार आरोपी गिरफ्तार रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा शहर में ढाई साल की मासूम बच्ची के कथित अपहरण का मामला सामने आया है। समान थाना क्षेत्र के गाडरियां दुर्गा मंदिर के पास रहने वाली मजदूर महिला की ढाई साल की बेटी अचानक घर से लापता हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए करीब छह घंटे के भीतर बच्ची को पड़ोसी जिले सीधी से सकुशल बरामद कर लिया। जानकारी के अनुसार, बच्ची की मां रोज की तरह मजदूरी करने गई थी। घर पर उसका पांच वर्षीय बेटा और ढाई साल की बेटी मौजूद थे। शाम को जब महिला वापस लौटी तो बेटी घर पर नहीं मिली। काफी तलाश के बाद भी बच्ची का पता नहीं चलने पर परिजन समान थाना पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। मासूम बच्ची के लापता होने की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी आशीष मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हुई। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच के दौरान मोहल्ले के ही एक दंपति की गतिविधियां संदिग्ध नजर आईं। फुटेज में दंपति बाइक से जाते दिखाई दिए और बाइक पर एक संदिग्ध बोरी रखी नजर आई। पुलिस ने संदेह के आधार पर दंपति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में बच्ची को ले जाने की बात सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक आरोपी दंपति निःसंतान था और कथित तौर पर बच्ची को अपने साथ ले जाने की योजना बनाई थी। बच्ची को बोरी में रखकर सीधी जिले में एक रिश्तेदार के घर पहुंचाए जाने की बात भी सामने आई। सुराग मिलते ही रीवा पुलिस की टीम ने तत्काल सीधी जिले में दबिश दी और करीब छह घंटे के भीतर बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। इसके बाद बच्ची को उसकी मां के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस ने मामले में आरोपी पति रविशंकर, उसकी पत्नी केशकाली, उनकी भाभी सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस द्वारा मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और कथित अपहरण की साजिश में शामिल अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस की तत्परता से मासूम सुरक्षित घटना के बाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई से मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाया जा सका। सीसीटीवी फुटेज और तत्काल की गई कार्रवाई इस मामले की जांच में अहम कड़ी साबित हुई।1
- धूमधाम से हुई बप्पा की विदाई बेटमा नगर में विसर्जन जुलूस निकाले गए धूमधाम से हुई बप्पा की विदाई बेटमा नगर में विसर्जन जुलूस निकाले गए दस दिवसीय गणेश उत्सव के समापन पर अनंत चतुर्थी के अवसर पर धूमधाम से गणपति बप्पा की विदाई की गई, इस अवसर पर बेटमा नगर में अलग-अलग स्थान से विसर्जन जुलूस निकाले गए जुलूस में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए एवं ढोल एवं तासे की थाप पर खूब थिरके वही छत्रपति शिवाजी मित्र मंडल द्वारा निकाले गए विसर्जन जुलूस में आदिवासी नृत्य मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा । जुलूस में श्रद्धालुओं ने गणपति बप्पा मोरया अगले बरस तू जल्दी आ के खूब जयकारे लगाए पूरा बेटमा नगर भक्ति मय हो गया। घरों में संस्थानों में एवं गली मोहल्लों में स्थापित गणेश जी की मूर्ति का विसर्जन छोटा बेटमा स्थित किशनपुरा तालाब पर किया गया। जहां पर हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से बड़ी मूर्तियों का विसर्जन किया, तालाब पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए पहुंचे और श्रद्धा एवं भक्ति के साथ पूजा अर्चना कर बप्पा का विसर्जन किया । गणेश विसर्जन के दौरान लोगों की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय पुलिस प्रशासन ने विशेष पुलिस बल लगा रखा था एवं स्थानीय गोताखोर भी नदी में गणेश जी की मूर्ति को विसर्जित करने में श्रद्धालुओं की मदद कर रहे थे ।1
- मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है और कई जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय हो गया है और कई जिलों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के करीब 10 जिलों में तेज बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने लगा है, वहीं निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। किसानों के लिए भी बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन तेज बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानी बरतने की अपील की है। आने वाले दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। प्रधान संपादक कदम राजपूत2
- कुटी काली बिल्लोद प्रभातम कॉलोनी में चल रहे आमरण अनशन हुआ खत्म कुटी काली बिल्लोद प्रभातम कॉलोनी में चल रहे आमरण अनशन हुआ खत्म बताया जा रहा है कि प्रशासन ने उनके सभीमांगों को स्वीकार कर लिया है जल्द ही सभी कार्यों की शुरुआत करने वाले1
- महू तहसील के सबसे बड़े गांव दतोदा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का मामला सामने आया है। दतोदा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पिछले 5 वर्षों से प्राचार्य का पद रिक्त है। यह विद्यालय एक संकुल की जिम्मेदारी भी निभा रहा है, ऐसे में लंबे समय से प्राचार्य की नियुक्ति नहीं होने के कारण विद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों पर असर पड़ने की बात सामने आ रही है। प्राचार्य की नियुक्ति की मांग को लेकर (ACS) आदिवासी छात्र संगठन एवं (abvp)अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा उपप्राचार्य को ज्ञापन सौंपा गया है। छात्र संगठनों ने मांग की है कि सरकार एवं शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दतोदा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जल्द से जल्द स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति करें, ताकि विद्यालय का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संचालन बेहतर तरीके से हो सके। महू तहसील के सबसे बड़े गांव दतोदा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का मामला सामने आया है। दतोदा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पिछले 5 वर्षों से प्राचार्य का पद रिक्त है। यह विद्यालय एक संकुल की जिम्मेदारी भी निभा रहा है, ऐसे में लंबे समय से प्राचार्य की नियुक्ति नहीं होने के कारण विद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों पर असर पड़ने की बात सामने आ रही है। प्राचार्य की नियुक्ति की मांग को लेकर (ACS) आदिवासी छात्र संगठन एवं (abvp)अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा उपप्राचार्य को ज्ञापन सौंपा गया है। छात्र संगठनों ने मांग की है कि सरकार एवं शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दतोदा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जल्द से जल्द स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति करें, ताकि विद्यालय का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संचालन बेहतर तरीके से हो सके।1
- आंगन उत्सव का शुभारंभ अच्छे कार्य के लिए आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहायिका सुपरवाइजर केंद्रीय राज्य मंत्री द्वारा सम्मानित जगन्नाथ यादव महिला बाल विकाश केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने कहा कि आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और महिला सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं,,उनके समर्पण से शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है,, कार्यक्रम में लाड़ली लक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और संबल योजना से लाभान्वित महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए शासन की योजनाओं के प्रति आभार व्यक्त किया,,इस दौरान महिला सशक्तीकरण, बच्चों के बेहतर पोषण और शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया,, वक्ताओं ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है,,सेवा और समर्पण के भाव से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिला कार्यकर्ताओं का उत्साहवर्धन करना और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाना रहा *धार-धामनोद से जगन्नाथ यादव3
- हम ये समझते थे कि हमारी इंदौर की यह सँस्कृति खत्म हो जाएगी मगर इंदौरी किसी भंगेड़ी से कम नही है वो अगर ठान ले तो उनके लिए कुछ असम्भव नही इंदौर, हाल फिलहाल में चिकमंगलूर चौराहे पर हु ओर आप जो घर मे बैठे है वो इस शहर के मिजाज का अंदाजा नहीं लगा सकते है क्यो की अब हम कूप मण्डूक हो चुके है ,थक गए या बोरिया गए है, मगर इस शहर की ऊर्जा अलग है ,माँ अहिल्या ओर माँ नर्मदा का जो आशीष ओर पुनयाई ओर आशीर्वाद है वो सदैव बना रहेगा, आप गाड़ियों का काफिला इस वीडियो में देखे, महिलाओं का हुजूम देखे, माताएं अपने बच्चों को इस सँस्कृति से रूबरू कराना चाह1 रही है और शासन इसे मिट्टी में मिलाने में तुला है, दुसरो के पाप गिना देने से अपने कम नही हो जाते बहरहाल मेने ऐसा उत्साह अपने बाल्यकाल में ही देखा था, आश्चर्य चकित हु में ,मेरी सोच के विपरीत जब माहौल देखा तो मुझे यह लिखना पड़ा कि आपके विचार नईं पीढ़ी से कतई मेल नहीं खाते है हम ,आप खारिज हो चुके है, दम्भ भरने वाले, सत्य को सत्य कहने वाले जिन्होंने चश्मे लगा रखे है ,बहरहाल सुकून मिला इंदौर की सँस्कृति को सास लेते हुवे माँ अहिल्या ओर माँ नर्मदा की कृपा बनी रहे बस🙏🏻✒️🦚🚩हर्षवाल3
- महू तहसील के सबसे बड़े गांव दतोदा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का मामला सामने आया है। दतोदा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पिछले 5 वर्षों से प्राचार्य का पद रिक्त है। यह विद्यालय एक संकुल की जिम्मेदारी भी निभा रहा है, ऐसे में लंबे समय से प्राचार्य की नियुक्ति नहीं होने के कारण विद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों पर असर पड़ने की बात सामने आ रही है। प्राचार्य की नियुक्ति की मांग को लेकर (ACS) आदिवासी छात्र संगठन एवं (abvp)अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा उपप्राचार्य को ज्ञापन सौंपा गया है। छात्र संगठनों ने मांग की है कि सरकार एवं शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दतोदा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जल्द से जल्द स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति करें, ताकि विद्यालय का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संचालन बेहतर तरीके से हो सके। महू तहसील के सबसे बड़े गांव दतोदा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का मामला सामने आया है। दतोदा स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पिछले 5 वर्षों से प्राचार्य का पद रिक्त है। यह विद्यालय एक संकुल की जिम्मेदारी भी निभा रहा है, ऐसे में लंबे समय से प्राचार्य की नियुक्ति नहीं होने के कारण विद्यालय के प्रशासनिक एवं शैक्षणिक कार्यों पर असर पड़ने की बात सामने आ रही है। प्राचार्य की नियुक्ति की मांग को लेकर (ACS) आदिवासी छात्र संगठन एवं (abvp)अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा उपप्राचार्य को ज्ञापन सौंपा गया है। छात्र संगठनों ने मांग की है कि सरकार एवं शिक्षा विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दतोदा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जल्द से जल्द स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति करें, ताकि विद्यालय का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक संचालन बेहतर तरीके से हो सके।2