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बिहार के कई जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, किसानों को बिहार के कई जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह
Niraj Raj
बिहार के कई जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, किसानों को बिहार के कई जिलों में बारिश-आंधी की चेतावनी, किसानों को सतर्क रहने की सलाह
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- बेतिया, 16 अप्रैल 2026। पश्चिम चम्पारण में उत्पाद विभाग की छापेमारी में बड़ी सफलता मिली है। अलग-अलग इलाकों से 233.28 लीटर विदेशी और 54 लीटर देशी शराब जब्त की गई, जबकि 3 अभियुक्त गिरफ्तार किए गए। मझौलिया क्षेत्र में भारी मात्रा में जावा और अवैध चुलाई शराब को नष्ट किया गया। वहीं, कुछ तस्कर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश जारी है। विभाग ने कहा है कि अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।1
- आज बेतिया द्वारा शहर में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा हेतु व्यापक निरीक्षण किया गया। 17.04.2026.1
- दिल्ली-एनसीआर में मजदूरों पर हमले के विरोध में बेतिया में पुतला दहन सीटू के बैनर तले प्रदर्शन, न्यूनतम मजदूरी और अधिकारों को लेकर उठी आवाज बेतिया दिल्ली-एनसीआर में मजदूरों पर कथित हमलों के विरोध में भारतीय ट्रेड यूनियन केंद्र (सीटू) के बैनर तले बेतिया में जोरदार प्रदर्शन किया गया। मीना बाजार स्थित सीटू कार्यालय से मजदूरों ने मार्च निकालकर सोवा बाबू चौक पर सभा की और प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। सभा को संबोधित करते हुए बिहार राज्य रिक्शा मजदूर सभा के अध्यक्ष प्रभुराज नारायण राव ने आरोप लगाया कि केंद्र व राज्यों की सरकारें मजदूरों के जनतांत्रिक अधिकारों को दबा रही हैं। उन्होंने कहा कि नोएडा और गुड़गांव में मजदूर 26 हजार रुपये न्यूनतम मजदूरी और 8 घंटे काम की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं, लेकिन उनकी आवाज दबाई जा रही है। जिला सचिव शंकर कुमार राव ने कहा कि सीटू नेताओं को हाउस अरेस्ट कर आंदोलन को कुचलने की कोशिश हो रही है। वहीं अन्य नेताओं ने मजदूरों को धमकाने की घटनाओं की निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने मजदूरों की मांगों को जल्द पूरा करने और दमनात्मक कार्रवाई रोकने की मांग की।1
- बैरिया अंचल क्षेत्र की लौकरिया पंचायत अंतर्गत मुशहरी गांव (वार्ड संख्या-05) में 10 अप्रैल 2026 को हुई भीषण अग्निकांड की घटना के बाद जिला प्रशासन ने त्वरित पहल करते हुए प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध करा दी है। आग लगने की इस घटना में कुल 127 ग्रामीण परिवारों के आवासीय घर क्षतिग्रस्त हो गए थे, जिससे बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए थे। घटना के तुरंत बाद जिला प्रशासन द्वारा राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ किया गया। प्रभारी पदाधिकारी, आपदा प्रबंधन श्रीमती नगमा तबस्सुम ने बताया कि प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए तत्काल सामुदायिक किचेन संचालित किया गया। 11 एवं 12 अप्रैल को कुल 127 परिवारों के 511 लोगों को सुबह एवं शाम भोजन उपलब्ध कराया गया, ताकि आपदा की घड़ी में किसी भी परिवार को भोजन की समस्या न हो। राहत सामग्री वितरण के तहत प्रशासन द्वारा प्रभावित परिवारों के बीच 198 प्लास्टिक शीट उपलब्ध कराई गईं, जिससे अग्निपीड़ित परिवार अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था कर सके। इसी क्रम में आवश्यक बुनियादी सुविधाओं की बहाली सुनिश्चित करते हुए विद्युत आपूर्ति प्रमंडल, बेतिया द्वारा प्रभावित घरों में बिजली आपूर्ति पुनः शुरू कर दी गई। वहीं लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण प्रमंडल द्वारा चापाकलों की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति को भी सुचारू किया गया। जिला आपदा प्रबंधन शाखा की ओर से अग्निकांड प्रभावित परिवारों को सहायता अनुदान के रूप में कुल 25 लाख 40 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई। बैरिया अंचल कार्यालय द्वारा राशि की निकासी कर आरटीजीएस के माध्यम से सीधे लाभुकों के बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी गई है। प्रशासन द्वारा प्रत्येक प्रभावित परिवार को निम्न मदों में सहायता राशि प्रदान की गई— 7,000 रुपये नगद सहायता (जीआर मद) 8,000 रुपये क्षतिग्रस्त झोपड़ी मद 5,000 रुपये बर्तन एवं वस्त्र मद जिला प्रशासन ने बताया कि राहत एवं पुनर्वास कार्यों की सतत निगरानी की जा रही है तथा सभी प्रभावित परिवारों को हरसंभव सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से अग्निकांड पीड़ित परिवारों को बड़ी राहत मिली है और पुनर्वास प्रक्रिया तेज गति से आगे बढ़ रही है।1
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