*"गुढ़ तहसील में शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जे का साम्राज्य! दुआरी सर्किल में अतिक्रमण बेलगाम, राजस्व अमले की कार्यशैली कटघरे में"* अभिषेक पांडे रीवा। गुढ़ तहसील अंतर्गत दुआरी सर्किल क्षेत्र में शासकीय भूमि पर तेजी से फैलता अवैध अतिक्रमण अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। शासकीय जमीनों पर लगातार हो रहे कब्जों ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र के कई गांवों में वर्षों से शासकीय भूमि पर अतिक्रमण होने की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई के अभाव में अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायतें की गईं एवं सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज बुलंद की गई लेकिन इसके बावजूद न तो राजस्व अमले द्वारा व्यापक सीमांकन कराया गया और न ही अवैध कब्जों को हटाने के लिए कोई ठोस अभियान चलाया गया। परिणामस्वरूप सरकारी भूमि पर स्थायी निर्माण, बाड़बंदी और कब्जों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे शासन की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति पर खतरा मंडराने लगा है। क्षेत्र वासियों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना और अधिक कठिन हो जाएगा। लोगों ने मांग की है कि पूरे दुआरी सर्किल की सरकारी भूमि का विशेष सर्वे एवं सीमांकन कराया जाए, सभी अवैध कब्जों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध राजस्व एवं कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सरकारी भूमि को तत्काल मुक्त कराया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जों का यह मकड़जाल भविष्य में और विकराल रूप ले सकता है।
*"गुढ़ तहसील में शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जे का साम्राज्य! दुआरी सर्किल में अतिक्रमण बेलगाम, राजस्व अमले की कार्यशैली कटघरे में"* अभिषेक पांडे रीवा। गुढ़ तहसील अंतर्गत दुआरी सर्किल क्षेत्र में शासकीय भूमि पर तेजी से फैलता अवैध अतिक्रमण अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। शासकीय जमीनों पर लगातार हो रहे कब्जों ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र के कई गांवों में वर्षों से शासकीय भूमि पर अतिक्रमण होने की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई के अभाव में अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायतें की गईं एवं सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज बुलंद की गई लेकिन इसके बावजूद न तो राजस्व अमले द्वारा व्यापक सीमांकन कराया गया और न ही अवैध कब्जों को हटाने के लिए कोई ठोस अभियान चलाया गया। परिणामस्वरूप सरकारी भूमि पर स्थायी निर्माण, बाड़बंदी और कब्जों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे शासन की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति पर खतरा मंडराने लगा है। क्षेत्र वासियों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना और अधिक कठिन हो जाएगा। लोगों ने मांग की है कि पूरे दुआरी सर्किल की सरकारी भूमि का विशेष सर्वे एवं सीमांकन कराया जाए, सभी अवैध कब्जों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध राजस्व एवं कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सरकारी भूमि को तत्काल मुक्त कराया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जों का यह मकड़जाल भविष्य में और विकराल रूप ले सकता है।
- जय श्री राम 🙏1
- *सावन के पहले सोमवार पर* *महाकाल की तर्ज पर पूजे जाने वाले महाकालेश्वर गैवीनाथ धाम (बिरसिंहपुर, सतना) में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।* प्रातःकालीन आरती के बाद से ही मंदिर परिसर हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। शुरुआती अव्यवस्थाओं के कारण सुबह भक्तों की संख्या कम रही, लेकिन 9 बजे के बाद से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया, स्थानीय प्रशासनिक व राजनीतिक खींचतान से उपजी अव्यवस्थाओं के बावजूद आस्था भारी पड़ी और भक्तों की भक्ति में कोई कमी देखने को नहीं मिली। *सावन के पहले सोमवार पर* *महाकाल की तर्ज पर पूजे जाने वाले महाकालेश्वर गैवीनाथ धाम (बिरसिंहपुर, सतना) में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।* प्रातःकालीन आरती के बाद से ही मंदिर परिसर हर हर महादेव के जयकारों से गूंज उठा। शुरुआती अव्यवस्थाओं के कारण सुबह भक्तों की संख्या कम रही, लेकिन 9 बजे के बाद से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया, स्थानीय प्रशासनिक व राजनीतिक खींचतान से उपजी अव्यवस्थाओं के बावजूद आस्था भारी पड़ी और भक्तों की भक्ति में कोई कमी देखने को नहीं मिली।1
- दुबई: मनी लॉन्ड्रिंग जांच में भगोड़े सट्टेबाज सतीश सनपाल और उसकी पत्नी की UAE में कई संपत्तियां फ्रीज, सतना से भी जुड़े है तार 💥 *बड़ी खबर*💥 *दुबई: मनी लॉन्ड्रिंग जांच में भगोड़े सट्टेबाज सतीश सनपाल और उसकी पत्नी की UAE में कई संपत्तियां फ्रीज, सतना से भी जुड़े है तार* संयुक्त अरब अमीरात की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत भारतीय मूल के भगोड़े सतीश सनपाल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी, उनकी पत्नी ताबिंदा और उनसे जुड़ी ANAX होल्डिंग सहित चार कंपनियों की संपत्तियां अस्थायी रूप से फ्रीज कर दी हैं। नेटफ्लिक्स की 'Desi Bling' सीरीज में दिख चुके सनपाल के बैंक खातों, निवेश और डिजिटल वॉलेट को इस एहतियाती कानूनी कदम के तहत रोका गया है। जांच एजेंसियां सनपाल के वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोतों की गहन पड़ताल कर रही हैं। यह कार्रवाई UAE द्वारा अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख का हिस्सा है। सतीश सनपाल पर क्रिकेट सट्टेबाजी से अरबों का सम्राज्य खड़ा करने का आरोप है, इसके सतना, शहडोल, कटनी जबलपुर सहित देश के कोने कोने में सफेदपोश लोग इसके पार्टनर बताए जाते है। जांच के बाद जल्द ही कई सफेदपोश सट्टेबाज बेनकाब होंगे। इनमें से कई सफेदपोश लोग लगातार इसके संपर्क में रहकर रियल स्टेट का कारोबार भी कर रहे है। भारत में भी सनपाल के खिलाफ सट्टेबाजी (IPL बेटिंग), हवाला नेटवर्क और धोखाधड़ी से जुड़े लगभग 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनके खिलाफ एक सक्रिय 'लुक-आउट सर्कुलर' भी जारी है । शहडोल में एक मामूली चाय के टपरे की दुकान से शुरुआत कर दुबई के बुर्ज खलीफा में आलीशान महल और अरबों का रियल एस्टेट साम्राज्य खड़ा करने वाले सतीश सनपाल की कहानी जितनी हैरान करने वाली है, उतनी ही अब विवादों से घिर चुकी है।1
- पटवारियों की कलम थमी तो राजस्व कार्यों पर भी लगा विराम, पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू रामपुर बाघेलान। मध्य प्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले रामपुर बाघेलान पटवारी संघ ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल से पहले पटवारियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुभाष मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। इसके बाद कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमारी अहिरवार के नेतृत्व में सभी पटवारी हड़ताल पर बैठ गए। पटवारियों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगों का निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल के चलते राजस्व विभाग के कई कार्य प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।1
- दतिया चुनाव में कांग्रेस की बड़ी जीत जिला अध्यक्ष राम बहादुर शर्मा जनता जनार्दन का किया आभार व्यक्त1
- *"गुढ़ तहसील में शासकीय जमीनों पर अवैध कब्जे का साम्राज्य! दुआरी सर्किल में अतिक्रमण बेलगाम, राजस्व अमले की कार्यशैली कटघरे में"* अभिषेक पांडे रीवा। गुढ़ तहसील अंतर्गत दुआरी सर्किल क्षेत्र में शासकीय भूमि पर तेजी से फैलता अवैध अतिक्रमण अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। शासकीय जमीनों पर लगातार हो रहे कब्जों ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र के कई गांवों में वर्षों से शासकीय भूमि पर अतिक्रमण होने की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन प्रभावी कार्रवाई के अभाव में अतिक्रमणकारियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई बार शिकायतें की गईं एवं सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज बुलंद की गई लेकिन इसके बावजूद न तो राजस्व अमले द्वारा व्यापक सीमांकन कराया गया और न ही अवैध कब्जों को हटाने के लिए कोई ठोस अभियान चलाया गया। परिणामस्वरूप सरकारी भूमि पर स्थायी निर्माण, बाड़बंदी और कब्जों का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे शासन की करोड़ों रुपये मूल्य की संपत्ति पर खतरा मंडराने लगा है। क्षेत्र वासियों का कहना है कि यदि समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना और अधिक कठिन हो जाएगा। लोगों ने मांग की है कि पूरे दुआरी सर्किल की सरकारी भूमि का विशेष सर्वे एवं सीमांकन कराया जाए, सभी अवैध कब्जों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध राजस्व एवं कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर सरकारी भूमि को तत्काल मुक्त कराया जाए तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही भी तय की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जों का यह मकड़जाल भविष्य में और विकराल रूप ले सकता है।1
- सतना जिले में लगातार बिगड़ रही लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति, आए दिन हो रहा धरना प्रदर्शन चकाजाम, और आज पुलिस टीम पर हमला*पुलिस की ढिलाई पड़ी भारी: लापता युवक की लाश मिलने पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा* लापता युवक का शव मिलने से आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस वाहन का घेराव किया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट के नियमों का हवाला देकर संदिग्ध से सिर्फ सामान्य पूछताछ की और उसे छोड़ दिया, जबकि वे थर्ड डिग्री के इस्तेमाल की मांग कर रहे थे। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागौद भेजा गया।1