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गोटन (नागौर) में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी का ज़ोरदार स्
Team Ravindra singh bhati
गोटन (नागौर) में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी का ज़ोरदार स्
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- गोटन (नागौर) में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी का ज़ोरदार स्1
- श्री ब्राह्मण स्वर्णकार समाज सेवा संस्थान के नव निर्वाचित अध्यक्ष श्री नेमीचंद जी कोटड़िया एवं उनकी पूरी टीम का आज शपथ ग्रहण कार्यक्रम बहुत ही आनंद एवं उत्साह से संपन्न हुआ, महासभा अध्यक्ष श्री दौलतराम जी महेचा ने सैकड़ों समाज बंधुओ एवं की मौजूदगी में पूरी टीम को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई, कार्यक्रम में महासभा के महामंत्री श्री कैलाशजी, उपाध्यक्ष श्री ओमजी हेडाऊ, श्री पुखराज जी काला, संगठन मंत्री श्री प्रेम बाड़मेरा, कार्यकारिणी सदस्य श्री छगनलाल जी हेडाऊ, कमलेश जी, गंगश्याम जी हेडाऊ, मेवाड़ महासभा के अध्यक्ष श्री कुंदनसिंह जी, श्री मुकेशजी महेचा Dysp SOG उदयपुर, चुनाव अधिकारी श्री उत्तम जी हेडाऊ एवं उनकी टीम, पूर्व अध्यक्ष श्री पीरचंद जी, महासभा राजस्थान संयोजक श्री नारायण जी, सह संयोजक श्री देव भजुड़, महिला संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहिन मंजुला जी हेडाऊ, जोधपुर अध्यक्ष श्री गिरधारी लाल जी, समदड़ी अध्यक्ष श्री संतोषजी, भोरड़ा श्री संतोषजी, पाटौदी, आसोतरा किटनौद, जसोल, पचपदरा, सिवाना, पाली, सामूहिक विवाह समिति रामदेवरा, बायतु, 24 पट्टी, सहित बालोतरा जिले के आसपास के सभी गांवों के अध्यक्ष की उपस्थिति में ये भव्य शपथ ग्रहण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ , मंच का शानदार संचालन श्री हितेश जी द्वारा किया गया, कार्यक्रम में नारी शक्ति की उपस्थित बहुत शानदार रही, करीब पांच सौ लोगों की मौजूदगी में ये शानदार कार्यक्रम सफल रहा, पश्चात स्वादिष्ट भोजन प्रसाद का सभी ने आनंद लिया4
- *लोकतंत्र सेनानियों का साहस और बलिदान देश के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा-जोराराम कुमावत* *मुख्य सचेतक एवं लोकतंत्र सेनानी जोगेश्वर गर्ग ने आपातकाल के संघर्षों-अनुभवो को किया साझा* *लोकतंत्र सेनानी संघ-स्वर्ण जयंती सम्मेलन का हुआ आयोजन* *लोकतंत्र सेनानियों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए आपातकाल के संघर्षों को किया याद* जालोर 29 मार्च। जालोर शहर स्थित नंदीश्वरदीप जैन तीर्थ परिसर में रविवार को लोकतंत्र सेनानी-स्वर्ण जयंती सम्मेलन का आयोजन किया गया। राज्य के पशुपालन एवं गोपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 1975 में देश में लागू हुई आपातकाल के दौरान उत्पन्न हुई विषम परिस्थितियों में नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे एवं प्रेस पर सेंसरशिप लागू की गई थी लेकिन ऐसे कठिन समय में भी लोकतंत्र सेनानियों ने अपने संघर्ष को जारी रखा और लोकतंत्र की ज्योति को प्रज्वलित रखा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का साहस और बलिदान देश के इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा एवं उनका समर्पण और त्याग आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राजस्थान लोकतंत्र सेनानी सम्मान निधि अधिनियम के तहत लोकतंत्र सेनानियों को 20 हजार रुपये मासिक पेंशन और 4 हजार रुपये की मासिक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक एवं लोकतंत्र सेनानी जोगेश्वर गर्ग ने आपातकाल के संघर्षों-अनुभव को साझा करते हुए आपातकाल के विरुद्ध लोकतांत्रिक आदर्शों की रक्षा के यज्ञ रूप में याद करने की बात कही। कार्यक्रम को राज्यसभा सांसद राजेंद्र गहलोत, जालोर सांसद लुम्बाराम चौधरी, आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित, सिविल लाइन्स विधायक, जयपुर गोपाल शर्मा ने भी संबोधित करते हुए भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल्यों, परम्परा, आपातकाल के प्रभाव और नागरिक स्वतंत्रता पर विचार व्यक्त किए। लोकतंत्र सेनानी व वरिष्ठ अधिवक्ता मधुसूदन व्यास ने आपातकाल के दिनों को याद करते हुए लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, लोकतंत्र को बचाने के लिए किए प्रयासों के वृतांत और अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम में लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके आश्रितों को शॉल व स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानी कैलाश सोनी, बंशीसिंह चौहान, गेनाराम मेघवाल, हरिशंकर राजपुरोहित, भगाराम सुथार, सूरजप्रकाश व्यास, श्रीमती मिश्री बाई पत्नी लोकतंत्र सेनानी स्व. चम्पालाल मुणोत, रवि सोलंकी, दीपसिंह धनानी, महेन्द्र मुणोत, सुरेश सोलंकी सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।4
- 🛑 ब्रेकिंग न्यूज़ | भीनमाल से बड़ी लापरवाही उजागर भीनमाल: शहर की नगर पालिका की गंभीर लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। शहर का सबसे व्यस्त इलाका महावीर चौराहा आज बदहाली का शिकार बना हुआ है। महावीर चौराहा पर शाहजी मोबाइल के सामने एक बड़ा नाला खुले में छोड़ दिया गया है, जिससे आमजन की जान को सीधा खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी अब तक मौन बने हुए हैं। शहरवासियों में इस लापरवाही को लेकर भारी रोष है। लोगों का आरोप है कि नगरपालिका भीनमाल केवल वसूली तक सीमित होकर रह गई है, जबकि शहरभर में कई स्थानों पर बड़े-बड़े नाले गंदगी से भरे पड़े हैं और सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। इतना ही नहीं, नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि नगरपालिका की मिलीभगत और मौन स्वीकृति से शहर के सैकड़ों स्थानों पर अव्यवस्थाएं धड़ल्ले से जारी हैं। 👉 अब सवाल यह उठता है कि क्या नगरपालिका किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही है? 📢 प्रशासन से मांग: स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत कार्रवाई करते हुए खुले नालों को ढकने, सफाई व्यवस्था सुधारने और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।2
- Post by शाहजी मोबाइल सर्विस1
- आहोर/जालोर युवाओं की टोली बनी मिसाल: सराणा गांव में पक्षियों के लिए जीवनदान अभियान:- जालौर जिले के सराणा गांव में युवाओं की एक प्रेरणादायक पहल इन दिनों पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। भीषण गर्मी के मौसम में जहां इंसान ही नहीं बल्कि पशु-पक्षी भी पानी की कमी से जूझते हैं, वहीं गांव के युवाओं ने आगे आकर संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की मिसाल पेश की है। गांव के युवा जितेंद्र दवे सराणा के नेतृत्व में एक टोली ने मिलकर पूरे गांव में “परिंडा अभियान” चलाया। हर घर एक परिंडा घर घर परिंडा इस अभियान के तहत युवाओं ने घर-घर जाकर 1000 से अधिक परिंदे (पानी के बर्तन) वितरित किए। इन परिंदों को गांव की गलियों, छतों और पेड़ों पर लगाया जा रहा है ताकि पक्षियों को भीषण गर्मी में पानी मिल सके। इस सराहनीय कार्य के दौरान गांव के हर वर्ग का सहयोग देखने को मिला। सोशल मीडिया के माध्यम से एक घण्टे में प्रवासी भाईयों के सहयोग से मात्र एक घण्टे में 1000 परिंडे की संख्या आ गई जिसमें युवा, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में इस अभियान से जुड़े और परिंदे लेने के लिए उत्साहपूर्वक आगे आए। कई परिवारों ने अपने घरों के बाहर नियमित रूप से पानी भरने की जिम्मेदारी भी ली। और युवाओं ने मुख्य बस स्टैंड व धार्मिक स्थानों पर परिंदों को गोद भि लिया जिसमें समय पर पानी पिलाने की जिम्मेदारी ली युवाओं ने बताया कि उनका उद्देश्य सिर्फ परिंदे बांटना ही नहीं, बल्कि लोगों में पशु-पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता जागृत करना भी है। यही कारण है कि वे गांव और आसपास के क्षेत्रों में पशुओं के लिए भी पानी की व्यवस्था कर रहे हैं, जिसमें गांव में वन्य जीवों का विचरण रहता है जिसमें पानी की प्यास बुझाने के लिए गांव में आ जाते जिसमें वो कुत्तों के झुंड से मोत का शिकार हो जाते हैं इसलिए युवाओं चार जगहो को चिन्हित किया जिसमें सिमेंट के फर्में रखकर वहां टेंकरो से पानी भराया जायेगा ताकि गर्मी के मौसम में किसी भी जीव को प्यास से परेशान न होना पड़े। गांव में इस पहल की हर तरफ प्रशंसा हो रही है। लोग इसे एक प्रेरणादायक अभियान मान रहे हैं, जो न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देता है, बल्कि मानवता की सच्ची भावना को भी दर्शाता है। यह पहल साबित करती है कि अगर युवा ठान लें, तो वे समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। सराणा गांव के इन युवाओं ने निस्वार्थ सेवा और जागरूकता की जो मिसाल पेश की है, वह अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।4
- बाड़मेर जिले की पंचायत समिति गडरारोड़ के अंतर्गत आने वाले रा.उ.मा.वि. खबडाला से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सरकारी रिकॉर्ड में 17 शिक्षकों का स्टाफ दर्ज है, लेकिन हकीकत में मौके पर सिर्फ 2 शिक्षक ही मौजूद मिलते हैं। ग्रामीणों ने जब स्कूल जाकर जांच की तो पूरा मामला सामने आया। उनका आरोप है कि बाकी शिक्षक हफ्ते में एक बार आते हैं, सिर्फ हस्ताक्षर करते हैं और फिर चले जाते हैं। इतना ही नहीं, बच्चों ने खुद बताया कि जो दो शिक्षक आते भी हैं, वो भी ज्यादातर समय ऑफिस में बैठकर मोबाइल चलाते रहते हैं, जिससे पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस लापरवाही से बच्चों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। अब ग्रामीणों की मांग है कि 👉 सभी शिक्षकों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए 👉 खाली पदों को भरा जाए 👉 और स्कूल में पढ़ाई सही तरीके से शुरू करवाई जाए अब बड़ा सवाल ये है कि सरकारी सिस्टम में दर्ज 17 शिक्षक आखिर कहां हैं? और क्या जिम्मेदार अधिकारी इस पर कार्रवाई करेंगे?1
- जालौर शहर में पिछले लगभग 1 महीने से घरेलू गैस व कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी चल रही है आमजन को सिलेंडर के लिए कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिसके चलते शहर के बागोड़ा रोड पर दुकानदार कांतिलाल प्रजापत ने सिलेंडर की कमी के चलते पुराने दिनों की शहर वासियों को यादें दिलाई जिसमें उन्होंने कोयले की भट्टी पर चाय बनाकर ग्राहकों को पिलाई इस दौरान प्रजापत ने कहा समय बड़ा बलवान समय की कीमत को समझना चाहिए1