पति ने पत्नी की बल्ली से की मारपीट वीडियो वायरल, पति-ससुर पर केस दर्ज अशोकनगर। देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले डंगाई गांव में एक महिला के साथ उसके पति ने मारपीट करदी। घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सोमवार रात को सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मिली जानकारी अनुसार, पति देवेंद्र यादव ने 34 वर्षीय पत्नी राजकुमारी को लकड़ी की बल्ली से पीटा। मारपीट के दौरान महिला जमीन पर गिर गई और चीखती रही, लेकिन पति उसे लगातार मारता रहा। इस हमले में महिला की पीठ, कमर और बाएं पैर की जांघ सहित शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। मारपीट की घटना के बाद महिला ने अपने भाई को सूचना दी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाकर इलाज कराया गया। सोमवार शाम को पीड़िता देहात थाने पहुंची। पुलिस ने राजकुमारी की शिकायत पर पति देवेंद्र यादव और ससुर राजेंद्र यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह घर पर चाय बना रही थी, तभी उसकी सास से बहस हो गई। जब उसने पति देवेंद्र यादव से अपनी मां को समझाने के लिए कहा, तो पति गाली-गलौज करने लगा। पीड़िता के मना करने पर ससुर राजेंद्र सिंह भी वहां आ गए और पति को उकसाया, जिसके बाद देवेंद्र यादव ने लकड़ी की बल्ली से उसकी पिटाई कर दी।
पति ने पत्नी की बल्ली से की मारपीट वीडियो वायरल, पति-ससुर पर केस दर्ज अशोकनगर। देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले डंगाई गांव में एक महिला के साथ उसके पति ने मारपीट करदी। घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सोमवार रात को सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मिली जानकारी अनुसार, पति देवेंद्र यादव ने 34 वर्षीय पत्नी राजकुमारी को लकड़ी की बल्ली से पीटा। मारपीट के दौरान महिला जमीन पर गिर गई और चीखती रही, लेकिन पति उसे लगातार मारता रहा। इस हमले में महिला की पीठ, कमर और बाएं पैर की जांघ सहित शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। मारपीट की घटना के बाद महिला ने अपने भाई को सूचना दी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाकर इलाज कराया गया। सोमवार शाम को पीड़िता देहात थाने पहुंची। पुलिस ने राजकुमारी की शिकायत पर पति देवेंद्र यादव और ससुर राजेंद्र यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह घर पर चाय बना रही थी, तभी उसकी सास से बहस हो गई। जब उसने पति देवेंद्र यादव से अपनी मां को समझाने के लिए कहा, तो पति गाली-गलौज करने लगा। पीड़िता के मना करने पर ससुर राजेंद्र सिंह भी वहां आ गए और पति को उकसाया, जिसके बाद देवेंद्र यादव ने लकड़ी की बल्ली से उसकी पिटाई कर दी।
- अशोकनगर। देहात थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले डंगाई गांव में एक महिला के साथ उसके पति ने मारपीट करदी। घटना रविवार सुबह की बताई जा रही है, जिसका वीडियो सोमवार रात को सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पति और ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मिली जानकारी अनुसार, पति देवेंद्र यादव ने 34 वर्षीय पत्नी राजकुमारी को लकड़ी की बल्ली से पीटा। मारपीट के दौरान महिला जमीन पर गिर गई और चीखती रही, लेकिन पति उसे लगातार मारता रहा। इस हमले में महिला की पीठ, कमर और बाएं पैर की जांघ सहित शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। मारपीट की घटना के बाद महिला ने अपने भाई को सूचना दी, जिसके बाद उसे अस्पताल ले जाकर इलाज कराया गया। सोमवार शाम को पीड़िता देहात थाने पहुंची। पुलिस ने राजकुमारी की शिकायत पर पति देवेंद्र यादव और ससुर राजेंद्र यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि वह घर पर चाय बना रही थी, तभी उसकी सास से बहस हो गई। जब उसने पति देवेंद्र यादव से अपनी मां को समझाने के लिए कहा, तो पति गाली-गलौज करने लगा। पीड़िता के मना करने पर ससुर राजेंद्र सिंह भी वहां आ गए और पति को उकसाया, जिसके बाद देवेंद्र यादव ने लकड़ी की बल्ली से उसकी पिटाई कर दी।1
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- Lalitpur #NH441
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- मध्यप्रदेश में धार्मिक आस्था की आड़ में बड़े अपराधों के आरोप सामने आए हैं। अशोकनगर जिले के ईसागढ़ क्षेत्र स्थित आनंदपुर धाम को लेकर दलित-आदिवासी समाज के शोषण, महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न, जमीन कब्जा, गोवंश तस्करी और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह मामला अब केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रहकर संगठित अपराध का रूप लेता दिखाई दे रहा है। प्रेस को जारी बयान में आरोप लगाया गया है कि आश्रम में रहने वाले दलित एवं आदिवासी समुदाय के युवक-युवतियों और महिलाओं के साथ लंबे समय से यौन शोषण किया गया। पीड़ितों के अनुसार, विरोध करने पर उन्हें आश्रम से निकालने, परिवार को नुकसान पहुंचाने और जान से मारने तक की धमकियां दी गईं। महिलाओं के शोषण के गंभीर आरोप आरोप है कि आश्रम की सेविकाओं से यह कहकर शोषण कराया गया कि “लड़कियां सौंपो” और यह भी कहा जाता था कि “महात्माओं का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।” पीड़ित महिलाओं का दावा है कि शिकायत के बावजूद उन्हें डराया-धमकाया गया, जिससे वे चुप रहने को मजबूर हुईं। जमीन कब्जा और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण स्थानीय लोगों का कहना है कि आनंदपुर धाम से जुड़े लोगों द्वारा दलित-आदिवासी परिवारों की जमीनों पर अवैध कब्जा किया गया। आरोप है कि जमीन हड़पने के लिए डर, धमकी और धार्मिक प्रभाव का दुरुपयोग किया गया। कुछ मामलों में हत्या और जमीन हड़पने के आरोप भी सामने आए हैं। गोवंश तस्करी और आपराधिक नेटवर्क ट्रस्ट से जुड़े लोगों पर अवैध गोवंश तस्करी और हत्या की शिकायत 17 फरवरी 2025 को पुलिस महानिदेशक, भोपाल को की गई थी। पुलिस सत्यापन में यह भी सामने आया कि आश्रम में उत्तर प्रदेश, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से आए आपराधिक प्रवृत्ति के लोग रह रहे थे, जिनका उपयोग पीड़ितों को डराने और शिकायत दबाने के लिए किया गया। प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल ईसागढ़ थाना, कलेक्टर अशोकनगर और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायतें व साक्ष्य देने के बावजूद अब तक ठोस कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए गए हैं। इसे प्रशासनिक संरक्षण या राजनीतिक दबाव से जोड़कर देखा जा रहा है। IAS अधिकारियों से सार्वजनिक सवाल प्रेस नोट में IAS अधिकारियों से पूछा गया है कि क्या उनका या उनके करीबी लोगों का आश्रम से कोई संबंध है, और यदि नहीं तो इतने गंभीर आरोपों के बावजूद निष्पक्ष व स्वतंत्र जांच क्यों नहीं कराई गई। कांग्रेस की मांग प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग ने मांग की है कि— पूरे मामले की जांच स्थानीय पुलिस के बजाय सीबीआई से कराई जाए दलित-आदिवासी पीड़ितों को सुरक्षा दी जाए शिकायतों पर कार्रवाई न करने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि दोषियों को बचाया गया, तो यह संदेश जाएगा कि मध्यप्रदेश में कानून कमजोर वर्गों के लिए नहीं है। यह मामला दलित-आदिवासी समाज की जमीन, महिलाओं की गरिमा और संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा है।1
- सेवा में, माननीय मुख्यमंत्री जी मध्यप्रदेश शासन विषय: सामाजिक कुरीतियों पर नियंत्रण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के न्यायसंगत उपयोग हेतु निवेदन। महोदय, सविनय निवेदन है कि वर्तमान समय में समाज में दिखावे, फिजूलखर्ची एवं सामाजिक कुरीतियों के कारण आर्थिक असमानता बढ़ती जा रही है। विवाह, मृत्यु भोज, डीजे-डांस जैसे आयोजनों में अत्यधिक धन खर्च करने की प्रवृत्ति से गरीब एवं मध्यम वर्ग पर अनावश्यक दबाव बन रहा है। इस संदर्भ में समाजहित एवं राष्ट्र निर्माण की भावना से निम्न सुझाव आपके समक्ष प्रस्तुत हैं— विवाह समारोहों में प्राप्त होने वाली अत्यधिक राशि पर नियंत्रण हेतु, निर्धारित सीमा से अधिक धनराशि का 50 प्रतिशत भाग शासन द्वारा सामाजिक कल्याण कोष में जमा किया जाए। महंगे एवं दिखावटी कार्यक्रमों (जैसे भव्य विवाह, डीजे, सजावट आदि) पर 50% जीएसटी अथवा विशेष कर लगाया जाए, ताकि गरीब–अमीर की होड़ पर अंकुश लग सके। जो व्यक्ति या परिवार— मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं को बढ़-चढ़कर करते हैं, जुआ, सट्टा खेलते पाए जाते हैं, अथवा शराब एवं अन्य नशों में धन का दुरुपयोग करते हैं, उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं एवं शासकीय सुविधाओं (जैसे राशन कार्ड, बीपीएल लाभ, सम्मान निधि आदि) से वंचित किया जाए। हमारा मानना है कि जो लोग फिजूलखर्ची और नशे में धन व्यर्थ करते हैं, उन्हें सरकारी सहायता लेने की आवश्यकता नहीं होनी चाहिए, जबकि वास्तविक जरूरतमंद आज भी सहायता से वंचित हैं। माननीय मुख्यमंत्री जी से निवेदन है कि उपरोक्त विषयों पर गंभीरता से विचार कर सामाजिक सुधार, आर्थिक न्याय एवं राष्ट्र निर्माण की दिशा में आवश्यक नीति निर्णय लेने की कृपा करें।1
- नाबालिग से दुष्कर्म, गोचर भूमि अतिक्रमण व चांदा मऊ आगजनी कांड को लेकर करणी सेना व हिंदू संगठनों का उग्र प्रदर्शन1