पीपलरावां: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वित्तीय अधिकारों पर लगी रोक देवास: पीपलरावां नगर परिषद पीपलरावां की राजनीति में शुक्रवार को उस समय बड़ा मोड़ आ गया, जब इंदौर हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वित्तीय अधिकारों के उपयोग पर अंतरिम रोक लगा दी। क्या है पूरा मामला ? नगर के देवनारायण टेलर द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अमितराज ने कोर्ट में दलील दी कि: पार्षदों द्वारा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन तो कर लिया गया है, लेकिन इनके कार्यकाल की विधिवत शुरुआत गजट नोटिफिकेशन (राजपत्र में प्रकाशन) जारी होने के बाद ही होती है। नियमतः, अधिसूचना जारी होने से पहले अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अपने प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकते। न्यायालय का अंतरिम आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि: जब तक अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के निर्वाचित होने की आधिकारिक अधिसूचना (Gazette Notification) जारी नहीं हो जाती, तब तक अध्यक्ष कविता शर्मा और उपाध्यक्ष राजेन्द्र नाहर किसी भी प्रकार के वित्तीय अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। प्रशासन और सरकार को नोटिस वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने के साथ ही माननीय न्यायालय ने इस प्रकरण में जवाब-तलब भी किया है। कोर्ट ने निम्नलिखित पक्षों को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं: मध्य प्रदेश राज्य सरकार देवास कलेक्टर नप अध्यक्ष कविता शर्मा उपाध्यक्ष राजेन्द्र नाहर इस आदेश के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली और आगामी विकास कार्यों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
पीपलरावां: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नगर परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वित्तीय अधिकारों पर लगी रोक देवास: पीपलरावां नगर परिषद पीपलरावां की राजनीति में शुक्रवार को उस समय बड़ा मोड़ आ गया, जब इंदौर हाईकोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए निर्वाचित अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के वित्तीय अधिकारों के उपयोग पर अंतरिम रोक लगा दी। क्या है पूरा मामला ? नगर के देवनारायण टेलर द्वारा माननीय उच्च
न्यायालय में एक याचिका दायर की गई थी। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अमितराज ने कोर्ट में दलील दी कि: पार्षदों द्वारा अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन तो कर लिया गया है, लेकिन इनके कार्यकाल की विधिवत शुरुआत गजट नोटिफिकेशन (राजपत्र में प्रकाशन) जारी होने के बाद ही होती है। नियमतः, अधिसूचना जारी होने से पहले अध्यक्ष और उपाध्यक्ष अपने प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों का प्रयोग नहीं कर सकते। न्यायालय
का अंतरिम आदेश मामले की गंभीरता को देखते हुए इंदौर हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित किया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि: जब तक अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के निर्वाचित होने की आधिकारिक अधिसूचना (Gazette Notification) जारी नहीं हो जाती, तब तक अध्यक्ष कविता शर्मा और उपाध्यक्ष राजेन्द्र नाहर किसी भी प्रकार के वित्तीय अधिकारों का उपयोग नहीं कर सकेंगे। प्रशासन और सरकार को नोटिस वित्तीय अधिकारों पर रोक लगाने के
साथ ही माननीय न्यायालय ने इस प्रकरण में जवाब-तलब भी किया है। कोर्ट ने निम्नलिखित पक्षों को नोटिस जारी कर 6 सप्ताह के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं: मध्य प्रदेश राज्य सरकार देवास कलेक्टर नप अध्यक्ष कविता शर्मा उपाध्यक्ष राजेन्द्र नाहर इस आदेश के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली और आगामी विकास कार्यों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर नगर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
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- देवास, वैश्विक स्तर पर चल रहे वर्तमान परिदृश्य को दृष्टिगत रखते हुए उद्योगों को गैस की कमी से बचाने और उत्पादन को प्रभावित होने से रोकने के उद्देश्य से उद्योगपतियों की एक महत्वपूर्ण बैठक 24 मार्च को देवास औद्योगिक क्षेत्र स्थित एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक में एमपीआईडीसी, आपूर्ति विभाग, गैस कंपनियों और उद्योग प्रतिनिधियों ने शामिल होकर समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की। सभी संबंधित पक्षों ने भरोसा दिलाया कि वर्तमान स्थिति चुनौतीपूर्ण जरूर है, लेकिन सामूहिक प्रयासों से जल्द सुधार किया जाएगा। बैठक में एमपीआईडीसी क्षेत्रीय कार्यालय उज्जैन के जनरल मैनेजर श्री विनयप्रताप सिंह तोमर ने कहा कि मौजूदा हालात को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। शासन, प्रशासन और गैस कंपनियां मिलकर काम कर रही हैं ताकि उद्योगों पर इसका न्यूनतम असर पड़े। उन्होंने उद्योगपतियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी समस्या की तत्काल जानकारी दें, जिससे उसका त्वरित समाधान किया जा सके। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने गैस कोटे का 5 प्रतिशत हिस्सा उद्योगों के लिए आरक्षित किया है, जिससे काफी हद तक गैस संकट से राहत मिलेगी। साथ ही उद्योगों को वैकल्पिक ईंधन अपनाने और पाइप गैस कनेक्शन लेने की सलाह भी दी गई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी इकाई को अनावश्यक परेशानी नहीं होने दी जाएगी और सभी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा। उद्योगपतियों ने रखी अपनी समस्याएं एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष श्री अशोक खंडेलिया ने बताया कि वर्तमान में गैस सप्लाई का 6 माह का एवरेज लिया जा रहा है। इसमें सीजनल उतार-चढ़ाव शामिल हो जाता है इसलिए उन्होंने इसे 3 माह का करने की मांग की। वहीं पहले उद्योगों को मिलने वाला 80 प्रतिशत गैस कोटा 65 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे अधिक खपत पर पेनल्टी रेट लगाने की बात कही जा रही है, लेकिन 15 मार्च के बाद की दरें स्पष्ट नहीं हैं, जिससे उद्योगपति असमंजस में हैं। इसके अलावा उन्होंने कैंटीन के लिए कमर्शियल एलपीजी की कमी, बिजली कटौती और डीजल आपूर्ति जैसे मुद्दे भी उठाए। बैठक में उद्योगपतियों ने कहा कि 65 प्रतिशत गैस कोटा डेली बेसिस पर लागू होने से संचालन प्रभावित हो रहा है। मशीनों को गर्म करने में ही रोजाना काफी गैस खर्च हो जाती है, जिससे सीमित कोटे में हर दिन काम करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि बिलिंग साइकिल 15 दिन की कर दी जाए, जिससे वे बेहतर योजना बनाकर उत्पादन कर सकें। कुछ उद्योगपतियों ने बिजली कटौती और संडे शटडाउन की समस्या भी बताई, जिससे उत्पादन बाधित हो रहा है। वहीं, गैस प्रेशर कम होने की आशंका को लेकर भी चिंता जताई गई। केंद्र से तय होता है कोटा गेल कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि गैस कोटे का निर्धारण केंद्रीय मंत्रालय से होता है। वे उद्योगपतियों का सुझाव वहां भेज देंगे। उन्होंने कहा कि गैस सप्लाई का प्रेशर कम नहीं होने दिया जाएगा और सभी तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। जहां पाइप कनेक्शन नहीं है, वहां कनेक्शन देने के लिए तेजी से काम किया जाएगा। कैंटीन गैस सप्लाई में तकनीकी दिक्कतें हैं, क्योंकि कहीं लो-प्रेशर और कहीं हाई-प्रेशर लाइन मौजूद है। जहां संभव होगा, वहां 15 दिनों के भीतर नई लाइन डालकर कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। डाटा के आधार पर योजनाबद्ध निकालेंगे समाधान सहायक सप्लाई अधिकारी श्री बीएस राय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कमर्शियल सिलेंडर की उपलब्धता बहुत कम है, इसलिए आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है। उन्होंने उद्योगों को गेल कंपनी से पाइप गैस कनेक्शन लेने की सलाह दी और कहा कि जहां लाइन उपलब्ध नहीं है या जहां लो प्रेशर लाइन नहीं है, वहां भी समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने सभी उद्योगों से मासिक खपत और डीजल उपयोग का डेटा मांगा, ताकि सही योजना बनाकर समस्या का समाधान किया जा सके। साथ ही डीजल को बैरल में उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर से अनुमति दिलाने का प्रयास करने की बात भी कही। टीम वर्क से होगा बेहतर काम बैठक के अंत में जीएम श्री तोमर ने एक बार फिर उद्योगपतियों को आश्वस्त किया कि यह एक अस्थायी स्थिति है और सभी विभाग मिलकर इसे जल्द सामान्य करेंगे। उन्होंने टीमवर्क पर जोर देते हुए कहा कि प्रशासन और उद्योग मिलकर काम करेंगे तो इस संकट से आसानी से बाहर निकला जा सकता है। उन्होंने कहा कि उद्योगों के सुचारू संचालन के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं और आने वाले समय में हालात निश्चित रूप से बेहतर होंगे।2
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- • संभागायुक्त ने कोठरी और जताखेड़ा में किया अमरूद एवं सीताफल की खेती का निरीक्षण • किसानों को उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए किया प्रोत्साहित • अधिक से अधिक पात्र किसानों को दिलाया जाए उद्यानिकी विभाग की योजनाओं का लाभ - संभागायुक्त श्री सिंह भोपाल संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने उद्यानिकी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से सीहोर जिले के ग्राम जताखेड़ा एवं कोठरी का भ्रमण कर किसानों द्वारा की जा रही उद्यानिकी फसलों का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर श्री बालागुरू के. ने जिले में संचालित उद्यानिकी योजनाओं तथा उनके माध्यम से किसानों को मिल रहे लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त श्री सिंह ने ग्राम जताखेड़ा में किसान श्रीमती रूपा सिंह द्वारा वीएनआर तकनीक से की जा रही अमरूद की खेती का निरीक्षण किया। उन्होंने इस उन्नत उत्पादन तकनीक की विशेषताओं और लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। साथ ही ड्रिप इरिगेशन सिस्टम एवं फार्म पोंड की प्लास्टिक लाइनिंग के माध्यम से जल संरक्षण एवं उसके प्रभावी उपयोग पर भी चर्चा की। इसी क्रम में संभागायुक्त श्री सिंह ने आष्टा के ग्राम कोठरी में किसान श्री प्रमोद कासनियां द्वारा की जा रही वीएनआर अमरूद, एनएमके गोल्डन सुपर सीताफल तथा ड्रिप मल्चिंग तकनीक से उत्पादित खीरा फसल का निरीक्षण किया। उन्होंने आधुनिक तकनीकों के उपयोग से बढ़ती उत्पादकता और बेहतर गुणवत्ता की सराहना करते हुए किसानों को उद्यानिकी फसलों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। संभागायुक्त श्री सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले के अधिक से अधिक पात्र किसानों को उद्यानिकी विभाग की योजनाओं से लाभान्वित किया जाए, ताकि क्षेत्र में उद्यानिकी फसलों का विस्तार हो और किसानों की आय में वृद्धि हो सके। निरीक्षण के दौरान संयुक्त संभागायुक्त श्री विनोद यादव, सहायक संचालक श्री जगदीश सिंह मुजाल्दा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे5
- Post by Shalim Khan1
- # orai #Uttarpradesh1
- केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण बुधनी में आयोजित राष्ट्रीय उन्नत कृषि यंत्रीकरण प्रदर्शनी एवं किसान संवाद कार्यक्रम संस्थान (CFMTTI), बुधनी में आयोजित राष्ट्रीय उन्नत कृषि यंत्रीकरण प्रदर्शनी एवं किसान संवाद कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक गोपालसिंह इंजीनियर ने सहभागिता की कार्यक्रम में माननीय पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह जी चौहान एवं विधायकगण की गरिमामयी उपस्थिति रही। भविष्य की खेती का खाका है। ड्रोन से लेकर आधुनिक उपकरणों तक, हर तकनीक यह बता रही है कि भारत का किसान अब दुनिया के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है।1
- Post by Sajid Pathan1