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गुना नगर में श्री कृष्णा जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शोभा यात्रा में यादव समाज का पारंपरिक लाठी काठी का कर्तव्य दिखाया गया कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां
Suriya yadav media
गुना नगर में श्री कृष्णा जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शोभा यात्रा में यादव समाज का पारंपरिक लाठी काठी का कर्तव्य दिखाया गया कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां
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- गुना नगर में श्री कृष्णा जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शोभा यात्रा में यादव समाज का पारंपरिक लाठी काठी का कर्तव्य दिखाया गया कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां1
- कॉलोनीवासियों ने प्रशासन से लगाई मदद की गुहार, मौके पर निरीक्षण और कार्रवाई की मांग गुना पत्रकारों के नाम पर विकसित की गई पत्रकार कॉलोनी इन दिनों गंभीर अव्यवस्थाओं और जलभराव की समस्या से जूझ रही है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि कॉलोनी का मूल नक्शा बदलकर पार्क, नाले और अन्य सार्वजनिक उपयोग की जमीनों को कथित रूप से बेच दिया गया, जिसके चलते बारिश के पानी की निकासी बाधित हो गई है और रहवासियों का आवागमन तक प्रभावित हो रहा है। कॉलोनीवासियों के अनुसार, करीब पांच वर्षों से जलभराव की समस्या बनी हुई है। बारिश के दौरान कॉलोनी की सड़कें और रास्ते पानी में डूब जाते हैं। स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि लोगों का घरों से निकलना और कॉलोनी में आना-जाना तक मुश्किल हो जाता है। रहवासियों का कहना है कि यदि कॉलोनी के मूल नक्शे के अनुसार नालों और पार्कों की जमीन सुरक्षित रहती तथा पानी की निकासी के पर्याप्त इंतजाम होते तो आज यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।2
- कुंभराज के आशीष कासट को काका हाथरसी सम्मान* इंदौर में कुंभराज का मान बढ़ा, साहित्य सेवा पुरस्कार से सम्मानित 21वें काका हाथरसी समारोह में गूंजा कुंभराज1
- वर्तमान में धार्मिक आस्था के केंद्र,गरीब,मध्यम,क्या पढ़ालिखा ओर क्या अनपढ,युवा शिक्षित बेरोजगार लोगों के रोजगार का सहारा भी बन रहे है।। * *छबड़ा की भुवाखेड़ी की पहाड़ी पर गूंजा श्याम नाम, अजा एकादशी पर 51 से अधिक निशानों के साथ उमड़ी आस्था।* * *अजा एकादशी पर श्रद्धा और भक्ति की बहार, हारे के सहारे के दर पर उमड़ा जनसैलाब।* छबड़ा(बारां)अजा एकादशी के पावन अवसर पर कस्बे के निकट ग्राम भुवाखेड़ी स्थित श्री खाटूश्याम मंदिर पर आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। बाबा श्याम के जयकारों के साथ 51 से अधिक पवित्र निशान मंदिर की ओर बढ़े तो पूरी पहाड़ी "हारे के सहारे की जय" से गूंज उठी। हर एकादशी की तरह इस बार भी दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।यह वही पहाड़ी है जो कभी अतिक्रमण का शिकार थी। विंध्याचल पर्वत की अवशेषित इस पहाड़ी को पहले खाटूश्याम गौशाला के नाम से जाना जाता था। कुदरत की देन है कि यहाँ प्राचीन तपस्वियों के तप-स्थल और अरण्य रक्षक श्री भैरव नाथ का प्राचीन स्थान मौजूद है।अलख निरंजन ज्योति ध्यान योग,अमीरपुरखेड़ी,ओशो आशीष ध्यान केंद्र,भुवाखेड़ी ओर श्री हनुमान सिद्ध साधनाश्रम, अमीरपुरखेड़ी खेड़ी संस्थापक एस. एल.नागर,स्वामी ध्यान गगन के परामर्श ओर मार्गदर्शन अनुसार,ग्राम के युवाओं ने युवा नेता रघुवीर धाकड़ के नेतृत्व में पहाड़ी को अतिक्रमण मुक्त कराने का संकल्प लिया और कलयुग में 'हारे के सहारे' के रूप में पूजित बाबा खाटूश्याम का मंदिर बनाने की ठानी।क्षेत्र के श्याम भक्तों और दानदाताओं के कण-कण के सहयोग से जो कार्य 6 फरवरी 2026 को एक छोटे से मंदिर के लक्ष्य से शुरू हुआ था, देखते ही देखते विशाल मंदिर के रूप में साकार हो गया। खाटूश्याम गौशाला अध्यक्ष रमेश धाकड़ और मंदिर निर्माण अध्यक्ष रामनिवास सहित सभी श्याम प्रेमियों के अथक प्रयासों से 24 जून 2026 को 51 कुंडीय विष्णु महायज्ञ के भव्य आयोजन के बाद तीन बाणधारी बाबा खाटूश्याम की प्राण-प्रतिष्ठा विधि-विधान से सम्पन्न हुई। सादली के नाम से जानी जाने वाली यह पहाड़ी आज बाबा खाटूश्याम जी मंदिर,भुवाखेड़ी धाम के रूप में नई पहचान बना रही है।अब हर मास के तीज-त्यौहार,रविवार और एकादशी पर यहाँ निशान यात्रा के साथ हजारों भक्त दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।कहते हैं, जिसका कोई नहीं होता, उसका सहारा बाबा श्याम होता है। आज जब देशभर के मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ रहा है, तो यह आस्था केवल धर्म ही नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और युवाओं को सेवा और संस्कृति से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बन रही है। भुवाखेड़ी धाम इसका जीवंत उदाहरण है।वर्तमान में धार्मिक आस्था के केंद्र,गरीब,मध्यम,क्या पढ़ालिखा ओर क्या अनपढ,युवा शिक्षित बेरोजगार लोगों के रोजगार का सहारा भी बन रहे है।।4
- मुंगावली रेलवे विभाग की लापरवाही से तरन तारन धर्मशाला के पीछे बनें रेलवे क्वार्टरों के पीछे खुले पड़े सेप्टिक टैंक में गिरी गाय स्थानीय नागरिकों एवं नगर परिषद के कर्मचारीयों के द्वारा फंसी हुई गाय माता को बाहर निकाला गया Read News Media Agency1
- हजारों की संख्या में लामबंद हुए अफीम काश्तकार, महापंचायत के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री, मुख्यमंत्री व जिला कलेक्टर के नाम का ज्ञापन सौंपा। हरनावदाशाहजी- नॉरकोटिक्स विभाग के डोडा चूरा नष्टीकरण आदेश के विरोध में अफीम किसानों की महापंचायत, गोरधनपुरा बालाजी मंदिर में जुटे बारां-झालावाड़ के हजारों अफीम काश्तकार, महापंचायत कर डोडा-चूरा नष्टीकरण आदेश वापस लेने की मांग, किसानों ने 11 सितंबर तक आदेश वापस लेने होने की दी चेतावनी, नही तो 12 सितंबर से उपखंड कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना देने का ऐलान, महापंचायत के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री, मुख्यमंत्री व जिला कलेक्टर के नाम का ज्ञापन सौंपा।4
- दूध की उचित दर को लेकर दूध विक्रेताओं की बैठक,₹12 प्रति फेट व खुला दूध ₹70 से कम दर पर नहीं देने का निर्णय दूध की उचित दर को लेकर दूध विक्रेताओं की बैठक,₹12 प्रति फेट व खुला दूध ₹70 से कम दर पर नहीं देने का निर्णय छीपाबड़ौद - बारां छीपाबड़ौद क्षेत्र के दूध विक्रेताओं एवं पशुपालकों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें वर्तमान में दूध की कम दर मिलने से हो रहे आर्थिक नुकसान को लेकर चर्चा की गई। बैठक में सरकारी एवं निजी डेयरी द्वारा कम दर पर दूध खरीदे जाने पर चिंता व्यक्त की गई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि *₹12 प्रति लीटर पर फेट* से कम दर पर दूध खरीदने वाली सरकारी एवं निजी डेयरी की किसी भी गाड़ी को छीपाबड़ौद क्षेत्र से दूध नहीं दिया जाएगा। साथ ही ऐसी गाड़ियों द्वारा क्षेत्र के बाजार में दूध की सप्लाई का भी विरोध किया जाएगा। निर्णय में कहा गया कि यदि लिए गए निर्णय के बावजूद भी कोई गाड़ी छीपाबड़ौद में दूध सप्लाई करने आती है और उसके साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी होती है तो वह स्वयं जिम्मेदार रहेगी। साथ ही निर्णय लिया गया कि लोकल में कोई भी दूध विक्रेता *₹70 से कम में दूध बेचता पाया गया तो उस पर ₹5,000 जुर्माना* लगाया जाएगा। दूध विक्रेताओं ने प्रशासन से मांग की कि पशुपालकों एवं दूध विक्रेताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए दूध की उचित दर निर्धारित करवाई जाए तथा कम दर पर दूध खरीदने की व्यवस्था पर आवश्यक कार्रवाई की जाए। दूध विक्रेताओं ने कहा कि उचित दर नहीं मिलने की स्थिति में आगे भी सामूहिक रूप से अपनी मांग को प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा।3
- 'माटी गणेश सिद्ध गणेश' अभियान: विधायक पन्नालाल शाक्य ने की घर-घर मिट्टी के गणेश स्थापना की अपील गुना मध्य प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रेरणादायी आह्वान पर प्रदेश भर में पर्यावरण संरक्षण एवं सांस्कृतिक संवर्धन के उद्देश्य से 'माटी गणेश सिद्ध गणेश' अभियान चलाया जा रहा है। मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद तथा नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस अभियान के अंतर्गत घर-घर माटी के गणेश बनाने एवं स्थापित करने के लिए आमजन को प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में गुना विधायक आदरणीय पन्नालाल शाक्य ने गुना जिले के समस्त नागरिकों से इस पुनीत अभियान में बढ़-चढ़कर सहभागिता करने का करबद्ध आह्वान किया है। उन्होंने अपील की है कि आगामी गणेश चतुर्थी पर्व पर सभी नागरिक अपने-अपने घरों में मिट्टी से निर्मित गणेश जी की ही प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन करें। अभियान का मुख्य उद्देश्य एवं संदेश: * पर्यावरण की रक्षा: प्लास्टर ऑफ पेरिस (PoP) और रसायनों से युक्त मूर्तियों के स्थान पर मिट्टी की मूर्तियों का उपयोग जल स्रोतों और पर्यावरण को प्रदूषण से बचाएगा।1