Shuru
Apke Nagar Ki App…
क्या आम नागरिक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे पुलिस महानिदेशक (DGP) से शिकायत करनी चाहिए? यह सवाल बिहार में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे संशय की ओर इशारा करता है। सोशल मीडिया पर #DGPBihar, #BiharDGP, #BiharGovernment और #DGPVinayKumar जैसे हैशटैग्स के साथ यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
प्रमोद कुमार कश्यप
क्या आम नागरिक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे पुलिस महानिदेशक (DGP) से शिकायत करनी चाहिए? यह सवाल बिहार में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे संशय की ओर इशारा करता है। सोशल मीडिया पर #DGPBihar, #BiharDGP, #BiharGovernment और #DGPVinayKumar जैसे हैशटैग्स के साथ यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- Amit Kumar on Reels1
- उत्तर प्रदेश के मुरादनगर के निवासी पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ ने वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण सावधानियां साझा की हैं। एक अनुभव का हवाला देते हुए बताया गया कि 70 वर्षीय ईएनटी विशेषज्ञ को पेशाब रुकने की समस्या हुई, जिसे उन्होंने एक मित्र डॉक्टर की सलाह पर सीधा खड़े होकर 10-15 बार कूदकर और हाथों को ऊपर उठाकर हल किया। यह सरल उपाय उन्हें अस्पताल में भर्ती होने, कैथेटर लगवाने और महंगे खर्च से बचाने में सहायक रहा। बढ़ती उम्र के साथ शरीर की फुर्ती कम हो जाती है, जिससे अचानक गिरने या चोट लगने का खतरा बढ़ जाता है। इस संबंध में कुछ सुझाव दिए गए हैं: सुबह नींद खुलते ही तुरंत न उठें, बल्कि कुछ देर बिस्तर पर बैठें। बाथरूम में रबर मैट का उपयोग करें, गीले हाथों से टाइल्स का सहारा न लें और यूरोलियन कमोड का इस्तेमाल करें। कपड़े या अंडरगारमेंट्स बदलते समय खड़े होने के बजाय बैठकर या दीवार का सहारा लेना सुरक्षित होता है। दैनिक दिनचर्या में दवाइयों के लिए प्लानर का उपयोग करें और सीढ़ियों पर हमेशा रेलिंग का सहारा लें। विशेष रूप से रात में पेशाब करने उठते समय अचानक खड़े होने से मस्तिष्क तक रक्त प्रवाह प्रभावित हो सकता है, जो ह्रदय की क्रिया रुकने और अचानक मौत का कारण बन सकता है। इससे बचने के लिए साढ़े तीन मिनट का नियम बताया गया है: उठते समय आधा मिनट लेटे रहें, आधा मिनट बिस्तर पर बैठें और ढाई मिनट पैर नीचे लटकाकर रखें। इसके अलावा, जीवन में 'नोन' (नमक पर नियंत्रण), 'मौन' (कम बोलना) और 'कौन' (दूसरों के मामलों में दखल न देना) का पालन करने की सलाह दी गई है ताकि वृद्धावस्था सुखद बनी रहे।1
- लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के चंदे वाले बयान को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने सपा पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि अब अखिलेश यादव लोगों से मिलने के लिए पैसे लेते हैं और स्थिति यह है कि हाथ मिलाने तक का रेट निर्धारित है। राजभर ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि अखिलेश यादव की संपत्ति लगातार कैसे बढ़ रही है, जबकि खर्च होने के बाद संपत्ति घटनी चाहिए। राजभर ने सपा प्रमुख के सनातन धर्म पर दिए गए बयानों पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले केवल इस्लाम की बात करते थे, वे अब राजनीतिक जमीन खिसकती देख सनातन की बात कर रहे हैं। उन्होंने समाजवाद के मुद्दे पर लोहिया का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या अखिलेश यादव ने अपने नाम के बाद से 'यादव' हटाया है। सपा के शासनकाल को लेकर उन्होंने दावा किया कि चार बार की सरकार में केवल दंगे, गुंडागर्दी, लूट और हत्याएं ही देखने को मिली हैं। सपा के 'पीडीए' नारे का मजाक उड़ाते हुए राजभर ने इसे 'परिवार डेवलपमेंट ऑफ अथॉरिटी' करार दिया। वहीं, पंचायत चुनाव में हो रही देरी पर उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।1
- मेरठ में दलित छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद एक प्रतिनिधिमंडल के साथ पहुंचे हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में पूर्व डीआईजी और पार्टी सदस्य प्रेम प्रकाश भी शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने जिले के डीएम और एसएसपी से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए पूर्व डीआईजी और पार्टी सदस्य प्रेम प्रकाश ने अपनी बात रखी। अभी तक इस मामले में अन्य कोई विस्तृत जानकारी या आगे की कार्ययोजना साझा नहीं की गई है।1
- मेरठ में खुद को एडवोकेट बताने वाले एक व्यक्ति ने एसएसपी अविनाश पांडेय के सरकारी नंबर पर फोन कर उनके पीआरओ रमाकांत पचौरी को धमकी दी है। इस फोन कॉल के दौरान आरोपी ने पीआरओ से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें गाड़ी में अकेले मिलने की चुनौती दी। आरोपी ने धमकी भरे लहजे में कहा कि जिस तरह कप्तान साहब उस गाड़ी में चढ़े थे, उसी तरह एक बार मुझे भी अकेले में उनसे मिलवा दीजिए। फोन पर उसने पीआरओ को धमकाते हुए कहा कि फिर देखते हैं कि कौन गाड़ी से बाहर निकलता है। इस घटना ने पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है।1
- क्या आम नागरिक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सीधे पुलिस महानिदेशक (DGP) से शिकायत करनी चाहिए? यह सवाल बिहार में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठ रहे संशय की ओर इशारा करता है। सोशल मीडिया पर #DGPBihar, #BiharDGP, #BiharGovernment और #DGPVinayKumar जैसे हैशटैग्स के साथ यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है।1
- गाजियाबाद के मोदीनगर में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहाँ एक दामाद ने अपने ससुर की चाकू मारकर हत्या कर दी है। गाजियाबाद ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है।1