स्टारलिंक से गांवों में भी तेज इंटरनेट: स्पेक्ट्रम नियमों पर बड़ी मंजूरी, सेवा शुरू होने का रास्ता साफ स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़/नई दिल्ली/रायपुर। एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) के भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। डिजिटल कम्युनिकेशंस कमीशन (DCC) ने ट्राई (TRAI) की सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन संबंधी सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। इससे स्टारलिंक, यूटेलसैट वनवेब और रिलायंस जियो जैसी कंपनियों के लिए कमर्शियल सेवाएं शुरू करने का रास्ता और साफ हो गया है। क्या है नया फैसला? सरकारी पैनल ने सैटेलाइट सेवा प्रदाताओं को पांच साल के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित करने का फैसला किया है। कंपनियों को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) का 5 प्रतिशत स्पेक्ट्रम यूज चार्ज (SUC) देना होगा। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सेवा देने पर यह चार्ज घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया गया है, ताकि गांवों तक इंटरनेट पहुंचाने को बढ़ावा मिले। यह फैसला स्टारलिंक के लिए खास तौर पर फायदेमंद माना जा रहा है क्योंकि कंपनी लंबे समय से नीलामी के बिना स्पेक्ट्रम आवंटन की मांग कर रही थी। स्टारलिंक की तकनीक और गांवों को फायदा स्टारलिंक की तकनीक सीधे सैटेलाइट से इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है। इससे पारंपरिक मोबाइल टावर या फाइबर नेटवर्क पर निर्भरता खत्म हो सकती है। खासकर उन इलाकों में जहां अभी नेटवर्क की पहुंच सीमित है—जैसे पहाड़ी क्षेत्र, जंगल वाले इलाके, द्वीप और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के दूरदराज के गांव—वहां तेज इंटरनेट पहुंचने की उम्मीद बढ़ गई है। एलन मस्क ने पहले भी कहा था कि स्टारलिंक भारत के सबसे कम सेवा वाले इलाकों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों, को कनेक्टिविटी देने में मदद करेगा। कंपनी के पास पहले से ही जीएमपीसीएस (GMPCS) लाइसेंस और IN-SPACe से जेन-1 कॉन्स्टेलेशन की मंजूरी है। अब स्पेक्ट्रम फ्रेमवर्क साफ होने के बाद अंतिम सुरक्षा जांच और कैबिनेट की मंजूरी बाकी है। अभी क्या बाकी है? सुरक्षा एजेंसियों (गृह मंत्रालय) की अंतिम क्लीयरेंस और कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी अभी बाकी है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टारलिंक की 100 प्रतिशत विदेशी निवेश संरचना भी एक मुद्दा रहा है। कंपनी ने जेन-2 सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन (लगभग 30,000 सैटेलाइट) के लिए भी IN-SPACe में दोबारा आवेदन किया है, जिसमें डायरेक्ट-टू-डिवाइस तकनीक शामिल है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि कैबिनेट मंजूरी और सुरक्षा क्लीयरेंस मिलने के बाद 2026 के अंत या उसके आसपास कमर्शियल सेवाएं शुरू हो सकती हैं। शुरू में उद्यम (एंटरप्राइज) और दूरदराज के क्षेत्रों पर फोकस रहेगा, जबकि आम उपभोक्ताओं तक पहुंच में थोड़ा समय लग सकता है। छत्तीसगढ़ और ग्रामीण भारत के लिए क्या मायने? छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में कई गांव अभी भी तेज इंटरनेट से वंचित हैं। स्टारलिंक जैसी सेवा से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ऑनलाइन बैंकिंग, कृषि संबंधी जानकारी और आपदा प्रबंधन में बड़ा बदलाव आ सकता है। पारंपरिक नेटवर्क जहां लगाना मुश्किल या महंगा है, वहां सैटेलाइट इंटरनेट एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है। नोट: सेवा शुरू होने का सटीक समय और कीमतें अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुई हैं। अंतिम मंजूरी के बाद ही औपचारिक लॉन्च की तारीख और प्लान्स सामने आएंगे। स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ। #swatantrashort #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #news #shorts #swatantralive Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
स्टारलिंक से गांवों में भी तेज इंटरनेट: स्पेक्ट्रम नियमों पर बड़ी मंजूरी, सेवा शुरू होने का रास्ता साफ स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़/नई दिल्ली/रायपुर। एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) के भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। डिजिटल कम्युनिकेशंस कमीशन (DCC) ने ट्राई (TRAI) की सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन संबंधी सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। इससे स्टारलिंक, यूटेलसैट वनवेब और रिलायंस जियो जैसी कंपनियों के लिए कमर्शियल सेवाएं शुरू करने का रास्ता और साफ हो गया है। क्या है नया फैसला? सरकारी पैनल ने सैटेलाइट सेवा प्रदाताओं को पांच साल के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित करने का फैसला किया है। कंपनियों को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) का 5 प्रतिशत स्पेक्ट्रम यूज चार्ज (SUC) देना होगा। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सेवा देने पर यह चार्ज घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया गया है, ताकि गांवों तक इंटरनेट पहुंचाने को बढ़ावा मिले। यह फैसला स्टारलिंक के लिए खास तौर पर फायदेमंद माना जा रहा है क्योंकि कंपनी लंबे समय से नीलामी के बिना स्पेक्ट्रम आवंटन की मांग कर रही थी। स्टारलिंक की तकनीक और गांवों को फायदा स्टारलिंक की तकनीक सीधे सैटेलाइट से इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है। इससे पारंपरिक मोबाइल टावर या फाइबर नेटवर्क पर निर्भरता खत्म हो सकती है। खासकर उन इलाकों में जहां अभी नेटवर्क की पहुंच सीमित है—जैसे पहाड़ी क्षेत्र, जंगल वाले इलाके, द्वीप और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के दूरदराज के गांव—वहां तेज इंटरनेट पहुंचने की उम्मीद बढ़ गई है। एलन मस्क ने पहले भी कहा था कि स्टारलिंक भारत के सबसे कम सेवा वाले इलाकों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों, को कनेक्टिविटी देने में मदद करेगा। कंपनी के पास पहले से ही जीएमपीसीएस (GMPCS) लाइसेंस और IN-SPACe से जेन-1 कॉन्स्टेलेशन की मंजूरी है। अब स्पेक्ट्रम फ्रेमवर्क साफ होने के बाद अंतिम सुरक्षा जांच और कैबिनेट की मंजूरी बाकी है। अभी क्या बाकी है? सुरक्षा एजेंसियों (गृह मंत्रालय) की अंतिम क्लीयरेंस और कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी अभी बाकी है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टारलिंक की 100 प्रतिशत विदेशी निवेश संरचना भी एक मुद्दा रहा है। कंपनी ने जेन-2 सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन (लगभग 30,000 सैटेलाइट) के लिए भी IN-SPACe में दोबारा आवेदन किया है, जिसमें डायरेक्ट-टू-डिवाइस तकनीक शामिल है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि कैबिनेट मंजूरी और सुरक्षा क्लीयरेंस मिलने के बाद 2026 के अंत या उसके आसपास कमर्शियल सेवाएं शुरू हो सकती हैं। शुरू में उद्यम (एंटरप्राइज) और दूरदराज के क्षेत्रों पर फोकस रहेगा, जबकि आम उपभोक्ताओं तक पहुंच में थोड़ा समय लग सकता है। छत्तीसगढ़ और ग्रामीण भारत के लिए क्या मायने? छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में कई गांव अभी भी तेज इंटरनेट से वंचित हैं। स्टारलिंक जैसी सेवा से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ऑनलाइन बैंकिंग, कृषि संबंधी जानकारी और आपदा प्रबंधन में बड़ा बदलाव आ सकता है। पारंपरिक नेटवर्क जहां लगाना मुश्किल या महंगा है, वहां सैटेलाइट इंटरनेट एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है। नोट: सेवा शुरू होने का सटीक समय और कीमतें अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुई हैं। अंतिम मंजूरी के बाद ही औपचारिक लॉन्च की तारीख और प्लान्स सामने आएंगे। स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ। #swatantrashort #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #news #shorts #swatantralive Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
- स्टारलिंक से गांवों में भी तेज इंटरनेट: स्पेक्ट्रम नियमों पर बड़ी मंजूरी, सेवा शुरू होने का रास्ता साफ स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़/नई दिल्ली/रायपुर। एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक (Starlink) के भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। डिजिटल कम्युनिकेशंस कमीशन (DCC) ने ट्राई (TRAI) की सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन संबंधी सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। इससे स्टारलिंक, यूटेलसैट वनवेब और रिलायंस जियो जैसी कंपनियों के लिए कमर्शियल सेवाएं शुरू करने का रास्ता और साफ हो गया है। क्या है नया फैसला? सरकारी पैनल ने सैटेलाइट सेवा प्रदाताओं को पांच साल के लिए स्पेक्ट्रम आवंटित करने का फैसला किया है। कंपनियों को एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) का 5 प्रतिशत स्पेक्ट्रम यूज चार्ज (SUC) देना होगा। ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सेवा देने पर यह चार्ज घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया गया है, ताकि गांवों तक इंटरनेट पहुंचाने को बढ़ावा मिले। यह फैसला स्टारलिंक के लिए खास तौर पर फायदेमंद माना जा रहा है क्योंकि कंपनी लंबे समय से नीलामी के बिना स्पेक्ट्रम आवंटन की मांग कर रही थी। स्टारलिंक की तकनीक और गांवों को फायदा स्टारलिंक की तकनीक सीधे सैटेलाइट से इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है। इससे पारंपरिक मोबाइल टावर या फाइबर नेटवर्क पर निर्भरता खत्म हो सकती है। खासकर उन इलाकों में जहां अभी नेटवर्क की पहुंच सीमित है—जैसे पहाड़ी क्षेत्र, जंगल वाले इलाके, द्वीप और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के दूरदराज के गांव—वहां तेज इंटरनेट पहुंचने की उम्मीद बढ़ गई है। एलन मस्क ने पहले भी कहा था कि स्टारलिंक भारत के सबसे कम सेवा वाले इलाकों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों, को कनेक्टिविटी देने में मदद करेगा। कंपनी के पास पहले से ही जीएमपीसीएस (GMPCS) लाइसेंस और IN-SPACe से जेन-1 कॉन्स्टेलेशन की मंजूरी है। अब स्पेक्ट्रम फ्रेमवर्क साफ होने के बाद अंतिम सुरक्षा जांच और कैबिनेट की मंजूरी बाकी है। अभी क्या बाकी है? सुरक्षा एजेंसियों (गृह मंत्रालय) की अंतिम क्लीयरेंस और कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी अभी बाकी है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक स्टारलिंक की 100 प्रतिशत विदेशी निवेश संरचना भी एक मुद्दा रहा है। कंपनी ने जेन-2 सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन (लगभग 30,000 सैटेलाइट) के लिए भी IN-SPACe में दोबारा आवेदन किया है, जिसमें डायरेक्ट-टू-डिवाइस तकनीक शामिल है। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि कैबिनेट मंजूरी और सुरक्षा क्लीयरेंस मिलने के बाद 2026 के अंत या उसके आसपास कमर्शियल सेवाएं शुरू हो सकती हैं। शुरू में उद्यम (एंटरप्राइज) और दूरदराज के क्षेत्रों पर फोकस रहेगा, जबकि आम उपभोक्ताओं तक पहुंच में थोड़ा समय लग सकता है। छत्तीसगढ़ और ग्रामीण भारत के लिए क्या मायने? छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में कई गांव अभी भी तेज इंटरनेट से वंचित हैं। स्टारलिंक जैसी सेवा से शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, ऑनलाइन बैंकिंग, कृषि संबंधी जानकारी और आपदा प्रबंधन में बड़ा बदलाव आ सकता है। पारंपरिक नेटवर्क जहां लगाना मुश्किल या महंगा है, वहां सैटेलाइट इंटरनेट एक मजबूत विकल्प साबित हो सकता है। नोट: सेवा शुरू होने का सटीक समय और कीमतें अभी अंतिम रूप से तय नहीं हुई हैं। अंतिम मंजूरी के बाद ही औपचारिक लॉन्च की तारीख और प्लान्स सामने आएंगे। स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ। #swatantrashort #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #news #shorts #swatantralive Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1
- लापता लेडीज' में छोटू का किरदार निभाने वाले एक्टर सतेंद्र सोनी से जुड़े मारपीट मामले आमिर खान की फिल्म 'लापता लेडीज' में छोटू का किरदार निभाने वाले एक्टर सतेंद्र सोनी से जुड़े मारपीट मामले में एक अहम अपडेट सामने आया है। सतेंद्र सोनी ने डायरेक्टर पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी-एक्ट्रेस प्रगति चौहान के खिलाफ जीरो FIR दर्ज कराई है। मुंबई की ओशिवारा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। सतेंद्र सोनी ने आरोप लगाया है कि फिल्म 'पेड पालकी' की शूटिंग के दौरान उन्हें बकाया पैसे नहीं दिए गए। उनके साथ मारपीट और बदसलूकी की गई। उन्हें डराया-धमकाया गया और गलत तरीके से बंधक बनाकर रखा गया। ये आरोप मध्य प्रदेश के मैहर में फिल्म की शूटिंग के दौरान जून में हुई एक घटना से जुड़े हैं। ऑल इंडिया सिने वर्कर्स असोसिएशन (AICWA) ने भी इस मामले में सतेंद्र सोनी का समर्थन किया है। सतेंद्र सोनी ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके लुक और बौनेपन की वजह से उन्हें परेशान किया गया, जिसका उन पर मानसिक, शारी1
- पदुमतरा में सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी, दो शातिर आरोपी गिरफ्तार ठेलकाडीह पुलिस ने सोने के जेवरात बरामद कर आरोपियों को भेजा न्यायिक रिमांड पर, पदुमतरा में सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी, दो शातिर आरोपी गिरफ्तार ठेलकाडीह पुलिस ने सोने के जेवरात बरामद कर आरोपियों को भेजा न्यायिक रिमांड पर, 8 सितम्बर मंगलवार को दोपहर 2 बजे मिली जानकारी अनुसार केसीजी जिले के ग्राम पदुमतरा में सूने मकान का ताला तोड़कर सोने के जेवरात और नकदी चोरी करने के मामले में ठेलकाडीह पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने के जेवरात बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, 21 अगस्त को प्रार्थी ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह 20 अगस्त को परिवार सहित रायपुर दसगात्र कार्यक्रम में गया था। अगले दिन शाम घर लौटने पर मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। घर की अलमारी से सोने के झुमके, टॉप, मंगलसूत्र और करीब 5 हजार रुपये नकद समेत कुल 1 लाख 65 हजार रुपये का सामान चोरी पाया गया। रिपोर्ट पर ठेलकाडीह थाने में अपराध क्रमांक 150/2026 के तहत धारा 305, 331(4) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने मुखबिर की सूचना के आधार पर सुखनंदन कुर्रे (36 वर्ष) और शत्रुहन भारती (36 वर्ष), निवासी पदुमतरा को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने रात में घर में चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर चोरी के सोने के जेवरात बरामद किए। दोनों आरोपियों को 8 सितंबर को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।1
- BJP महिला मोर्चा बालोद के तीज मिलन समारोह में आकर्षक प्रस्तुति जिला मुख्यालय बालोद में स्थित बालाजी रिसोर्ट में भाजपा महिला मोर्चा बालोद द्वारा तीज मिलन समारोह संपन्न हुआ। जहां एक महिला कार्यकर्ता द्वारा छत्तीसगढ़ी गीत पर नृत्य करते हुए आकर्षक प्रस्तुति दी गई।1
- हथियारों के खिलाफ जागरूकता का असर, तिल्दा-नेवरा में 20 से अधिक हथियार स्वेच्छा से जमा तिल्दा-नेवरा। रायपुर ग्रामीण पुलिस की लगातार कार्रवाई और जनजागरूकता अभियान का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। अपराध होने के बाद कार्रवाई के बजाय अपराध की संभावनाओं को पहले ही रोकने की दिशा में पुलिस की पहल को ग्रामीणों, सरपंचों और जनप्रतिनिधियों का सहयोग मिल रहा है। पुलिस के अनुसार, तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों की पहल से ग्रामीणों ने स्वयं आगे आकर 20 से अधिक हथियार एवं अन्य आपत्तिजनक सामान पुलिस के समक्ष जमा कराया है। इनमें चाकू, तलवार, रॉड सहित अन्य सामग्री शामिल है। पुलिस द्वारा गांव-गांव में ग्रामीणों, युवाओं और पालकों को हथियार रखने के नुकसान तथा उनके संभावित दुरुपयोग से होने वाली गंभीर घटनाओं के बारे में जागरूक किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामूली विवाद या गुस्से में हाथ में मौजूद हथियार गंभीर चोट, जानलेवा हमला अथवा हत्या जैसी बड़ी घटना का कारण बन सकता है। बच्चों और युवाओं को हथियारों से दूर रखने पर जोर पुलिस द्वारा पालकों से विशेष रूप से अपील की जा रही है कि वे बच्चों और युवाओं को हथियारों से दूर रखें। घर, वाहन अथवा आसपास अनावश्यक रूप से रखे चाकू, तलवार, रॉड या अन्य आपत्तिजनक सामग्री के संबंध में भी सजग रहें। रायपुर ग्रामीण पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद आरोपियों पर कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध की संभावित परिस्थितियों को घटना बनने से पहले ही खत्म करना है। इसी उद्देश्य से पुलिस और जनप्रतिनिधियों के समन्वय से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, 20 से अधिक हथियारों का स्वेच्छा से जमा कराया जाना पुलिस, सरपंचों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच बढ़ते विश्वास एवं जनसहयोग का सकारात्मक उदाहरण है। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने कहा है कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता और जनसहयोग के माध्यम से अपराध की रोकथाम का अभियान आगे भी जारी रहेगा।2
- भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को जीवन में आत्मसात करें विद्यार्थी : अरुण सार्वा सरस्वती शिशु मंदिर मड़ईमाठा में जन्माष्टमी महोत्सव, राधा-कृष्ण सजाओ प्रतियोगिता ने मोहा मन धमतरी। सरस्वती शिशु मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय मड़ईमाठा में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण एवं राधा जी के पूजन-अर्चन से हुआ। विद्यार्थियों ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रीकृष्ण के जीवन और आदर्शों को प्रस्तुत किया। महोत्सव में नन्हे विद्यार्थियों ने राधा-कृष्ण की आकर्षक वेशभूषा धारण कर सजाओ प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने अतिथियों, अभिभावकों और दर्शकों का मन मोह लिया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत धमतरी अध्यक्ष अरुण सार्वा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, कर्म, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। अध्यक्षता श्रीराम शिक्षण समिति के अध्यक्ष अखिलेश शाह पवार ने की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, विद्यालय परिवार, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।2
- कांग्रेस ने कहा—अदालत के फैसले का सम्मान, लेकिन झीरम नरसंहार के राजनीतिक षड्यंत्र का सच सामने आना बाकी....1
- स्टारलिंक के भारत आने का रास्ता साफ! स्पेक्ट्रम आवंटन को मिली मंजूरी (स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़) भारत में एलन मस्क की स्टारलिंक सहित सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवाओं के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। सूत्रों के अनुसार, सचिवों के समूह (Inter-Ministerial Group of Secretaries) ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) की सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटन संबंधी सिफारिशों को मंजूरी दे दी है। पिछले सप्ताह डिजिटल कम्युनिकेशन कमीशन (DCC) की बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी। इस फैसले से स्टारलिंक, यूटेलसैट वनवेब, रिलायंस जियो सैटेलाइट कम्युनिकेशंस और अमेजन लियो जैसी कंपनियों को व्यावसायिक सेवाएं शुरू करने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। मुख्य बातें: कंपनियों को 5 साल के लिए स्पेक्ट्रम मिलेगा (2 साल के विस्तार का विकल्प भी संभव)। स्पेक्ट्रम यूसेज चार्ज (SUC) एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (AGR) का 5 प्रतिशत होगा। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में सेवा देने पर यह 4 प्रतिशत रह सकता है। स्पेक्ट्रम नीलामी के बजाय प्रशासनिक तरीके से आवंटित किया जाएगा। अभी क्या बाकी है? सरकार को अब इस प्रस्ताव पर केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम मंजूरी लेनी होगी। इसके अलावा, कंपनियों को सुरक्षा संबंधी शर्तों का पालन करना होगा। होम मिनिस्ट्री (MHA) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों से अंतिम सुरक्षा मंजूरी अभी बाकी है। स्टारलिंक के 100 प्रतिशत विदेशी निवेश (FDI) वाले ढांचे पर भी कुछ मुद्दे अनसुलझे बताए जा रहे हैं। स्टारलिंक, वनवेब और जियो के पास पहले से ही GMPCS लाइसेंस मौजूद हैं। स्टारलिंक ने अगली पीढ़ी (Gen-2) के सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन के लिए भी IN-SPACe में दोबारा आवेदन किया है, जिसमें डायरेक्ट-टू-डिवाइस कनेक्टिविटी जैसी नई सुविधाएं शामिल हैं। यह विकास भारत के दूरदराज, पहाड़ी, सीमावर्ती और द्वीपीय क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैबिनेट मंजूरी और सुरक्षा क्लियरेंस के बाद 2026 के अंत या उसके आसपास सेवाएं शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। स्रोत: आज (8 सितंबर 2026) की मीडिया रिपोर्ट्स। स्वतंत्र न्यूज छत्तीसगढ़ मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ। #swatantrashort #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #news #shorts #swatantralive Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH1