Sumerpur ग्राम पंचायत, जनपद Ambikapur एंकर इंट्रो (तेज और सवालिया लहजा): सूर्य की रोशनी से रोशन होने का सपना… लेकिन हकीकत में अंधेरा! सुमेरपुर ग्राम पंचायत में वार्ड के युवाओं ने सरपंच के कामकाज पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों विकास के नाम पर लापरवाही हो रही है? वीओ: ग्राम पंचायत सुमेरपुर के वार्डवासियों का आरोप है कि सरपंच गांव की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे। गांव में दो वर्ष पहले लगाया गया सोलर प्लेट आज बेकार पड़ा है। पेड़ गिरने से वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई मरम्मत या कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीण बाइट (संभावित): “हम लोग कई बार बोले सरपंच जी से, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रात में अंधेरा रहता है, बच्चों और बुजुर्गों को दिक्कत होती है।” वीओ: सिर्फ सोलर प्लेट ही नहीं, गांव में पानी की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। वार्डवासी बताते हैं कि पानी की नियमित व्यवस्था नहीं है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच मनमानी तरीके से काम कर रहे हैं और जनता की बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है। सवाल यह है कि जब पंचायत जनता के लिए है, तो जनता की आवाज आखिर क्यों अनसुनी की जा रही है? एंकर आउट्रो (आक्रामक अंदाज): क्या सुमेरपुर में विकास सिर्फ कागजों तक सीमित है? क्या जिम्मेदार अधिकारी इस लापरवाही पर संज्ञान लेंगे? या फिर यूं ही गांव अंधेरे और पानी की समस्या से जूझता रहेगा? अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागेगा और ग्रामीणों को उनका हक कब मिलेगा।
Sumerpur ग्राम पंचायत, जनपद Ambikapur एंकर इंट्रो (तेज और सवालिया लहजा): सूर्य की रोशनी से रोशन होने का सपना… लेकिन हकीकत में अंधेरा! सुमेरपुर ग्राम पंचायत में वार्ड के युवाओं ने सरपंच के कामकाज पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों विकास के नाम पर लापरवाही हो रही है? वीओ: ग्राम पंचायत सुमेरपुर के वार्डवासियों का आरोप है कि सरपंच गांव की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे। गांव में दो वर्ष पहले लगाया गया सोलर प्लेट आज बेकार पड़ा है। पेड़ गिरने से वह पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई मरम्मत या कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीण बाइट (संभावित): “हम लोग कई बार बोले सरपंच जी से, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। रात में अंधेरा रहता
है, बच्चों और बुजुर्गों को दिक्कत होती है।” वीओ: सिर्फ सोलर प्लेट ही नहीं, गांव में पानी की समस्या भी गंभीर होती जा रही है। वार्डवासी बताते हैं कि पानी की नियमित व्यवस्था नहीं है, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच मनमानी तरीके से काम कर रहे हैं और जनता की बातों को नजरअंदाज किया जा रहा है। सवाल यह है कि जब पंचायत जनता के लिए है, तो जनता की आवाज आखिर क्यों अनसुनी की जा रही है? एंकर आउट्रो (आक्रामक अंदाज): क्या सुमेरपुर में विकास सिर्फ कागजों तक सीमित है? क्या जिम्मेदार अधिकारी इस लापरवाही पर संज्ञान लेंगे? या फिर यूं ही गांव अंधेरे और पानी की समस्या से जूझता रहेगा? अब देखना होगा कि प्रशासन कब जागेगा और ग्रामीणों को उनका हक कब मिलेगा।
- Post by हमर जशपुर1
- बताया जा रहा है,करडेगा से कुनकुरी जा रही एक यात्री बस दुलदुला क्षेत्र के गोडाअम्बा के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई,प्राप्त जानकारी के अनुसार बस में करीब दो दर्जन से अधिक यात्री सवार थे। बस के पलटने से चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हो गए हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और घायलों को बस से बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल लिया जा रहा है।1
- बलरामपुर सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के गणेश मोड़ चौकी क्षेत्र अंतर्गत बसकेपी गांव में होली के दिन एक हृदयविदारक हादसा हो गया। करंट की चपेट में आने से 12 वर्षीय बालक की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बसकेपी साराजोगी निवासी देवनंद नगेसिया पिता सुखदेव नगेसिया उम्र लगभग 12 वर्ष बुधवार दोपहर करीब 3 से 4 बजे के बीच होली खेलने के लिए अपने घर से लगभग 50 मीटर दूर गुलाल लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में स्थित मक्के की फसल को पशुओं से बचाने के लिए खेत के मालिक द्वारा तार के माध्यम से खेत की घेरा कर उसमें करंट प्रवाहित किया गया था। बताया जा रहा है कि बालक अनजाने में उस करंट युक्त तार के संपर्क में आ गया। आसपास मौजूद लोगों की नजर जैसे ही बालक पर पड़ी, उन्होंने तुरंत उसे बचाने का प्रयास करते हुए तार को हटाया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी और बालक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। होली जैसे खुशियों के त्योहार पर हुई इस दर्दनाक घटना से पूरे गांव में मातम का माहौल है। वहीं सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है।1
- यहां साल में सिर्फ एक दिन – होली के दिन सूर्योदय से दोपहर तक मिर्गी (एपिलेप्सी) की दवा निःशुल्क दी जाती है। इस दवा को लेने के लिए देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी मरीज पहुंचते हैं और कई लोगों को इससे स्वास्थ्य लाभ मिलने की बात सामने आती है। होली के दिन यहां लाखों लोगों की भीड़ उमड़ती है, लेकिन खास बात यह है कि आने वाले हर मरीज को दवा मिल जाती है। लोग इसे आस्था और परंपरा से जुड़ा किसी चमत्कार से कम नहीं मानते। रिज्दा, मस्तूरी (बिलासपुर) — Jashpur Times #Chhattisgarh #Bilaspur #Rijda #HoliTradition #HealthNews #JashpurTimes1
- कोरिया, एन.आर.एल.एम बिहान कृषि सखी पशु सखी संग जिला कोरिया ने विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन1
- Post by Kiran Ekka2
- जानकारी के मुताबिक आरोपी निजामुद्दीन अंसारी उर्फ़ राजा पिता अब्दुल हकीम अंसारी के कब्जे से 320 नग देशी प्लेन शराब शोले कीमती 25,600/-रूपये एवं 16 पौवा अंग्रेजी शराब ग्रीन लेबल ब्रांड, किमती 3200/- रूपये कुल 336 पौवा जुमला 60.480 वल्क ली. किमती 28,800/रूपये बरामद किया गया।1
- कांसाबेल में उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया होली का पर्व रंग, गुलाल और खुशियों के बीच बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी होली के रंग में सराबोर नजर आए। लोगों ने एक-दूसरे को रंग लगाकर होली की शुभकामनाएं दी और भाईचारे का संदेश दिया। शांतिपूर्ण और हर्षोल्लास के साथ कांसाबेल में होली का त्योहार सम्पन्न हुआ। – जशपुर टाइम्स सच सब तक1
- शुक्रवार की सुबह जिले के गोडाअम्बा में हुए भयानक बस एक्सीडेंट में अब तक 5 लोगों के मरने की खबर आ रही है। जानकारी के मुताबिक मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। इस दुर्घटना में घायल 10 से ज्यादा यात्रियों की स्थिति अभी भी गम्भीर बताई जा रही है। जिसमें से चार लोगों को अंबिकापुर रेफर किया गया है। आपको बता दें कि शुक्रवार की सुबह करडेगा पुलिस चौकी के गोडाअम्बा में करडेगा से कुनकुरी जा रही अनमोल यात्री बस अनियंत्रित होकर पहले एक निर्माणाधीन घर से टकराई उसके बाद दाईं ओर पलट गई। बस पलटते ही बस के अंदर चीख पुकार मचने लगी क्योंकि कई यात्री बस के नीचे दब गए थे। घटनास्थल पर तत्काल ड्रायवर सहित 3 लोगों की मौत हो चुकी थी। घटना के बाद जेसीबी के जरिये बस के नीचे दबे यात्रियों को बाहर निकालकर पुलिस गाड़ी से अस्पताल भेजने का काम शुरू कर दिया गया। थोड़ी देर बाद सीएम कैम्प कार्यालय बगिया के निर्देश पर मौके पर 3 ऐम्बुलेंस भेजे गए और बचे हुए घायलों को उन्हीं ऐम्बुलेंस से अस्पताल लाया गया। बताया जा रहा है कि चार लोगों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिये अंबिकापुर रेफर किया गया है। अस्पताल में भर्ती घायलों से मिलने सीएम विष्णुदेव साय की पत्नी कौशल्या साय भी अस्पताल पहुँच गयी। उन्होंने कुनकुरी के निजी अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। डॉक्टरों से भी उनकी चर्चा हुई। जिले के सीएमएचओ ने बताया कि हादसे में अबतक कूल 5 लोगों की मौत हुई है। 30 लोग घायल हैं। 5 लोगों को गम्भीर हालत में अम्बिकापुर रेफर किया गया है। जिले के कुनकुरी ,दुलदुला और जिला असप्ताल में कुछ घायलों को भर्ती कराया गया है। कुछ घायल ठीक होकर घर भी चले गए हैं।1