आटापाठ के पास भीषण सड़क हादसा: आमने-सामने टकराईं दो बाइक, दो की मौत, तीन गंभीर आटापाठ के समीप मंगलवार शाम दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। एक घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। दो अन्य का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। बुधवार की शाम पांच बजे मिली जानकारी के अनुसार, केरे निवासी अर्जुन राम (40) अपने साथियों बुधनाथ और अवधेश के साथ जशपुर से गांव लौट रहे थे। वहीं, किनकेल निवासी अजेश्वर राम अपने साथी दिलीप के साथ दूसरी दिशा से आ रहा था। आटापाठ के पास दोनों बाइक आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि सवार सड़क पर दूर जा गिरे। अर्जुन राम और अजेश्वर राम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दिलीप सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां दो को मृत घोषित किया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही माना जा रहा है। गांव में शोक का माहौल है।
आटापाठ के पास भीषण सड़क हादसा: आमने-सामने टकराईं दो बाइक, दो की मौत, तीन गंभीर आटापाठ के समीप मंगलवार शाम दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। एक घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। दो अन्य का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। बुधवार की शाम पांच बजे मिली जानकारी के अनुसार, केरे निवासी अर्जुन राम (40) अपने साथियों बुधनाथ और अवधेश के साथ जशपुर से गांव लौट रहे थे। वहीं, किनकेल निवासी अजेश्वर राम अपने साथी दिलीप के साथ दूसरी दिशा से आ रहा था। आटापाठ के पास दोनों बाइक आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि सवार सड़क पर दूर जा गिरे। अर्जुन राम और अजेश्वर राम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दिलीप सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां दो को मृत घोषित किया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही माना जा रहा है। गांव में शोक का माहौल है।
- डुमरी: आगामी महाशिवरात्रि मेला को लेकर डुमरी प्रखंड मुख्यालय में बाबा टंगीनाथ धाम विकास समिति एवं प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। जानकारी देते हुए शाम के चार बजे बताया गया कि बैठक की अध्यक्षता चैनपुर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) श्रीमती पूर्णिमा कुमारी ने की। बैठक में शिवरात्रि मेले को शांतिपूर्ण, व्यवस्थित एवं सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में मेले के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, साफ-सफाई, पेयजल, अस्थायी शौचालय, प्रकाश व्यवस्था तथा स्वास्थ्य शिविर की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। अनुमंडल पदाधिकारी श्रीमती पूर्णिमा कुमारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रखंड विकास पदाधिकारी, मजगांव मुखिया ज्योति बहर, एसआई अंकित कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों की जानकारी दी। पुलिस प्रशासन की ओर से मेले के दौरान अतिरिक्त बल की तैनाती, भीड़ नियंत्रण एवं संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी की बात कही गई। वहीं विकास समिति के सदस्यों ने धाम परिसर की साफ-सफाई, सड़क मरम्मत एवं अस्थायी दुकानों की सुव्यवस्थित व्यवस्था की मांग रखी। बैठक में वीरेंद्र जायसवाल, बृजेंद्र पांडे, अरविंद सिंह, गोविंद सिंह, उमेश कुमार, जयश्री साहू, प्रदीप प्रसाद सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने मिलकर शिवरात्रि मेले को भव्य एवं सुव्यवस्थित तरीके से आयोजित करने का संकल्प लिया। अंत में यह निर्णय लिया गया कि मेले की तैयारियों की नियमित समीक्षा की जाएगी तथा सभी विभाग निर्धारित समय सीमा के भीतर अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन सुनिश्चित करेंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।1
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- गुमला *टांगीनाथ धाम से सिमडेगा लौट रही बस अनियंत्रित होकर पलटी, मासूम सहित दो की मौत, 12 से अधिक लोग जख्मी* गुमला जिला के ऐतिहासिक टांगीनाथ धाम से मुंडन कार्यक्रम के बाद लौट रही सवारी बस रायडीह थाना क्षेत्र के माझाटोली के समीप दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घटना बीती रात्रि करीब 8:00 बजे की है। इस हादसे में 5 वर्षीय मासूम शिवम केसरी और एक महिला की मौत हो गई, जबकि 12 से अधिक लोग जख्मी हो गए। बताया जाता है कि सिमडेगा के ठेठईटांगर से यात्री बस रिजर्व कर एक ही परिवार के रिश्तेदार टांगीनाथ धाम मुंडन कार्यक्रम में गए थे। सभी सिमडेगा के लिए लौट रहे थे, इसी दौरान माझाटोली पुराना शंख मोड़ के समीप बस अनियंत्रित होकर पलट गई। तत्काल लोगों ने एक दूसरे के मदद से घायलों को नजदीक अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर रूप से घायल चार लोगों को बेहतर इलाज के लिए गुमला भेजा गया जबकि अन्य का इलाज नजदीकी अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद से पूरे परिवार में मातम का माहौल है3
- कांसाबेल के पोंगरो और पत्थलगांव के लुड़ेग से उमराह की पवित्र यात्रा पूरी कर लौटे जायरीन का जशपुर जिले में गर्मजोशी से स्वागत किया गया। मक्का और मदीना से लौटने के बाद जायरीन ने Jashpur Times के साथ अपने अनुभव साझा किए। वीडियो को लाइक, शेयर और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें। #JashpurTimes #Umrah #JashpurNews #Pongro #Kansabel #Ludeg1
- जशपुर जिले के सन्ना–चंपा मार्ग को डामरीकरण के लिए राज्य शासन ने 8 करोड़ 82 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर मिली इस मंजूरी से क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। जानकारी के अनुसार करीब 13 किलोमीटर लंबे इस मार्ग के डामरीकरण से सन्ना और चंपा के बीच आवागमन सुगम होगा। विशेषकर बरसात के दिनों में जर्जर सड़क के कारण लोगों को जिन कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था,उससे राहत मिलने की उम्मीद है।1
- Post by Santosh Bhagat2
- आटापाठ के समीप मंगलवार शाम दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। एक घायल की हालत नाजुक बताई जा रही है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया है। दो अन्य का इलाज जिला अस्पताल में जारी है। बुधवार की शाम पांच बजे मिली जानकारी के अनुसार, केरे निवासी अर्जुन राम (40) अपने साथियों बुधनाथ और अवधेश के साथ जशपुर से गांव लौट रहे थे। वहीं, किनकेल निवासी अजेश्वर राम अपने साथी दिलीप के साथ दूसरी दिशा से आ रहा था। आटापाठ के पास दोनों बाइक आमने-सामने टकरा गईं। टक्कर इतनी तेज थी कि सवार सड़क पर दूर जा गिरे। अर्जुन राम और अजेश्वर राम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। दिलीप सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए। सूचना पर पहुंची 108 एंबुलेंस से घायलों को जिला अस्पताल लाया गया, जहां दो को मृत घोषित किया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण तेज रफ्तार और लापरवाही माना जा रहा है। गांव में शोक का माहौल है।1
- चैनपुर थाना क्षेत्र के भठौली गांव में अंधविश्वास के चलते हुई पैंसठ वर्षीय बुजुर्ग महिला शांति देवी की निर्मम हत्या मामले में पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। जानकारी देते हुए बुधवार सुबह दस बजे बताया गया कि त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कांड के एक और आरोपी बिल्तु रौतिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह मामला छब्बीस जनवरी दो हजार छब्बीस को चैनपुर थाना में कांड संख्या जीरो छह/दो हजार छब्बीस के तहत दर्ज किया गया था। घटना के अनुसार, डायन-बिसाही के संदेह में आरोपियों ने शांति देवी की पत्थर से कूचकर बेरहमी से हत्या कर दी थी, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी। थाना प्रभारी अरविंद कुमार के नेतृत्व में पुलिस लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। इसी क्रम में भठौली निवासी बिल्तु रौतिया को गिरफ्तार किया गया। आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता की धारा एक सौ तीन(एक)/तीन(पांच) तथा द प्रिवेंशन ऑफ विच (डाइन) प्रैक्टिस एक्ट, दो हजार एक की धारा तीन/चार के तहत मामला दर्ज है। पुलिस जांच के दौरान बिल्तु रौतिया ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। इससे पहले इस मामले में पुलिस तीन नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। थाना प्रभारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि डायन-बिसाही के नाम पर किसी को प्रताड़ित करना या हिंसा करना गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।2
- घाघरा में नशा तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, पूरी अफीम फसल तबाह घाघरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सेहल चतमदाग इलाके में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए अफीम की अवैध खेती को पूरी तरह नष्ट कर दिया। गुप्त सूचना के आधार पर घाघरा थाना पुलिस, अंचल प्रशासन और अन्य अधिकारियों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और योजनाबद्ध तरीके से पूरे क्षेत्र में चल रही अवैध फसल को जड़ से उखाड़ दिया। इस अभियान में पुलिस की सतर्कता, तत्परता और सख्ती स्पष्ट रूप से दिखाई दी, जिसकी स्थानीय लोगों ने भी सराहना की। अंचल अधिकारी खाखा सुशील कुमार और थाना प्रभारी मोहन कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई इस त्वरित कार्रवाई को प्रशासन की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर नशे का अवैध कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे कार्यों में संलिप्त लोगों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि इस अवैध खेती के पीछे बाहरी अफीम तस्करों का हाथ रहता है, जो भोले-भाले और अशिक्षित आदिवासी ग्रामीणों को गुमराह कर उनसे खेती करवाते हैं। कई ग्रामीण अफीम के पौधे को पहचान नहीं पाते और उसे साधारण फूल की खेती समझकर तस्करों के बहकावे में आ जाते हैं। तस्कर जानबूझकर वन भूमि, सरकारी जमीन और दुर्गम इलाकों को चुनते हैं, जहां सड़क या आम आवाजाही नहीं होती, ताकि प्रशासन की नजर से बचा जा सके। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध खेती या बाहरी लोगों की गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें और ऐसे झांसे में न आएं। यह कार्रवाई न केवल नशा तस्करों के खिलाफ सख्त संदेश है, बल्कि निर्दोष ग्रामीणों को शोषण से बचाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।3