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भवन क्षतिग्रस्त बच्चे फर्श पर पढ़ने को मजबूर शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही एंकर नर्मदापुरम- सिवनी मालवा तहसील के ग्राम बटकी से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां बच्चों की पढ़ाई अब स्कूल के ब्लैकबोर्ड पर नहीं, बल्कि जमीन पर लिखी गिनती और वर्णमाला तक सिमटकर रह गई है। दरअसल, गांव का प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर होकर टूट चुका है और पिछले करीब दो साल से बच्चों के पास अपना स्कूल ही नहीं है। ऐसे में गांव के 37 मासूम बच्चों को पढ़ाई के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर इकलानी गांव के एक सार्वजनिक मंगल भवन में बैठना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि वहां न तो कक्षा है, न बेंच–डेस्क और न ही पढ़ाई का कोई बुनियादी इंतजाम। ऊपर टीन शेड है और नीचे फर्श पर गिनती और हिंदी वर्णमाला लिखी हुई है, और उसी जमीन पर बैठकर बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। हालांकि सवाल अब भी वही है—जब दो साल से स्कूल भवन नहीं बन पाया, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? और तब तक क्या बटकी के बच्चों को जमीन पर बैठकर ही पढ़ाई करनी पड़ेगी? विओं- वहीं इस मामले में डीपीसी डॉ. राजेश जायसवाल का कहना है कि बटकी में स्कूल भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव पहले भेजा गया था और उसकी स्वीकृति भी मिल चुकी थी। लेकिन तकनीकी कारणों से राज्य शिक्षा केंद्र से स्वीकृत राशि प्राप्त नहीं हो पाई, जिसकी वजह से भवन निर्माण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा केंद्र और कलेक्टर की ओर से इस संबंध में पत्राचार किया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसे वार्षिक कार्य योजना में शामिल करने के निर्देश दिए हैं, जिससे अगले वित्तीय वर्ष में इसकी स्वीकृति मिलने की संभावना है। साथ ही उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों में बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था करने वाले शिक्षक की सराहना भी की। बाइट – डॉ. राजेश जायसवाल ( डीपीसी )

5 hrs ago
user_Maneesh dubey
Maneesh dubey
इटारसी, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

भवन क्षतिग्रस्त बच्चे फर्श पर पढ़ने को मजबूर शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही एंकर नर्मदापुरम- सिवनी मालवा तहसील के ग्राम बटकी से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां बच्चों की पढ़ाई अब स्कूल के ब्लैकबोर्ड पर नहीं, बल्कि जमीन पर लिखी गिनती और वर्णमाला तक सिमटकर रह गई है। दरअसल, गांव का प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर होकर टूट चुका है और पिछले करीब दो साल से बच्चों के पास अपना स्कूल ही नहीं है। ऐसे में गांव के 37 मासूम बच्चों को पढ़ाई के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर इकलानी गांव के एक सार्वजनिक मंगल भवन में बैठना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि वहां न तो कक्षा है, न बेंच–डेस्क और न ही पढ़ाई का कोई बुनियादी इंतजाम। ऊपर टीन शेड है और नीचे फर्श पर गिनती और हिंदी वर्णमाला लिखी हुई है, और उसी जमीन पर बैठकर बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। हालांकि सवाल अब

भी वही है—जब दो साल से स्कूल भवन नहीं बन पाया, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? और तब तक क्या बटकी के बच्चों को जमीन पर बैठकर ही पढ़ाई करनी पड़ेगी? विओं- वहीं इस मामले में डीपीसी डॉ. राजेश जायसवाल का कहना है कि बटकी में स्कूल भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव पहले भेजा गया था और उसकी स्वीकृति भी मिल चुकी थी। लेकिन तकनीकी कारणों से राज्य शिक्षा केंद्र से स्वीकृत राशि प्राप्त नहीं हो पाई, जिसकी वजह से भवन निर्माण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा केंद्र और कलेक्टर की ओर से इस संबंध में पत्राचार किया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसे वार्षिक कार्य योजना में शामिल करने के निर्देश दिए हैं, जिससे अगले वित्तीय वर्ष में इसकी स्वीकृति मिलने की संभावना है। साथ ही उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों में बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था करने वाले शिक्षक की सराहना भी की। बाइट – डॉ. राजेश जायसवाल ( डीपीसी )

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  • एंकर नर्मदापुरम- जिले के माखननगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस सेवा की बदहाल तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। यहां गंभीर मरीजों की जान बचाने वाली एंबुलेंस खुद ही दम तोड़ती नजर आ रही है। सोमवार को बागरा तवा के पास हुए सड़क हादसे में घायल एक युवक को इलाज के लिए माखननगर CHC लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल नर्मदापुरम रेफर कर दिया गया। लेकिन जब मरीज को एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी हुई तो एंबुलेंस समय पर स्टार्ट ही नहीं हो सकी। हालात इतने खराब थे कि मौके पर मौजूद लोगों को एंबुलेंस को धक्का लगाकर स्टार्ट करना पड़ा। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रहा है
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    एंकर नर्मदापुरम-  जिले के माखननगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस सेवा की बदहाल तस्वीर एक बार फिर सामने आई है। यहां गंभीर मरीजों की जान बचाने वाली एंबुलेंस खुद ही दम तोड़ती नजर आ रही है। सोमवार को बागरा तवा के पास हुए सड़क हादसे में घायल एक युवक को इलाज के लिए माखननगर CHC लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल नर्मदापुरम रेफर कर दिया गया। लेकिन जब मरीज को एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जाने की तैयारी हुई तो एंबुलेंस समय पर स्टार्ट ही नहीं हो सकी। हालात इतने खराब थे कि मौके पर मौजूद लोगों को एंबुलेंस को धक्का लगाकर स्टार्ट करना पड़ा। इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जो स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल रहा है
    user_Maneesh dubey
    Maneesh dubey
    इटारसी, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • Post by ABDUL
    1
    Post by ABDUL
    user_ABDUL
    ABDUL
    Reporter Hoshangabad, Narmadapuram•
    3 hrs ago
  • डोलरिया में 15 दिन के लिए फायर ब्रिगेड तैनात करने की मांग, संयुक्त किसान मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन एक घंटे तक तहसील कार्यालय के बाहर डटे रहे किसान, प्रशासन ने मांगा एक दिन का समय नर्मदापुरम। संयुक्त किसान मोर्चा नर्मदापुरम के बैनर तले किसानों ने डोलरिया तहसील मुख्यालय पर 15 दिनों के लिए अस्थायी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था करने की मांग को लेकर तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि गेहूं की खड़ी फसल के दौरान आगजनी की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। ज्ञापन देने के बाद किसान करीब एक घंटे तक तहसील कार्यालय के बाहर खड़े रहे। इसके बाद तहसीलदार सुनील गढ़वाल ने किसानों से चर्चा कर उनकी मांग को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया और इस संबंध में निर्णय के लिए एक दिन का समय मांगा। इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा के सभी किसान अपने-अपने घर वापस लौट गए। किसानों ने बताया कि डोलरिया क्षेत्र में यदि कहीं आगजनी की घटना होती है तो फायर ब्रिगेड को नर्मदापुरम, इटारसी या सिवनी मालवा से बुलाना पड़ता है। ऐसे में फायर ब्रिगेड के पहुंचने में काफी समय लग जाता है और तब तक किसानों की खड़ी गेहूं को फसल को भारी नुकसान हो जाता है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि फसल की सुरक्षा को देखते हुए कम से कम 15 दिनों के लिए डोलरिया तहसील मुख्यालय पर अस्थायी रूप से फायर ब्रिगेड उपलब्ध कराई जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आगे आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में नरेंद्र सिंह राजपूत, सुरेंद्र सिंह राजपूत, कृपाल सिंह राजपूत, मनीष राजपूत सहित सैकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित रहे।
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    डोलरिया में 15 दिन के लिए फायर ब्रिगेड तैनात करने की मांग, संयुक्त किसान मोर्चा ने सौंपा ज्ञापन
एक घंटे तक तहसील कार्यालय के बाहर डटे रहे किसान, प्रशासन ने मांगा एक दिन का समय
नर्मदापुरम। संयुक्त किसान मोर्चा नर्मदापुरम के बैनर तले किसानों ने डोलरिया तहसील मुख्यालय पर 15 दिनों के लिए अस्थायी फायर ब्रिगेड की व्यवस्था करने की मांग को लेकर तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि गेहूं की खड़ी फसल के दौरान आगजनी की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है, ऐसे में क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। ज्ञापन देने के बाद किसान करीब एक घंटे तक तहसील कार्यालय के बाहर खड़े रहे। इसके बाद तहसीलदार सुनील गढ़वाल ने किसानों से चर्चा कर उनकी मांग को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया और इस संबंध में निर्णय के लिए एक दिन का समय मांगा। इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा के सभी किसान अपने-अपने घर वापस लौट गए। किसानों ने बताया कि डोलरिया क्षेत्र में यदि कहीं आगजनी की घटना होती है तो फायर ब्रिगेड को नर्मदापुरम, इटारसी या सिवनी मालवा से बुलाना पड़ता है। ऐसे में फायर ब्रिगेड के पहुंचने में काफी समय लग जाता है और तब तक किसानों की खड़ी गेहूं को फसल को भारी नुकसान हो जाता है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि फसल की सुरक्षा को देखते हुए कम से कम 15 दिनों के लिए डोलरिया तहसील मुख्यालय पर अस्थायी रूप से फायर ब्रिगेड उपलब्ध कराई जाए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की गई तो संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा आगे आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में नरेंद्र सिंह राजपूत, सुरेंद्र सिंह राजपूत, कृपाल सिंह राजपूत, मनीष राजपूत सहित सैकड़ों की संख्या में किसान उपस्थित रहे।
    user_APN News Chainal Hbd
    APN News Chainal Hbd
    होशंगाबाद, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • Post by Maherban Belbanshi
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    Post by Maherban Belbanshi
    user_Maherban Belbanshi
    Maherban Belbanshi
    होशंगाबाद, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • एसपी सांई कृष्णा थोटा का सिवनी मालवा थाने पर औचक निरीक्षण, अपराध नियंत्रण व जनसुरक्षा को लेकर दिए सख्त निर्देश नर्मदापुरम जिले के पुलिस अधीक्षक सांई कृष्णा थोटा ने मंगलवार दोपहर सिवनी मालवा थाने का औचक निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने थाने के विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान एसपी ने मालखाना, हवालात, कंप्यूटर कक्ष एवं अभिलेख (रिकॉर्ड) कक्ष की स्थिति देखी और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश थाना प्रभारी को दिए। एसपी थोटा ने पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि थाने में आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए और उसका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता बरतते हुए त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्हें शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिए। साथ ही थाना प्रभारी को पुलिस गश्त व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, आमजन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा क्षेत्र में सतत निगरानी बनाए रखने के लिए कहा। साइबर अपराधों को लेकर भी एसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में देरी से अपराधियों का मनोबल बढ़ता है, इसलिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके अलावा एसपी ने थाना क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों पर कड़ी नजर रखने, जुआ-सट्टा एवं अवैध शराब के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए आमजन की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पुलिस कर्मचारियों की समस्याओं को भी सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
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    एसपी सांई कृष्णा थोटा का सिवनी मालवा थाने पर औचक निरीक्षण, अपराध नियंत्रण व जनसुरक्षा को लेकर दिए सख्त निर्देश
नर्मदापुरम जिले के पुलिस अधीक्षक सांई कृष्णा थोटा ने मंगलवार दोपहर सिवनी मालवा थाने का औचक निरीक्षण कर पुलिस व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने थाने के विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। निरीक्षण के दौरान एसपी ने मालखाना, हवालात, कंप्यूटर कक्ष एवं अभिलेख (रिकॉर्ड) कक्ष की स्थिति देखी और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने के निर्देश थाना प्रभारी को दिए।
एसपी थोटा ने पुलिसकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि थाने में आने वाले प्रत्येक फरियादी की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए और उसका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों एवं बुजुर्गों से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता बरतते हुए त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया।
उन्होंने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्हें शीघ्रता से निपटाने के निर्देश दिए। साथ ही थाना प्रभारी को पुलिस गश्त व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने, आमजन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा क्षेत्र में सतत निगरानी बनाए रखने के लिए कहा।
साइबर अपराधों को लेकर भी एसपी ने सख्त रुख अपनाते हुए निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हें गंभीरता से लेते हुए जल्द कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों में देरी से अपराधियों का मनोबल बढ़ता है, इसलिए त्वरित न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके अलावा एसपी ने थाना क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों पर कड़ी नजर रखने, जुआ-सट्टा एवं अवैध शराब के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने पुलिसकर्मियों को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वहन करते हुए आमजन की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पुलिस कर्मचारियों की समस्याओं को भी सुना और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
    user_Shashank Mishra
    Shashank Mishra
    पत्रकार सिवनी-मालवा, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सोहागपुर (नर्मदापुरम)-इन दिनों राम रहीम रोटी बैंक में जरूरतमंद बेघर बेसहारा लोगों को भोजन कराने के लिए अधिक संख्या में सेवाभावी दानदाता बंधु उपस्थित हो रहे हैं तथा अपने हाथों से इन्हें भोजन परोसकर खिला रहे हैं। आज रामगंज वार्ड निवासी युवा समाजसेवी श्री सुनील मालवीय जी एवं जिला सहकारी बैंक की शाखा प्रबंधक श्रीमती बिन्नू राजा दांगी द्वारा पूर्णाहुति एवं भंडारा संपन्न होने के बाद यहां भोजन प्रसादी भिजवाई गई। इसी तारतम्य में ठेकेदार ग्रुप के संयोजक एवं रेल सुरक्षा समिति के श्री विनोद यादव ने अपने जन्मदिन पर साथ ही श्रीमती दीपा/ राजू उपाध्याय द्वारा अपने भाई की पुण्यतिथि पर यहां आकर जरूरतमंद बेघर बेसहारा लोगों एवं नर्मदा परिक्रमावासियों को संयुक्त रूप से व्यंजनों के साथ स्वादिष्ट भोजन कराकर पुण्य लाभ अर्जित किया गया।
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    सोहागपुर (नर्मदापुरम)-इन दिनों राम रहीम रोटी बैंक में जरूरतमंद बेघर बेसहारा लोगों को भोजन कराने के लिए अधिक संख्या में सेवाभावी दानदाता बंधु उपस्थित हो रहे हैं तथा अपने हाथों से इन्हें भोजन परोसकर खिला रहे हैं।
आज रामगंज वार्ड निवासी युवा समाजसेवी श्री सुनील मालवीय जी एवं जिला सहकारी बैंक की शाखा प्रबंधक श्रीमती बिन्नू राजा दांगी द्वारा पूर्णाहुति एवं भंडारा संपन्न होने के बाद यहां भोजन प्रसादी भिजवाई गई। 
इसी तारतम्य में ठेकेदार ग्रुप के संयोजक एवं रेल सुरक्षा समिति के श्री विनोद यादव ने अपने जन्मदिन पर साथ ही श्रीमती दीपा/ राजू उपाध्याय द्वारा अपने भाई की पुण्यतिथि पर यहां आकर जरूरतमंद बेघर बेसहारा लोगों एवं नर्मदा परिक्रमावासियों को संयुक्त रूप से व्यंजनों के साथ स्वादिष्ट भोजन कराकर पुण्य लाभ अर्जित किया गया।
    user_जमील खान  "राम रहीम रोटी बैंक
    जमील खान "राम रहीम रोटी बैंक
    Voice of people सोहागपुर, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • Post by रितिक जैन साधना न्यूज़ बाड़ी
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    Post by रितिक जैन साधना न्यूज़ बाड़ी
    user_रितिक जैन साधना न्यूज़ बाड़ी
    रितिक जैन साधना न्यूज़ बाड़ी
    Local News Reporter बाड़ी, रायसेन, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • एंकर नर्मदापुरम- सिवनी मालवा तहसील के ग्राम बटकी से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां बच्चों की पढ़ाई अब स्कूल के ब्लैकबोर्ड पर नहीं, बल्कि जमीन पर लिखी गिनती और वर्णमाला तक सिमटकर रह गई है। दरअसल, गांव का प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर होकर टूट चुका है और पिछले करीब दो साल से बच्चों के पास अपना स्कूल ही नहीं है। ऐसे में गांव के 37 मासूम बच्चों को पढ़ाई के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर इकलानी गांव के एक सार्वजनिक मंगल भवन में बैठना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि वहां न तो कक्षा है, न बेंच–डेस्क और न ही पढ़ाई का कोई बुनियादी इंतजाम। ऊपर टीन शेड है और नीचे फर्श पर गिनती और हिंदी वर्णमाला लिखी हुई है, और उसी जमीन पर बैठकर बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। हालांकि सवाल अब भी वही है—जब दो साल से स्कूल भवन नहीं बन पाया, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? और तब तक क्या बटकी के बच्चों को जमीन पर बैठकर ही पढ़ाई करनी पड़ेगी? विओं- वहीं इस मामले में डीपीसी डॉ. राजेश जायसवाल का कहना है कि बटकी में स्कूल भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव पहले भेजा गया था और उसकी स्वीकृति भी मिल चुकी थी। लेकिन तकनीकी कारणों से राज्य शिक्षा केंद्र से स्वीकृत राशि प्राप्त नहीं हो पाई, जिसकी वजह से भवन निर्माण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा केंद्र और कलेक्टर की ओर से इस संबंध में पत्राचार किया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसे वार्षिक कार्य योजना में शामिल करने के निर्देश दिए हैं, जिससे अगले वित्तीय वर्ष में इसकी स्वीकृति मिलने की संभावना है। साथ ही उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों में बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था करने वाले शिक्षक की सराहना भी की। बाइट – डॉ. राजेश जायसवाल ( डीपीसी )
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    एंकर नर्मदापुरम- सिवनी मालवा तहसील के ग्राम बटकी से सरकारी शिक्षा व्यवस्था की एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां बच्चों की पढ़ाई अब स्कूल के ब्लैकबोर्ड पर नहीं, बल्कि जमीन पर लिखी गिनती और वर्णमाला तक सिमटकर रह गई है।
दरअसल, गांव का प्राथमिक स्कूल भवन जर्जर होकर टूट चुका है और पिछले करीब दो साल से बच्चों के पास अपना स्कूल ही नहीं है। ऐसे में गांव के 37 मासूम बच्चों को पढ़ाई के लिए डेढ़ किलोमीटर दूर इकलानी गांव के एक सार्वजनिक मंगल भवन में बैठना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि वहां न तो कक्षा है, न बेंच–डेस्क और न ही पढ़ाई का कोई बुनियादी इंतजाम। ऊपर टीन शेड है और नीचे फर्श पर गिनती और हिंदी वर्णमाला लिखी हुई है, और उसी जमीन पर बैठकर बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर हैं। हालांकि सवाल अब भी वही है—जब दो साल से स्कूल भवन नहीं बन पाया, तो आखिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? और तब तक क्या बटकी के बच्चों को जमीन पर बैठकर ही पढ़ाई करनी पड़ेगी?
विओं- वहीं इस मामले में डीपीसी डॉ. राजेश जायसवाल का कहना है कि बटकी में स्कूल भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव पहले भेजा गया था और उसकी स्वीकृति भी मिल चुकी थी। लेकिन तकनीकी कारणों से राज्य शिक्षा केंद्र से स्वीकृत राशि प्राप्त नहीं हो पाई, जिसकी वजह से भवन निर्माण शुरू नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा केंद्र और कलेक्टर की ओर से इस संबंध में पत्राचार किया गया है। राज्य शिक्षा केंद्र ने इसे वार्षिक कार्य योजना में शामिल करने के निर्देश दिए हैं, जिससे अगले वित्तीय वर्ष में इसकी स्वीकृति मिलने की संभावना है।
साथ ही उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों में बच्चों को पढ़ाने की व्यवस्था करने वाले शिक्षक की सराहना भी की।
बाइट – डॉ. राजेश जायसवाल ( डीपीसी )
    user_Maneesh dubey
    Maneesh dubey
    इटारसी, नर्मदापुरम, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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