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ब्रेकिंग न्यूज़ : उमरिया बांधवगढ़ रोड पर लगा जाम, कई घंटे तक लगा जाम, ब्रेकिंग न्यूज़ : उमरिया बांधवगढ़ रोड पर लगा जाम, कई घंटे तक लगा जाम,
Umaria News 24
ब्रेकिंग न्यूज़ : उमरिया बांधवगढ़ रोड पर लगा जाम, कई घंटे तक लगा जाम, ब्रेकिंग न्यूज़ : उमरिया बांधवगढ़ रोड पर लगा जाम, कई घंटे तक लगा जाम,
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- ब्रेकिंग न्यूज़ : उमरिया बांधवगढ़ रोड पर लगा जाम, कई घंटे तक लगा जाम,1
- *स्टेशन चौराहे पर पुलिस के CCTV कंट्रोल सिस्टम को गुमटी ने ढका, सुरक्षा पर उठे सवाल* उमरिया //नगर मुख्यालय के व्यस्त स्टेशन चौराहे पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है। यहां पुलिस विभाग द्वारा शहर की निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों का मुख्य कंट्रोल सिस्टम स्थापित है, लेकिन एक गुमटी संचालक ने अपनी दुकान के जरिए इस सिस्टम को ढक दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे न केवल निगरानी व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि सिस्टम को नुकसान पहुंचने की भी आशंका बनी हुई है। मामले की शिकायत संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी है, बावजूद इसके अब तक गुमटी हटाने या कार्रवाई को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब सुरक्षा के अहम उपकरण ही सुरक्षित नहीं हैं, तो शहर की निगरानी कैसे प्रभावी होगी। अब देखना होगा कि प्रशासन इस लापरवाही पर कब तक कार्रवाई करता है।1
- ताला–पनपथा मार्ग पर थमा पहिया, घंटों बाद खुला जाम; हाइवा खराब होने से 100 से ज्यादा वाहन फंसे उमरिया तपस गुप्ता (7999276090) जिले के ताला–पनपथा सड़क मार्ग (SH-10) पर रविवार सुबह उस वक्त हालात बिगड़ गए, जब पतौर गांव के आगे एक हाइवा बीच सड़क पर अचानक खराब हो गया। यह मार्ग पहले से ही सिंगल लेन है और किनारों की पटरी भी अधूरी पड़ी है, ऐसे में भारी वाहन के खराब होते ही दोनों ओर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। घटना के बाद देखते ही देखते सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई। करीब 100 से अधिक छोटे-बड़े वाहन जाम में फंस गए। मौके पर तत्काल कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति और गंभीर होती चली गई। स्थानीय लोगों के अनुसार, यदि समय रहते ट्रैफिक डायवर्ट किया जाता तो हालात इतने खराब नहीं होते। जाम में फंसे लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी भीषण गर्मी ने दी। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के पार था, जिससे बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं खासतौर पर परेशान दिखे। कई लोग पानी के लिए इधर-उधर भटकते नजर आए, जबकि कुछ लोग गर्मी से बचने के लिए सड़क किनारे जंगल की ओर जाकर पेड़ों की छांव में बैठने को मजबूर हो गए। यह इलाका वन क्षेत्र से सटा हुआ है, ऐसे में लोगों का जंगल की ओर जाना जोखिम भरा भी साबित हो सकता था। जंगली जानवरों की आशंका के बावजूद लोग राहत के लिए वहां जाने को मजबूर दिखे। हैरानी की बात यह रही कि फॉरेस्ट चौकी नजदीक होने के बावजूद मौके पर न तो वन विभाग का अमला सक्रिय नजर आया और न ही पुलिस की कोई त्वरित व्यवस्था दिखी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसमें लंबा जाम और लोगों की परेशानी साफ देखी जा सकती है। वीडियो में वाहन चालकों और यात्रियों की बेबसी भी सामने आई। हालांकि, बाद में खराब हाइवा को हटाने के बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल किया गया। इस संबंध में मानपुर थाना प्रभारी मुकेश मस्कुले ने बताया कि वाहन के ब्रेकडाउन के कारण जाम की स्थिति बनी थी, जिसे अब पूरी तरह साफ कर दिया गया है और मार्ग पर आवागमन सामान्य हो चुका है। इस घटना ने एक बार फिर सड़क की बदहाल व्यवस्था और आपात स्थिति में प्रशासनिक तैयारी की कमी को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस मार्ग को जल्द चौड़ा किया जाए और ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए ठोस व्यवस्था बनाई जाए, ताकि भविष्य में लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।1
- *ताला–पनपथा मार्ग पर 4 घंटे से ठप रफ्तार: हाइवा ब्रेकडाउन बना वजह, लापरवाही ने बढ़ाया संकट* *(आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी-उमरिया)* ताला–पनपथा मार्ग पर रविवार सुबह 8 बजे से लगा जाम दोपहर 12:30 बजे तक भी नहीं खुल पाया। एक हाइवा के बीच सड़क खराब होने से शुरू हुई समस्या, सिंगल रोड और अधूरी पटरी के कारण विकराल रूप लेती गई। लेकिन सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक उदासीनता पर खड़ा हो रहा है। मौके पर न तो पुलिस की सक्रिय मौजूदगी दिखी, न ही वन विभाग का कोई अमला। नतीजा—हजारों की संख्या में फंसे लोग 42 डिग्री की झुलसाती गर्मी में बेहाल रहे। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं पानी के लिए तरसते नजर आए, कई लोग मजबूरी में जंगल की ओर भटकते दिखे और पेड़ों की छांव में बैठकर राहत तलाशते रहे। स्थिति और चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि यह पूरा इलाका वन क्षेत्र से सटा हुआ है। ऐसे में जाम में फंसे लोगों का जंगल की ओर जाना, जंगली जानवरों के खतरे को भी बढ़ा रहा है। इसके बावजूद वन विभाग की निष्क्रियता गंभीर सवाल खड़े करती है। सबसे तीखा सवाल यहीं से उठता है—चार घंटे से ज्यादा समय तक जाम लगा रहा, लेकिन जिम्मेदार महकमा मौके से गायब क्यों रहा? क्या आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई पूर्व योजना नहीं? एक सामान्य ब्रेकडाउन ने पूरे सिस्टम की तैयारी की पोल खोल दी। यह सिर्फ चूक नहीं, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। जब हालात इतने बिगड़ जाएं कि लोग पानी के लिए जंगल की ओर भटकने लगें, और फिर भी प्रशासन हरकत में न आए—तो यह सीधे-सीधे जवाबदेही का मुद्दा बनता है। अब देखना यह है कि जिम्मेदार विभाग इस लापरवाही पर कोई ठोस कार्रवाई करते हैं या फिर हर बार की तरह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।1
- शहडोल-अनूपपुर में पुलिस पर जानलेवा हमला कर सर्विस पिस्टल लूटने वाले 3 आरोपियों को पुलिस ने किरार जंगल से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से लूटी गई पिस्टल और 10 जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। इस हमले में चौकी प्रभारी मंगला दुबे और एक आरक्षक घायल हुए थे। पुलिस ने महज 4 दिन में मामले का खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की।1
- Post by Durgesh Kumar Gupta1
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- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की गेहूं उपार्जन की समीक्षा ------------------------ *गेहूं उपार्जन में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होगी Cm1