68 करोड़ की सकरिया ककरहटी डिघोरा सड़क चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट? 68 करोड़ की सकरिया ककरहटी डिघोरा सड़क चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट? रिपोर्टर अशोक विश्वकर्मा बनते ही जगह-जगह धंसी सड़क, बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हुआ मार्ग; नवनिर्मित पुलों की एप्रोच भी धंसी ककरहटी। सकरिया से ककरहटी, गुनौर होते हुए डिघोरा को जोड़ने वाली करीब ₹68 करोड़ की सड़क परियोजना को लेकर निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह सड़क क्षेत्र के विकास की जीवनरेखा मानी जाती है, लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क जगह-जगह धंसने लगी और अब कई हिस्से भारी-भरकम गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। उक्त सड़क के चौड़ीकरण का टेंडर वर्ष 2024 में में.रविशंकर जायसवाल कंपनी के नाम स्वीकृत हुआ था और निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया था। जनवरी 2026 तक सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन की उम्मीद थी, लेकिन सड़क की मौजूदा हालत ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क में आई खामियों को छिपाने के लिए मेंटेनेंस के नाम पर पैचवर्क कराया गया, लेकिन बारिश शुरू होते ही महज कुछ महीनों में सड़क फिर जगह-जगह धंस गई। वर्तमान में मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढे दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। इन गड्ढों के चलते हादसे का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। नवनिर्मित पुलों की एप्रोच भी धंसी सड़क के साथ बनाए गए नवनिर्मित पुलों की एप्रोच की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। कई स्थानों पर पुल के दोनों किनारों की मिट्टी एवं सड़क धंस गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाले में दोबारा तेज बाढ़ आती है तो पुलों की एप्रोच और अधिक क्षतिग्रस्त हो सकती है। भारी वाहनों के पुल से गुजरने के दौरान दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। चौड़ीकरण और पेवर ब्लॉक के काम पर भी सवाल सड़क चौड़ीकरण के दौरान निर्धारित चौड़ाई एवं अन्य तकनीकी मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वहीं ककरहटी और गुनौर नगर क्षेत्र में लगाए जाने वाले पेवर ब्लॉक का काम भी कई जगह अधूरा दिखाई देता है। कई स्थानों पर सड़क की केवल एक ओर पेवर ब्लॉक लगाए गए हैं, जबकि दूसरी ओर काम नहीं हुआ। जहां पेवर ब्लॉक लगाए भी गए हैं, वहां कई जगह वे टूटकर बिखर गए हैं। विधायक ने विधानसभा में तीन बार उठाया मामला क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश वर्मा का कहना है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता एवं जांच का मुद्दा उनके द्वारा तीन बार विधानसभा में उठाया जा चुका है और उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग भी की है। विधायक के अनुसार सड़क की गुणवत्ता को लेकर संबंधित विभाग से जवाबदेही तय करने और जांच कराने की मांग लगातार की जा रही है। PWD SDO का वर्जन—“सड़क के संबंध में किसी भी प्रकार की बात करने से इनकार” इस संबंध में PWD SDO संजय खरे से फोन पर संपर्क कर सड़क की खराब स्थिति एवं निर्माण गुणवत्ता को लेकर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने उक्त सड़क के संबंध में किसी भी प्रकार की बात करने से मना कर दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि जब करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क कुछ ही महीनों में जगह-जगह धंस रही है और पुलों की एप्रोच भी प्रभावित हो रही है, तो संबंधित विभाग इसकी जिम्मेदारी और निर्माण गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों का जवाब कब देगा? सबसे बड़ा सवाल—₹68 करोड़ की सड़क इतनी जल्दी क्यों हुई बदहाल? सकरिया–ककरहटी–गुनौर से डिघोरा को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क से हजारों लोगों का आवागमन जुड़ा है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का इतनी जल्दी खराब होना निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या करोड़ों की सड़क निर्माण में गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पालन हुआ? क्या निर्माण कार्य की तकनीकी जांच हुई? और यदि सड़क की हालत इतनी जल्दी खराब हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होगी?
68 करोड़ की सकरिया ककरहटी डिघोरा सड़क चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट? 68 करोड़ की सकरिया ककरहटी डिघोरा सड़क चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट? रिपोर्टर अशोक विश्वकर्मा बनते ही जगह-जगह धंसी सड़क, बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हुआ मार्ग; नवनिर्मित पुलों की एप्रोच भी धंसी ककरहटी। सकरिया से ककरहटी, गुनौर होते हुए डिघोरा को जोड़ने वाली करीब ₹68 करोड़ की सड़क परियोजना को लेकर निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह सड़क क्षेत्र के विकास की जीवनरेखा मानी जाती है, लेकिन निर्माण के कुछ ही समय बाद सड़क जगह-जगह धंसने लगी और अब कई हिस्से भारी-भरकम गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। उक्त सड़क के चौड़ीकरण का टेंडर वर्ष 2024 में में.रविशंकर जायसवाल कंपनी के नाम स्वीकृत हुआ था और निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया था। जनवरी 2026 तक सड़क का निर्माण पूरा होने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर आवागमन की उम्मीद थी, लेकिन सड़क की मौजूदा हालत ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क में
आई खामियों को छिपाने के लिए मेंटेनेंस के नाम पर पैचवर्क कराया गया, लेकिन बारिश शुरू होते ही महज कुछ महीनों में सड़क फिर जगह-जगह धंस गई। वर्तमान में मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढे दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। इन गड्ढों के चलते हादसे का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। नवनिर्मित पुलों की एप्रोच भी धंसी सड़क के साथ बनाए गए नवनिर्मित पुलों की एप्रोच की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। कई स्थानों पर पुल के दोनों किनारों की मिट्टी एवं सड़क धंस गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि नाले में दोबारा तेज बाढ़ आती है तो पुलों की एप्रोच और अधिक क्षतिग्रस्त हो सकती है। भारी वाहनों के पुल से गुजरने के दौरान दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। चौड़ीकरण और पेवर ब्लॉक के काम पर भी सवाल सड़क चौड़ीकरण के दौरान निर्धारित चौड़ाई एवं अन्य तकनीकी मानकों के पालन को लेकर भी सवाल उठ
रहे हैं। वहीं ककरहटी और गुनौर नगर क्षेत्र में लगाए जाने वाले पेवर ब्लॉक का काम भी कई जगह अधूरा दिखाई देता है। कई स्थानों पर सड़क की केवल एक ओर पेवर ब्लॉक लगाए गए हैं, जबकि दूसरी ओर काम नहीं हुआ। जहां पेवर ब्लॉक लगाए भी गए हैं, वहां कई जगह वे टूटकर बिखर गए हैं। विधायक ने विधानसभा में तीन बार उठाया मामला क्षेत्रीय विधायक डॉ. राजेश वर्मा का कहना है कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता एवं जांच का मुद्दा उनके द्वारा तीन बार विधानसभा में उठाया जा चुका है और उन्होंने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग भी की है। विधायक के अनुसार सड़क की गुणवत्ता को लेकर संबंधित विभाग से जवाबदेही तय करने और जांच कराने की मांग लगातार की जा रही है। PWD SDO का वर्जन—“सड़क के संबंध में किसी भी प्रकार की बात करने से इनकार” इस संबंध में PWD SDO संजय खरे से फोन पर संपर्क कर सड़क की खराब स्थिति एवं निर्माण गुणवत्ता
को लेकर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने उक्त सड़क के संबंध में किसी भी प्रकार की बात करने से मना कर दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि जब करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क कुछ ही महीनों में जगह-जगह धंस रही है और पुलों की एप्रोच भी प्रभावित हो रही है, तो संबंधित विभाग इसकी जिम्मेदारी और निर्माण गुणवत्ता पर उठ रहे सवालों का जवाब कब देगा? सबसे बड़ा सवाल—₹68 करोड़ की सड़क इतनी जल्दी क्यों हुई बदहाल? सकरिया–ककरहटी–गुनौर से डिघोरा को जोड़ने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क से हजारों लोगों का आवागमन जुड़ा है। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़क का इतनी जल्दी खराब होना निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। क्या करोड़ों की सड़क निर्माण में गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पालन हुआ? क्या निर्माण कार्य की तकनीकी जांच हुई? और यदि सड़क की हालत इतनी जल्दी खराब हुई है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होगी?
- जवाहर नवोदय विद्यालय rmkhiriya jila panna मध्यप्रदेश बृजपुर जवाहर नवोदय विद्यालय rmkhiriya jila panna मध्यप्रदेश1
- अमानगंज बाढ़ः विधायक ने लिया प्रभावितों का हाल, दिए निर्देश अमानगंज में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का विधायक डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने लिया जायजा, पीड़ितों से मिले अमानगंज। लगातार बारिश के चलते अमानगंज क्षेत्र में बने बाढ़ जैसे हालात के बीच गुनौर विधायक डॉ. राजेश कुमार वर्मा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचे। उन्होंने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और बाढ़ प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। विधायक डॉ. राजेश कुमार वर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ के कारण जिन किसानों, व्यापारियों एवं अन्य लोगों को नुकसान हुआ है, उनका सर्वे प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए और नुकसान का पूरा ब्यौरा तैयार कर शासन स्तर पर भेजा जाए, ताकि प्रभावित लोगों को नियमानुसार राहत एवं सहायता उपलब्ध कराई जा सके। राहत स्थल पर पहुंचे, जहां बाढ़ प्रभावित लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है।1
- अजयगढ़ में उधार गुटखे के पेमेंट को लेकर बवाल करीब 15 लोगों ने लाठी-डंडों से किया हमला 6 से ज्यादा घायल पुलिस जांच में जुटी। अजयगढ़। पन्ना जिले के अजयगढ़ में उधार गुटखे के पेमेंट को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि विवाद के बाद करीब 15 लोग लाठी-डंडे, ईंट और पत्थर लेकर पीड़ित के घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट शुरू कर दी। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में वृद्ध सदस्यों सहित परिवार के 6 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को उपचार के लिए अजयगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। पीड़ित परिवार के मुताबिक, आरोपियों पर पहले से करीब 50 से 60 हजार रुपये की उधारी बकाया थी। इसी उधारी के पेमेंट को लेकर विवाद शुरू हुआ था। पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस थाने में शिकायत किए जाने के बाद विवाद और बढ़ गया। पीड़ित परिवार ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। यह जानकारी आज शाम 6:30 बजे मिली।1
- देबेन्द्र नगर के ग्रामीड़ मदयांचल बैंक में लगी आग 2दिन पहले बजा था आलार्म फिर भी नही चेते अधिकारी आरोप देबेन्द्र नगर के ग्रामीड़ मदयांचल बैंक में लगी आग 2दिन पहले बजा था आलार्म फिर भी नही चेते अधिकारी आरोप1
- @बैंक की तिजोरी से मिले 17 करोड़ नकली नोट पंजाब नेशनल बैंक @बैंक की तिजोरी से मिले 17 करोड़ नकली नोट पंजाब नेशनल बैंक स्थान: सोफिया मार्केट शाखा, सहारनपुर, उत्तर प्रदेशराशि: लगभग 17 करोड़ रुपये के संदिग्ध नकली नोटमामले का खुलासा: जयपुर स्थित आरबीआई (RBI) कार्यालय को कैश भेजने पर पैसों में कमी (शॉर्टेज) का पता चला था। इसके बाद बैंक की जांच और ऑडिट में नकली नोटों का यह बड़ा खेल सामने आया।1
- रिपोर्ट — भागीरथ विश्वकर्मा जिला पन्ना मध्यप्रदेश। हेडलाइन– पन्ना में श्रीकृष्ण-बलराम शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब, पुष्पवर्षा और जयघोष से भक्तिमय हुआ पूरा नगर। एंकर– पन्ना। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शनिवार, 5 सितंबर 2026 को पन्ना नगरी भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में पूरी तरह सराबोर नजर आई। अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के तत्वावधान में भगवान श्रीकृष्ण-बलराम की भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें जिलेभर से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। शोभायात्रा से पहले श्री जुगल किशोर मंदिर प्रांगण में मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। यादव महासभा के जिलाध्यक्ष नत्थू सिंह यादव ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य समाज में शिक्षा, एकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रोशनी यादव ने समाज को संगठित रहने और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया। उन्होंने आपसी भेदभाव समाप्त कर सामाजिक एकता को मजबूत बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि शिक्षित और संगठित समाज ही प्रगति की दिशा में आगे बढ़ सकता है। इस दौरान हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद श्री जुगल किशोर मंदिर से भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी की आकर्षक झांकी के साथ भव्य शोभायात्रा रवाना हुई। सुसज्जित रथ पर विराजमान राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकी श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रही। डीजे की भक्तिमय धुनों और 'जय यादव, जय माधव' के जयघोष के बीच हजारों युवा उत्साह से झूमते और नृत्य करते नजर आए। जैसे-जैसे शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ी, श्रद्धालुओं का उत्साह भी बढ़ता गया। शोभायात्रा श्री जुगल किशोर मंदिर से पंचम सिंह चौराहा, अजयगढ़ चौराहा, बड़ा बाजार, बलदेव मंदिर, कटरा और गांधी चौक होते हुए पुनः श्री जुगल किशोर मंदिर पहुंची, जहां आरती और पूजा-अर्चना के साथ शोभायात्रा का समापन किया गया। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर राधा-कृष्ण की झांकी का भव्य स्वागत किया। अजयगढ़ चौराहे पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष संतोष सिंह यादव ने झांकी का पुष्पमालाओं से स्वागत किया। वहीं कोतवाली चौराहे पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनीश खान के नेतृत्व में नगर अध्यक्ष स्वतंत्र प्रभाकर अवस्थी सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुष्पमालाएं पहनाकर शोभायात्रा का अभिनंदन किया। पूरे यात्रा मार्ग पर भक्ति, उल्लास और सामाजिक एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष से पन्ना नगरी गूंजती रही और जगह-जगह उमड़े श्रद्धालुओं के जनसैलाब ने जन्माष्टमी के इस आयोजन को यादगार बना दिया। कार्यक्रम का संचालन रामेश्वर यादव, सरपंच मोहाना ने किया। जिलेभर से हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने श्रीकृष्ण-बलराम शोभायात्रा को भव्य, ऐतिहासिक और अविस्मरणीय आयोजन बना दिया।3
- उधार 'राजश्री' गुटका न देने पर विवाद: पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से भड़के बदमाशों ने घर में घुसकर किया जानलेवा हमला, आधा दर्जन लोग घायल। उधार 'राजश्री' गुटका न देने पर विवाद: पुलिस में शिकायत दर्ज कराने से भड़के बदमाशों ने घर में घुसकर किया जानलेवा हमला, आधा दर्जन लोग घायल। उधार गुटका देने से मना करने और पुरानी उधारी मांगने पर एक परिवार पर जानलेवा हमला करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि शनिवार 5 सितंबर को दोपहर में हुई बहस के बाद जब वे मामले की रिपोर्ट दर्ज कराकर घर लौटे,तो रात के समय दर्जनभर लोगो ने लाठी-डंडों, ईंटों और पत्थरों से लैस होकर उनके घर पर धावा बोल दिया। इस हिंसक हमले में करीब आधा दर्जन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। *उधार गुटका न देने पर शुरू हुआ विवाद* पीड़ित राहुल जैन ने बताया कि दोपहर के समय एक युवक दुकान पर उधार राजश्री गुटका लेने आया था। जब उन्होंने पुराना बकाया मांगते हुए उधार देने से इंकार कर दिया, तो आरोपी गाली-गलौज और हाथापाई पर उतारू हो गया। दुकान से बाहर निकलते ही बदमाशो ने विवाद बढ़ा दिया, जिसके बाद पीड़ित पक्ष ने थाने पहुंचकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। *रिपोर्ट दर्ज कराने पर भड़के;घर में घुसकर की मारपीट* पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद जब पीड़ित अपने घर पहुंचे, तभी करीब 10 से 15 दबंग लाठी-डंडे, ईंट और पत्थर लेकर उनके घर आ धमके। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और पूरे परिवार पर हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में परिवार के वृद्ध सदस्यों सहित लगभग 6 लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भर्ती कराया गया है। *पुराने लेनदेन और परोपकार की मिली सजा* घायल पीड़ित राकेश जैन (धल्लू जैन) ने अपना दर्द बयान करते हुए कहा कि आरोपियों पर उनका पहले का भी 50 से 60 हजार रुपये का लेनदेन बकाया है। संकट के समय में शादी-ब्याह के लिए दिए गए पैसे मांगने पर दबंग अक्सर विवाद करते थे। पीड़ितों का आरोप है कि क्षेत्र में आरोपियों की गुंडागर्दी बढ़ गई है। घायलो में राहुल जैन (पिता: महेंद्र जैन), उम्र 28 वर्ष, महेंद्र जैन (पिता: दसई लाला जैन), उम्र 62 वर्षराकेश जैन उर्फ धल्लू (पिता: सुक्कन लाला जैन)उम्र 42 वर्ष,अनीत जैन(पिता: सुक्कन लाला जैन),उम्र 32 वर्ष,राजेंद्र जैन (पिता: दसई लाला जैन)उम्र 55 वर्ष,मनोज जैन (पिता:सोमचंद्र जैन)उम्र 45 वर्ष,नीलेश जैन (पिता: सुभाष चंद्र जैन)उम्र 35 वर्ष शामिल है।पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।4
- पति की तलाश में दुबई से सतना पहुंची पत्नी: बोलीं— बिना बताए भारत लौटे, अब नहीं मिल रहे; 12 साल छोटे युवक से की थी शादी सतना (मध्य भारत न्यूज़): दुबई से सतना पहुंची एक महिला अपने लापता पति सुनील ठाकुर की तलाश में दर-दर भटक रही है। पीड़िता ने सतना पुलिस से गुहार लगाते हुए पति को ढूंढने में मदद मांगी है। महिला के मुताबिक, उसके पति अचानक बिना कुछ बताए दुबई से भारत लौट आए। 31 जुलाई के बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है और न ही उनसे कोई संपर्क हो पा रहा है। महिला ने बताया कि उसने अपने से 12 साल छोटे युवक से शादी की थी। अचानक संपर्क टूटने के बाद वह बेहद परेशान है और उसने पुलिस प्रशासन से अपने पति को जल्द से जल्द खोजने की अपील की है।1
- वैश्य समाज की ताकत एकता में, सहभागिता से संगठन होगा मजबूत वैश्य महासम्मेलन के आयोजन में समाज के इतिहास से लेकर भविष्य की कार्ययोजना तक हुआ व्यापक मंथन सतना। वैश्य महासम्मेलन संभागीय सम्मेलन श्री शाइन मैरिज गार्डन रीवा रोड में आयोजित कार्यक्रम में समाज के गौरवशाली इतिहास, वर्तमान सामाजिक भूमिका और संगठन के भविष्य को लेकर गंभीर एवं सार्थक मंथन हुआ। कार्यक्रम में समाज को अधिक संगठित, सक्रिय और प्रभावशाली बनाने के साथ प्रत्येक समाजबंधु की सहभागिता सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम के *मुख्य अतिथि वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश अध्यक्ष सुधीर अग्रवाल* ने कहा कि समाज की मजबूती केवल पदों और समितियों से नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी से तय होती है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर समाज को अपनी समीक्षा करनी चाहिए कि हम समाज को कितना समय दे रहे हैं, हमारी सहभागिता कितनी है और समाजहित में हम क्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने दायित्व को समझकर समाज के लिए योगदान देता है तो संगठन की शक्ति कई गुना बढ़ सकती है। समाज को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकता, सहयोग और समरसता के साथ आगे बढ़ना होगा। संगठन को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर तक समाजबंधुओं को जोड़ना और नई पीढ़ी को नेतृत्व से जोड़ना आवश्यक है। इतिहास हमारी पहचान, वर्तमान हमारी जिम्मेदारी : राजीव खंडेलवाल वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश मंत्री राजीव खंडेलवाल* ने वैश्य समाज के उद्भव, इतिहास और वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज ने देश की आर्थिक, सामाजिक और सेवा व्यवस्था में सदैव महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समाज की ऐतिहासिक विरासत आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि समाज अपनी विरासत को संजोते हुए आधुनिक समय की चुनौतियों के अनुरूप स्वयं को और अधिक संगठित करे। संगठन की संरचना और कार्ययोजना पर निकेश गुप्ता ने रखा रोडमैप *प्रदेश महामंत्री निकेश गुप्ता* ने संगठन की संरचना, कार्ययोजना और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि मजबूत संगठन के लिए प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदार कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका जरूरी है। उन्होंने समाज के परिवारों को संगठन से जोड़ने, युवाओं और मातृशक्ति की सहभागिता बढ़ाने तथा *सामाजिक गतिविधियों को निरंतर विस्तार देने पर जोर दिया।* उन्होंने कहा कि संगठन की कार्ययोजना कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका प्रभाव समाज के अंतिम व्यक्ति तक दिखाई देना चाहिए। समाज को जोड़ना ही सबसे बड़ी प्राथमिकता कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि वैश्य समाज की सबसे बड़ी शक्ति उसकी एकजुटता और परस्पर सहयोग है। अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यरत समाजबंधुओं को एक मंच पर लाकर संवाद और सहयोग बढ़ाना समय की आवश्यकता है। समाजहित के कार्यों में सामूहिक सहभागिता से ही संगठन की वास्तविक ताकत सामने आएगी। स्वागत भाषण वैश्य महासम्मेलन के संभागीय अध्यक्ष लखन लाल केसरवानी ने किया। *प्रस्तावना प्रदेश महामंत्री अतुल जैन* ने रखते हुए उन्होंने अतिथियों एवं समाजबंधुओं का स्वागत करते हुए संगठन को मजबूत बनाने और अधिक से अधिक लोगों को समाज से जोड़ने का आह्वान किया। मंच में वैश्य महासम्मेलन प्रदेश अध्यक्ष सुधीर अग्रवाल प्रदेश महामंत्री राजीव खंडेलवाल निकेश गुप्ता अतुल जैन महापौर योगेश ताम्रकार पूर्व स्पीकर अनिल जायसवाल प्रदेश मंत्री अशोक गुप्ता संभागीय अध्यक्ष लखन लाल केसरवानी जिला अध्यक्ष संजय अग्रवाल चांदी जिला प्रभारी राजीव गुप्ता बबलू सुमित गुप्ता गायत्री गुप्ता बंशीलाल साहू तुषार अग्रवाल उपस्थित रहे। महापौर योगेश ताम्रकार ने कहा कि कई समाजों को जोड़कर ही एक मजबूत और संगठित सामाजिक शक्ति का निर्माण किया जा सकता है। समाज के सभी वर्गों के बीच आपसी समन्वय, सहयोग और भाईचारा बढ़ाना समय की आवश्यकता है। जब विभिन्न समाज एकजुट होकर सामाजिक सरोकारों के लिए आगे आते हैं, तो समाज की शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता केवल संगठनों तक सीमित न रहे, बल्कि इसका लाभ जरूरतमंदों और प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे, यही हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। सफल संचालन एड सुरेश गुप्ता सागर गुप्ता ने और कार्यक्रम के अंत में वैश्य महासम्मेलन के प्रदेश सह मीडिया प्रभारी श्याम लाल गुप्ता ‘श्यामू’ ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज को जोड़ने, संगठन को मजबूत करने और सामाजिक सरोकारों को गति देने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं। कार्यक्रम में समाज के पदाधिकारी, वरिष्ठजन, युवा, मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे। सुधीर अग्रवाल: “समाज की मजबूती केवल पदाधिकारियों से नहीं, प्रत्येक समाजबंधु की सक्रिय सहभागिता से होती है। हमें पहले स्वयं से पूछना होगा कि समाजहित में हम अपना कितना योगदान दे रहे हैं।” राजीव खंडेलवाल: “वैश्य समाज का गौरवशाली इतिहास हमारी पहचान है, लेकिन वर्तमान में हमारी जिम्मेदारी है कि इस विरासत को संगठन की शक्ति में बदलकर आने वाली पीढ़ी को मजबूत आधार दें।” निकेश गुप्ता: “मजबूत संगठन वही है जिसकी पहुंच समाज के प्रत्येक परिवार तक हो। कार्ययोजना को जमीन पर उतारकर युवाओं, महिलाओं और नए कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ना हमारी प्राथमिकता है।” श्याम लाल गुप्ता ‘श्यामू’: “समाज को जोड़ना केवल एक कार्यक्रम का विषय नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाला अभियान है। एकता, सहभागिता और सेवा की भावना से ही वैश्य समाज को और अधिक मजबूत बनाया जा सकता है।” इस दौरान संजय गुप्ता माधवगढ़ अभिषेक जैन त्रिलोकीनाथ कैलाश सोनी हेमचंद्र जायसवाल राजेन्द्र ताम्रकार महेंद्र जैन अमित सोनी ब्रजेश निगम जितेन्द्र साहू श्याम सुंदर साहू मीरा अग्रवाल रावेंद्र श्रीवास्तव सागर चौरसिया सुजीत गुप्ता महेश गुप्ता महेंद्र गुप्ता हरिनाथ जायसवाल दुर्गेश गुप्ता सचिन गुप्ता मेवा लाल गुप्ता मनीष ताम्रकार सोमचंद गुप्ता अश्वनी अग्रवाल अरविन्द गुप्ता प्रमोद गुप्ता ध्रुव ताम्रकार हरीश अग्रवाल सुशील गुप्ता सहित सैकड़ों की संख्या में उपस्थित रहे।2