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+91 7667913218 address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand

6 hrs ago
user_Rishi Kisan Machine
Rishi Kisan Machine
Farmer Gumla, Jharkhand•
6 hrs ago

+91 7667913218 address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand

More news from Jharkhand and nearby areas
  • +91 7667913218 address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand
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    +91 7667913218
address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand
    user_Rishi Kisan Machine
    Rishi Kisan Machine
    Farmer Gumla, Jharkhand•
    6 hrs ago
  • झारखंड में मतदाता गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बीच पलामू जिले के रामगढ़ प्रखंड विकास पदाधिकारी सह पांकी प्रभारी अंचल अधिकारी मारवाड़ी साहु नागपुरी भाषा में जागरूकता गीत गाकर पूरे राज्य में लोकप्रिय हो गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करने के इस अनोखे प्रयास में गाया गया उनका यह गीत प्रिंट मीडिया, डिजिटल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है तथा इसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं। गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत नागफेनी गांव के रहने वाले मारवाड़ी साहु पहले एक शिक्षक थे। अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष के बल पर वह उप समाहर्ता बने और वर्तमान में पलामू के रामगढ़ में अपनी सेवा दे रहे हैं। नागपुरी गीत के जरिए राज्य भर में मिली इस लोकप्रियता के बाद उनके कार्यालय कक्ष में उनसे मुलाकात करने के लिए ग्रामीण महिला और पुरुषों की भारी भीड़ पहुंच रही है।
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    झारखंड में मतदाता गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत लोगों को जागरूक करने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों के बीच पलामू जिले के रामगढ़ प्रखंड विकास पदाधिकारी सह पांकी प्रभारी अंचल अधिकारी मारवाड़ी साहु नागपुरी भाषा में जागरूकता गीत गाकर पूरे राज्य में लोकप्रिय हो गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर मतदाताओं को जागरूक करने के इस अनोखे प्रयास में गाया गया उनका यह गीत प्रिंट मीडिया, डिजिटल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेजी से वायरल हो रहा है तथा इसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं।

गुमला जिले के सिसई प्रखंड अंतर्गत नागफेनी गांव के रहने वाले मारवाड़ी साहु पहले एक शिक्षक थे। अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष के बल पर वह उप समाहर्ता बने और वर्तमान में पलामू के रामगढ़ में अपनी सेवा दे रहे हैं। नागपुरी गीत के जरिए राज्य भर में मिली इस लोकप्रियता के बाद उनके कार्यालय कक्ष में उनसे मुलाकात करने के लिए ग्रामीण महिला और पुरुषों की भारी भीड़ पहुंच रही है।
    user_कृष्णा कुमार साहु
    कृष्णा कुमार साहु
    रिपोर्टर सिसई, गुमला, झारखंड•
    2 hrs ago
  • सिमडेगा जिला के लचरागढ़ निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट एवं भ्रष्टाचार निरोधक जांच विभाग के सक्रिय सदस्य विष्णु साहू ने राज्य स्तर पर धर्मांतरण और भूमि कब्जे के मामलों का मुद्दा उठाया है। उन्होंने 'डॉक्ट्रिन ऑफ क्रिश्चियन डिस्कवरी' के सिद्धांत का हवाला देते हुए बताया कि करीब 500 वर्ष पहले 15वीं शताब्दी में यूरोपीय देशों के बीच बनी सहमति और ईसाइयों के धर्मगुरु पोप के समर्थन के तहत गैर-ईसाई देशों पर कब्जे और धर्मांतरण की छूट दी गई थी। सन 1493 में पोप एलेकजेंडर 6वें द्वारा दुनिया को दो हिस्सों में बांटने, 1498 में वास्कोडिगामा के आगमन, 1770 में जेम्स कुक के ऑस्ट्रेलिया पहुंचने और अमेरिका, न्यूजीलैंड, कनाडा तथा भारत पर कब्जे के इतिहास का उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने 1510 ईस्वी में गोवा पर अल्बुकर्क के कब्जे, मंदिर तोड़ने और 1543 के गोवा एक्विजिशन के दमनकारी इतिहास को रेखांकित करते हुए बताया कि आजादी के बाद भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' चलाकर 36 घंटे में ही उन्हें वहां से खदेड़ा था। विष्णु साहू ने आरोप लगाया कि वर्तमान में प्रार्थना सभाओं और चंगाई सभाओं के जरिए बीमारियों को ठीक करने के नाम पर अंधविश्वास फैलाकर और लालच देकर धर्मांतरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। झारखंड में इसी गुप्त षड्यंत्र के तहत सीएनटी एक्ट को ताक पर रखकर खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में गरीब आदिवासियों की जमीनों पर कब्जा कर मिशनरी स्कूलों व चर्च का निर्माण कराया गया। जिन आदिवासियों की जमीनें ली गईं, वे आज भूमिहीन होकर प्रवासी मजदूर के रूप में जीवन यापन करने के लिए राज्य से बाहर जाने पर मजबूर हैं। इसके अलावा सरकारी और गैर-मजरुआ भूमि तथा जंगलों को काटकर भी मिशनरी संस्थाओं ने जमीनों पर कब्जा किया है। उन्होंने आगे कहा कि दक्षिणी छोटा नागपुर के प्रायः हर सरकारी विभाग में क्रिश्चियन समुदाय के लोग काबिज हैं, जिससे गैर-ईसाई आदिवासियों और आम लोगों को अपने कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। पादरियों द्वारा विभिन्न शोषणों के फरमान जारी करने और झूठे एससी-एसटी मुकदमों का डर दिखाकर नफरत फैलाने के काम किए जा रहे हैं। इसी नीति के तहत मेघालय में लगभग 75% और मिजोरम तथा नागालैंड में 87% से 90% तक ईसाई आबादी हो चुकी है। उन्होंने झारखंड के नागरिकों से किसी भी लालच या अंधविश्वास में न पड़ने का अनुरोध किया और राज्य व केंद्र सरकार से देश की एकता, अखंडता और समरसता बनाए रखने के लिए ठोस रणनीति बनाकर कार्रवाई करने का आग्रह किया।
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    सिमडेगा जिला के लचरागढ़ निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट एवं भ्रष्टाचार निरोधक जांच विभाग के सक्रिय सदस्य विष्णु साहू ने राज्य स्तर पर धर्मांतरण और भूमि कब्जे के मामलों का मुद्दा उठाया है। उन्होंने 'डॉक्ट्रिन ऑफ क्रिश्चियन डिस्कवरी' के सिद्धांत का हवाला देते हुए बताया कि करीब 500 वर्ष पहले 15वीं शताब्दी में यूरोपीय देशों के बीच बनी सहमति और ईसाइयों के धर्मगुरु पोप के समर्थन के तहत गैर-ईसाई देशों पर कब्जे और धर्मांतरण की छूट दी गई थी। सन 1493 में पोप एलेकजेंडर 6वें द्वारा दुनिया को दो हिस्सों में बांटने, 1498 में वास्कोडिगामा के आगमन, 1770 में जेम्स कुक के ऑस्ट्रेलिया पहुंचने और अमेरिका, न्यूजीलैंड, कनाडा तथा भारत पर कब्जे के इतिहास का उन्होंने उल्लेख किया। उन्होंने 1510 ईस्वी में गोवा पर अल्बुकर्क के कब्जे, मंदिर तोड़ने और 1543 के गोवा एक्विजिशन के दमनकारी इतिहास को रेखांकित करते हुए बताया कि आजादी के बाद भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन विजय' चलाकर 36 घंटे में ही उन्हें वहां से खदेड़ा था।

विष्णु साहू ने आरोप लगाया कि वर्तमान में प्रार्थना सभाओं और चंगाई सभाओं के जरिए बीमारियों को ठीक करने के नाम पर अंधविश्वास फैलाकर और लालच देकर धर्मांतरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। झारखंड में इसी गुप्त षड्यंत्र के तहत सीएनटी एक्ट को ताक पर रखकर खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में गरीब आदिवासियों की जमीनों पर कब्जा कर मिशनरी स्कूलों व चर्च का निर्माण कराया गया। जिन आदिवासियों की जमीनें ली गईं, वे आज भूमिहीन होकर प्रवासी मजदूर के रूप में जीवन यापन करने के लिए राज्य से बाहर जाने पर मजबूर हैं। इसके अलावा सरकारी और गैर-मजरुआ भूमि तथा जंगलों को काटकर भी मिशनरी संस्थाओं ने जमीनों पर कब्जा किया है।

उन्होंने आगे कहा कि दक्षिणी छोटा नागपुर के प्रायः हर सरकारी विभाग में क्रिश्चियन समुदाय के लोग काबिज हैं, जिससे गैर-ईसाई आदिवासियों और आम लोगों को अपने कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। पादरियों द्वारा विभिन्न शोषणों के फरमान जारी करने और झूठे एससी-एसटी मुकदमों का डर दिखाकर नफरत फैलाने के काम किए जा रहे हैं। इसी नीति के तहत मेघालय में लगभग 75% और मिजोरम तथा नागालैंड में 87% से 90% तक ईसाई आबादी हो चुकी है। उन्होंने झारखंड के नागरिकों से किसी भी लालच या अंधविश्वास में न पड़ने का अनुरोध किया और राज्य व केंद्र सरकार से देश की एकता, अखंडता और समरसता बनाए रखने के लिए ठोस रणनीति बनाकर कार्रवाई करने का आग्रह किया।
    user_SHAMBHU. S. CHAUHAN
    SHAMBHU. S. CHAUHAN
    Business Networking Company सिसई, गुमला, झारखंड•
    16 hrs ago
  • गुमला के बसिया में रांची-सिमडेगा मुख्य मार्ग से सरस्वती शिशु विद्या मंदिर तक जाने वाली सड़क की जर्जर हालत से तंग आकर स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और छात्रों ने खुद ही सड़क की मरम्मत का बीड़ा उठाया। लगातार अनदेखी से परेशान होकर छात्रों और शिक्षकों ने खुद फावड़ा उठाकर सड़क सुधारने का काम किया। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और जलजमाव के कारण आए दिन बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे थे। विद्यालय के शिक्षक नवीन कुमार मिश्रा ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः लाचार होकर बच्चों की सुरक्षा के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को स्वयं श्रमदान कर गड्ढों को भरना पड़ा।
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    गुमला के बसिया में रांची-सिमडेगा मुख्य मार्ग से सरस्वती शिशु विद्या मंदिर तक जाने वाली सड़क की जर्जर हालत से तंग आकर स्कूल प्रबंधन, शिक्षकों और छात्रों ने खुद ही सड़क की मरम्मत का बीड़ा उठाया। लगातार अनदेखी से परेशान होकर छात्रों और शिक्षकों ने खुद फावड़ा उठाकर सड़क सुधारने का काम किया।

सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों और जलजमाव के कारण आए दिन बच्चे गिरकर चोटिल हो रहे थे। विद्यालय के शिक्षक नवीन कुमार मिश्रा ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को लिखित आवेदन दिया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अंततः लाचार होकर बच्चों की सुरक्षा के लिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को स्वयं श्रमदान कर गड्ढों को भरना पड़ा।
    user_Niraj kumar Sahu
    Niraj kumar Sahu
    पत्रकार बसिया, गुमला, झारखंड•
    12 hrs ago
  • गुमला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में NCORD, कारा प्रशासन और जिला टास्क फोर्स (खनन) की संयुक्त समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम, अवैध खनन एवं परिवहन पर नियंत्रण और कारा व्यवस्था में सुधार को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने प्रमुख मार्गों व अंतरजिला सीमाओं पर वाहनों की सघन जांच करने और मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री वाले क्षेत्रों में त्वरित छापेमारी के निर्देश दिए। कम उम्र के बच्चों में नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए उन्होंने सभी विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में "नशा-मुक्ति जागरूकता अभियान" चलाने, मेडिकल दुकानों व सार्वजनिक स्थानों के पास निगरानी रखने और देर रात तक खुली रहने वाली दुकानों को नियमानुसार बंद कराने को कहा। खनन क्षेत्र की समीक्षा के दौरान अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि जिले के 29 पत्थर खनन क्षेत्रों में से 17 संचालित हैं, जबकि 18 कैटेगरी-2 बालू घाटों के संचालन हेतु नीलामी के बाद ग्राम सभा की प्रक्रिया जारी है। उपायुक्त ने संबंधित बीडीओ को ग्राम सभाएं शीघ्र पूर्ण कराने, उपलब्ध बालू के स्टॉक की जांच करने और निर्गत ई-चालानों की सत्यता का सत्यापन करने के निर्देश दिए। साथ ही बॉक्साइट परिवहन में ओवरलोडिंग रोकने, 15 वर्ष से अधिक पुराने बॉक्साइट वाहनों की जिला परिवहन पदाधिकारी स्तर से विशेष जांच कराने और खनन पट्टों व क्रशर इकाइयों में पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने का आदेश दिया। कारा प्रशासन की समीक्षा में उपायुक्त ने नवनिर्मित भवनों के शेष कार्य व सीपेज की समस्या का समाधान कर जल्द हैंडओवर लेने तथा बंदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के निर्देश दिए। इस संयुक्त बैठक में गुमला के पुलिस अधीक्षक, गुमला, बसिया एवं चैनपुर के अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जेल अधीक्षक, एमवीआई तथा एनएचएआई, आरईओ और आरसीडी के कार्यपालक एवं सहायक अभियंताओं सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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    गुमला समाहरणालय सभागार में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में NCORD, कारा प्रशासन और जिला टास्क फोर्स (खनन) की संयुक्त समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में मादक पदार्थों की रोकथाम, अवैध खनन एवं परिवहन पर नियंत्रण और कारा व्यवस्था में सुधार को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने प्रमुख मार्गों व अंतरजिला सीमाओं पर वाहनों की सघन जांच करने और मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री वाले क्षेत्रों में त्वरित छापेमारी के निर्देश दिए। कम उम्र के बच्चों में नशे की प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए उन्होंने सभी विद्यालयों की प्रार्थना सभाओं में "नशा-मुक्ति जागरूकता अभियान" चलाने, मेडिकल दुकानों व सार्वजनिक स्थानों के पास निगरानी रखने और देर रात तक खुली रहने वाली दुकानों को नियमानुसार बंद कराने को कहा।

खनन क्षेत्र की समीक्षा के दौरान अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के सख्त निर्देश दिए गए। बैठक में बताया गया कि जिले के 29 पत्थर खनन क्षेत्रों में से 17 संचालित हैं, जबकि 18 कैटेगरी-2 बालू घाटों के संचालन हेतु नीलामी के बाद ग्राम सभा की प्रक्रिया जारी है। उपायुक्त ने संबंधित बीडीओ को ग्राम सभाएं शीघ्र पूर्ण कराने, उपलब्ध बालू के स्टॉक की जांच करने और निर्गत ई-चालानों की सत्यता का सत्यापन करने के निर्देश दिए। साथ ही बॉक्साइट परिवहन में ओवरलोडिंग रोकने, 15 वर्ष से अधिक पुराने बॉक्साइट वाहनों की जिला परिवहन पदाधिकारी स्तर से विशेष जांच कराने और खनन पट्टों व क्रशर इकाइयों में पर्यावरणीय मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने का आदेश दिया।

कारा प्रशासन की समीक्षा में उपायुक्त ने नवनिर्मित भवनों के शेष कार्य व सीपेज की समस्या का समाधान कर जल्द हैंडओवर लेने तथा बंदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के निर्देश दिए। इस संयुक्त बैठक में गुमला के पुलिस अधीक्षक, गुमला, बसिया एवं चैनपुर के अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जेल अधीक्षक, एमवीआई तथा एनएचएआई, आरईओ और आरसीडी के कार्यपालक एवं सहायक अभियंताओं सहित कई विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
    user_राहुल कुमार
    राहुल कुमार
    Local News Reporter चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    18 hrs ago
  • लोहरदगा की तमाम खबरों को आप लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
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    लोहरदगा की तमाम खबरों को आप लोगों तक पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    1 hr ago
  • झारखंड के सिमडेगा स्थित झूलन सिंह चौक पर गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) एवं सीबीएसई की मार्किंग में कथित गड़बड़ी, शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। झामुमो जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना एवं जिला सचिव मो. सफीक खान के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिन्होंने पैदल मार्च निकालते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, छात्रों के साथ न्याय और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना ने कहा कि छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय उन पर बल प्रयोग किया जा रहा है। वहीं जिला सचिव मो. सफीक खान ने कहा कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से नीट-2026 एवं सीबीएसई मार्किंग विवाद की निष्पक्ष जांच कराने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
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    झारखंड के सिमडेगा स्थित झूलन सिंह चौक पर गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-2026) एवं सीबीएसई की मार्किंग में कथित गड़बड़ी, शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग और नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। झामुमो जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना एवं जिला सचिव मो. सफीक खान के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिन्होंने पैदल मार्च निकालते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, छात्रों के साथ न्याय और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना ने कहा कि छात्र अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के बजाय उन पर बल प्रयोग किया जा रहा है। वहीं जिला सचिव मो. सफीक खान ने कहा कि छात्रों की लोकतांत्रिक आवाज को दबाना उचित नहीं है। उन्होंने केंद्र सरकार से नीट-2026 एवं सीबीएसई मार्किंग विवाद की निष्पक्ष जांच कराने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
    user_Satyam kumar keshri
    Satyam kumar keshri
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    12 hrs ago
  • पहले जो कार्य या स्थिति मजबूरी के तहत अपनाई जाती थी, अब उसके लिए विकल्प मौजूद हो चुका है।
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    पहले जो कार्य या स्थिति मजबूरी के तहत अपनाई जाती थी, अब उसके लिए विकल्प मौजूद हो चुका है।
    user_AAM JANATA
    AAM JANATA
    लोहरदगा, लोहरदगा, झारखंड•
    2 hrs ago
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