कान्हा में सात दिवसीय हाथी रिजुविनेशन कैंप का हुआ समापन बालाघाट। कान्हा टाइगर रिजर्व के सुपखार परिक्षेत्र में विभागीय हाथियों के स्वास्थ्य, देखभाल एवं समग्र कल्याण के उद्देश्य से आयोजित सात दिवसीय हाथी रिजुविनेशन कैंप का रविवार को गरिमामय समारोह के साथ समापन हुआ। कैंप का आयोजन 14 सितंबर से 20 सितंबर तक किया गया। इस दौरान विभागीय हाथियों को नियमित कार्यों से विश्राम देते हुए उनके स्वास्थ्य परीक्षण, देखभाल एवं पुनर्यौवन पर विशेष ध्यान दिया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बैहर विधायक संजय सिंह उईके एवं बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक बालाघाट गौरव चौधरी, पुलिस अधीक्षक मंडला सहित कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक रवीन्द्र मणि त्रिपाठी, उपसंचालक प्रकाश कुमार वर्मा, वन मंडलाधिकारी बालाघाट (कोर), कोर एवं बफर क्षेत्र के सहायक संचालक तथा समस्त परिक्षेत्र अधिकारी मौजूद रहे। पूजा-अर्चना कर हाथियों को खिलाए फल और गन्ना समापन कार्यक्रम की शुरुआत विभागीय हाथियों की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद हाथियों को मौसमी फल, गन्ना, मक्का एवं नारियल खिलाया गया। वन विभाग के अधिकारियों एवं अतिथियों ने हाथियों के प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त करते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं संरक्षण की कामना की। महावतों और सहायक महावतों का सम्मान कार्यक्रम में हाथियों की देखभाल, स्वास्थ्य एवं प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महावतों एवं सहायक महावतों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों द्वारा उन्हें बैग, पानी की बोतल, ट्रैक सूट एवं खेल सामग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर अधिकारियों ने हाथियों की देखभाल एवं वन विभाग के विभिन्न कार्यों में महावतों और सहायक महावतों के योगदान की सराहना की। वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं विभागीय हाथी कान्हा टाइगर रिजर्व में विभागीय हाथी वन्यजीव संरक्षण, वन सुरक्षा, गश्ती एवं निगरानी सहित विभिन्न प्रबंधन कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमता को बनाए रखना विभागीय प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी उद्देश्य से प्रतिवर्ष रिजुविनेशन कैंप आयोजित किया जाता है, जिसमें हाथियों को नियमित कार्यों से विश्राम देने के साथ स्वास्थ्य परीक्षण, पौष्टिक आहार, आवश्यक देखभाल और मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से उनके समग्र कल्याण पर ध्यान दिया जाता है। समापन अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं वन विभाग के अधिकारियों ने विभागीय हाथियों की बेहतर देखभाल एवं संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कान्हा में सात दिवसीय हाथी रिजुविनेशन कैंप का हुआ समापन बालाघाट। कान्हा टाइगर रिजर्व के सुपखार परिक्षेत्र में विभागीय हाथियों के स्वास्थ्य, देखभाल एवं समग्र कल्याण के उद्देश्य से आयोजित सात दिवसीय हाथी रिजुविनेशन कैंप का रविवार को गरिमामय समारोह के साथ समापन हुआ। कैंप का आयोजन 14 सितंबर से 20 सितंबर तक किया गया। इस दौरान विभागीय हाथियों को नियमित कार्यों से विश्राम देते हुए उनके स्वास्थ्य परीक्षण, देखभाल एवं पुनर्यौवन पर विशेष ध्यान दिया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बैहर विधायक संजय सिंह उईके एवं बिछिया विधायक नारायण
सिंह पट्टा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक बालाघाट गौरव चौधरी, पुलिस अधीक्षक मंडला सहित कान्हा टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक रवीन्द्र मणि त्रिपाठी, उपसंचालक प्रकाश कुमार वर्मा, वन मंडलाधिकारी बालाघाट (कोर), कोर एवं बफर क्षेत्र के सहायक संचालक तथा समस्त परिक्षेत्र अधिकारी मौजूद रहे। पूजा-अर्चना कर हाथियों को खिलाए फल और गन्ना समापन कार्यक्रम की शुरुआत विभागीय हाथियों की विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद हाथियों को मौसमी फल, गन्ना, मक्का एवं नारियल खिलाया गया। वन विभाग के अधिकारियों एवं अतिथियों ने हाथियों के प्रति स्नेह और सम्मान व्यक्त करते हुए उनके
बेहतर स्वास्थ्य एवं संरक्षण की कामना की। महावतों और सहायक महावतों का सम्मान कार्यक्रम में हाथियों की देखभाल, स्वास्थ्य एवं प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महावतों एवं सहायक महावतों को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथियों द्वारा उन्हें बैग, पानी की बोतल, ट्रैक सूट एवं खेल सामग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर अधिकारियों ने हाथियों की देखभाल एवं वन विभाग के विभिन्न कार्यों में महावतों और सहायक महावतों के योगदान की सराहना की। वन्यजीव संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं विभागीय हाथी कान्हा टाइगर रिजर्व में विभागीय हाथी वन्यजीव संरक्षण, वन सुरक्षा, गश्ती एवं निगरानी
सहित विभिन्न प्रबंधन कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य और शारीरिक क्षमता को बनाए रखना विभागीय प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी उद्देश्य से प्रतिवर्ष रिजुविनेशन कैंप आयोजित किया जाता है, जिसमें हाथियों को नियमित कार्यों से विश्राम देने के साथ स्वास्थ्य परीक्षण, पौष्टिक आहार, आवश्यक देखभाल और मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से उनके समग्र कल्याण पर ध्यान दिया जाता है। समापन अवसर पर उपस्थित अतिथियों एवं वन विभाग के अधिकारियों ने विभागीय हाथियों की बेहतर देखभाल एवं संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
- त्योहारी सीजन में खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्ती, कलेक्टर ने दिए जांच बढ़ाने के निर्देश सिवनी। कलेक्टर नेहा मीना की अध्यक्षता में खाद्य सुरक्षा प्रशासन विभाग की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक हुई। बैठक में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजारों में लगातार निगरानी रखने, जांच व नमूना संग्रहण बढ़ाने और अमानक या मिलावटी खाद्य सामग्री मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की संयुक्त टीम बनाकर नियमित जांच अभियान चलाने तथा लंबित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने को कहा गया।1
- Seoni News: प्राचीन काल भैरव मंदिर में चोरी, दान पेटी तोड़कर नकदी ले उड़े चोर1
- छह दिनों तक हाथियों की हुई खास देखभाल, स्वास्थ्य, आहार और विश्राम का रखा गया ख्याल, कान्हा टाइगर रिजर्व में पुनर्यौवन शिविर का हुआ समापन, हाथियों के बेहतर स्वास्थ्य और कल्याण का बढ़ा अभियान।1
- धनवाही की प्रभा तेकाम ने पेश की मिसाल प्राकृतिक खेती से दोगुनी की आय, बनीं अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा धनवाही की प्रभा तेकाम ने पेश की मिसाल प्राकृतिक खेती से दोगुनी की आय, बनीं अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा 21 सितंबर सोमवार पांच बजे कृषि उपसंचालक अश्वनी झारिया ने बताया कि बीजाडांडी विकासखंड के ग्राम धनवाही की महिला किसान प्रभा तेकाम प्राकृतिक खेती अपनाकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बन गई हैं। करीब पांच साल पहले उन्होंने अपनी तीन एकड़ में से दो एकड़ जमीन पर रासायनिक खाद और कीटनाशकों का प्रयोग बंद कर प्राकृतिक खेती की शुरुआत की। राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के मार्गदर्शन में उन्होंने घर पर ही जीवामृत, बीजामृत और नीमास्त्र बनाना सीखा। फसल विविधीकरण अपनाते हुए धान, गेहूं, कोदो-कुटकी, चना और सब्जियों की खेती की। इस बदलाव से उनकी कृषि लागत में 60 प्रतिशत की भारी कमी आई, जबकि वार्षिक शुद्ध आय 30 हजार से बढ़कर 60 हजार रुपये हो गई। उनके खेतों की मिट्टी की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। आज प्रभा अपनी इस सफलता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर गांव की अन्य महिलाओं को भी प्राकृतिक खेती के गुर सिखा रही हैं। उनका यह सफर सीमित संसाधनों से सफलता गढऩे वाली सच्ची सेवा की कहानी है। 00000000000000000000000000000001
- कान्हा के सुपखार में हाथियों की पूजा-अर्चना के साथ हुआ रिजुविनेशन कैंप का समापन, महावतों को बांटी गई खेल सामग्री कान्हा के सुपखार में हाथियों की पूजा-अर्चना के साथ हुआ रिजुविनेशन कैंप का समापन, महावतों को बांटी गई खेल सामग्री1
- बम्हनी बंजर गणेश उत्सव के कार्यक्रम में सम्मिलित हुए आपकी अपनी पार्टी पीपल्स के जिला अध्यक्ष मंडला आपकी अपनी पार्टी पीपल्स के जिला अध्यक्ष हरि चक्रवर्ती जी गणेश उत्सव रात्रि कालीन भजन कीर्तन में सम्मिलित हुए1
- बारिश-तूफान से मक्के की खड़ी फसल बर्बाद, किसानों के सामने आर्थिक संकट ‘मिनी पंजाब’ क्षेत्र में फसलें गिरीं, किसानों ने मुआवजा और बीमा राशि की मांग की सिवनी। 20 सितंबर को दोपहर करीब 3 बजे हुई मूसलाधार बारिश और तेज तूफान से क्षेत्र में मक्के की खड़ी फसलें खेतों में गिर गईं। फसल बर्बाद होने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है और उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पालारी, खापा बाजार, डोरकरांजी, मैना पिपरिया, कुचिवाड़ा, चंदनवाड़ा, समनापुर, गोंडी और हिनोतिया सहित आसपास के क्षेत्रों में मक्के की फसल को नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है। फसल खराब होने से किसानों को परिवार के पालन-पोषण की चिंता सताने लगी है। किसानों ने शासन से सर्वे कराकर उचित मुआवजा और फसल बीमा राशि दिलाने की मांग की है।1
- Seoni News: पुल के लिए आर-पार की लड़ाई, धनई नदी में उतरे सैकड़ों ग्रामीण1
- मंडला -कान्हा टाइगर रिजर्व में हाथी रिजुविनेशन कैंप का हुआ समापन1