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मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के माता बसैया थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। किशनपुर गांव में एक व्यक्ति ने अपनी 32 वर्षीय पत्नी और 5 व 8 वर्षीय दो मासूम बच्चों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद, आरोपी ने शिकारपुर फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर आत्महत्या कर ली।
Kamalkishor mahaur
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के माता बसैया थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। किशनपुर गांव में एक व्यक्ति ने अपनी 32 वर्षीय पत्नी और 5 व 8 वर्षीय दो मासूम बच्चों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद, आरोपी ने शिकारपुर फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर आत्महत्या कर ली।
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- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के माता बसैया थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। किशनपुर गांव में एक व्यक्ति ने अपनी 32 वर्षीय पत्नी और 5 व 8 वर्षीय दो मासूम बच्चों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के बाद, आरोपी ने शिकारपुर फाटक के पास रेलवे ट्रैक पर पहुंचकर आत्महत्या कर ली।1
- सेवढ़ा के ग्राम बसई जीव में कुछ दिनों पहले आए तेज आंधी-तूफान के कारण कई विद्युत पोल गिर गए थे, जिससे गांव की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। कई दिन बीत जाने के बाद भी बिजली विभाग ने गिरे हुए खंभों को दोबारा खड़ा नहीं किया है, जिससे पूरा गांव अंधेरे में रहने को मजबूर है और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, विद्युत आपूर्ति बाधित होने से गांव का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों को अपने खेतों में लगी मोटरों से सिंचाई न कर पाने के कारण सबसे अधिक परेशानी हो रही है, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं। वहीं, पशुपालकों को भी अपने मवेशियों के लिए समय पर पानी उपलब्ध कराने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल संकट भी गहरा गया है क्योंकि गांव में पहले से ही कम हैंडपंप हैं और बिजली न होने के कारण मोटर पंप भी बंद पड़े हैं, जिससे लोगों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग को इस संबंध में सूचना दी है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने विभाग से जल्द से जल्द गिरे हुए विद्युत पोलों को खड़ा कर बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है, ताकि किसानों, पशुपालकों और आम नागरिकों को राहत मिल सके। इस मामले पर सहायक उपयंत्री नीरज यादव ने कहा है कि वह कर्मचारियों को गांव भेजकर मौके का निरीक्षण करवाएंगे, और निरीक्षण के बाद जो भी आवश्यक व उचित कार्रवाई होगी, उसे तत्काल कराया जाएगा तथा बिजली लाइन शीघ्र चालू कराई जाएगी। अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग जल्द कार्रवाई करेगा और गांव की बिजली व्यवस्था बहाल होगी, जिससे उनकी लंबे समय से चली आ रही परेशानी का समाधान हो पाएगा।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर में पांच घरों में अचानक रहस्यमयी आग लगने से इलाके में दहशत का माहौल है। इस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन तुरंत मामले की जांच में जुट गया है, लेकिन आग लगने का सटीक कारण अभी तक अज्ञात बना हुआ है।1
- मध्य प्रदेश के भिंड जिले के ग्राम पंचायत द्वार के हरकापुरा गांव में सरंपच द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, हरकापुरा के शांतिधाम में हो रहे इस कार्य में सही सामग्री का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है। आरोप है कि काम में रेत मिट्टी वाली और घटिया किस्म की 'नंबर 3' ईंटें लगाई जा रही हैं।1
- भिण्ड जिले के अटेर कस्बे में जनकल्याण संघर्ष समिति और क्षेत्रीय जनता द्वारा पिछले 37 दिनों से जारी अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज शनिवार को दोपहर 3 बजे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह आंदोलन अटेर-जैतपुर चंबल मार्ग सहित क्षेत्र की 5 सूत्रीय जनसमस्याओं को लेकर किया जा रहा था। प्रशासन के लिखित और मौखिक आश्वासनों के बाद यह निर्णय लिया गया। कुछ दिन पूर्व भिंड कलेक्टर ने अटेर क्षेत्र का दौरा किया था, जिसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम शिवांगी अग्रवाल ने प्रशासन के प्रतिनिधि के तौर पर आंदोलनकारियों से संवाद किया। अटेर तहसीलदार और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मांगों पर सकारात्मक और समयबद्ध कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इनमें अटेर-जैतपुर पुल मार्ग को इसी वर्ष अक्टूबर-नवंबर तक आवागमन के लिए शुरू कराने का आश्वासन भी शामिल है। इसके अतिरिक्त, नगर पंचायत, न्यायिक न्यायालय, मंडी, वन भूमि संबंधी मुद्दे और बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास जैसी अन्य प्रमुख मांगों पर शासन स्तर पर पत्राचार और आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जनकल्याण संघर्ष समिति के सदस्यों ने अटेर तहसीलदार को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर यह स्थगन किया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी है। समिति ने स्पष्ट किया है कि यदि नवंबर 2026 तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन पहले से भी अधिक उग्र रूप लेगा।1
- पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों के अनुसार संचालित "ऑपरेशन सेफ क्लिक" अभियान के तहत, एसडीओपी दतिया आकांक्षा जैन ने थाना सिविल लाइन क्षेत्रांतर्गत उनाव रोड पर एक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में व्यापारी वर्ग, आमजन और छात्र-छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। जनसंवाद के दौरान, उपस्थित लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई। इसमें संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल, ओटीपी और बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करने, साथ ही डिजिटल अरेस्ट, यूपीआई फ्रॉड और सोशल मीडिया धोखाधड़ी से सतर्क रहने की सलाह शामिल थी। साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल 1930 हेल्पलाइन, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या निकटतम पुलिस थाने में सूचना देने के लिए भी प्रेरित किया गया। इस अवसर पर, एसडीओपी आकांक्षा जैन ने सभी उपस्थित नागरिकों को साइबर सुरक्षा की शपथ दिलाई। इस शपथ में सुरक्षित और जिम्मेदारीपूर्वक इंटरनेट का उपयोग करने, व्यक्तिगत जानकारी और पासवर्ड को सुरक्षित रखने, किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल पर विश्वास न करने तथा स्वयं के साथ-साथ परिवार एवं समाज को भी साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने का संकल्प शामिल था।1
- मध्य प्रदेश के सेंवढ़ा अनुभाग के भगुवापुरा थाना क्षेत्र से दतिया-सेंवढ़ा मुख्य मार्ग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है, जिसने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वीडियो में कथित तौर पर रेत कंपनी के ठेकेदार की फ्लाइंग टीम को अवैध रेत परिवहन पर कार्रवाई करने के दौरान कुछ नकाबपोश लोगों द्वारा फिल्मी अंदाज में पीछा करते हुए दिखाया गया है। नकाबपोशों के डर से टीम को अपनी जान बचाने के लिए गाड़ी भगाकर भागना पड़ा। इस घटना के संबंध में भगुवापुरा थाना प्रभारी शाकिर खान ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी वायरल वीडियो से मिली है, लेकिन अभी तक किसी भी पक्ष ने थाने में लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है। वहीं, जिला खनिज अधिकारी ओ.पी. बघेल ने कहा कि गुरुवार को खनिज विभाग की टीम दुरसड़ा थाना क्षेत्र में कार्रवाई के लिए निकली थी और अगर वायरल वीडियो में दिख रही कार उनके विभाग की फ्लाइंग टीम की है, तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यह घटना गुरुवार दोपहर की बताई जा रही है और वीडियो शुक्रवार को वायरल हुआ, लेकिन शनिवार तक किसी भी पक्ष द्वारा शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। इस स्थिति पर मूल पोस्ट में तीखे सवाल उठाए गए हैं कि क्या इस घटना में शामिल लोगों का खौफ इतना ज़्यादा है कि कोई शिकायत दर्ज नहीं करवा रहा है। साथ ही यह भी पूछा गया है कि क्या पुलिस और खनिज विभाग केवल 'लिखित शिकायत' का इंतजार करते रहेंगे या वे हाईवे पर खुलेआम घूमने वाले इन तत्वों पर सीधे कार्रवाई करेंगे।1