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मोदीपुरम के फ्यूचर प्लस हॉस्पिटल की शर्मनाक और गंभीर लापरवाही ! सिसोला खुर्द के रहने वाले हारून अली के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मरीज़ की जान के साथ खिलवाड़ किया और बिना परिजनों को बताए एम्बुलेंस में लेकर चुपचाप फरार होने की कोशिश की। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने परिजनों को सचेत कर दिया। ऐसे गैर-जिम्मेदार अस्पतालों से सावधान रहें। प्रशासन से मांग है कि मामले 🇮🇳,,,, मोदीपुरम के फ्यूचर प्लस हॉस्पिटल की शर्मनाक और गंभीर लापरवाही ! सिसोला खुर्द के रहने वाले हारून अली के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मरीज़ की जान के साथ खिलवाड़ किया और बिना परिजनों को बताए एम्बुलेंस में लेकर चुपचाप फरार होने की कोशिश की। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने परिजनों को सचेत कर दिया। ऐसे गैर-जिम्मेदार अस्पतालों से सावधान रहें। प्रशासन से मांग है कि मामले 🇮🇳 की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए! #DAINIK NEWS#Modipuram #gsedicalNegligence ...

12 hrs ago
user_Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
Voice of people दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
12 hrs ago

मोदीपुरम के फ्यूचर प्लस हॉस्पिटल की शर्मनाक और गंभीर लापरवाही ! सिसोला खुर्द के रहने वाले हारून अली के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मरीज़ की जान के साथ खिलवाड़ किया और बिना परिजनों को बताए एम्बुलेंस में लेकर चुपचाप फरार होने की कोशिश की। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने परिजनों को सचेत कर दिया। ऐसे गैर-जिम्मेदार अस्पतालों से सावधान रहें। प्रशासन से मांग है कि मामले 🇮🇳,,,, मोदीपुरम के फ्यूचर प्लस हॉस्पिटल की शर्मनाक और गंभीर लापरवाही ! सिसोला खुर्द के रहने वाले हारून अली के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने मरीज़ की जान के साथ खिलवाड़ किया और बिना परिजनों को बताए एम्बुलेंस में लेकर चुपचाप फरार होने की कोशिश की। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने परिजनों को सचेत कर दिया। ऐसे गैर-जिम्मेदार अस्पतालों से सावधान रहें। प्रशासन से मांग है कि मामले 🇮🇳 की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए! #DAINIK NEWS#Modipuram #gsedicalNegligence ...

More news from छत्तीसगढ़ and nearby areas
  • तिल्दा-नेवरा में युवती के घर जबरन घुसकर छेड़छाड़, आरोपी गिरफ्तार तिल्दा-नेवरा पुलिस ने युवती के घर में जबरन घुसकर अश्लील हरकत करने और विरोध करने पर मारपीट व जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 29 अगस्त को युवती की रिपोर्ट पर आरोपी होमेश गिरी गोस्वामी उर्फ होमू, उम्र 25 वर्ष, के खिलाफ बीएनएस की धारा 331(3), 296, 74, 115(2) और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। आरोपी तिल्दा के शिक्षक कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 18 का निवासी बताया गया है।
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    तिल्दा-नेवरा में युवती के घर जबरन घुसकर छेड़छाड़, आरोपी गिरफ्तार
तिल्दा-नेवरा पुलिस ने युवती के घर में जबरन घुसकर अश्लील हरकत करने और विरोध करने पर मारपीट व जान से मारने की धमकी देने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, 29 अगस्त को युवती की रिपोर्ट पर आरोपी होमेश गिरी गोस्वामी उर्फ होमू, उम्र 25 वर्ष, के खिलाफ बीएनएस की धारा 331(3), 296, 74, 115(2) और 351(2) के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
आरोपी तिल्दा के शिक्षक कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 18 का निवासी बताया गया है।
    user_Pavan Baghel
    Pavan Baghel
    टिल्डा, रायपुर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • मुरूमसिल्ली बांध के ऑटोमैटिक गेट खुले, अद्भुत नजारा देखने उमड़े पर्यटक धमतरी। लगातार बारिश के बाद मुरूमसिल्ली बांध लबालब होने पर ऑटोमैटिक गेट खुल गए हैं। गेट खुलते ही सायफन स्पिलवे से पानी की धार निकलने लगी, जिससे बांध का नजारा आकर्षण का केंद्र बन गया। इसे देखने बड़ी संख्या में पर्यटक और आसपास के लोग पहुंच रहे हैं। पानी की तेज धार और प्राकृतिक दृश्य लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। जिले के प्रमुख जलाशयों में भी जलभराव की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। गंगरेल, दुधावा और सोंढूर जलाशयों में पानी की स्थिति को लेकर भी लोगों में उत्सुकता है। जलाशयों में बढ़ते जलस्तर से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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    मुरूमसिल्ली बांध के ऑटोमैटिक गेट खुले, अद्भुत नजारा देखने उमड़े पर्यटक
धमतरी। लगातार बारिश के बाद मुरूमसिल्ली बांध लबालब होने पर ऑटोमैटिक गेट खुल गए हैं। गेट खुलते ही सायफन स्पिलवे से पानी की धार निकलने लगी, जिससे बांध का नजारा आकर्षण का केंद्र बन गया। इसे देखने बड़ी संख्या में पर्यटक और आसपास के लोग पहुंच रहे हैं। पानी की तेज धार और प्राकृतिक दृश्य लोगों को खासा आकर्षित कर रहे हैं। जिले के प्रमुख जलाशयों में भी जलभराव की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। गंगरेल, दुधावा और सोंढूर जलाशयों में पानी की स्थिति को लेकर भी लोगों में उत्सुकता है। जलाशयों में बढ़ते जलस्तर से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
    user_यशवंत गंजीर
    यशवंत गंजीर
    Local News Reporter धमतरी, धमतरी, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • घोषणापत्र बने अब कानून, ‘वादा निभाओ कानून’ पास करे सरकार जन संवाद की सीधी मांग : चुनावी घोषणापत्र को कानूनी जवाबदेही के दायरे में लाया जाए—हर वादे का हिसाब हो, समय-सीमा हो और जनता को जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी हो घोषणापत्र अब जुमलों का पुलिंदा नहीं चलेगा। घोषणापत्र अब कानून बनेगा। सरकार ‘वादा निभाओ कानून’ पास करे घोषणापत्र बने अब कानून, ‘वादा निभाओ कानून’ पास करे सरकार जन संवाद की सीधी मांग : चुनावी घोषणापत्र को कानूनी जवाबदेही के दायरे में लाया जाए—हर वादे का हिसाब हो, समय-सीमा हो और जनता को जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी हो घोषणापत्र अब जुमलों का पुलिंदा नहीं चलेगा। घोषणापत्र अब कानून बनेगा। सरकार ‘वादा निभाओ कानून’ पास करे। लोकतंत्र में जनता अपना वोट केवल भाषणों पर नहीं, राजनीतिक दलों द्वारा किए गए वादों और उनके घोषणापत्र पर भरोसा करके देती है। जब उन्हीं वादों के आधार पर सरकार बनती है तो फिर सत्ता में आने के बाद उन वादों की कोई जवाबदेही क्यों नहीं होनी चाहिए? यह सवाल अब टाला नहीं जा सकता। चुनाव के समय रोजगार, किसान, युवा, महिला, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और विकास को लेकर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। जनता विश्वास करती है और अपना मत देती है। लेकिन पांच साल बाद जब हिसाब मांगने का समय आता है तो पुराने घोषणापत्र की चर्चा अक्सर गायब हो जाती है और फिर नए वादों की किताब जनता के सामने खोल दी जाती है। यह राजनीतिक सुविधा हो सकती है, लोकतांत्रिक जवाबदेही नहीं। वादे पर वोट मिला है तो हिसाब भी देना होगा हर चुनावी वादा कानूनन पूरा कराना संभव नहीं है। सरकारों के सामने आर्थिक संकट, प्राकृतिक आपदा, न्यायिक निर्णय और संवैधानिक सीमाएं जैसी परिस्थितियां हो सकती हैं। लेकिन इसका अर्थ यह भी नहीं कि घोषणापत्र को पूरी तरह जवाबदेही से मुक्त कर दिया जाए। ‘वादा निभाओ कानून’ में कम से कम यह व्यवस्था होनी चाहिए कि प्रमुख चुनावी वादों के साथ उनकी अनुमानित लागत, वित्तीय स्रोत और समय-सीमा बताना अनिवार्य हो। सरकार बनने के बाद हर वर्ष सार्वजनिक रिपोर्ट जारी हो— कितने वादे पूरे हुए, कितने अधूरे हैं और जो पूरे नहीं हुए, उनके कारण क्या हैं। यही पारदर्शिता राजनीति में भरोसा बढ़ाएगी। झूठे वादों की राजनीति पर लगे लगाम किसी कंपनी के भ्रामक दावे पर कानून सवाल कर सकता है। फिर राजनीतिक दलों द्वारा किए गए अव्यावहारिक या भ्रामक चुनावी वादों पर सार्वजनिक जवाबदेही की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकती? मुद्दा हर वादे को अदालत में ले जाने का नहीं है। मुद्दा यह है कि जनता को भ्रमित करके वोट लेने की राजनीति पर पारदर्शिता और जिम्मेदारी की सीमा तय हो। राजनीतिक दलों को जनता के सामने अपने वादों का वित्तीय और प्रशासनिक आधार बताना ही चाहिए। चुनाव सुधार भी इसी जवाबदेही का हिस्सा घोषणापत्र की जवाबदेही के साथ चुनाव सुधारों पर भी गंभीर बहस जरूरी है। Right to Recall यानी निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत जनता को अपने प्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार दिया जाए या नहीं—इस पर संसद को विचार करना चाहिए। इसी तरह NOTA को प्रभावी बनाने पर भी बहस जरूरी है। यदि बड़ी संख्या में मतदाता सभी उम्मीदवारों को अस्वीकार करते हैं तो उनकी सामूहिक असहमति का चुनावी प्रक्रिया में कोई वास्तविक प्रभाव होना चाहिए या नहीं, इसका निर्णय भी लोकतांत्रिक विमर्श से होना चाहिए। लोकतंत्र में वोट के साथ हिसाब भी जरूरी है जनता पांच साल में केवल एक बार मतदाता नहीं है। वह पूरे कार्यकाल में सरकार से सवाल पूछने का अधिकार रखती है। इसलिए अब जरूरत ऐसी व्यवस्था की है जिसमें चुनावी घोषणापत्र सत्ता हासिल करने का साधन भर न रह जाए, बल्कि सरकार के कामकाज का सार्वजनिक पैमाना बने। जन संवाद की मांग स्पष्ट है— घोषणापत्र को कानूनी जवाबदेही के दायरे में लाया जाए। सरकार ‘वादा निभाओ कानून’ संसद में लाए और उसे पास करे। हर प्रमुख चुनावी वादे की लागत, समय-सीमा और प्रगति जनता के सामने रखी जाए। चुनाव में वादा करना राजनीतिक अधिकार है, लेकिन उस वादे का हिसाब देना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। अब जनता को सिर्फ नए वादे नहीं चाहिए। जनता को पुराने वादों का हिसाब चाहिए। घोषणापत्र जुमला नहीं—जनता के भरोसे का हलफनामा बने। — राजेश मिश्रा संपादक, जन संवाद
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    घोषणापत्र बने अब कानून, ‘वादा निभाओ कानून’ पास करे सरकार

जन संवाद की सीधी मांग : चुनावी घोषणापत्र को कानूनी जवाबदेही के दायरे में लाया जाए—हर वादे का हिसाब हो, समय-सीमा हो और जनता को जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी हो

घोषणापत्र अब जुमलों का पुलिंदा नहीं चलेगा।
घोषणापत्र अब कानून बनेगा।
सरकार ‘वादा निभाओ कानून’ पास करे
घोषणापत्र बने अब कानून, ‘वादा निभाओ कानून’ पास करे सरकार
जन संवाद की सीधी मांग : चुनावी घोषणापत्र को कानूनी जवाबदेही के दायरे में लाया जाए—हर वादे का हिसाब हो, समय-सीमा हो और जनता को जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी हो
घोषणापत्र अब जुमलों का पुलिंदा नहीं चलेगा।
घोषणापत्र अब कानून बनेगा।
सरकार ‘वादा निभाओ कानून’ पास करे।
लोकतंत्र में जनता अपना वोट केवल भाषणों पर नहीं, राजनीतिक दलों द्वारा किए गए वादों और उनके घोषणापत्र पर भरोसा करके देती है। जब उन्हीं वादों के आधार पर सरकार बनती है तो फिर सत्ता में आने के बाद उन वादों की कोई जवाबदेही क्यों नहीं होनी चाहिए?
यह सवाल अब टाला नहीं जा सकता।
चुनाव के समय रोजगार, किसान, युवा, महिला, शिक्षा, स्वास्थ्य, महंगाई और विकास को लेकर बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं। जनता विश्वास करती है और अपना मत देती है। लेकिन पांच साल बाद जब हिसाब मांगने का समय आता है तो पुराने घोषणापत्र की चर्चा अक्सर गायब हो जाती है और फिर नए वादों की किताब जनता के सामने खोल दी जाती है।
यह राजनीतिक सुविधा हो सकती है, लोकतांत्रिक जवाबदेही नहीं।
वादे पर वोट मिला है तो हिसाब भी देना होगा
हर चुनावी वादा कानूनन पूरा कराना संभव नहीं है। सरकारों के सामने आर्थिक संकट, प्राकृतिक आपदा, न्यायिक निर्णय और संवैधानिक सीमाएं जैसी परिस्थितियां हो सकती हैं। लेकिन इसका अर्थ यह भी नहीं कि घोषणापत्र को पूरी तरह जवाबदेही से मुक्त कर दिया जाए।
‘वादा निभाओ कानून’ में कम से कम यह व्यवस्था होनी चाहिए कि प्रमुख चुनावी वादों के साथ उनकी अनुमानित लागत, वित्तीय स्रोत और समय-सीमा बताना अनिवार्य हो।
सरकार बनने के बाद हर वर्ष सार्वजनिक रिपोर्ट जारी हो—
कितने वादे पूरे हुए, कितने अधूरे हैं और जो पूरे नहीं हुए, उनके कारण क्या हैं।
यही पारदर्शिता राजनीति में भरोसा बढ़ाएगी।
झूठे वादों की राजनीति पर लगे लगाम
किसी कंपनी के भ्रामक दावे पर कानून सवाल कर सकता है। फिर राजनीतिक दलों द्वारा किए गए अव्यावहारिक या भ्रामक चुनावी वादों पर सार्वजनिक जवाबदेही की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकती?
मुद्दा हर वादे को अदालत में ले जाने का नहीं है। मुद्दा यह है कि जनता को भ्रमित करके वोट लेने की राजनीति पर पारदर्शिता और जिम्मेदारी की सीमा तय हो।
राजनीतिक दलों को जनता के सामने अपने वादों का वित्तीय और प्रशासनिक आधार बताना ही चाहिए।
चुनाव सुधार भी इसी जवाबदेही का हिस्सा
घोषणापत्र की जवाबदेही के साथ चुनाव सुधारों पर भी गंभीर बहस जरूरी है। Right to Recall यानी निर्धारित संवैधानिक प्रक्रिया के तहत जनता को अपने प्रतिनिधि को वापस बुलाने का अधिकार दिया जाए या नहीं—इस पर संसद को विचार करना चाहिए।
इसी तरह NOTA को प्रभावी बनाने पर भी बहस जरूरी है। यदि बड़ी संख्या में मतदाता सभी उम्मीदवारों को अस्वीकार करते हैं तो उनकी सामूहिक असहमति का चुनावी प्रक्रिया में कोई वास्तविक प्रभाव होना चाहिए या नहीं, इसका निर्णय भी लोकतांत्रिक विमर्श से होना चाहिए।
लोकतंत्र में वोट के साथ हिसाब भी जरूरी है
जनता पांच साल में केवल एक बार मतदाता नहीं है। वह पूरे कार्यकाल में सरकार से सवाल पूछने का अधिकार रखती है।
इसलिए अब जरूरत ऐसी व्यवस्था की है जिसमें चुनावी घोषणापत्र सत्ता हासिल करने का साधन भर न रह जाए, बल्कि सरकार के कामकाज का सार्वजनिक पैमाना बने।
जन संवाद की मांग स्पष्ट है—
घोषणापत्र को कानूनी जवाबदेही के दायरे में लाया जाए।
सरकार ‘वादा निभाओ कानून’ संसद में लाए और उसे पास करे।
हर प्रमुख चुनावी वादे की लागत, समय-सीमा और प्रगति जनता के सामने रखी जाए।
चुनाव में वादा करना राजनीतिक अधिकार है, लेकिन उस वादे का हिसाब देना लोकतांत्रिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
अब जनता को सिर्फ नए वादे नहीं चाहिए।
जनता को पुराने वादों का हिसाब चाहिए।
घोषणापत्र जुमला नहीं—जनता के भरोसे का हलफनामा बने।
— राजेश मिश्रा
संपादक, जन संवाद
    user_Rajesh mishra
    Rajesh mishra
    Local News Reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    16 min ago
  • योग आयोग अध्यक्ष डॉ. संजय अग्रवाल का भानुप्रतापपुर प्रवास, आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा केंद्र का किया निरीक्षण भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. संजय अग्रवाल का भानुप्रतापपुर प्रवास हुआ। प्रवास के दौरान उन्होंने नगर में संचालित आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं, उपचार सुविधाओं एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान डॉ. अग्रवाल ने चिकित्सा केंद्र के विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया तथा वहां उपलब्ध आयुर्वेदिक उपचार एवं पंचकर्म चिकित्सा से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र में आने वाले मरीजों को दी जा रही सुविधाओं, उपचार प्रक्रिया और आवश्यक संसाधनों के संबंध में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों से चर्चा की। डॉ. संजय अग्रवाल ने कहा कि आयुर्वेद और योग भारतीय चिकित्सा एवं जीवनशैली की महत्वपूर्ण परंपराएं हैं। स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग, संतुलित दिनचर्या और आयुर्वेदिक पद्धतियों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद को साथ लेकर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने चिकित्सा केंद्र में उपचार के लिए आने वाले मरीजों से भी बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने मरीजों के लिए स्वच्छ, सुविधाजनक और बेहतर वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा की उपयोगिता पर चर्चा करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोग विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक जीवनशैली और नियमित दिनचर्या के प्रति जागरूकता लोगों के लिए लाभदायक हो सकती है। डॉ. अग्रवाल के भानुप्रतापपुर प्रवास को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह देखने को मिला। उनके आगमन पर स्थानीय लोगों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। प्रवास के दौरान क्षेत्र में योग एवं आयुर्वेद को बढ़ावा देने तथा आम लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पहुंचाने को लेकर भी चर्चा हुई। डॉ. संजय अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और योग-अभ्यास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा केंद्र की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए आवश्यक सुधार एवं जनसुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। भानुप्रतापपुर में योग आयोग अध्यक्ष का यह प्रवास योग, आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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    योग आयोग अध्यक्ष डॉ. संजय अग्रवाल का भानुप्रतापपुर प्रवास, आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा केंद्र का किया निरीक्षण
भानुप्रतापपुर। छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष डॉ. संजय अग्रवाल का भानुप्रतापपुर प्रवास हुआ। प्रवास के दौरान उन्होंने नगर में संचालित आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं, उपचार सुविधाओं एवं मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान डॉ. अग्रवाल ने चिकित्सा केंद्र के विभिन्न कक्षों का अवलोकन किया तथा वहां उपलब्ध आयुर्वेदिक उपचार एवं पंचकर्म चिकित्सा से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने केंद्र में आने वाले मरीजों को दी जा रही सुविधाओं, उपचार प्रक्रिया और आवश्यक संसाधनों के संबंध में चिकित्सकों एवं कर्मचारियों से चर्चा की।
डॉ. संजय अग्रवाल ने कहा कि आयुर्वेद और योग भारतीय चिकित्सा एवं जीवनशैली की महत्वपूर्ण परंपराएं हैं। स्वस्थ जीवन के लिए नियमित योग, संतुलित दिनचर्या और आयुर्वेदिक पद्धतियों के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि योग और आयुर्वेद को साथ लेकर लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।
उन्होंने चिकित्सा केंद्र में उपचार के लिए आने वाले मरीजों से भी बातचीत कर उन्हें मिल रही सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। केंद्र की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए उन्होंने मरीजों के लिए स्वच्छ, सुविधाजनक और बेहतर वातावरण बनाए रखने पर जोर दिया।
इस अवसर पर उन्होंने आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा की उपयोगिता पर चर्चा करते हुए कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में लोग विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में योग, आयुर्वेद, प्राकृतिक जीवनशैली और नियमित दिनचर्या के प्रति जागरूकता लोगों के लिए लाभदायक हो सकती है।
डॉ. अग्रवाल के भानुप्रतापपुर प्रवास को लेकर स्थानीय स्तर पर भी उत्साह देखने को मिला। उनके आगमन पर स्थानीय लोगों एवं संबंधित विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। प्रवास के दौरान क्षेत्र में योग एवं आयुर्वेद को बढ़ावा देने तथा आम लोगों तक स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता पहुंचाने को लेकर भी चर्चा हुई।
डॉ. संजय अग्रवाल ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और योग-अभ्यास को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने आयुर्वेद एवं पंचकर्म चिकित्सा केंद्र की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए आवश्यक सुधार एवं जनसुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
भानुप्रतापपुर में योग आयोग अध्यक्ष का यह प्रवास योग, आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
    user_Roshan Mishra
    Roshan Mishra
    भानुप्रतापपुर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • मांझा पारा में निकला बड़ा अजगर,परिवार वालों में दहशद का माहौल 1 सितम्बर दोपहर डेढ़ बजे मांझा पारा के एक घर में,10 फीट से लंबा अजगर के निकलने से, घर वालो के साथ आसपास के पड़ोसियों में भी दहशद का माहौल है। लगातार जंगली जानवरों और,जीव जंतु के रिहायशी इलाके और घरों में घुसने की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही।बीती रात सिंगारभाट के न्यायिक कर्मचारी कालोनी में भी,लगभग 10 फीट का अजगर निकला था। लगातार वन्य जीवों के घरों में घुसने और सामानों के नुकसान से,लोगों में डर का माहौल तो है ही साथ में काफी आक्रोश भी है।
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    मांझा पारा में निकला बड़ा अजगर,परिवार वालों में  दहशद का माहौल
1 सितम्बर दोपहर डेढ़ बजे मांझा पारा के एक घर में,10 फीट से लंबा अजगर के निकलने से, घर वालो के साथ आसपास के पड़ोसियों में भी दहशद का माहौल है। लगातार जंगली जानवरों और,जीव जंतु के रिहायशी इलाके और घरों में घुसने की घटनाएं लगातार बढ़ती ही जा रही।बीती रात सिंगारभाट के न्यायिक कर्मचारी कालोनी में भी,लगभग 10 फीट का अजगर निकला था। लगातार वन्य जीवों के घरों में घुसने और सामानों के नुकसान से,लोगों में डर का माहौल तो है ही साथ में काफी आक्रोश भी है।
    user_Ashish parihar
    Ashish parihar
    कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • मोहभट्टा बिल्हा का रहस्यमयी स्वयंभू शिव मंदिर, जिसका चर्चा PM नरेन्द्र मोदी ने भी किया था #mohbattabilha #swayambhushivmandir #pmmodi #bilhabilaspurnews मोहभट्टा बिल्हा का रहस्यमयी स्वयंभू शिव मंदिर, जिसका चर्चा PM नरेन्द्र मोदी ने भी किया था #mohbattabilha #swayambhushivmandir #pmmodi #bilhabilaspurnews
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    मोहभट्टा बिल्हा का रहस्यमयी स्वयंभू शिव मंदिर, जिसका चर्चा  PM नरेन्द्र 
मोदी ने भी किया था #mohbattabilha #swayambhushivmandir #pmmodi #bilhabilaspurnews
मोहभट्टा बिल्हा का रहस्यमयी स्वयंभू शिव मंदिर, जिसका चर्चा  PM नरेन्द्र 
मोदी ने भी किया था #mohbattabilha #swayambhushivmandir #pmmodi #bilhabilaspurnews
    user_News30live
    News30live
    Local News Reporter Bilha, Bilaspur•
    1 hr ago
  • धमनी जंगल का नाला उफान पर, धमनी बंगला पहुंच मार्ग दोनों ओर से बाधित धमनी जंगल का नाला उफान पर, धमनी बंगला पहुंच मार्ग दोनों ओर से बाधित लगातार बारिश से आवागमन ठप, वन प्रबंधन समिति ने स्थायी पुलिया निर्माण की मांग दोहराई धमनी, 1 सितंबर 2026। लगातार हो रही बारिश के चलते धमनी जंगल क्षेत्र में स्थित नाला तेज बहाव के साथ उफान पर आ गया है। इसके कारण धमनी बंगला पहुंचने वाला मुख्य मार्ग बाधित हो गया है। वहीं जोराडबरी से धमनी पहुंच मार्ग पर धमनी बंगला से करीब एक किलोमीटर पहले स्थित सड़क के बीच की पुलिया भी पानी के तेज बहाव के कारण प्रभावित हुई है। ऐसी स्थिति में वर्तमान में धमनी बंगला पहुंचने के दोनों प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। वन प्रबंधन समिति धमनी के अध्यक्ष रामनारायण यादव ने बताया कि बारिश के मौसम में धमनी बंगला पहुंच मार्ग के बाधित होने की समस्या अक्सर सामने आती है। नाले में पानी बढ़ने के बाद धमनी बंगला में तैनात चौकीदार से मोबाइल के माध्यम से ही संपर्क हो पाता है। कई बार जंगल के भीतर करीब दो किलोमीटर लंबे कीचड़ भरे रास्ते से होकर धमनी बंगला तक पहुंचना पड़ता है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो जाता है। ग्रामीणों एवं वन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान मार्ग बाधित होने से न केवल कर्मचारियों और चौकीदारों को परेशानी होती है, बल्कि वन क्षेत्र में आवश्यक कार्यों की निगरानी और आवागमन भी प्रभावित होता है। लगातार बारिश के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है। वन प्रबंधन समिति अध्यक्ष रामनारायण यादव ने बताया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पुलिया निर्माण की मांग पहले भी उठाई जा चुकी है। इस मांग को देखते हुए तत्कालीन वनमंडलाधिकारी, वनमंडल बलौदाबाजार द्वारा पुलिया निर्माण के कार्य को मंजूरी प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई है। अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि स्वीकृत पुलिया का निर्माण जल्द शुरू होगा, जिससे बारिश के मौसम में बार-बार होने वाली मार्ग बाधा से स्थायी रूप से राहत मिल सके। वन प्रबंधन समिति ने संबंधित विभाग से मांग की है कि पुलिया निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए, ताकि आगामी बारिश में धमनी बंगला का संपर्क मार्ग दोबारा बाधित न हो और क्षेत्र में सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया जा सके। प्रेषक — रामनारायण यादव अध्यक्ष, वन प्रबंधन समिति धमनी दिनांक — 1 सितंबर 2026
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    धमनी जंगल का नाला उफान पर, धमनी बंगला पहुंच मार्ग दोनों ओर से बाधित
धमनी जंगल का नाला उफान पर, धमनी बंगला पहुंच मार्ग दोनों ओर से बाधित
लगातार बारिश से आवागमन ठप, वन प्रबंधन समिति ने स्थायी पुलिया निर्माण की मांग दोहराई
धमनी, 1 सितंबर 2026। लगातार हो रही बारिश के चलते धमनी जंगल क्षेत्र में स्थित नाला तेज बहाव के साथ उफान पर आ गया है। इसके कारण धमनी बंगला पहुंचने वाला मुख्य मार्ग बाधित हो गया है। वहीं जोराडबरी से धमनी पहुंच मार्ग पर धमनी बंगला से करीब एक किलोमीटर पहले स्थित सड़क के बीच की पुलिया भी पानी के तेज बहाव के कारण प्रभावित हुई है। ऐसी स्थिति में वर्तमान में धमनी बंगला पहुंचने के दोनों प्रमुख मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं।
वन प्रबंधन समिति धमनी के अध्यक्ष रामनारायण यादव ने बताया कि बारिश के मौसम में धमनी बंगला पहुंच मार्ग के बाधित होने की समस्या अक्सर सामने आती है। नाले में पानी बढ़ने के बाद धमनी बंगला में तैनात चौकीदार से मोबाइल के माध्यम से ही संपर्क हो पाता है। कई बार जंगल के भीतर करीब दो किलोमीटर लंबे कीचड़ भरे रास्ते से होकर धमनी बंगला तक पहुंचना पड़ता है, जिससे आवागमन बेहद कठिन हो जाता है।
ग्रामीणों एवं वन क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान मार्ग बाधित होने से न केवल कर्मचारियों और चौकीदारों को परेशानी होती है, बल्कि वन क्षेत्र में आवश्यक कार्यों की निगरानी और आवागमन भी प्रभावित होता है। लगातार बारिश के दौरान यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
वन प्रबंधन समिति अध्यक्ष रामनारायण यादव ने बताया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए पुलिया निर्माण की मांग पहले भी उठाई जा चुकी है। इस मांग को देखते हुए तत्कालीन वनमंडलाधिकारी, वनमंडल बलौदाबाजार द्वारा पुलिया निर्माण के कार्य को मंजूरी प्रदान किए जाने की जानकारी दी गई है। अब क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि स्वीकृत पुलिया का निर्माण जल्द शुरू होगा, जिससे बारिश के मौसम में बार-बार होने वाली मार्ग बाधा से स्थायी रूप से राहत मिल सके।
वन प्रबंधन समिति ने संबंधित विभाग से मांग की है कि पुलिया निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाए, ताकि आगामी बारिश में धमनी बंगला का संपर्क मार्ग दोबारा बाधित न हो और क्षेत्र में सुचारु आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।
प्रेषक — रामनारायण यादव
अध्यक्ष, वन प्रबंधन समिति धमनी
दिनांक — 1 सितंबर 2026
    user_Rajesh mishra
    Rajesh mishra
    Local News Reporter बलौदा बाजार, बलौदा बाजार, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • न्यायिक कर्मचारी कालोनी सिंगारभाट में निकला 10 फिट का अजगर,वीडियो वायरल 1 सितम्बर सुबह 7 बजे मिली जानकारी अनुसार,जिले में लगातार जंगली जानवरों और, जीव जंतु के रिहायशी इलाके में निकलने से लोगो में दहशद का माहौल है, पता नहीं घर के आसपास या घर में कौन सा जंगली जानवर या जीव जन्तु घुस जाए, इस बात की चिंता सभी को सताते रहता है। बीती रात यानि 31 अगस्त की रात्रि,न्यायिक कर्मचारी कालोनी सिंगारभाट में लगभग 10 फीट लंबा अजगर निकल आया।जिसे देख कर कालोनी वालों में दहशद फ़ैल गई।कालोनी में अजगर निकलने खबर फैलते ही, अजगर को देखने के लिए लोगो की भीड़ इक्ट्ठा हो गई, 10 फीट लंबे अजगर को देख सभी हैरान हो गए। और किसी ने अजगर का वीडियो बना कर,सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।जो अब काफी तेजी से वायरल हो रहा है।
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    न्यायिक कर्मचारी कालोनी सिंगारभाट में निकला 10 फिट का अजगर,वीडियो वायरल
1 सितम्बर सुबह 7 बजे मिली जानकारी अनुसार,जिले में लगातार जंगली जानवरों और, जीव जंतु के रिहायशी इलाके में निकलने से लोगो में दहशद का माहौल है, पता नहीं घर के आसपास या घर में कौन सा जंगली जानवर या जीव जन्तु घुस जाए, इस बात की चिंता सभी को सताते रहता है।
बीती रात यानि 31 अगस्त की रात्रि,न्यायिक कर्मचारी कालोनी सिंगारभाट में लगभग 10 फीट लंबा अजगर निकल आया।जिसे देख कर कालोनी वालों में दहशद फ़ैल गई।कालोनी में अजगर निकलने खबर फैलते ही, अजगर को देखने के लिए लोगो की भीड़ इक्ट्ठा हो गई, 10 फीट लंबे अजगर को देख सभी हैरान हो गए। और किसी ने अजगर का वीडियो बना कर,सोशल मीडिया में वायरल कर दिया।जो अब काफी तेजी से वायरल हो रहा है।
    user_Ashish parihar
    Ashish parihar
    कांकेर, कांकेर, छत्तीसगढ़•
    10 hrs ago
  • नगर पालिका बोदरी के पार्षद फिरतु बनवारे के पुत्र की सड़क दुर्घटना मे मौत नगर मे नगर पालिका बोदरी के पार्षद फिरतु बनवारे के पुत्र की सड़क दुर्घटना मे मौत नगर मे छाई शोक की लहर सोमवार की रात 10 बजे चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी अनुसार नाम मृतक जतिन बनवारे पिता फिरतु राम बनवारे उम्र 27 वर्ष पता चकरभाठा केम्प की सड़क दुर्घटना मे मौत हो गई है जिसके शव का सोमवार को पी एम के पश्चात अंतिम संस्कार किया गया है मिली जानकारी के अनुसार मृतक जतिन बनवारे रामवेली काॅलेनी मे एक साहब की कार चलाया करता था जो रविवार को बाइक से काम मे जाने को निकला था तभी एन एच सड़क पर एल सी आई टी कॉलेज बोदरी के पास पहुंचा था तभी एक अनियंत्रित कार ने उसे जोरदार टक्कर मार कर एक्सीडेंट कर फरार हो गया जिसकी वजह से जतिन बनवारे हवा मे उड़ कर सड़क पर गिरा तो उसके सिर हाथ पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटे आई जिसे देखकर आसपास के लोगों ने उसे इलाज हेतु बिलासपुर के मंगला अस्पताल पहुंचाया जहां से उसे सोमवार को अपोलो अस्पताल बिलासपुर रिफर कर दिया था जहां जाते जाते रस्ते मे उसने दम तोड़ दिया जिसके बाद चकरभाठा पुलिस को अपोलो अस्पताल से मेमो प्राप्त होने पर चकरभाठा पुलिस अपोलो अस्पताल पहुंची जहां शव का मर्ग पंचनामा कार्यवाही कर शव को पी एम के बाद परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जाँच जारी हैं मिली जानकारी के अनुसार मृतक के दोनों हाथ और एक पैर टूट चुके थे चेहरे सिर और शरीर के अन्य हिस्सों मे गंभीर चोट के निशान थे अत्यधिक चोट लगने की वजह से मृतक की मौत होना पाया गया है इस घटना के बाद सोमवार की देर शाम मृतक के शव का चकरभाठा के मुक्तिधाम मे अंतिम संस्कार किया गया इस घटना के बाद परिजनों और नगर मे शोक की लहर है
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    नगर पालिका बोदरी के पार्षद फिरतु बनवारे के पुत्र की सड़क दुर्घटना मे मौत नगर मे 
नगर पालिका बोदरी के पार्षद फिरतु बनवारे के पुत्र की सड़क दुर्घटना मे मौत नगर मे छाई शोक की लहर 
सोमवार की रात 10 बजे चकरभाठा पुलिस से मिली जानकारी अनुसार
नाम मृतक जतिन बनवारे पिता फिरतु राम बनवारे उम्र 27 वर्ष पता चकरभाठा केम्प  की सड़क दुर्घटना मे मौत हो गई है जिसके शव का सोमवार को पी एम के पश्चात अंतिम संस्कार किया गया है मिली जानकारी के अनुसार मृतक जतिन बनवारे रामवेली काॅलेनी मे एक साहब की कार चलाया करता था जो रविवार को बाइक से काम मे जाने को निकला था तभी एन एच सड़क पर एल सी आई टी कॉलेज बोदरी के पास पहुंचा था तभी एक अनियंत्रित कार ने उसे जोरदार टक्कर मार कर एक्सीडेंट कर फरार हो गया 
जिसकी वजह से जतिन बनवारे हवा मे उड़ कर सड़क पर गिरा तो उसके सिर हाथ पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटे आई जिसे देखकर आसपास के लोगों ने उसे इलाज हेतु बिलासपुर के मंगला अस्पताल पहुंचाया जहां से उसे सोमवार को अपोलो अस्पताल बिलासपुर रिफर कर दिया था जहां जाते जाते रस्ते मे उसने दम तोड़ दिया जिसके बाद चकरभाठा पुलिस को अपोलो अस्पताल से मेमो प्राप्त होने पर चकरभाठा पुलिस अपोलो अस्पताल पहुंची जहां शव का मर्ग पंचनामा कार्यवाही कर शव को पी एम के बाद परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जाँच जारी हैं 
मिली जानकारी के अनुसार मृतक के दोनों हाथ और एक पैर टूट चुके थे चेहरे सिर और शरीर के अन्य हिस्सों मे गंभीर चोट के निशान थे अत्यधिक चोट लगने की वजह से मृतक की मौत होना पाया गया है इस घटना के बाद सोमवार की देर शाम मृतक के शव का चकरभाठा के मुक्तिधाम मे अंतिम संस्कार किया गया इस घटना के बाद परिजनों और नगर मे शोक की लहर है
    user_Patrkar Sarthi
    Patrkar Sarthi
    Reporter Bilha, Bilaspur•
    5 hrs ago
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