मंझनपुर डायट मैदान | जनपद – कौशाम्बी | उत्तर प्रदेश महामंत्री ओमकार लहरी व सैकड़ों लोगो ने खून से लिखा पत्र, सरकार को सौंपा ज्ञापन भीम आर्मी व आज़ाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों द्वारा आज मंझनपुर डायट मैदान, जनपद कौशाम्बी में UGC कानून के समर्थन में एक विशाल एवं ऐतिहासिक जनसमर्थन प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस जनआंदोलन में हर गाँव, हर मोहल्ले और हर वर्ग से लोग बड़ी संख्या में मंझनपुर डायट मैदान पहुँचे और एकजुट होकर अपनी लोकतांत्रिक आवाज़ बुलंद की। यह कार्यक्रम नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें आज़ाद समाज पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पूरी मजबूती और अनुशासन के साथ आंदोलन का नेतृत्व करते नज़र आए। कार्यक्रम से मंझनपुर पुलिस ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए आज़ाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष तनवीर हसन, को हाउस अरेस्ट कर लिया इसके साथ ही कुछ अन्य पदाधिकारियों को भी उनके आवास पर ही डिटेन किया गया। इसके बावजूद आंदोलन की धार कमजोर नहीं पड़ी और कार्यकर्ताओं का उत्साह और अधिक मज़बूत दिखाई दिया। और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने UGC कानून को लागू किए जाने की मांग को लेकर सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। आंदोलन का सबसे संवेदनशील और ऐतिहासिक क्षण तब सामने आया, जब महामंत्री ओमकार लहरी ने अपने खून से लिखा हुआ पत्र सरकार के नाम सौंपा। यह पत्र केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि उस संघर्ष, पीड़ा और अटूट संकल्प का प्रतीक था, जो न्याय की माँग को लेकर जनता के दिलों से निकलकर सड़कों तक पहुँचा। मंझनपुर डायट मैदान में
मंझनपुर डायट मैदान | जनपद – कौशाम्बी | उत्तर प्रदेश महामंत्री ओमकार लहरी व सैकड़ों लोगो ने खून से लिखा पत्र, सरकार को सौंपा ज्ञापन भीम आर्मी व आज़ाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों द्वारा आज मंझनपुर डायट मैदान, जनपद कौशाम्बी में UGC कानून के समर्थन में एक
विशाल एवं ऐतिहासिक जनसमर्थन प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस जनआंदोलन में हर गाँव, हर मोहल्ले और हर वर्ग से लोग बड़ी संख्या में मंझनपुर डायट मैदान पहुँचे और एकजुट होकर अपनी लोकतांत्रिक आवाज़ बुलंद की। यह कार्यक्रम नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद के निर्देशानुसार आयोजित किया गया, जिसमें आज़ाद समाज
पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पूरी मजबूती और अनुशासन के साथ आंदोलन का नेतृत्व करते नज़र आए। कार्यक्रम से मंझनपुर पुलिस ने अपनी सक्रियता दिखाते हुए आज़ाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष तनवीर हसन, को हाउस अरेस्ट कर लिया इसके साथ ही कुछ अन्य पदाधिकारियों को भी उनके आवास पर
ही डिटेन किया गया। इसके बावजूद आंदोलन की धार कमजोर नहीं पड़ी और कार्यकर्ताओं का उत्साह और अधिक मज़बूत दिखाई दिया। और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने UGC कानून को लागू किए जाने की मांग को लेकर सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। आंदोलन का सबसे संवेदनशील और ऐतिहासिक क्षण तब सामने आया, जब
महामंत्री ओमकार लहरी ने अपने खून से लिखा हुआ पत्र सरकार के नाम सौंपा। यह पत्र केवल एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि उस संघर्ष, पीड़ा और अटूट संकल्प का प्रतीक था, जो न्याय की माँग को लेकर जनता के दिलों से निकलकर सड़कों तक पहुँचा। मंझनपुर डायट मैदान में
- *कौशाम्बी | नियमों को ताक पर रखकर शराब बिक्री, जिम्मेदार मौन क्यों?* *कौशांबी संदेश संवाददाता* थाना सैनी क्षेत्र के कमासिन–सयारा मार्ग स्थित देसी शराब की दुकान पर तय समय से काफी पहले शराब की बिक्री किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, ₹75 की देसी शराब खुलेआम ₹90 में बेची जा रही है, जो न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है बल्कि आम जनता की जेब पर सीधा डाका भी है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि सुबह-सुबह शराब उपलब्ध होने से नशाखोरी तेजी से बढ़ रही है। क्षेत्र में आए दिन झगड़े, घरेलू कलह और असामाजिक गतिविधियों में इजाफा देखा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार महकमा आंख मूंदे बैठा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि “इस दुकान को लेकर कई बार शिकायतें की गईं, मीडिया में बार-बार खबरें प्रकाशित हुईं, फिर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।” यह सवाल अब आम लोगों के मन में उठने लगा है कि— क्या दुकान संचालक को किसी का संरक्षण प्राप्त है? क्या आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस को सब कुछ दिखते हुए भी नहीं दिख रहा? या फिर कार्रवाई न होने के पीछे कोई अनकहा गठजोड़ है? नियमों के अनुसार शराब बिक्री का निर्धारित समय तय है और ओवररेटिंग पूरी तरह गैरकानूनी है। इसके बावजूद खुलेआम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, जो प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा करती हैं। अब देखना यह होगा कि जिला आबकारी अधिकारी, पुलिस प्रशासन और उच्च अधिकारी इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर कब तक कार्रवाई करते हैं, या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।1
- कौशांबी...जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे। स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?1
- *जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप* *कौशाम्बी। जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे।* *स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?*2
- कौशांबी मंझनपुर निवर्तमान माननीय विधायक इंद्रजीत सरोज1
- कौशांबी। सोशल मीडिया पर 'लाइक' और 'व्यूज' की भूख युवाओं को इस कदर दीवाना बना रही है कि वे अपनी जान की बाजी लगाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। ताजा मामला कौशांबी जिले के थाना कौशांबी क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ स्टंटबाजी का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है।वायरल वीडियो थाना कौशांबी अंतर्गत जाठी गांव के समीप का बताया जा रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कुछ युवक सड़क पर अपनी साइकिल का अगला पहिया निकालकर खतरनाक स्टंट कर रहे हैं। हैरत की बात यह है कि ये युवक न केवल अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य राहगीरों के लिए भी बड़ा खतरा पैदा कर रहे हैं।युवक साइकिल का अगला टायर हटाकर उसे एक पहिये पर संतुलित करने की कोशिश करते हैं।बिना किसी सुरक्षा उपकरण (हेलमेट या पैड) के यह स्टंट मुख्य सड़क पर किया जा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया रील बनाने के चक्कर में यह ट्रेंड क्षेत्र में तेजी से फैल रहा है।सड़क पर इस तरह की हरकतें न केवल गैर-कानूनी हैं, बल्कि किसी भी वक्त बड़े हादसे का सबब बन सकती हैं।1
- जनपद के संदीपन घाट थाना क्षेत्र अंतर्गत नियामद का पूरा भीटी गांव में रुपये के लेनदेन को लेकर हुई मारपीट में एक युवक और एक महिला घायल हो गए। आरोप है कि गांव के ही एक परिवार के लोगों ने लोहे के पाइप से हमला कर दोनों को चोटें पहुंचाईं। पीड़ित युवक लवलेश कुमार पुत्र रोशन लाल निवासी नियामद का पूरा भीटी ने बताया कि उसने मजदूरी की थी, जिसकी मजदूरी की रकम बाकी थी। रुपये मांगने पर गांव के ही युवक व उसके परिजनों ने उसके साथ मारपीट की। हमले में उसके सिर में गंभीर चोट आई, वहीं बीच-बचाव करने आई महिला को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद पीड़ित युवक ने संदीपन घाट थाना पहुंचकर नामजद तहरीर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- गाजियाबाद से बड़ी खबर गाजियाबाद में 3 बहनों के सुसाइड से जुड़ी बड़ी खबर!! पुलिस ने एक सुसाइड नोट रिकवर किया बच्चियों ने माता-पिता को सॉरी लिखा है!! जिस गेम को आप छुड़वाना चाहते थे,नोट,अब समझेंगे हम उसे कितना प्यार करते थे!! सुसाइड नोट से गेमिंग ऐप की लत आई सामने परिवार द्वारा गेम को लेकर डांटने की आशंका!! डांट के बाद तीनों के सुसाइड करने का अंदेशा भारत सिटी सोसाइटी में सामूहिक आत्महत्या!! बाइट अतुल कुमार सिंह सहायक पुलिस आयुक्त शालीमार गार्डन!!1
- *जब पत्रकार ही अपमानित हुआ, तो आम जनता की सुनवाई कैसी? कौशाम्बी बिजली विभाग के SDO पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप* *कौशाम्बी। जनपद के बेनीरामकटरा क्षेत्र में बिजली विभाग के उपखण्ड अधिकारी (SDO) विनय कुमार सिंह का व्यवहार इन दिनों सवालों के घेरे में है। आरोप है कि वह न केवल आम उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करते हैं, बल्कि शिकायत लेकर पहुंचे पत्रकारों से भी अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब पत्रकार के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है, तो आम जनता की समस्याओं को वह किस तरह सुनते होंगे।* *स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि जब भी वे बिजली संबंधी शिकायत लेकर SDO कार्यालय पहुंचते हैं, तो उन्हें समाधान के बजाय अपमान का सामना करना पड़ता है।अधिकारी कथित तौर पर फरियादियों से कहते हैं कि “मेरे पास समय नहीं है” और उन्हें उल्टा-सीधा बोलकर कार्यालय से बाहर निकाल देते हैं। घटना उस समय और गंभीर हो गई, जब एक पत्रकार किसी उपभोक्ता की समस्या लेकर SDO के पास पहुंचे। आरोप है कि SDO विनय कुमार सिंह ने पत्रकार और फरियादी को कार्यालय से बाहर निकलने को कहा और यह भी कह दिया कि “ये मेरा काम नहीं है।” इतना ही नहीं, उन्होंने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जहां जो करना है, कर लो।” इस व्यवहार से न केवल पत्रकार बल्कि वहां मौजूद लोग भी स्तब्ध रह गए। जनता का कहना है कि बिजली विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत अधिकारी का ऐसा रवैया सरकारी सेवा की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। आम लोगों का आरोप है कि अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेते, जिससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब सवाल यह है कि क्या बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारी जनता की आवाज सुनेंगे, या फिर सत्ता और पद का घमंड आम जनता की उम्मीदों को कुचलता रहेगा?*1
- थानाध्यक्ष पिपरी विकास सिंह के नेतृत्व में महामाया गर्ल्स इंटर कॉलेज में चलाया गया सायबर जागरूकता अभियान एसपी राजेश कुमार के निर्देशन में जनपद में चलाया जा रहा सायबर जागरूकता अभियान ब्यूरो रिपोर्ट सुनील साहू वैधयत ख़बर हिन्दी दैनिक PRIME 18 NEWS पिपरी/कौशांबी...बुधवार 4 फरवरी को साइबर जागरूकता अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार व अपर पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी चायल अभिषेक सिंह के पर्यवेक्षण में और थाना अध्यक्ष पिपरी विकास सिंह के कुशल नेतृत्व में महिला उ0नि0 सरिता और महिला आरक्षी प्रीति उपाध्याय द्वारा साइबर जागरूकता अभियान के तहत ग्राम मखऊपुर स्थित महामाया गर्ल्स इंटर कॉलेज मे जाकर छात्र छात्राओं को साइबर जागरूकता कार्यक्रम व साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा साइबर सुरक्षा से सम्बंधित महत्वपूर्ण निर्देश को विस्तृत तरीके से समझा गया व सायबर वेबसाइट के बारे में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया। पिपरी पुलिस टीम द्वारा महामाया गर्ल्स इंटर कॉलेज मख़ऊपुर में छात्र-छात्राओं साइबर अपराधों से बचाव हेतु जागरूक किया गया। टीम द्वारा बताया गया कि इंटरनेट के उपयोग की सही जानकारी होने पर साइबर अपराध से बचा जा सकता है। ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत पासवर्ड बनाए, इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सअप, ट्विटर (एक्स), फेसबुक व इंस्टाग्राम पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न करें क्योंकि कोई भी व्यक्ति आसानी से आपकी जानकारी का इस्तेमाल कर दुरूपयोग कर सकता है। किसी भी प्रकार के एप्स डाउनलोड किये जाते समय प्राईवेसी सम्बन्धी आप्शन का भली-भांति अवलोकन करने के बाद ही सहमती / असहमती देते हुए प्रक्रिया पूर्ण करें। फर्जी लॉटरी लगने का कॉल करने वालों को कभी अपनी बैंक की डिटेल शेयर न करें। डिजिटल अरेस्ट से बचाव हेतु बताया गया कि किसी भी अनजान कॉल / मैसेज पर प्रतिक्रिया न दें, बीमा कम्पनी, नौकरी के नाम से कॉल किये जाने पर बिना सत्यापन किये कोई जानकारी न दे। इसके अलावा सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सअप, ट्विटर, फेसबक व इंस्टाग्राम पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न करें। फर्जी लॉटरी लगने का कॉल करने वालों को कभी अपनी बैंक की डिटेल शेयर न करें व अनजान कॉल / मैसेज पर प्रतिक्रिया न दे। टावर लगाने के नाम पर भी लोगों से ठगी की जाती है, इससे बचने हेतु किसी अज्ञात बैंक खाता में पैसा जमा न करें।यह जानकारी अपने घर पर परिवारजनो व आसपास के लोगो को भी साझा करने हेतु बताया गया। *बताएं गए साइबर सुरक्षा टिप्स* 01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें 02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। 03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। 04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें। 05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें। 06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें। 07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें। 08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें। 09. साइबर बुलिंग और साईबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें। 10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें। 11. साइबर काइम की रिपोर्ट करने के लिए हेल्प लाइन नम्बर 1930 का प्रयोग करें।1