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उन्नाव में पति की मौत के 12 दिन बाद सदमे में पत्नी ने भी जान दे दी, घटना से पहले वीडियो बनाकर दर्द बयां किया है कि स्त्री के तीन सुख होते हैं पहला मां बाप दूसरा पति तीसरा बच्चे जो मेरे पास कोई नहीं है उन्नाव में पति की मौत के 12 दिन बाद सदमे में पत्नी ने भी जान दे दी, घटना से पहले वीडियो बनाकर दर्द बयां किया है कि स्त्री के तीन सुख होते हैं पहला मां बाप दूसरा पति तीसरा बच्चे जो मेरे पास कोई नहीं है 😢😢😢😢😢
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उन्नाव में पति की मौत के 12 दिन बाद सदमे में पत्नी ने भी जान दे दी, घटना से पहले वीडियो बनाकर दर्द बयां किया है कि स्त्री के तीन सुख होते हैं पहला मां बाप दूसरा पति तीसरा बच्चे जो मेरे पास कोई नहीं है उन्नाव में पति की मौत के 12 दिन बाद सदमे में पत्नी ने भी जान दे दी, घटना से पहले वीडियो बनाकर दर्द बयां किया है कि स्त्री के तीन सुख होते हैं पहला मां बाप दूसरा पति तीसरा बच्चे जो मेरे पास कोई नहीं है 😢😢😢😢😢
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- अम्बेडकर में पुलिस ने एक हॉफ एनकाउंटर किया हर जेब से बरामदगी की एक जेब से तमाम नोट निकली, दरोगा जी मशीन से भी तेज निकले और बता दिया कि - "128 नोट है" आरोपी से सबकुछ कैमरे पर ही बुलवा लिया, कुछ भी इधर-उधर नहीं होने का चेन , मोबाइल, पैसा- कौन किसका है- सब एकदम रटा हुआ था जुबान पर1
- *योगी सरकार में खनन माफियों के हौसले बुलंद कोतवाली निघासन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हो रहा मिट्टी वा बालू खनन* *प्रशाशनिक अधिकारियों की लापरवाही के चलते खनन माफियाओ का बोलबाल दिन के उजाले में किया धरती का सीना चीरकर खनन किया जा रहा प्रशाशनिक अधिकारियाें की नही पड़ती नजर* *Rk जाटव जी की रिपोर्ट =================== *जनपद लखीमपुर खीरी* तहसील वा कोतवाली निघासन क्षेत्र में धड़ल्ले से दिन के उजाले में हो रहा अवैध खनन, जिम्मेदार अधिकारी मौन कुंभकर्ण की नींद में सो रहा प्रशासन जबकि निघासन तहसील क्षेत्र के अंतर्गत अवैध खनन करने वाले माफियाओ की जानकारी होने पर भी प्रशाशनिक अधिकारी नहीं लगा पा रहे अंकुश संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों का प्राप्त हो रहा अभय दान निघासन कोतवाली क्षेत्र रकेहटी ग्राम पंचायत कसावल के, बीच रोड पर होकर निकल रही खनन माफियाओं की ट्रेक्टर ट्रालियां अवैध खनन, दिन के उजालो में ट्रैक्टर ट्रालियां चलाकर धरती का सीना चीरकर कर रहे अवैध खनन खनन माफियाओं के काफी हौसलें बुलंद,आखिरकार किसके आदेश से किया जा रहा है अवैध खनन,खनन माफियाओं के आगे नतमस्तक हो रही निघासन कोतवाली पुलिस दिन दोगुनी रात चौगुनी कर रहे अवैध खनन माफिया इससे साफ जाहिर. होता है खनन करवाने में पुलिस प्रशाशन वा तहसील प्रशाशन की भी संलिपतता हो सकती है वरना इतनी मेहरबान प्रशाशन हो नही सकती जल्द ही खनन माफियाओ के नाम सोशल मीडिया पर हो सकते हैं उजागर.....!2
- “खबर चलाने पर पत्रकार को धमकी! वन कर्मी विनय वर्मा की रिकॉर्डिंग वायरल | 222 बीघा जमीन का घमंड?” या “मैं विनय वर्मा हूँ, हल्के में मत लेना! पत्रकार को दी धमकी की रिकॉर्डिंग वायरल” “पत्रकार को धमकी!” “222 बीघा जमीन का घमंड?” “हल्के में मत लेना!” “वन कर्मी की रिकॉर्डिंग वायरल” नमस्कार आप देख रहे हैं यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ चैनल और मैं हूँ यज्ञ राज मौर्य। लखीमपुर खीरी से इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ खबर चलाने के बाद एक पत्रकार को कथित तौर पर धमकी देने का मामला सामने आया है। खबर का मुख्य भाग दरअसल सोशल मीडिया पर एक ऑडियो रिकॉर्डिंग तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें वन विभाग के कर्मी विनय वर्मा कथित तौर पर पत्रकार को धमकी भरे अंदाज में बात करते सुनाई दे रहे हैं। वायरल ऑडियो में विनय वर्मा खुद को प्रभावशाली बताते हुए कहते हैं कि— “हमारे पास 222 बीघा जमीन है, दो-तीन ट्रैक्टर हैं, फार्म हाउस है… हमें हल्के में मत लेना।” इतना ही नहीं, बातचीत के दौरान वे उत्कर्ष वर्मा, योगेश वर्मा और अभिषेक वर्मा को अपना रिश्तेदार बताते हुए भी सुने जा रहे हैं। मामले का असर इस ऑडियो के सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है। पत्रकारों का कहना है कि अगर खबर दिखाने पर इस तरह की धमकियां दी जाएंगी तो स्वतंत्र पत्रकारिता पर खतरा पैदा हो सकता है। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस मामले में प्रशासन कोई कार्रवाई करेगा? और क्या पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी? फिलहाल इस वायरल ऑडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। आउट्रो ऐसी ही हर बड़ी खबर के लिए जुड़े रहिए यूपी ग्राम क्रांति न्यूज़ चैनल के साथ। मैं हूँ यज्ञ राज मौर्य, लखीमपुर खीरी। वायरल खबर सोशल मीडिया1
- के दौरान किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए अगले माह नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण, उत्कृष्ट कार्यशैली और नवाचार को देखते हुए यह सम्मान दिया जा रहा है।1
- भारत का दिल कहे जाने वाले गाँवों की स्थिति आज भी बदहाल बनी हुई है। हालांकि सरकार ग्रामीण विकास के लिए तमाम महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही और हीलाहवाली के चलते ये योजनाएं धरातल पर आने से पहले ही दम तोड़ देती हैं। ऐसा ही एक मामला लखीमपुर खीरी जिले की तहसील पलिया तहसील के ग्राम मरुआ पश्चिम से सामने आया है। यहाँ ग्रामीणों को स्वच्छ जल उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने लाखों रुपये की लागत से पानी की टंकी का निर्माण तो कराया, लेकिन देखरेख के अभाव में यह शो-पीस बनकर रह गई है। बातचीत में ग्रामीणों ने बताया कि आधे गांव में पानी आता है और आधे में सालों से जलापूर्ति ठप है हम दूसरे गांव में पानी लेने जाते हैं जहां पर हम लोगों को कई बार रुसवा भी होना पड़ता है लोग अपने यहां पानी भरने से मना कर देते, जलापूर्ति सही न होने के चलते हमें आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है और जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। क्या बोले जिम्मेदार। इस संबंध में ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमित मौर्य का कहना है कि इस गांव में जहां पर टंकी बनी है वहां से चार मजरे को ही पानी जा पा रहा है और यहां पर लोगों का पानी इसलिए नहीं मिल पा रहा है क्योंकि वहां से यहां की दूरी बहुत ज्यादा है। इसको लेकर मैं उच्च अधिकारियों से अपील की थी जिसके चलते नई टंकी का निर्माण कराया जा रहा था लेकिन फिलहाल वह भी रुकी हुई है। बाइट:- ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अमृत मौर्य1
- ईसानगर–हसनपुर कटौली में आम के पेड़ों पर आरी, गरीब बच्चों के मुंह से छीने जा रहे मीठे फल? ईसानगर थाना क्षेत्र, हसनपुर कटौली (लखीमपुर खीरी) ईसानगर क्षेत्र के हसनपुर कटौली में इन दिनों बड़ी संख्या में आम के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आ रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदारों द्वारा सैकड़ों पेड़ों पर आरी चलाकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और डंपरों में लकड़ी भरकर बाहर भेजी जा रही है। गांव वालों का कहना है कि जिन आम के पेड़ों से हर साल गरीब परिवारों के बच्चे मीठे फल खाकर खुश होते थे, वही पेड़ अब ठेकेदारों की भेंट चढ़ रहे हैं। लोगों के मुताबिक अगर यही हाल रहा तो इस सीजन में गरीब जनता के बच्चों को आम खाने के लिए तरसना पड़ सकता है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इतनी भारी मात्रा में पेड़ों की कटाई होने के बावजूद वन विभाग और वन रेंज अधिकारी की चुप्पी आखिर क्यों है? ग्रामीणों में चर्चा है कि क्या यह सब “गुलाबी नोटों” के दम पर हो रहा है, या फिर प्रशासन की नजर इस पर नहीं पड़ रही? स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath लगातार “एक वृक्ष मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर पर्यावरण बचाने का संदेश दे रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। एक तरफ पेड़ लगाने की बात, तो दूसरी तरफ हजारों पेड़ों पर आरी चलने से पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार हसनपुर कटौली क्षेत्र में बड़ी मात्रा में कटे हुए पेड़ों की लकड़ी के ढेर और ड्रम पड़ी लकड़ी देखी जा सकती है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि: इतनी बड़ी कटाई की अनुमति किसने दी? वन विभाग की जिम्मेदारी किसकी है? पर्यावरण और गरीबों के हक की रक्षा कौन करेगा? इस पूरे मामले को लेकर जनता में भारी आक्रोश है और लोग मांग कर रहे हैं कि प्रशासन तुरंत जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे, ताकि पर्यावरण भी बचे और गरीबों के बच्चों के मुंह से मीठे फल न छीने जाएं। हक की आवाज न्यूज़ चैनल संपादक: ऑल इंडिया प्रेस महापात्र शन्नो आचार्य 📞 8601660864 हर खबर के लिए संपर्क करें1
- मेरठ के SSP अविनाश पांडेय का कहना है कि , " ईद की नमाज सड़क पर नहीं होंगी अगर कोई व्यक्ति सड़क पर नमाज पढ़ता हुआ पाया गया तो उस पर कठोर कार्यवाही की जायेगी , उसका पासपोर्ट जब्त किया जायेगा " , मेरठ के SSP अविनाश पांडेय सड़क पर होली खेल सकते है लेकिन मुसलमान शांतिपूर्ण नमाज पढ़ले तो इन्हे दिक्कत है ,2