निवेश के नाम पर एक युवक के साथ 1 लाख 13 हजार रुपये की ठगी अजमेर में निवेश के नाम पर एक युवक के साथ 1 लाख 13 हजार रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित जयसिंह रावत ने अपने ही दोस्त राजवीर पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि आरोपी राजवीर ने खुद को बड़ी कंपनी में निवेश कराने वाला बताकर पहले युवक का भरोसा जीता, फिर नए बैंक खाते खुलवाए। आरोप है कि बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से एटीएम, चेकबुक और यूपीआई तक अपने कब्जे में लेकर खाते से लेन-देन करता रहा। पीड़ित का कहना है कि हर महीने पैसे निवेश के नाम पर लिए गए और 50 हजार रुपये 15 दिन में डबल करने का झांसा दिया गया। जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी ने गाली-गलौज कर जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इस पूरे मामले में साइबर फ्रॉड की आशंका भी जताई जा रही है। पीड़ित और उसका परिवार अब दहशत में है और पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगा रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस इस बड़े ठगी के मामले में क्या कदम उठाती है और आरोपी कब तक गिरफ्त में आता है।
निवेश के नाम पर एक युवक के साथ 1 लाख 13 हजार रुपये की ठगी अजमेर में निवेश के नाम पर एक युवक के साथ 1 लाख 13 हजार रुपये की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित जयसिंह रावत ने अपने ही दोस्त राजवीर पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि आरोपी राजवीर ने खुद को बड़ी कंपनी में निवेश कराने वाला बताकर पहले युवक का भरोसा जीता, फिर नए बैंक खाते खुलवाए। आरोप है कि बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से एटीएम, चेकबुक और यूपीआई तक अपने कब्जे में लेकर खाते से लेन-देन करता रहा। पीड़ित का कहना है कि हर महीने पैसे निवेश के नाम पर लिए गए और 50 हजार रुपये 15 दिन में डबल करने का झांसा दिया गया। जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी ने गाली-गलौज कर जान से मारने और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। इस पूरे मामले में साइबर फ्रॉड की आशंका भी जताई जा रही है। पीड़ित और उसका परिवार अब दहशत में है और पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगा रहा है। अब देखना होगा कि पुलिस इस बड़े ठगी के मामले में क्या कदम उठाती है और आरोपी कब तक गिरफ्त में आता है।
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- लसाड़िया टोल पर जोरदार एक्सीडेंट | ट्रेलर की टक्कर से बोलेरो चकनाचूर, पिकअप पलटी#breakingnews #ajmernewsupdate #beawarnews #1
- नागौर : नागौर स्थापना दिवस के शुभ अवसर पर जिला मुख्यालय पर विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इसी क्रम में दिनांक 18 अप्रैल 2026 को सायं 07 बजे से सेठ श्री किशनलाल कांकरिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, नागौर में भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।1
- नागौर जिले में अवैध बजरी खनन को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। राजस्थान लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के मेड़ता विधानसभा क्षेत्र के नेता सुरेंद्र बेड़ा ने नागौर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले को उच्च स्तर तक पहुंचा दिया है। बेड़ा का दावा है कि नागौर पुलिस की विशेष टीम, मेड़ता सिटी DST और नागौर DST टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बजरी से भरे 8 डंपरों को पकड़ा था, लेकिन बाद में इन्हें डेगाना डिप्टी जयप्रकाश बेनीवाल द्वारा छोड़ दिया गया। इस घटनाक्रम ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बेड़ा ने आरोप लगाया कि यह मामला केवल लापरवाही का नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस प्रशासन की संभावित मिलीभगत का संकेत देता है, जिसके चलते क्षेत्र में अवैध बजरी खनन लगातार जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया। DGP और IG स्तर पर कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है। इस टीम की अगुवाई IPS अधिकारी जतिन को सौंपी गई। जांच के तहत टीम मौके पर पहुंची और RLP कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधि मंडल की मौजूदगी में घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की गहन जांच की। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई है। CCTV फुटेज और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की हर कड़ी को जोड़ा जा रहा है। माना जा रहा है कि जांच में कई अहम खुलासे हो सकते हैं, जो पूरे प्रकरण को नई दिशा देंगे। सुरेंद्र बेड़ा ने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही दोषी अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी चेताया कि यदि इस तरह के मामलों पर सख्ती नहीं बरती गई, तो अवैध खनन का नेटवर्क और मजबूत होता जाएगा। इधर, इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक हलचल तेज हो गई है। आमजन भी सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस द्वारा पकड़े गए डंपर ही छोड़ दिए जाते हैं, तो अवैध खनन पर रोक कैसे संभव है। अब सभी की नजर जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी है।1
- प्रदेश में सरकार के आदेशानुसार जनगणना का कार्य विधिवत रूप से शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में आज हमारी टीम ने उप जिला जनगणना अधिकारी (ब्यावर) से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि विभाग की क्या तैयारियां हैं और आम जनता को इस प्रक्रिया में किस प्रकार सहयोग करना है। पूरी जानकारी के लिए वीडियो अंत तक देखें।1
- निमाज स्कूल में विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री वितरित सेन्दडा ब्यावर शीतल कुमारी प्रजापत निमाज। निकटवर्ती सेठ मेघराज ठोलिया राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (अंग्रेजी माध्यम) में श्री सुगन जीव दया संघ, इचलकरंजी (महाराष्ट्र) की ओर से विद्यार्थी सहायता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संघ के प्रतिनिधियों द्वारा जरूरतमंद विद्यार्थियों को शिक्षण सामग्री भेंट की गई। कार्यक्रम के दौरान संघ के प्रतिनिधि पारसमल जैन एवं मोदक प्रसाद सोनी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्हें मन लगाकर पढ़ने और शिक्षा के माध्यम से देश का नाम रोशन करने के लिए प्रोत्साहित किया। भामाशाहों ने स्कूल के बच्चों को आवश्यक स्टेशनरी और शिक्षण किट वितरित किए। संस्था प्रधान ने जताया आभार विद्यालय के संस्था प्रधान जवरीलाल प्रजापत ने अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया। उन्होंने श्री सुगन जीव दया संघ की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे परोपकारी कार्यों से विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ता है। उन्होंने इचलकरंजी से आए भामाशाहों का आभार व्यक्त करते हुए अन्य समाजसेवियों को भी शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग के लिए आगे आने का आह्वान किया। ये रहे उपस्थित इस वितरण कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के शिक्षक हजारीलाल, हिम्मतपुरी, लक्षित वैष्णव, बिरजू दायमा, चेतन सोलंकी, प्रिया टेलर एवं अंजलि खिड़िया सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।1
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- अजमेर/ सराणा थाना क्षेत्र के गांव चांदमा में खेत में बम्बुल काटने को लेकर दलित परिवार से मारपीट एवं जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। दलित परिवार के साथ वहां के दबंगों ने लाठी डंडा धारदार हथियार से हमला कर पीड़ित रामराज का कान काट दिया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि पीड़ित का काम कट कर अलग हो गया। पीड़ित ने बताया कि अपराधियों ने उसका कान बाली पहनने की वजह से काटा। उनका कहना था कि दलितो को कान में बाली पहनने का अधिकार नहीं है। मारपीट में रामराज पुत्र बाबुलाल भांभी व उसके भाई रणजीत, ओम प्रकाश व घनश्याम, जाति- भांभी घायल हुए हैं।अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष सौरभ यादव ने आज विभाग की टीम के साथ इस घटना को लेकर एसपी अजमेर एवं कलेक्टर अजमेर को एक ज्ञापन सौपा। 13 अप्रैल 2026 को गांव में भांभी परिवार के साथ गांव के ही रामचंद्र पुत्र श्रवण,सज्जन पुत्र कानाराम,प्रहलाद पुत्र रामकरण ने पीड़ितों के खेत से बम्बुल काटने को लेकर गंभीर मारपीट की। मारपीट में रामराज भांभी का कान कट गया। हमलावारों के हाउसले इतने बुलंद थे की उन्होंने परिवार की एक विकलांग महिला को भी नहीं बक्शा। विकलांग महिला के साथ घर में घुसकर मारपीट की गई। सौरभ यादव ने सीधे-सीधे प्रशासन एवं राजस्थान सरकार पर उंगली उठाते हुए कहा की अजमेर जिले में लगातार दलितों पर अन्याय और अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। आये दिन दलितों के साथ मारपीट की घटना आम होती जा रही है। उन्होंने कहा की प्रशासन ऐसे मामलों में मुकदमे दर्ज करता जरूर है परंतु जी गंभीर धारा मुकदमा दर्ज होना चाहिए वह धारा कमजोर कर दी जाती है। इससे सीधा-सीधा लाभ अपराधियों को मिलता है। आज भी गांव में दलित परिवारों की स्थिति खराब है। उन्हें अपने हक और अधिकार की लड़ाई के लिए गांव से निकलकर शहर तक आना पड़ता है। जो प्रशासन की कार्य प्रणाली पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि न्याय पीड़ितों को गांव में ही मिल जाए तो पीड़ित परिवार को शहर आकर न्याय की गुहार नहीं करनी पड़े। ज्ञापन में पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की एवं जल्द से जल्द सरकार से आर्थिक सहयोग की मांग रखी गई। ज्ञापन देने पीड़ित रामराज और विभाग के एडवोकेट रमेश गारवाल, एडवोकेट के.सी. जोनवाल, हरिराम जाटव,रवि बैरवा,राजू जेलिया, योगेश जाटोलिया, भूपेंद्र सिंह यादव, वेद प्रकाश हाड़ा, राहुल चवरिया, रवि देवल आदि मौजूद थे।1
- रियां बड़ी नगरपालिका जसनगर चौराहे पर लगातार लग रहे ट्रैफिक जाम से आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन बढ़ते वाहनों के दबाव से स्थिति बिगड़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि चौराहे पर बसों के रुकने (स्टॉपेज/थ्रैप) की वजह से जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है। जैसे ही बस रुकती है, जसनगर चौराहे पर वाहनों की लंबी कतार लग जाती है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और व्यापारियों को दिक्कत उठानी पड़ रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि यातायात व्यवस्था सुचारू करने के लिए वैकल्पिक बस स्टॉप की व्यवस्था, ट्रैफिक पुलिस की तैनाती और उचित संकेतक लगाए जाएं, ताकि आमजन को राहत मिल सके।4