मध्य प्रदेश के रीवा जिले की ग्राम पंचायत रौली में नदी पर स्थायी पक्का पुल न बनने की वजह से ग्रामीणों को सालों से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। नदी पार करने में स्कूली बच्चों, किसानों और आम लोगों को लगातार दिक्कतें झेलनी पड़ रही थीं। जब इस समस्या का सरकारी स्तर पर कोई समाधान नहीं निकला, तो गांव के लोगों ने खुद ही पहल की और श्रमदान करके लकड़ियों तथा लट्ठों से एक अस्थायी पुल तैयार कर लिया। ग्रामीणों के इस प्रयास से बना यह पुल अब गांव की मुख्य जीवनरेखा बन चुका है। बच्चे अपनी पढ़ाई के लिए, किसान खेतों तक जाने के लिए और आम लोग इलाज व बाजार जैसे जरूरी कामों के लिए इसी पुल का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों की यह आत्मनिर्भरता और समस्या समाधान की एक बड़ी मिसाल है, जो इसके साथ ही गांव में एक स्थायी पक्के पुल की मांग को भी रेखांकित करती है।
मध्य प्रदेश के रीवा जिले की ग्राम पंचायत रौली में नदी पर स्थायी पक्का पुल न बनने की वजह से ग्रामीणों को सालों से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। नदी पार करने में स्कूली बच्चों, किसानों और आम लोगों को लगातार दिक्कतें झेलनी पड़ रही थीं। जब इस समस्या का सरकारी स्तर पर कोई समाधान नहीं निकला, तो गांव के लोगों ने खुद ही पहल की और श्रमदान करके लकड़ियों तथा लट्ठों से एक अस्थायी पुल तैयार कर लिया। ग्रामीणों के इस प्रयास से बना यह पुल अब गांव की मुख्य जीवनरेखा बन चुका है। बच्चे अपनी पढ़ाई के लिए, किसान खेतों तक जाने के लिए और आम लोग इलाज व बाजार जैसे जरूरी कामों के लिए इसी पुल का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों की यह आत्मनिर्भरता और समस्या समाधान की एक बड़ी मिसाल है, जो इसके साथ ही गांव में एक स्थायी पक्के पुल की मांग को भी रेखांकित करती है।
- मध्य प्रदेश के कटनी जिले में कलेक्टर का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने स्थानीय बोली में 'मेहरिया मर्द हो गईं' कहा था, जिसके बाद से ही यह मामला चर्चा में आ गया है। इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ यूजर्स ने इसे महिलाओं के प्रति अनुचित टिप्पणी बताते हुए इसकी निंदा की है, वहीं कुछ लोगों का कहना है कि यह स्थानीय संदर्भ में कही गई बात थी और इसका गलत अर्थ निकाला जा रहा है। फिलहाल इस पूरे विवाद पर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा में हो रही अवैध प्लाटिंग को लेकर कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी अचानक एक्शन में आ गए हैं। रीवा में जारी अवैध प्लाटिंग का जायजा लेने के लिए कलेक्टर ने खुद मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्थल पर 30 एकड़ से अधिक भूमि में अवैध प्लाटिंग पाई गई है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही इस अवैध प्लाटिंग के काम में संलिप्त कर्मचारियों पर भी गाज गिरेगी और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।1
- हापुड़ पुलिस चौकी में एक शराबी खुद थानेदार बनकर बैठ गया। उसने सीधे थानेदार की कुर्सी पर कब्जा जमाया और थानेदारी झाड़ने लगा। इस दौरान शराबी ने चौकी में रखी फाइलें खोलीं और उन्हें इधर-उधर फेंक दिया। काफी जोर से आवाज देने और कड़ी मशक्कत के बाद जैसे-तैसे मामले को संभाला जा सका।1
- संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर 22 जुलाई को रीवा जिले के सेमरिया तहसील बाजार चौराहे पर किसानों ने भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया। देश की खेती-किसानी को बचाने का संकल्प लेते हुए किसानों ने सामूहिक रूप से शपथ ली और अपना आक्रोश प्रकट करने के लिए नरेंद्र मोदी व डोनाल्ड ट्रंप के पुतले दहन किए। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संयुक्त किसान मोर्चा के नेता एडवोकेट शिव सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देशों के सामने झुक रहे हैं और भारतीय बाजार में अमेरिकी कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों तथा सेवाओं के निर्बाध प्रवाह के लिए शून्य आयात शुल्क की मांग मान रहे हैं। उन्होंने इसे भारत के ग्रामीण बाजार को अमेरिकी साम्राज्यवाद के आगे समर्पित करने वाला "ऐतिहासिक विश्वासघात" करार दिया। इस दौरान रामजीत सिंह, रामायण सिंह, इंद्रजीत सिंह शंखू, संतकुमार पटेल, मानसिंह, अजय कुमार पटेल, अमरेश पटेल, सरपंच शत्रुघ्न पटेल सहित सैकड़ों की संख्या में किसान और किसान मोर्चा के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर युवाओं के लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन को देखते हुए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्विटर पर वीडियो जारी कर युवाओं को बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि वह कल पेपर लीक मामले को लेकर बड़ा एक्शन लेने वाले हैं।1
- नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी और छात्र-छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस ने जमकर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले की ग्राम पंचायत रौली में नदी पर स्थायी पक्का पुल न बनने की वजह से ग्रामीणों को सालों से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। नदी पार करने में स्कूली बच्चों, किसानों और आम लोगों को लगातार दिक्कतें झेलनी पड़ रही थीं। जब इस समस्या का सरकारी स्तर पर कोई समाधान नहीं निकला, तो गांव के लोगों ने खुद ही पहल की और श्रमदान करके लकड़ियों तथा लट्ठों से एक अस्थायी पुल तैयार कर लिया। ग्रामीणों के इस प्रयास से बना यह पुल अब गांव की मुख्य जीवनरेखा बन चुका है। बच्चे अपनी पढ़ाई के लिए, किसान खेतों तक जाने के लिए और आम लोग इलाज व बाजार जैसे जरूरी कामों के लिए इसी पुल का इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों की यह आत्मनिर्भरता और समस्या समाधान की एक बड़ी मिसाल है, जो इसके साथ ही गांव में एक स्थायी पक्के पुल की मांग को भी रेखांकित करती है।1
- सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र में विटरनरी अस्पताल के सामने बिना नंबर के ट्रैक्टर, लोडर और अपाची बाइक के बीच आपस में जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में लोडर सवार एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है, जबकि अपाची बाइक अनियंत्रित होकर सीधे ट्रैक्टर के नीचे जा घुसी। दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद रामपुर बघेलान पुलिस मौके पर पहुँची और मामले की जाँच में जुट गई है।1