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Village Khardu choti garam panchayat jhakela jila jhabua balok Rama पेयजल सार्वजनिक कपिलधारा कुंवा Khardu choti panchayat jhakela
Sachin Damor
Village Khardu choti garam panchayat jhakela jila jhabua balok Rama पेयजल सार्वजनिक कपिलधारा कुंवा Khardu choti panchayat jhakela
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- पेयजल सार्वजनिक कपिलधारा कुंवा Khardu choti panchayat jhakela4
- Post by खुमचद सिगाड ईटानखेडा1
- Post by Timli R Meda MedaOfficial1
- *आमखुट भगोरिया में उमड़ा जनसैलाब, चालक परिचालक कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष गोलू पटेल जोबट पूर्व विधायक माधु सिंह डावर का भव्य स्वागत*1
- *... कुशलगढ़ जिला बांसवाड़ा राजस्थान रिपोर्टर धर्मेन्द्र कुमार सोनी भील समाज सुधार समिति की बैठक भील समग्र विकास परिषद कुशलगढ़ में सम्पन्न...डीजे बजाने वालों के खिलाफ़ कार्यवाही हेतु C.I.प्रवीण सिंह सिसोदिया 24 घंटे तैयार.. संपर्क नंबर जारी....9414105385....आज दिनांक 1 मार्च 2026 को भील समग्र विकास परिषद कुशलगढ़ में भील समाज सुधार समिति केंद्रीय कमेटी की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्णय लिया गया कि* *1. होली के बाद सभी पंचायत समितियों की कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा जिसमें केंद्रीय कमेटी भील समग्र विकास परिषद कुशलगढ़ रहेंगी । अन्य सभी उप समितियां रहेंगी* । *2. ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले सभी जातियों के परिवारों को भील समाज सुधार समिति के नियमों के अनुसार चलना होगा और कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करने का निर्णय लिया गया।* *3. समाज सुधार नियम लागु होने के बाद अभी तक जोगड़ीमल, खजुरा, भरतगढ़, उदयगढ़ वसुनी, बस्सी, मुवाल, नालपाड़ा, घाटा आदि जिन जिन गांवों में समाज सुधार समिति के नियमों का पालन नहीं किया गया है। उनकी कड़े शब्दों में कमेटी द्वारा निन्दा की गई और निन्दा प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित किया गया और निर्णय लिया गया कि समाज के नियमों का जिन जिन गांवों में उल्लंघन किया गया है उन गांवों फिर से गांव की समाज सुधार समिति बनाई जाएगी और केंद्रीय कमेटी उसकी देख रेख करेंगी।* *4. आज की समीक्षा बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि कोई भी सामाजिक कार्यकर्ता , जनप्रतिनिधि, कर्मचारी, समाज सेवी समाज के नियमों का उल्लंघन करने वालों की प्रशासन से पैरवी करता है तो प्रशासन उसका नाम और मोबाइल नंबर सभी के सामने सार्वजनिक करें ।* *समीक्षा बैठक पूरी होने के बाद कार्यकारिणी के सभी पदाधिकारी कुशलगढ़ थानाधिकारी (CAI) प्रवीणसिंह जी सिसोदिया से मिले ओर समाज सुधार के नियमों के पालन में पुलिस प्रशासन कमेटी की मदद करने की अपील की, तब उन्होंने आश्वासन दिया कि कोई भी व्यक्ति किसी भी गांव में डीजे बजाते हुए किसी भी समय पाया गया तो उस उसे पर तत्काल प्रभाव से कार्यवाही की जाएगी। थानाधिकारी महोदय ने बताया कि जब कुशलगढ़ क्षेत्र का भील समाज हमारे साथ है तो समाज सुधार में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। उन्होंने बताया कि गांव में खुली हुई सैकड़ों शराब की दुकानों को बंद करवाया जा रहा है। अगर लोगों ने शराब की दुकाने बंद नहीं की तो शराब की दूकान चलाने वालों पर भी कानूनी कार्यवाही चल रही है, यातायात नियमों का भी जनता पालन करें। हेलमेट अनिवार्य रूप से लगाएं, शराब पीकर वाहन नहीं चलाएं।* *कार्यक्रम की अध्यक्षता भील समग्र विकास परिषद के अध्यक्ष रूपजी बारिया , मुख्य अतिथि पूर्व तहसीलदार देवीलाल डामोर, विशिष्ट अतिथि समाज सुधार समिति के अध्यक्ष डॉ वजहीग़ मईडा, सरपंच संघ जिला उपाध्यक्ष राकेश मईडा, वनवासी कल्याण परिषद के बहादुर सिंह डामोर, समाजसेवी दिनेश डिंडोर, जसवंत सिंह भाभोर, केसर सिंह डामोर, वेलजी देवदा, वेस्ताराम वसुनिया,नरसिंह गिरी महाराज, कल्लू महाराज, चतर सिंह महाराज, लालचंद डिंडोर, भूरा दामा, संदीप डामोर, बहादुर मचार, वाल सिंह डामोर,नरसिंह रावत, शंकरलाल भूरिया, देवीलाल भूरिया, रणजीत भाभोर, नारजी डामोर, आदि उपस्थित थे।*4
- *मप्र नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के अलीराजपुर दौरे के बिच नगर कुक्षी के विजय स्थम्भ चौराहे पर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओ ने आत्मीय स्वागत किया।* *वही कुक्षी क्षेत्र मे जमीन विवाद को लेकर प्रदेश सरकार की रीति नीति का विरोध किया।*1
- आदिवासी जय जोहार जय आदिवासी हमारे यहां एक छोटा लेकिन बाद ही धमाका होने वाला है जो की 3 तारीख 3 वा महिना 2026 को है और आप देखना चाहते हैं और आना चाहते हैं तो लोकेशन में पी कर दूंगा और आ सकते हैं क्योंकि आप पहले भगोरिया है शर्वरी गांव में सभी सरपंच और बड़े-बड़े नेताजी ने निर्णय लिया है कि यहां मेला बनाया जाएगा धन्यवाद भाइयों बहनों को आमंत्रित1
- छकताला भगोरिया में ऐतिहासिक जनसैलाब, संस्कृति के रंग में रंगा पूरा क्षेत्र प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने मांदल बजाकर किया भव्य गैर का नेतृत्व, कार्यकर्ताओं संग जमकर थिरके जिला ब्यूरो मुस्तकीम मुगल छकताला भगोरिया महोत्सव इस वर्ष अभूतपूर्व उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक वैभव के साथ मनाया गया। आदिवासी परंपरा, रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों और ढोल-मांदल की गूंजती थाप के बीच आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने स्वयं मंदल बजाकर भव्य गैर का नेतृत्व किया। जैसे ही मंदल की थाप गूंजी, पूरा छकताला क्षेत्र झूम उठा और हजारों की संख्या में ग्रामीणजन, युवा व कार्यकर्ता गैर में शामिल होकर संस्कृति के रंग में रंग गए। इस बार छकताला भगोरिया में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों की संस्कृति की भी झलक नजर आई। गुजरात और महाराष्ट्र से आए समाजजनों की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक रंगीन बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गुजरात और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक छाप स्पष्ट दिखाई दी, जिसने भगोरिया को बहुरंगी और अंतरराज्यीय स्वरूप प्रदान किया। गैर के दौरान युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पुष्पराज रावत को कार्यकर्ताओं ने कंधों पर बैठाकर पारंपरिक नृत्य कराया। यह दृश्य पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण बना रहा। युवाओं का जोश, ढोल-मांदल की लय और पारंपरिक गीतों की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। सोंडवा ब्लॉक से हजारों कार्यकर्ता गैर में शामिल हुए, जिससे आयोजन और भी भव्य व ऐतिहासिक बन गया। छकताला बेल्ट के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने एकजुटता का संदेश दिया। व्हिसिल ब्लोवर के रूप में चर्चित डॉ आनंद राय ने भी भगोरिया में पहुंचकर आदिवासी संस्कृति का आनंद लिया। उन्होंने गैर में शामिल होकर पारंपरिक उत्सव की सराहना की और इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बताया। इस बार भगोरिया महोत्सव में विदेशी सैलानियों का भी विशेष जमावड़ा देखने को मिला। देश-विदेश से आए पर्यटकों ने आदिवासी लोकनृत्य, वेशभूषा और परंपराओं को करीब से देखा और ग्रामीणों के साथ नृत्य कर इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय रंग प्रदान किया। आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने कहा कि भगोरिया केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और भाईचारे का संदेश देता है। छकताला भगोरिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह सांस्कृतिक आयोजन क्षेत्र की गौरवशाली विरासत, अंतरराज्यीय सांस्कृतिक समन्वय और सामूहिक एकजुटता का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता रहेगा।1