छकताला भगोरिया में ऐतिहासिक जनसैलाब, संस्कृति के रंग में रंगा पूरा क्षेत्र छकताला भगोरिया में ऐतिहासिक जनसैलाब, संस्कृति के रंग में रंगा पूरा क्षेत्र प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने मांदल बजाकर किया भव्य गैर का नेतृत्व, कार्यकर्ताओं संग जमकर थिरके जिला ब्यूरो मुस्तकीम मुगल छकताला भगोरिया महोत्सव इस वर्ष अभूतपूर्व उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक वैभव के साथ मनाया गया। आदिवासी परंपरा, रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों और ढोल-मांदल की गूंजती थाप के बीच आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने स्वयं मंदल बजाकर भव्य गैर का नेतृत्व किया। जैसे ही मंदल की थाप गूंजी, पूरा छकताला क्षेत्र झूम उठा और हजारों की संख्या में ग्रामीणजन, युवा व कार्यकर्ता गैर में शामिल होकर संस्कृति के रंग में रंग गए। इस बार छकताला भगोरिया में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों की संस्कृति की भी झलक नजर आई। गुजरात और महाराष्ट्र से आए समाजजनों की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक रंगीन बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गुजरात और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक छाप स्पष्ट दिखाई दी, जिसने भगोरिया को बहुरंगी और अंतरराज्यीय स्वरूप प्रदान किया। गैर के दौरान युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पुष्पराज रावत को कार्यकर्ताओं ने कंधों पर बैठाकर पारंपरिक नृत्य कराया। यह दृश्य पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण बना रहा। युवाओं का जोश, ढोल-मांदल की लय और पारंपरिक गीतों की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। सोंडवा ब्लॉक से हजारों कार्यकर्ता गैर में शामिल हुए, जिससे आयोजन और भी भव्य व ऐतिहासिक बन गया। छकताला बेल्ट के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने एकजुटता का संदेश दिया। व्हिसिल ब्लोवर के रूप में चर्चित डॉ आनंद राय ने भी भगोरिया में पहुंचकर आदिवासी संस्कृति का आनंद लिया। उन्होंने गैर में शामिल होकर पारंपरिक उत्सव की सराहना की और इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बताया। इस बार भगोरिया महोत्सव में विदेशी सैलानियों का भी विशेष जमावड़ा देखने को मिला। देश-विदेश से आए पर्यटकों ने आदिवासी लोकनृत्य, वेशभूषा और परंपराओं को करीब से देखा और ग्रामीणों के साथ नृत्य कर इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय रंग प्रदान किया। आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने कहा कि भगोरिया केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और भाईचारे का संदेश देता है। छकताला भगोरिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह सांस्कृतिक आयोजन क्षेत्र की गौरवशाली विरासत, अंतरराज्यीय सांस्कृतिक समन्वय और सामूहिक एकजुटता का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता रहेगा।
छकताला भगोरिया में ऐतिहासिक जनसैलाब, संस्कृति के रंग में रंगा पूरा क्षेत्र छकताला भगोरिया में ऐतिहासिक जनसैलाब, संस्कृति के रंग में रंगा पूरा क्षेत्र प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने मांदल बजाकर किया भव्य गैर का नेतृत्व, कार्यकर्ताओं संग जमकर थिरके जिला ब्यूरो मुस्तकीम मुगल छकताला भगोरिया महोत्सव इस वर्ष अभूतपूर्व उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक वैभव के साथ मनाया गया। आदिवासी परंपरा, रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों और ढोल-मांदल की गूंजती थाप के बीच आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने स्वयं मंदल बजाकर भव्य गैर का नेतृत्व किया। जैसे ही मंदल की थाप गूंजी, पूरा छकताला क्षेत्र झूम उठा और हजारों की संख्या में ग्रामीणजन, युवा व कार्यकर्ता गैर में शामिल होकर संस्कृति के रंग में रंग गए। इस बार छकताला भगोरिया में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों की संस्कृति की भी झलक नजर आई। गुजरात और महाराष्ट्र से आए समाजजनों की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक रंगीन बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गुजरात और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक छाप स्पष्ट दिखाई दी, जिसने भगोरिया को बहुरंगी और अंतरराज्यीय स्वरूप प्रदान किया। गैर के दौरान युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पुष्पराज रावत को कार्यकर्ताओं ने कंधों पर बैठाकर पारंपरिक नृत्य कराया। यह दृश्य पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण बना रहा। युवाओं का जोश, ढोल-मांदल की लय और पारंपरिक गीतों की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। सोंडवा ब्लॉक से हजारों कार्यकर्ता गैर में शामिल हुए, जिससे आयोजन और भी भव्य व ऐतिहासिक बन गया। छकताला बेल्ट के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने एकजुटता का संदेश दिया। व्हिसिल ब्लोवर के रूप में चर्चित डॉ आनंद राय ने भी भगोरिया में पहुंचकर आदिवासी संस्कृति का आनंद लिया। उन्होंने गैर में शामिल होकर पारंपरिक उत्सव की सराहना की और इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बताया। इस बार भगोरिया महोत्सव में विदेशी सैलानियों का भी विशेष जमावड़ा देखने को मिला। देश-विदेश से आए पर्यटकों ने आदिवासी लोकनृत्य, वेशभूषा और परंपराओं को करीब से देखा और ग्रामीणों के साथ नृत्य कर इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय रंग प्रदान किया। आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने कहा कि भगोरिया केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और भाईचारे का संदेश देता है। छकताला भगोरिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह सांस्कृतिक आयोजन क्षेत्र की गौरवशाली विरासत, अंतरराज्यीय सांस्कृतिक समन्वय और सामूहिक एकजुटता का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता रहेगा।
- *आमखुट भगोरिया में उमड़ा जनसैलाब, चालक परिचालक कल्याण संघ के जिला अध्यक्ष गोलू पटेल जोबट पूर्व विधायक माधु सिंह डावर का भव्य स्वागत*1
- *अली खामेनेई की मौत पर कश्मीर में लाल चौक पर प्रदर्शन,..* *शिया समुदाय के लोगों ने अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की...* जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर आक्रोश देखने को मिल रहा है. इस बीच शिया समुदाय के लोगों के ने अमेरिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है. खामेनेई की मौत पर लोगों ने कड़ा विरोध जताते हुए सड़कों पर उतर आए हैं. इस दौरान लोगों द्वारा जमकर नारेबाजी करते हुए अमेरिका का विरोध किया जा रहा है. इस दौरान प्रदर्शनकारी लोग ‘रहबर तेरे खून से इंकलाब आएगा’ के नारे लगा रहे हैं. लोगों में अली खामेनेई की मौत पर जबरदस्त गुस्सा देखने को मिल रहा है. जम्मू-कश्मीर के लोगों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर आक्रोश है. श्रीनगर के लाल चौक पर लोग तस्वीरें, पोस्टर, बैनर और ईरानी झंडे लेकर खड़े हैं. हजारों की तादाद में लोगों में साफतौर पर ईरान के सर्वोच्च लीडर की मौत पर गुस्सा देखने को मिल रही है. इस बीच प्रदर्शनकारी ‘एक से बढ़कर एक जलील, अमेरिका-इजराइल’ के भी नारे लगा रहे हैं. वहीं आगे इन लोगों का साफ कहना है कि ‘अमेरिका को जो यार है, गद्दार है’. अली खामेनेई की मौत के बाद जम्मू-कश्मीर के लाल चौक पर लोगों का जमावड़ा लग गया है. इस दौरान लाल चौक पुरुष और युवा अपने हाथों में अली खामेनेई के फोटो लेकर दिखाई दे रहे हैं. इस दौरान कश्मीर के अलग-अलग हिस्सों में इस मौत पर लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है. कश्मीर के अंदर हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं. लोग भारी संख्या में अपने घरों से निकलकर सड़कों, इमामबाड़ों पर आकर प्रदर्शन कर रहे हैं. ईरान ने लगभग 8 देशों में करारा जवाब दिया. इसी बीच खबर आ रही है कि ईरान के सर्वोच्च नेता के परिवार पर हमला हुआ जिसमें उन समेत कई लोग मारे गए हैं. बता दें कि शनिवार (1 मार्च) को इजराइल ने अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के तेहरान पर शुरुआती हमला किया. जिसके जवाब में ईरान की तरफ से अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. ईरान की सरकारी मीडिया ने रविवार (1 मार्च) की सुबह पुष्टि की और कहा कि इजराइल और अमेरिका के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत हो गई है. अधिकारियों ने बताया कि शिया बहुल इलाकों में सैकड़ों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्वक सड़कों पर मार्च किया और अमेरिका तथा इजराइल विरोधी नारे लगाए।1
- पेयजल सार्वजनिक कपिलधारा कुंवा Khardu choti panchayat jhakela4
- Post by Hemant Nagziriya2
- बड़वानी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 2 मार्च को नागलवाड़ी में आयोजित होने जा रही कृषि कैबिनेट बैठक के राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। निमाड़ अंचल के सात जिलों—खंडवा, खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, धार, झाबुआ और आलीराजपुर—को साधने की रणनीति के रूप में इस बैठक को देखा जा रहा है। इन सात जिलों की कुल 28 विधानसभा सीटों में से 14 पर कांग्रेस और 14 पर भाजपा का कब्जा है। ऐसे में 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले आदिवासी वोट बैंक को साधने के लिहाज से यह बैठक अहम मानी जा रही है। नागलवाड़ी में अस्थायी मंत्रालय बैठक का आयोजन शिखरधाम स्थित भिलट देव मंदिर की तलहटी में बने आठ एकड़ के गार्डन में किया जा रहा है। यहां एसी डोम और अस्थायी मंत्रालय का स्वरूप तैयार किया गया है। भाजपा जिलाध्यक्ष अजय यादव के अनुसार, सुबह करीब 11:30 बजे मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बैठक प्रारंभ होगी। इसके बाद मुख्यमंत्री जुलवानिया में आयोजित भगोरिया हाट में भी शामिल होंगे। यह प्रदेश की छठी डेस्टिनेशन कैबिनेट बैठक है। इससे पहले जबलपुर (भेड़ाघाट), सिंग्रामपुर, महेश्वर, इंदौर और पचमढ़ी में बैठकें हो चुकी हैं। इन मुद्दों पर होगी चर्चा सूत्रों के मुताबिक बैठक में निम्न विषयों पर मंथन संभव है— किसानों के लिए सिंचाई सुविधाओं का विस्तार,उन्नत बीज और बेहतर बाजार व्यवस्था,आय दोगुनी करने की कार्ययोजना मसाला फसलों (मिर्च, हल्दी, धनिया) को बढ़ावा,पशुपालकों को आधुनिक प्रशिक्षण (ब्राजील मॉडल),किसानों के खातों को समग्र आईडी से जोड़ना,कृषि संबंधी जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध कराना उद्यानिकी विभाग द्वारा मसाला फसलों के लिए नई योजना की घोषणा भी संभव बताई जा रही है। फूड प्रोसेसिंग यूनिट की मांग नागलवाड़ी क्षेत्र टमाटर उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। स्थानीय किसान संतोष भायल, दिनेश यादव और मुकेश गेहलोत ने क्षेत्र में फूड प्रोसेसिंग यूनिट (कैचप प्लांट) स्थापित करने की मांग उठाई है। किसानों का कहना है कि यहां का टमाटर देश के 10 से अधिक राज्यों में सप्लाई होता है और निर्यात की भी संभावनाएं हैं। प्रशासनिक तैयारियां पूरी कलेक्टर जयति सिंह ने बताया कि कृषि कैबिनेट को लेकर सुरक्षा, पार्किंग, मंच और वीआईपी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कांग्रेस-भाजपा में जुबानी जंग पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने आरोप लगाया कि मोहन सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय नागलवाड़ी को 1900 करोड़ रुपए की सौगात दी गई थी। विधानसभा सत्र समय से पहले समाप्त कर सरकार जनता के सवालों से बच रही है। वहीं भाजपा जिला प्रभारी बाबूलाल यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार विकास के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस के नेताओं ने अपने कार्यकाल में जिले के विकास के लिए ठोस कार्य नहीं किए। चुनावी नजर से अहम बैठक राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, निमाड़ के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। ऐसे में कृषि कैबिनेट के माध्यम से सरकार विकास और किसान हितैषी निर्णयों का संदेश देना चाहती है।नागलवाड़ी की यह बैठक प्रशासनिक के साथ-साथ राजनीतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।1
- Post by दधिवल मानव1
- Post by Timli R Meda MedaOfficial1
- छकताला भगोरिया में ऐतिहासिक जनसैलाब, संस्कृति के रंग में रंगा पूरा क्षेत्र प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने मांदल बजाकर किया भव्य गैर का नेतृत्व, कार्यकर्ताओं संग जमकर थिरके जिला ब्यूरो मुस्तकीम मुगल छकताला भगोरिया महोत्सव इस वर्ष अभूतपूर्व उत्साह, उमंग और सांस्कृतिक वैभव के साथ मनाया गया। आदिवासी परंपरा, रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों और ढोल-मांदल की गूंजती थाप के बीच आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने स्वयं मंदल बजाकर भव्य गैर का नेतृत्व किया। जैसे ही मंदल की थाप गूंजी, पूरा छकताला क्षेत्र झूम उठा और हजारों की संख्या में ग्रामीणजन, युवा व कार्यकर्ता गैर में शामिल होकर संस्कृति के रंग में रंग गए। इस बार छकताला भगोरिया में केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों की संस्कृति की भी झलक नजर आई। गुजरात और महाराष्ट्र से आए समाजजनों की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक रंगीन बना दिया। पारंपरिक वेशभूषा, लोकनृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गुजरात और महाराष्ट्र की सांस्कृतिक छाप स्पष्ट दिखाई दी, जिसने भगोरिया को बहुरंगी और अंतरराज्यीय स्वरूप प्रदान किया। गैर के दौरान युवक कांग्रेस के जिला अध्यक्ष पुष्पराज रावत को कार्यकर्ताओं ने कंधों पर बैठाकर पारंपरिक नृत्य कराया। यह दृश्य पूरे आयोजन का मुख्य आकर्षण बना रहा। युवाओं का जोश, ढोल-मांदल की लय और पारंपरिक गीतों की गूंज ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। सोंडवा ब्लॉक से हजारों कार्यकर्ता गैर में शामिल हुए, जिससे आयोजन और भी भव्य व ऐतिहासिक बन गया। छकताला बेल्ट के वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने एकजुटता का संदेश दिया। व्हिसिल ब्लोवर के रूप में चर्चित डॉ आनंद राय ने भी भगोरिया में पहुंचकर आदिवासी संस्कृति का आनंद लिया। उन्होंने गैर में शामिल होकर पारंपरिक उत्सव की सराहना की और इसे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान बताया। इस बार भगोरिया महोत्सव में विदेशी सैलानियों का भी विशेष जमावड़ा देखने को मिला। देश-विदेश से आए पर्यटकों ने आदिवासी लोकनृत्य, वेशभूषा और परंपराओं को करीब से देखा और ग्रामीणों के साथ नृत्य कर इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय रंग प्रदान किया। आदिवासी विकास परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष महेश पटेल ने कहा कि भगोरिया केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता, परंपरा और सामाजिक एकता का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और भाईचारे का संदेश देता है। छकताला भगोरिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यह सांस्कृतिक आयोजन क्षेत्र की गौरवशाली विरासत, अंतरराज्यीय सांस्कृतिक समन्वय और सामूहिक एकजुटता का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं से जुड़े रहने की प्रेरणा देता रहेगा।1