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कोटा ड्रोन तकनीक से और सुरक्षित होगी रेल यात्रा, कोटा मंडल ने ओएचई निरीक्षण में रचा नया कीर्तिमान* *पहली बार 145 ट्रैक किलोमीटर पर बिना पावर ब्लॉक, ड्रोन व थर्मल इमेजिंग से हुआ निरीक्षण* कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने रेल सुरक्षा को और मजबूत करते हुए पहली बार ड्रोन आधारित ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) निरीक्षण प्रणाली का सफल प्रयोग किया है। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा के मार्गदर्शन में कोटा-लाखेरी रेलखंड की मुख्य लाइन पर लगभग 145 ट्रैक किलोमीटर क्षेत्र का निरीक्षण ड्रोन व थर्मल इमेजिंग तकनीक से पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर किया गया। सबसे बड़ी बात यह रही कि यह पूरा कार्य बिना पावर ब्लॉक लिए संपन्न हुआ, जिससे ट्रेनों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा और यात्रियों की यात्रा निर्बाध बनी रही। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि अब तक ओएचई की जांच जमीन से दूरबीन के सहारे होती थी, जिससे ऊंचाई पर लगे उपकरणों की बारीकी से जांच सीमित रहती थी। ड्रोन के हाई-रिजॉल्यूशन व थर्मल कैमरों से अब उन स्थानों की भी सटीक जांच संभव हो रही है, जहां पहले पहुंचना मुश्किल था। निरीक्षण में इंसुलेटर खराबी, गायब नट-बोल्ट, थर्मल हॉटस्पॉट, झुकी नंबर प्लेट, गायब एंटी-फॉलिंग रॉड पिन तथा मस्तूल के पास वनस्पति जैसी कई तकनीकी कमियां सामने आईं, जिनका समय रहते सुधार अब संभव होगा। इससे ओएचई खराबी की आशंका घटेगी, अनावश्यक परिचालन व्यवधान कम होंगे और ट्रेनें अधिक समयबद्ध ढंग से चल सकेंगी — जिसका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (टीआरडी) श्री नीरज शर्मा के निर्देशन में इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब कोटा मंडल पूरे मंडल में इस तकनीक का विस्तार करने जा रहा है। आगामी समय में करीब 2300 ट्रैक किलोमीटर ओएचई का निरीक्षण ड्रोन व थर्मल इमेजिंग तकनीक से किया जाएगा। इसके साथ ही विशेषज्ञ ड्रोन फोटो का विश्लेषण कर रहे हैं और भविष्य में पर्याप्त डाटा मिलने पर इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जोड़ा जाएगा, जिससे दोषों की पहचान स्वतः हो सकेगी। सभी डाटा डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाएगा और आगे टीडीएमएस प्रणाली से भी जोड़ा जाएगा। यह पहल कोटा मंडल को रेलवे में तकनीकी नवाचार के अग्रणी मंडलों में शामिल करती है और यात्रियों को अधिक सुरक्षित, समयबद्ध व निर्बाध रेल यात्रा का भरोसा देती है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक / जन सम्पर्क अधिकारी पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल

3 hrs ago
user_Anil Kumar journalist
Anil Kumar journalist
Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
3 hrs ago

कोटा ड्रोन तकनीक से और सुरक्षित होगी रेल यात्रा, कोटा मंडल ने ओएचई निरीक्षण में रचा नया कीर्तिमान* *पहली बार 145 ट्रैक किलोमीटर पर बिना पावर ब्लॉक, ड्रोन व थर्मल इमेजिंग से हुआ निरीक्षण* कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने रेल सुरक्षा को और मजबूत करते हुए पहली बार ड्रोन आधारित ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) निरीक्षण प्रणाली का सफल प्रयोग किया है। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा के मार्गदर्शन में कोटा-लाखेरी रेलखंड की मुख्य लाइन पर लगभग 145 ट्रैक किलोमीटर क्षेत्र का निरीक्षण ड्रोन व थर्मल इमेजिंग तकनीक से पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर किया गया। सबसे बड़ी बात यह रही कि यह पूरा कार्य बिना पावर ब्लॉक लिए संपन्न हुआ, जिससे ट्रेनों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा और यात्रियों की यात्रा निर्बाध बनी रही। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि अब तक ओएचई की जांच जमीन से दूरबीन के सहारे होती थी, जिससे ऊंचाई पर लगे उपकरणों की बारीकी से जांच सीमित रहती थी। ड्रोन के हाई-रिजॉल्यूशन व थर्मल कैमरों से अब उन स्थानों की भी सटीक जांच संभव हो रही है, जहां पहले पहुंचना मुश्किल था। निरीक्षण में इंसुलेटर खराबी, गायब नट-बोल्ट, थर्मल हॉटस्पॉट, झुकी नंबर प्लेट, गायब एंटी-फॉलिंग रॉड पिन तथा मस्तूल के पास वनस्पति जैसी कई तकनीकी कमियां सामने आईं, जिनका समय रहते सुधार अब संभव होगा। इससे ओएचई खराबी की आशंका घटेगी, अनावश्यक परिचालन व्यवधान कम होंगे और ट्रेनें अधिक समयबद्ध ढंग से चल सकेंगी — जिसका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा। वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (टीआरडी) श्री नीरज शर्मा के निर्देशन में इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब कोटा मंडल पूरे मंडल में इस तकनीक का विस्तार करने जा रहा है। आगामी समय में करीब 2300 ट्रैक किलोमीटर ओएचई का निरीक्षण ड्रोन व थर्मल इमेजिंग तकनीक से किया जाएगा। इसके साथ ही विशेषज्ञ ड्रोन फोटो का विश्लेषण कर रहे हैं और भविष्य में पर्याप्त डाटा मिलने पर इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जोड़ा जाएगा, जिससे दोषों की पहचान स्वतः हो सकेगी। सभी डाटा डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाएगा और आगे टीडीएमएस प्रणाली से भी जोड़ा जाएगा। यह पहल कोटा मंडल को रेलवे में तकनीकी नवाचार के अग्रणी मंडलों में शामिल करती है और यात्रियों को अधिक सुरक्षित, समयबद्ध व निर्बाध रेल यात्रा का भरोसा देती है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक / जन सम्पर्क अधिकारी पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल

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    कोटा ड्रोन तकनीक से और सुरक्षित होगी रेल यात्रा, कोटा मंडल ने ओएचई निरीक्षण में रचा नया कीर्तिमान*

*पहली बार 145 ट्रैक किलोमीटर पर बिना पावर ब्लॉक, ड्रोन व थर्मल इमेजिंग से हुआ निरीक्षण*

कोटा। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने रेल सुरक्षा को और मजबूत करते हुए पहली बार ड्रोन आधारित ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) निरीक्षण प्रणाली का सफल प्रयोग किया है। मंडल रेल प्रबंधक श्री अनिल कालरा के मार्गदर्शन में कोटा-लाखेरी रेलखंड की मुख्य लाइन पर लगभग 145 ट्रैक किलोमीटर क्षेत्र का निरीक्षण ड्रोन व थर्मल इमेजिंग तकनीक से पायलट प्रोजेक्ट के आधार पर किया गया। सबसे बड़ी बात यह रही कि यह पूरा कार्य बिना पावर ब्लॉक लिए संपन्न हुआ, जिससे ट्रेनों के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा और यात्रियों की यात्रा निर्बाध बनी रही।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि अब तक ओएचई की जांच जमीन से दूरबीन के सहारे होती थी, जिससे ऊंचाई पर लगे उपकरणों की बारीकी से जांच सीमित रहती थी। ड्रोन के हाई-रिजॉल्यूशन व थर्मल कैमरों से अब उन स्थानों की भी सटीक जांच संभव हो रही है, जहां पहले पहुंचना मुश्किल था। निरीक्षण में इंसुलेटर खराबी, गायब नट-बोल्ट, थर्मल हॉटस्पॉट, झुकी नंबर प्लेट, गायब एंटी-फॉलिंग रॉड पिन तथा मस्तूल के पास वनस्पति जैसी कई तकनीकी कमियां सामने आईं, जिनका समय रहते सुधार अब संभव होगा। इससे ओएचई खराबी की आशंका घटेगी, अनावश्यक परिचालन व्यवधान कम होंगे और ट्रेनें अधिक समयबद्ध ढंग से चल सकेंगी — जिसका सीधा लाभ यात्रियों को मिलेगा।

वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (टीआरडी) श्री नीरज शर्मा के निर्देशन में इस पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अब कोटा मंडल पूरे मंडल में इस तकनीक का विस्तार करने जा रहा है। आगामी समय में करीब 2300 ट्रैक किलोमीटर ओएचई का निरीक्षण ड्रोन व थर्मल इमेजिंग तकनीक से किया जाएगा। इसके साथ ही विशेषज्ञ ड्रोन फोटो का विश्लेषण कर रहे हैं और भविष्य में पर्याप्त डाटा मिलने पर इसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जोड़ा जाएगा, जिससे दोषों की पहचान स्वतः हो सकेगी। सभी डाटा डिजिटल रूप से सुरक्षित रखा जाएगा और आगे टीडीएमएस प्रणाली से भी जोड़ा जाएगा। यह पहल कोटा मंडल को रेलवे में तकनीकी नवाचार के अग्रणी मंडलों में शामिल करती है और यात्रियों को अधिक सुरक्षित, समयबद्ध व निर्बाध रेल यात्रा का भरोसा देती है।


वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक / जन सम्पर्क अधिकारी
पश्चिम मध्य रेलवे, कोटा मंडल
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    3 hrs ago
  • डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच नई दिल्ली भारत के राष्ट्रीय प्रवक्ता हिंदू रत्न राहुल गोयल ने गौ सेवकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया
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    डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय विचार मंच नई दिल्ली भारत के राष्ट्रीय प्रवक्ता हिंदू रत्न राहुल गोयल ने गौ सेवकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया
    user_राहुल गोयल
    राहुल गोयल
    गंगापुर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    16 hrs ago
  • जलप्रलय में तब्दील हुई हताई वाली ढाणी: घुटने तक भरा पानी, बेबस ग्रामीण और सोया हुआ प्रशासन! जलप्रलय में तब्दील हुई हताई वाली ढाणी: घुटने तक भरा पानी, बेबस ग्रामीण और सोया हुआ प्रशासन! हाहाकार: तलवाड़ा के रामगढ़ मुराडा में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, चारों तरफ फैला दलदल, बीमारियों के साये में जीने को मजबूर सैकड़ों लोग! रामगढ़ मुराडा / तलवाड़ा: तहसील क्षेत्र के रामगढ़ मुराडा स्थित हताई वाली ढाणी इस समय टापू में तब्दील हो चुकी है। जल निकासी के मुकम्मल इंतजाम न होने के कारण पूरी ढाणी में भीषण जलभराव हो गया है, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। गलियों और रास्तों पर घुटनों तक भरे पानी ने आवागमन पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। जिंदगी बनी जहन्नुम, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान ढाणी के मुख्य रास्तों पर लबालब भरे पानी और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है। बुजुर्गों और मरीजों के लिए तो आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचना भी असंभव सा हो गया है। जगह-जगह पानी जमा होने से बदबू और जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खौफ फैल गया है। ग्रामीणों को डर है कि अगर जल्द ही पानी नहीं निकाला गया तो गांव में डेंगू, मलेरिया जैसी महामारी फैलने से कोई नहीं रोक पाएगा। आक्रोश में ग्रामीण: "प्रशासन की अनदेखी पड़ी भारी" स्थानीय निवासियों में शासन और प्रशासन की बेरुखी को लेकर भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन मिलते हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होता। पक्की नालियों का निर्माण न होना और नालों की सफाई न कराया जाना इस आपदा का मुख्य कारण है। ग्रामीणों की चेतावनी और सीधी मांग: तत्काल राहत: टैंकरों या पंपसेट के जरिए जमा पानी को तुरंत बाहर निकाला जाए। स्थाई समाधान: ढाल के अनुसार पक्की नालियों और बड़े नाले का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए। कीटनाशक छिड़काव: महामारी से बचाव के लिए क्षेत्र में तुरंत फोगिंग और चूने का छिड़काव हो। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू नहीं किए, तो वे उग्र आंदोलन करने और तहसील मुख्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे।
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    जलप्रलय में तब्दील हुई हताई वाली ढाणी: घुटने तक भरा पानी, बेबस ग्रामीण और सोया हुआ प्रशासन!
जलप्रलय में तब्दील हुई हताई वाली ढाणी: घुटने तक भरा पानी, बेबस ग्रामीण और सोया हुआ प्रशासन!
हाहाकार: तलवाड़ा के रामगढ़ मुराडा में जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त, चारों तरफ फैला दलदल, बीमारियों के साये में जीने को मजबूर सैकड़ों लोग!
रामगढ़ मुराडा / तलवाड़ा:
तहसील क्षेत्र के रामगढ़ मुराडा स्थित हताई वाली ढाणी इस समय टापू में तब्दील हो चुकी है। जल निकासी के मुकम्मल इंतजाम न होने के कारण पूरी ढाणी में भीषण जलभराव हो गया है, जिससे ग्रामीणों का जीना मुहाल हो गया है। गलियों और रास्तों पर घुटनों तक भरे पानी ने आवागमन पर पूरी तरह से ब्रेक लगा दिया है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं।
जिंदगी बनी जहन्नुम, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान
ढाणी के मुख्य रास्तों पर लबालब भरे पानी और कीचड़ के कारण स्कूली बच्चों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ रहा है। बुजुर्गों और मरीजों के लिए तो आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचना भी असंभव सा हो गया है। जगह-जगह पानी जमा होने से बदबू और जहरीले कीड़े-मकोड़ों का खौफ फैल गया है। ग्रामीणों को डर है कि अगर जल्द ही पानी नहीं निकाला गया तो गांव में डेंगू, मलेरिया जैसी महामारी फैलने से कोई नहीं रोक पाएगा।
आक्रोश में ग्रामीण: "प्रशासन की अनदेखी पड़ी भारी"
स्थानीय निवासियों में शासन और प्रशासन की बेरुखी को लेकर भारी रोष व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन मिलते हैं, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं होता। पक्की नालियों का निर्माण न होना और नालों की सफाई न कराया जाना इस आपदा का मुख्य कारण है।
ग्रामीणों की चेतावनी और सीधी मांग:
तत्काल राहत: टैंकरों या पंपसेट के जरिए जमा पानी को तुरंत बाहर निकाला जाए।
स्थाई समाधान: ढाल के अनुसार पक्की नालियों और बड़े नाले का जल्द से जल्द निर्माण कराया जाए।
कीटनाशक छिड़काव: महामारी से बचाव के लिए क्षेत्र में तुरंत फोगिंग और चूने का छिड़काव हो।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू नहीं किए, तो वे उग्र आंदोलन करने और तहसील मुख्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होंगे।
    user_Ramsingh Meena
    Ramsingh Meena
    तालावारा, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • राउमावि नांगल शेरपुर में बालघाट पुलिस ने नशा मुक्ति के बारे में छात्र-छात्राओं को दी जानकारी थानाधिकारी फौजदार ने की समझाइश बालाघाट थाना पुलिस ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नांगल शेरपुर में स्कूली बच्चों को पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत नशा मुक्ति के बारे में जानकारी दी। शनिवार सुबह 11:00 बजे आयोजित कार्यक्रम में थाना अधिकारी मंजू फौजदार ने ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा, साइबर अपराध ,महिला सुरक्षा संबंधित कानून व यातायात नियमों की जानकारी दी।उन्हौने बच्चों, अध्यापकों को नशे से दूर रहने , साइबर अपराध के प्रति सचेत रहने, महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने व यातायात नियमों की पालना करने के लिए प्रेरित किया।कार्यशाला की समाप्ति पर स्कूली विद्यार्थियों व समस्त स्कूल स्टाफ द्वारा राष्ट्रगान का गायन किया गया।इस दौरान पुलिस के कई जवान मौजूद रहे।
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    राउमावि नांगल शेरपुर में बालघाट पुलिस ने नशा मुक्ति के बारे में छात्र-छात्राओं को दी जानकारी थानाधिकारी फौजदार ने की समझाइश

बालाघाट थाना पुलिस ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय नांगल शेरपुर में स्कूली बच्चों को पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत नशा मुक्ति के बारे में जानकारी दी। शनिवार सुबह 11:00 बजे आयोजित कार्यक्रम में थाना अधिकारी मंजू फौजदार ने
ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा, साइबर अपराध ,महिला सुरक्षा संबंधित कानून व यातायात नियमों की जानकारी दी।उन्हौने बच्चों, अध्यापकों को नशे से दूर रहने , साइबर अपराध के प्रति सचेत रहने, महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने व यातायात नियमों की पालना करने के लिए प्रेरित किया।कार्यशाला की समाप्ति पर स्कूली विद्यार्थियों व समस्त स्कूल स्टाफ द्वारा राष्ट्रगान का गायन किया गया।इस दौरान पुलिस के कई जवान मौजूद रहे।
    user_RK LIVE KARAULI
    RK LIVE KARAULI
    Court reporter करौली, करौली, राजस्थान•
    34 min ago
  • नारौली में झमाझम बारिश से किसानों को राहत, खरीफ फसलों को मिला पानी नारौली डांग। क्षेत्र में शनिवार को हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई। बारिश के चलते खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को बरसात से बड़ी राहत मिली है। बारिश से खेतों में पानी पहुंचने के साथ ही फसलों की बढ़वार को भी लाभ मिलने की संभावना है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह बारिश खेती के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। वहीं, बारिश के बाद मौसम सुहावना होने से लोगों को उमस और गर्मी से भी राहत मिली।
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    नारौली में झमाझम बारिश से किसानों को राहत, खरीफ फसलों को मिला पानी
नारौली डांग। क्षेत्र में शनिवार को हुई झमाझम बारिश से किसानों के चेहरों पर खुशी लौट आई। बारिश के चलते खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को बरसात से बड़ी राहत मिली है।
बारिश से खेतों में पानी पहुंचने के साथ ही फसलों की बढ़वार को भी लाभ मिलने की संभावना है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई यह बारिश खेती के लिए काफी उपयोगी साबित होगी। वहीं, बारिश के बाद मौसम सुहावना होने से लोगों को उमस और गर्मी से भी राहत मिली।
    user_Vipin Singhal
    Vipin Singhal
    Grain Shop सपोटरा, करौली, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • विश्व आदिवासी दिवस को लेकर सपोटरा में जनसंपर्क अभियान तेज, गांव-गांव पहुंचकर दिया जा रहा आमंत्रण आगामी 9 अगस्त को दौसा जिले के मीणा हाईकोर्ट, नांगल प्यारीवास में आयोजित होने वाले विश्व आदिवासी दिवस समारोह को लेकर सपोटरा विधानसभा क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। भाजपा नेता प्रताप पाकड़ के नेतृत्व में टीम गांव-गांव जाकर पीले चावल बांटकर लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दे रही है। क्षेत्रभर में बैनर-पोस्टर लगाकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा करेंगे। कार्यक्रम के संयोजक जगमोहन मीणा (सेवानिवृत्त एडीएम) तथा सहसंयोजक धून्धीराम मीणा (भाजपा नेता) हैं। समारोह में आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हुए पारंपरिक नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कन्हैया दंगल और अन्य लोककलाओं का आयोजन किया जाएगा। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ सहित प्रदेश के विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। इसी क्रम में सपोटरा टीम ने सपोटरा कस्बा, मोड़, तुरसगपुरा, बापोती, मांगरोल, गोठरा, रतनापुरा, बलुआपुरा, कानापुरा, दूदीपुरा, दिवानपुरा, कोडयाई, खिरखिड़ी, डाबरा, डिकोली, कुडगांव, कैलादेवी, पीतूपुरा, लोहरा, भंडारीपुरा, निशाना, अमरगढ़, बुकना और चोड़ागांव सहित दर्जनों गांवों में जनसंपर्क कर लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया। इस दौरान लेखराज बैरवा, अभिनव मीणा, रुकमकेश, मेघराज, भूर सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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    विश्व आदिवासी दिवस को लेकर सपोटरा में जनसंपर्क अभियान तेज, गांव-गांव पहुंचकर दिया जा रहा आमंत्रण
आगामी 9 अगस्त को दौसा जिले के मीणा हाईकोर्ट, नांगल प्यारीवास में आयोजित होने वाले विश्व आदिवासी दिवस समारोह को लेकर सपोटरा विधानसभा क्षेत्र में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। भाजपा नेता प्रताप पाकड़ के नेतृत्व में टीम गांव-गांव जाकर पीले चावल बांटकर लोगों को कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दे रही है। क्षेत्रभर में बैनर-पोस्टर लगाकर भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा करेंगे। कार्यक्रम के संयोजक जगमोहन मीणा (सेवानिवृत्त एडीएम) तथा सहसंयोजक धून्धीराम मीणा (भाजपा नेता) हैं। समारोह में आदिवासी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते हुए पारंपरिक नृत्य, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, कन्हैया दंगल और अन्य लोककलाओं का आयोजन किया जाएगा। डूंगरपुर, बांसवाड़ा, प्रतापगढ़ सहित प्रदेश के विभिन्न आदिवासी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
इसी क्रम में सपोटरा टीम ने सपोटरा कस्बा, मोड़, तुरसगपुरा, बापोती, मांगरोल, गोठरा, रतनापुरा, बलुआपुरा, कानापुरा, दूदीपुरा, दिवानपुरा, कोडयाई, खिरखिड़ी, डाबरा, डिकोली, कुडगांव, कैलादेवी, पीतूपुरा, लोहरा, भंडारीपुरा, निशाना, अमरगढ़, बुकना और चोड़ागांव सहित दर्जनों गांवों में जनसंपर्क कर लोगों से अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने का आह्वान किया।
इस दौरान लेखराज बैरवा, अभिनव मीणा, रुकमकेश, मेघराज, भूर सिंह सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
    user_B Rajasthan news
    B Rajasthan news
    Media company Karauli, Rajasthan•
    4 hrs ago
  • बिहार के खान सर ने अपनी असम में फंसे लोगों की सहायता के लिए फिजिक्स वाला गुरु जी ने असम में जाकर गरीब परिवार को पानी से बाहर निकलना और खाने पीने की सामग्री देने असम के लोगों को पानी के भाव से बचने की तरीका
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    बिहार के खान सर ने अपनी असम में फंसे लोगों की सहायता के लिए
फिजिक्स वाला गुरु जी ने असम में जाकर गरीब परिवार को पानी से बाहर निकलना और खाने पीने की सामग्री देने असम के लोगों को पानी के भाव से बचने की तरीका
    user_कुंजेला की समस्या
    कुंजेला की समस्या
    Roofing Service नादोती, करौली, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • गंगापुर सिटी फव्वारा चौक के दोनों तरफ नालों की सफाई नहीं होने से नया बाजार व्यापारियों में रोष व्याप्त दुकानों में पानी भरा अतिरिक्त जिला कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौपा
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    गंगापुर सिटी फव्वारा चौक के दोनों तरफ नालों की सफाई नहीं होने से नया बाजार व्यापारियों में रोष व्याप्त  दुकानों में पानी भरा अतिरिक्त जिला कलेक्टर से मिलकर ज्ञापन सौपा
    user_Anil Kumar journalist
    Anil Kumar journalist
    Rajasthan TV news buro chief Gangapur, Sawai Madhopur•
    5 hrs ago
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