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मोहर्रम के पावन अवसर पर जामताड़ा प्रखंड के फागुडीह गांव में पारंपरिक अखाड़ा खेल और एक भव्य मेले का आयोजन किया गया, जिसने हजारों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम में आसपास के कई गांवों से आए अखाड़ा दलों ने लाठी, तलवार और अपने पारंपरिक युद्ध कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए हैरतअंगेज करतबों को देखकर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जिससे उपस्थित जनसमूह रोमांचित हो गया।
यूके जामताड़ा लाइव
मोहर्रम के पावन अवसर पर जामताड़ा प्रखंड के फागुडीह गांव में पारंपरिक अखाड़ा खेल और एक भव्य मेले का आयोजन किया गया, जिसने हजारों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम में आसपास के कई गांवों से आए अखाड़ा दलों ने लाठी, तलवार और अपने पारंपरिक युद्ध कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए हैरतअंगेज करतबों को देखकर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जिससे उपस्थित जनसमूह रोमांचित हो गया।
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- मोहर्रम के पावन अवसर पर जामताड़ा प्रखंड के फागुडीह गांव में पारंपरिक अखाड़ा खेल और एक भव्य मेले का आयोजन किया गया, जिसने हजारों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम में आसपास के कई गांवों से आए अखाड़ा दलों ने लाठी, तलवार और अपने पारंपरिक युद्ध कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों द्वारा दिखाए गए हैरतअंगेज करतबों को देखकर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा, जिससे उपस्थित जनसमूह रोमांचित हो गया।1
- अमर शहीद डीएसपी प्रमोद कुमार को उनकी शहादत की 18वीं वर्षगांठ पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम उनकी स्मृति में आयोजित किया गया।1
- मैथन स्थित हाईटेक रोड फैक्ट्री में बिना किसी पूर्व सूचना के लगभग 200 मजदूरों को काम से हटाने की कोशिश को समाजसेवी रंजीत महतो के हस्तक्षेप के बाद टाल दिया गया है। मजदूरों के बुलावे पर फैक्ट्री पहुंचे रंजीत महतो ने प्रबंधन से बातचीत की, जिसके बाद एक महीने की मोहलत पर सहमति बनी। रंजीत महतो ने फैक्ट्री प्रबंधन को स्पष्ट रूप से बताया कि बिना पूर्व सूचना दिए मजदूरों को हटाना या फैक्ट्री बंद करना श्रम कानूनों का उल्लंघन है और नियमों के उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। सकारात्मक वार्ता के बाद, फैक्ट्री प्रबंधन एक महीने तक वर्तमान व्यवस्था के अनुसार संचालन जारी रखने पर सहमत हो गया। साथ ही यह भी तय हुआ कि एक महीने बाद पुनः बैठक कर आगे की स्थिति पर निर्णय लिया जाएगा। रंजीत महतो ने सभी मजदूरों को भरोसा दिलाया कि वे उनके अधिकारों और रोजगार की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब मजदूरों के पेट और रोज़ी-रोटी का सवाल हो, तब सभी दलों और संगठनों को राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होकर उनके हित और सम्मान के लिए आवाज़ उठानी चाहिए।7
- गोबिंदपुर ऊपर बाजार में ट्रैफिक पुलिस ने एक विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, ट्रैफिक पुलिस ने गलत दिशा में वाहन चला रहे बाइक सवारों को रोका। उन्हें नियमों का उल्लंघन करने के लिए फटकार लगाई गई और भविष्य में सही दिशा में चलने की हिदायत भी दी गई।1
- देवघर जिले के मारगोमुंडा प्रखंड अंतर्गत सलमंद्रा और बलवा गांव में मंगलवार को श्रद्धा और सम्मान के साथ हूल दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सूबे के अल्पसंख्यक कल्याण एवं जल संसाधन विभाग के मंत्री हफीजुल हसन कार्यक्रम में शामिल हुए। मंत्री हफीजुल हसन ने सलमंद्रा गांव स्थित सिद्धो-कान्हू चौक और बलवा गांव स्थित सिद्धो-कान्हू चौक पहुंचकर हूल क्रांति के महानायक सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान मौजूद सभी लोगों ने वीर सिद्धो-कान्हू, चांद, भेरव, फूलो और झानो को याद करते हुए उन्हें नमन किया। मंत्री ने इस अवसर पर कहा कि वीर शहीदों के बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता और हूल दिवस हमें अन्याय तथा शोषण के खिलाफ संघर्ष करने वाले वीर शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है। इस मौके पर प्रखंड अध्यक्ष सोहन मुर्मू, दिनेश्वर किस्कू, मुर्शीद अली, मुखिया अनीता सोरेन, सुधीर मंडल, डुग्गू टुडू, सुशील हेंब्रम, छोटू किस्कू, मो शमीम, जगदीश हांसदा, लाबाराम हेंब्रम, बिहुलाल हांसदा, रामलाल मरांडी, छोटेलाल टुडू, कृष्णा हेंब्रम, नदीम आलम, जयनारायण मंडल, खुर्शीद अंसारी, विनोद मंडल, विजय सोरेन, बोगन टुडू, श्यामलाल हेंब्रम और पति राम किस्कू सहित कई झामुमो कार्यकर्ता व ग्रामीण मौजूद रहे।1
- जमशेदपुर में खासमहल से परसुडीह, गदरा और गोविंदपुर तक की सड़क अब जनता के लिए मौत का रास्ता बन गई है। सड़क की बदहाली के कारण लोग बेहद परेशान हैं और आए दिन गंभीर सड़क दुर्घटनाएँ हो रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क पिछले 5 साल से बेहद खस्ताहाल स्थिति में है। गड्ढों से भरी इस सड़क पर रोजाना वाहन चलाना जान जोखिम में डालने जैसा है। निवासियों ने कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से इसकी शिकायत की, लेकिन उनकी समस्याओं पर कोई सुनवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि केवल चुनाव के समय झूठे आश्वासन देते हैं, जबकि धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। इस उपेक्षा के कारण आम जनता लगातार सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तुरंत इस सड़क की मरम्मत कराने की जोरदार मांग की है।1
- झारखंड के धनबाद से मिली जानकारी के अनुसार, सांसद ढुलू महतो द्वारा दिए गए एक बयान पर निरसा विधायक ने पलटवार किया है। इस खबर को साधना न्यूज के लिए नीरज कुमार ने रिपोर्ट किया है।1
- हूल दिवस के अवसर पर जामताड़ा के आमलाबनी में आयोजित कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने सिद्धू-कान्हू की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर कई गंभीर सवाल उठाए। अपने संबोधन में चंपई सोरेन ने कहा कि हूल दिवस जैसे ऐतिहासिक मौके पर सिद्धू-कान्हू के पैतृक गांव भोगनाडीह में कार्यक्रम का आयोजन न होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि भोगनाडीह में लोगों की स्वतंत्रता को सीमित किया जा रहा है और भारी संख्या में मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की तैनाती कर पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह सवाल भी उठाया कि सिद्धू-कान्हू के वंशजों और स्थानीय लोगों ने ऐसा कौन-सा अपराध किया है कि उन्हें अपना कार्यक्रम आयोजित करने से रोका जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले साल हुए लाठीचार्ज में कई लोग घायल हुए थे, और इस बार लोगों को कार्यक्रम स्थल तक जाने की भी अनुमति नहीं दी जा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा, यह कहते हुए कि एसपीटी और सीएनटी एक्ट सहित आदिवासी जमीन से जुड़े मामलों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मौजूदा हालात ऐसे ही बने रहे तो राज्य में एक बार फिर आंदोलन की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। हूल दिवस के मौके पर चंपई सोरेन द्वारा दिए गए इन बयानों के बाद क्षेत्र का राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है, और उनके लगाए गए आरोपों को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच चर्चा तेज हो गई है।1