मंडला में हुए विकास की कुछ खास तस्वीरें .... सीवर लाइन निर्माण ने बिगाड़ी सड़क की सूरत, गड्ढों और तालाब में तब्दील हुई ग्राम पंचायत बड़ी खैरी की सड़क मंडला जिला मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायत बड़ी खैरी की सड़क इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है। सीवर लाइन निर्माण के बाद सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और जलभराव ने राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात यह हैं कि सड़क कई जगह तालाब जैसी नजर आ रही है। रोजाना पांच स्कूलों और दो कॉलेजों के छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में लोगों का इस मार्ग से आवागमन होता है। इसके बावजूद पूरी बारिश बीतने को है, लेकिन सड़क की समस्या को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। तस्वीरें जिला मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायत बड़ी खैरी की सड़क की हैं। सीवर लाइन निर्माण के बाद सड़क की हालत बद से बदतर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और बारिश का पानी इन गड्ढों में जमा होकर इन्हें तालाब में तब्दील कर रहा है। सबसे बड़ी परेशानी स्कूली और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है। इस मार्ग से रोजाना करीब पांच स्कूलों और दो कॉलेजों के विद्यार्थी आवागमन करते हैं। इसके अलावा स्थानीय ग्रामीणों और अन्य राहगीरों की भी आवाजाही लगातार बनी रहती है। सड़क पर पानी भरा होने और गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने से हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो यह रास्ता खास तौर पर जोखिम भरा हो गया है। कई बार वाहन चालक गड्ढों में फंसने और संतुलन बिगड़ने से हादसे का शिकार हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर लाइन का काम होने के बाद सड़क की हालत लगातार खराब होती गई, लेकिन जिम्मेदार एजेंसी ने सड़क को व्यवस्थित तरीके से दुरुस्त नहीं किया। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो गई। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक छात्र-छात्राएं और आम राहगीर इस बदहाल सड़क से गुजरने को मजबूर रहेंगे? पूरी बारिश बीतने के बावजूद जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से सड़क की स्थिति सुधारने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाया गया? बड़ी खैरी की यह सड़क सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि रोजाना सैकड़ों लोगों की जरूरत है। सड़क पर बने गड्ढे और जमा पानी किसी बड़े हादसे का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि कब इस समस्या को गंभीरता से लेते हैं और कब तक लोगों को इस बदहाल सड़क से राहत मिल पाती है। फिलहाल बड़ी खैरी की सड़क की बदहाली जिम्मेदारों के दावों और जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है। जरूरत है कि प्रशासन तत्काल मौके का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत करवाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले लोगों को राहत मिल सके।
मंडला में हुए विकास की कुछ खास तस्वीरें .... सीवर लाइन निर्माण ने बिगाड़ी सड़क की सूरत, गड्ढों और तालाब में तब्दील हुई ग्राम पंचायत बड़ी खैरी की सड़क मंडला जिला मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायत बड़ी खैरी की सड़क इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है। सीवर लाइन निर्माण के बाद सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और जलभराव ने राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात यह हैं कि सड़क कई जगह तालाब जैसी नजर आ रही है। रोजाना पांच स्कूलों और दो कॉलेजों के छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में लोगों का इस मार्ग से आवागमन होता है। इसके बावजूद पूरी बारिश बीतने को है, लेकिन सड़क की समस्या को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। तस्वीरें जिला मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायत बड़ी खैरी की सड़क की हैं। सीवर लाइन निर्माण के बाद सड़क की हालत बद से बदतर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और बारिश का पानी इन गड्ढों में जमा होकर इन्हें तालाब में तब्दील कर रहा है। सबसे बड़ी परेशानी स्कूली और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है। इस मार्ग से रोजाना करीब पांच स्कूलों और दो कॉलेजों के विद्यार्थी आवागमन करते हैं। इसके अलावा स्थानीय ग्रामीणों और अन्य राहगीरों की भी आवाजाही लगातार बनी रहती है। सड़क पर पानी भरा होने और गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने से हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो यह रास्ता खास तौर पर जोखिम भरा हो गया है। कई बार वाहन चालक गड्ढों में फंसने और संतुलन बिगड़ने से हादसे का शिकार हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर लाइन का काम होने के बाद सड़क की हालत लगातार खराब होती गई, लेकिन जिम्मेदार एजेंसी ने सड़क को व्यवस्थित तरीके से दुरुस्त नहीं किया। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो गई। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक छात्र-छात्राएं और आम राहगीर इस बदहाल सड़क से गुजरने को मजबूर रहेंगे? पूरी बारिश बीतने के बावजूद जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से सड़क की स्थिति सुधारने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाया गया? बड़ी खैरी की यह सड़क सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि रोजाना सैकड़ों लोगों की जरूरत है। सड़क पर बने गड्ढे और जमा पानी किसी बड़े हादसे का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि कब इस समस्या को गंभीरता से लेते हैं और कब तक लोगों को इस बदहाल सड़क से राहत मिल पाती है। फिलहाल बड़ी खैरी की सड़क की बदहाली जिम्मेदारों के दावों और जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है। जरूरत है कि प्रशासन तत्काल मौके का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत करवाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले लोगों को राहत मिल सके।
- मंडला में हुए विकास की कुछ खास तस्वीरें .... सीवर लाइन निर्माण ने बिगाड़ी सड़क की सूरत, गड्ढों और तालाब में तब्दील हुई ग्राम पंचायत बड़ी खैरी की सड़क मंडला जिला मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायत बड़ी खैरी की सड़क इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रही है। सीवर लाइन निर्माण के बाद सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और जलभराव ने राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात यह हैं कि सड़क कई जगह तालाब जैसी नजर आ रही है। रोजाना पांच स्कूलों और दो कॉलेजों के छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में लोगों का इस मार्ग से आवागमन होता है। इसके बावजूद पूरी बारिश बीतने को है, लेकिन सड़क की समस्या को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही है। तस्वीरें जिला मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायत बड़ी खैरी की सड़क की हैं। सीवर लाइन निर्माण के बाद सड़क की हालत बद से बदतर हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं और बारिश का पानी इन गड्ढों में जमा होकर इन्हें तालाब में तब्दील कर रहा है। सबसे बड़ी परेशानी स्कूली और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है। इस मार्ग से रोजाना करीब पांच स्कूलों और दो कॉलेजों के विद्यार्थी आवागमन करते हैं। इसके अलावा स्थानीय ग्रामीणों और अन्य राहगीरों की भी आवाजाही लगातार बनी रहती है। सड़क पर पानी भरा होने और गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने से हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए तो यह रास्ता खास तौर पर जोखिम भरा हो गया है। कई बार वाहन चालक गड्ढों में फंसने और संतुलन बिगड़ने से हादसे का शिकार हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीवर लाइन का काम होने के बाद सड़क की हालत लगातार खराब होती गई, लेकिन जिम्मेदार एजेंसी ने सड़क को व्यवस्थित तरीके से दुरुस्त नहीं किया। बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो गई। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर कब तक छात्र-छात्राएं और आम राहगीर इस बदहाल सड़क से गुजरने को मजबूर रहेंगे? पूरी बारिश बीतने के बावजूद जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से सड़क की स्थिति सुधारने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाया गया? बड़ी खैरी की यह सड़क सिर्फ आवागमन का रास्ता नहीं, बल्कि रोजाना सैकड़ों लोगों की जरूरत है। सड़क पर बने गड्ढे और जमा पानी किसी बड़े हादसे का इंतजार करते नजर आ रहे हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि कब इस समस्या को गंभीरता से लेते हैं और कब तक लोगों को इस बदहाल सड़क से राहत मिल पाती है। फिलहाल बड़ी खैरी की सड़क की बदहाली जिम्मेदारों के दावों और जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है। जरूरत है कि प्रशासन तत्काल मौके का निरीक्षण कर सड़क की मरम्मत करवाए, ताकि किसी बड़े हादसे से पहले लोगों को राहत मिल सके।1
- मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में निकला 13 फीट लंबा, 20 किलो वजनी अजगर सर्प मित्र ने किया रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा सुरक्षित मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में निकला 13 फीट लंबा, 20 किलो वजनी अजगर सर्प मित्र ने किया रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा सुरक्षित 14 सितंबर सोमवार 10 बजे सर्प मित्र रंजीत ठाकुर ने बताया कि बीजाडांडी थाना के ग्राम मनेरी औद्योगिक क्षेत्र में एक अजगर निकलने से हड़कंप मच गया। यह अजगर मनेरी इंडस्ट्रियल एरिया के गेट नंबर 2 के पास स्थित साहू किराना स्टोर में छिपा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही सर्प विशेषज्ञ को मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने सुरक्षित रूप से अजगर का रेस्क्यू कर लोगों को राहत दिलाई। जानकारी अनुसार स्थानीय निवासी राजुल सिंह चौहान के माध्यम से निवास के सर्प मित्र रंजीत ठाकुर को इस घटना की सूचना दी गई थी। सूचना पाते ही सर्प मित्र रंजीत ठाकुर तत्काल मौके पर पहुंचे और उन्होंने अपनी सूझबूझ से विशालकाय अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। पकड़े गए इस भारी-भरकम अजगर की लंबाई लगभग 13 फीट और वजन 18 से 20 किलोग्राम के बीच था। बताया गया कि सर्प मित्र रंजीत ठाकुर द्वारा सफलतापूर्वक रेस्क्यू किए जाने के बाद इस विशाल और पूर्ण रूप से स्वस्थ अजगर को बस्ती से दूर उसके अनुकूल प्राकृतिक वातावरण जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। इस त्वरित कार्रवाई से जहां स्थानीय लोगों का डर दूर हुआ, वहीं वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक धरोहर को भी सुरक्षित बचा लिया गया। 00000000000000000000000000000001
- केदारपुर में निकली विमान की भव्य शोभायात्रा, अखाड़ा व सांस्कृतिक झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र केदारपुर में निकली विमान की भव्य शोभायात्रा, अखाड़ा व सांस्कृतिक झांकियां बनीं आकर्षण का केंद्र घंसौर। सोमवार, 14 सितंबर 2026। तहसील क्षेत्र के केदारपुर में राधा-कृष्ण मंदिर में विराजमान विमान की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा केदारपुर मुख्य मार्ग से होते हुए स्थानीय जलाशय तक पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ विमान का विसर्जन किया गया। इस दौरान अखाड़े एवं विभिन्न सांस्कृतिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। शोभायात्रा में नगर एवं क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का माहौल नजर आया।1
- धान की फसल में फंफूद से फंगस आदि को निवारण के लिए टेंपलेट में दिखाई गई दवाइयां का सूचना अनुसार प्रयोग करें जहां भी दवाई लेने जाएं जो दुकानदार है उसे अच्छे से सलाह लें और हानि और लाभ दोनों पूछे1
- एसपी की पाठशाला की सफलता: मध्य प्रदेश पुलिस में 10 अभ्यर्थियों का चयन, एसपी ने किया सम्मानित जबलपुर। पुलिस परिवार एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क मंच उपलब्ध कराने वाली “एसपी की पाठशाला” ने एक बार फिर सफलता की मिसाल पेश की है। पुलिस लाइन में संचालित इस निःशुल्क कोचिंग से अध्ययनरत 10 अभ्यर्थियों का मध्य प्रदेश पुलिस में उप निरीक्षक (SI) के पद पर चयन हुआ है। सोमवार, 14 सितंबर 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम जबलपुर में पुलिस अधीक्षक श्री सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़ (भा.पु.से.) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय श्री सूर्यकांत शर्मा सहित प्रशिक्षक, चयनित अभ्यर्थी एवं उनके परिजन मौजूद रहे। इन अभ्यर्थियों का हुआ चयन एसपी की पाठशाला से अध्ययनरत काजल गुप्ता, अंजनी भूमिया, सुप्रिया यादव, स्मिता ठाकुर, प्रयास नामदेव, अनुराग तंतुवाय, योगेश सिंह राजपूत, शुभम सिंह, आशीष आर्य एवं प्रीति पटेल का मध्य प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक पद पर चयन हुआ है। इनमें आशीष आर्य वर्तमान में जीआरपी जबलपुर में आरक्षक तथा प्रीति पटेल दिल्ली पुलिस में आरक्षक के पद पर कार्यरत हैं। 2020 से जारी है सफलता का सिलसिला “एसपी की पाठशाला” वर्ष 2020 से संचालित की जा रही है। यहां पुलिस परिवार एवं गरीब तबके के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ शारीरिक प्रशिक्षण भी निःशुल्क दिया जाता है। विभाग के अनुसार वर्ष 2021 में 8, 2022 में 41, 2023 में 32, 2024 में 43, 2025 में 102 और वर्ष 2026 में अब तक 133 अभ्यर्थियों का शासकीय सेवाओं में चयन हो चुका है। इस तरह वर्ष 2021 से अब तक कुल 359 अभ्यर्थी शासकीय सेवा में चयनित हुए हैं। वर्तमान में पाठशाला में 120 विद्यार्थी थ्योरी क्लास और 50 विद्यार्थी फिजिकल क्लास का लाभ ले रहे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ फिजिकल ट्रेनिंग पर भी जोर एसपी की पाठशाला में विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों एवं पुलिस विभाग के प्रशिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। नागरिक शास्त्र, इतिहास, मैथ्स, रीजनिंग, अर्थशास्त्र, हिंदी, भूगोल, संविधान, विज्ञान, सामान्य ज्ञान एवं योगा के साथ विद्यार्थियों को शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने चयनित अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मेहनत और लगन का परिणाम है। जो अभ्यर्थी इस बार सफल नहीं हो पाए हैं, वे निराश न हों और लगातार मेहनत करते रहें। उन्होंने कहा कि जिस तरह आग में तपकर सोना कुंदन बनता है, उसी तरह कठिन मेहनत से व्यक्ति सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि पुलिस परिवार एवं गरीब वर्ग के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर प्लेटफॉर्म और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। #जबलपुर #SPकीपाठशाला #JabalpurPolice #MPPolice #PoliceSI #SuccessStory #शिक्षा #प्रतियोगीपरीक्षा #सरकारीनौकरी #AawazNews2
- सेवादल ने बोदारी में लगाया स्वास्थ्य शिविर, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री, सेवादल राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी वी श्रीनिवासन ने सुनी पीड़ा वारासिवनी। बालाघाट के आदिवासी अंचलों में बच्चों की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। रविवार 13 सितंबर को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी. श्रीनिवासन अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव बोंदारी पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, राहत सामग्री बांटी और मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस दौरान श्रीनिवासन ने बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल डॉक्टरों की तैनाती, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और ग्रामीणों की काउंसलिंग कराने की मांग की। वहीं उन्होंने सरकार द्वारा दिए जा रहे पोषण सप्लीमेंट की गुणवत्ता की जांच और संबंधित कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन मौतों के आंकड़े छिपाने में लगा है।उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर राहुल गांधी के बालाघाट पहुंचने के संकेत भी दिए।इस दौरान विधायक संजय उईके, कार्यक्रम संयोजक तबरेज खान, जिलाध्यक्ष जीतू बर्वे सहित कांग्रेस सेवादल के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।1
- कच्चे मकान के छप्पर पर दिखा कोबरा सर्प मित्र ने किया सुरक्षित रेस्क्यू, कोबरा को देख उड़े परिजनों के होश कच्चे मकान के छप्पर पर दिखा कोबरा सर्प मित्र ने किया सुरक्षित रेस्क्यू, कोबरा को देख उड़े परिजनों के होश 14 सितंबर सोमवार 11 बजे सर्प मित्र रंजीत ठाकुर ने बताया कि बबलिया मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित दिलीप बरकड़े के घर पर रात के समय उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उनके कच्चे मकान के छप्पर पर एक कोबरा (भारतीय नाग) दिखाई दिया। जानकारी अनुसार घटना विगत रात्रि करीब 10 बजे की है। मकान के छप्पर पर एक नाग चूहे का शिकार कर रहा था। चूहे की आवाज सुनकर जब घर के सदस्यों ने छप्पर पर लगी पन्नी हटाकर देखा, तो खपरैल और बांस के बीच एक बेहद खूंखार और विशाल सांप बैठा हुआ था। इसे देखते ही परिजनों के होश उड़ गए और उन्होंने आनन-फानन में निवास के सर्प मित्र (स्नेक कैचर) रंजीत ठाकुर को फोन पर सूचना दी। सूचना मिलते ही सर्प विशेषज्ञ रंजीत ठाकुर तत्काल दिलीप बरकड़े के घर पहुंचे। उन्होंने अपनी सूझबूझ से कच्चे मकान के छप्पर से इस खतरनाक भारतीय नाग का सुरक्षित रेस्क्यू किया। सफलतापूर्वक पकड़े जाने के बाद, पूर्ण रूप से स्वस्थ नाग को बस्ती से दूर उसके प्राकृतिक आवास जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। सर्प मित्र की इस त्वरित कार्रवाई से परिवार ने राहत की सांस ली। 000000000000000000000000000001
- 🔴 MP शराबकांड: फरार आरोपी शिवांजय का शॉर्ट एनकाउंटर, पैर में लगी गोली सागर जहरीली शराबकांड में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 30 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार; कट्टा, कारतूस, मोबाइल और बाइक बरामद - मध्य प्रदेश के सागर जहरीली शराबकांड में फरार चल रहे आरोपी शिवांजय राजपूत (21) को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 4 बजे कठुआ नाला के पास जंगल में पुलिस और आरोपी का आमना-सामना हुआ। - पुलिस को सूचना मिली थी कि शिवांजय जंगल के रास्ते अपने गांव छापरी पहुंचने वाला है। इसके बाद बांदरी और बहरोल थाना पुलिस ने इलाके में घेराबंदी की। - 🔴 पुलिस के मुताबिक हुई फायरिंग - पुलिस का कहना है कि टीम ने आरोपी को सरेंडर करने के लिए कहा, लेकिन उसने फायरिंग कर दी। पुलिस के मुताबिक शिवांजय ने तीन गोलियां चलाईं, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में पुलिस की एक गोली उसके पैर में लगी। - गोली लगने के बाद आरोपी घायल होकर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उसके पैर से गोली निकाल दी। - 🔫 कट्टा और कारतूस बरामद - पुलिस के मुताबिक, आरोपी के कब्जे से 315 बोर का देशी कट्टा, 3 जिंदा कारतूस, 3 खाली कारतूस, एक मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद की गई है। - शिवांजय पर पुलिस ने 30 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में तीन मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। - 🍺 शराबकांड में क्या भूमिका बताई गई? - पुलिस जांच के अनुसार, शिवांजय शराबकांड के मुख्य आरोपी चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू का रिश्तेदार है और कथित तौर पर शराब की सप्लाई नेटवर्क की अहम कड़ी था। - जांच में अब तक 33 आरोपियों को आरोपी बनाया गया है। इनमें 19 गिरफ्तार किए जा चुके हैं, एक आरोपी की मौत हो चुकी है और एक अस्पताल में भर्ती है। वहीं 12 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। - पुलिस के मुताबिक, 2 सितंबर को चंदू के मक्के के खेत में करीब 50 पेटी अवैध शराब तैयार की गई थी, जिसे बाद में आसपास के गांवों में सप्लाई किया गया। मौतों का सिलसिला शुरू होने के बाद करीब 25 पेटी शराब जलाने और शराब बनाने की सामग्री को नाले में बहाने की बात भी जांच में सामने आई है। - 🚔 इससे पहले रवि लखेरा भी गिरफ्तार - इस मामले के मुख्य आरोपियों में बताए जा रहे रवि लखेरा को भी शुक्रवार को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उस पर 20 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। - फिलहाल शिवांजय का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस शराबकांड से जुड़े फरार आरोपियों की तलाश और पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है। - नोट: एनकाउंटर और आरोपियों की भूमिका से जुड़ी जानकारी पुलिस के बयानों/जांच पर आधारित है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा। - 🎙️ रिपोर्ट — दीपक विश्वकर्मा 📰 सच तक पत्रिका NEWS — हर खबर सच के साथ।1