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बड़ी खबर मैहर के बड़े अखाड़ा के गणेश जी हर साल बढ़ते थे *मैहर के बड़े अखाड़ा के गणेश जी हर साल बढ़ते थे* मैहर के बड़ा अखाड़ा परिसर में स्थापित प्राचीन गणेश प्रतिमा अपने अद्भुत स्वरूप को लेकर वर्षों से चर्चा में है। मान्यता है कि प्रतिमा का आकार हर साल बढ़ता था। मंदिर के महंत सीताबल्लभशरण के अनुसार, पुरातत्व विभाग की टीम ने भी प्रतिमा की जांच की थी और इसका स्वरूप छठी शताब्दी की परंपरा से मिलता-जुलता बताया गया। वर्ष 1735 में आचार्य श्री मद्राम सुखेन्द्र जू ने प्रतिमा के दाएं चरण के अंगूठे को दबाकर विस्तार रुकने की प्रार्थना की थी। इसके बाद प्रतिमा का बढ़ना रुकने की मान्यता है। प्रतिमा की लंबे समय से नित्य पूजा-अर्चना की जा रही है।

19 hrs ago
user_शेखर तिवारी
शेखर तिवारी
Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
19 hrs ago

बड़ी खबर मैहर के बड़े अखाड़ा के गणेश जी हर साल बढ़ते थे *मैहर के बड़े अखाड़ा के गणेश जी हर साल बढ़ते थे* मैहर के बड़ा अखाड़ा परिसर में स्थापित प्राचीन गणेश प्रतिमा अपने अद्भुत स्वरूप को लेकर वर्षों से चर्चा में है। मान्यता है कि प्रतिमा का आकार हर साल बढ़ता था। मंदिर के महंत सीताबल्लभशरण के अनुसार, पुरातत्व विभाग की टीम ने भी प्रतिमा की जांच की थी और इसका स्वरूप छठी शताब्दी की परंपरा से मिलता-जुलता बताया गया। वर्ष 1735 में आचार्य श्री मद्राम सुखेन्द्र जू ने प्रतिमा के दाएं चरण के अंगूठे को दबाकर विस्तार रुकने की प्रार्थना की थी। इसके बाद प्रतिमा का बढ़ना रुकने की मान्यता है। प्रतिमा की लंबे समय से नित्य पूजा-अर्चना की जा रही है।

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  • 🏆 एशिया की सरताज बनीं भारत की बेटियां भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए विमेंस टी20 एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। 💥 *बड़ी खबर*💥 *🏆 एशिया की सरताज बनीं भारत की बेटियां!* भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए विमेंस टी20 एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। । दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका को 72 रनों से करारी शिकस्त दी और 8वीं बार एशिया कप की चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 183/5 का मजबूत स्कोर खड़ा किया था जिसके जवाब में पूरी श्रीलंकाई टीम 19.4 ओवरों में महज 111 रनों पर ढेर हो गई।
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    🏆 एशिया की सरताज बनीं भारत की बेटियां
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए विमेंस टी20 एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है।
💥 *बड़ी खबर*💥
*🏆 एशिया की सरताज बनीं भारत की बेटियां!*
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एक बार फिर इतिहास रचते हुए विमेंस टी20 एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है।
। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका को 72 रनों से करारी शिकस्त दी और 8वीं बार एशिया कप की चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। भारत ने निर्धारित 20 ओवरों में 183/5 का मजबूत स्कोर खड़ा किया था जिसके जवाब में पूरी श्रीलंकाई टीम 19.4 ओवरों में महज 111 रनों पर ढेर हो गई।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • Post by Anil yadav
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    Post by Anil yadav
    user_Anil yadav
    Anil yadav
    Voice of people रामपुर नैकिन, सीधी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल मनगवां के वार्ड क्रमांक 2 स्थित मौनी बाबा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्षद शमा परवीन हाफिज मोहम्मद अली के प्रयासों से पेयजल व्यवस्था की गई। नगर पालिका अधिकारी के आदेश पर पहले हैंडपंप लगवाया गया और 13 सितंबर 2026 को उसमें कमर्शियल पंप डलवाकर श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की सुविधा सुनिश्चित की गई। वरिष्ठ समाजसेवी हाफिज कारी मोहम्मद अली साहब सहित स्थानीय नागरिकों ने इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की। यह कार्य मनगवां की हिंदू-मुस्लिम एकता, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल है।
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    गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
मनगवां के वार्ड क्रमांक 2 स्थित मौनी बाबा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्षद शमा परवीन हाफिज मोहम्मद अली के प्रयासों से पेयजल व्यवस्था की गई। नगर पालिका अधिकारी के आदेश पर पहले हैंडपंप लगवाया गया और 13 सितंबर 2026 को उसमें कमर्शियल पंप डलवाकर श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की सुविधा सुनिश्चित की गई। वरिष्ठ समाजसेवी हाफिज कारी मोहम्मद अली साहब सहित स्थानीय नागरिकों ने इस सराहनीय पहल की प्रशंसा की। यह कार्य मनगवां की हिंदू-मुस्लिम एकता, भाईचारे और गंगा-जमुनी तहजीब की खूबसूरत मिसाल है।
    user_Avi Standing with the truth
    Avi Standing with the truth
    Yoga instructor मंगवां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • थाना प्रभारी निशा मिश्रा की अपराधियों पर एक ही दिन में दो बड़ी कार्रवाई, सट्टे से लेकर मारपीट-चोरी के आरोपी तक पुलिस की गिरफ्त में थाना प्रभारी निशा मिश्रा की अपराधियों पर एक ही दिन में दो बड़ी कार्रवाई, सट्टे से लेकर मारपीट-चोरी के आरोपी तक पुलिस की गिरफ्त में
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    थाना प्रभारी निशा मिश्रा की अपराधियों पर एक ही दिन में दो बड़ी कार्रवाई, सट्टे से लेकर मारपीट-चोरी के आरोपी तक पुलिस की गिरफ्त में
थाना प्रभारी निशा मिश्रा की अपराधियों पर एक ही दिन में दो बड़ी कार्रवाई, सट्टे से लेकर मारपीट-चोरी के आरोपी तक पुलिस की गिरफ्त में
    user_सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    सोशल मीडिया पंडित विकास पत्रका
    हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    26 min ago
  • नल-जल योजना में अनियमितताओं के आरोप, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल खटखरी में टंकी धराशायी होने के बाद भी नहीं चेता पीएचई विभाग! जिला मुख्यालय के आसपास ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल मऊगंज जिले में ग्रामीणों को घर-घर पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित नल-जल योजना अब अपनी कार्यप्रणाली और निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि योजना के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्यों में जिम्मेदार अधिकारियों और संविदाकारों की कथित मिलीभगत से जमकर अनियमितताएं की जा रही हैं। स्थिति यह है कि कहीं नल-जल योजना का केवल कागजों और फोटो सेशन में संचालन दिखाई दे रहा है, तो कहीं निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ही गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं। नईगढ़ी जनपद अंतर्गत खटखरी में नल-जल योजना के तहत निर्मित पानी की टंकी के धराशायी होने की घटना के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित विभाग ने जिले में संचालित अन्य योजनाओं के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की व्यापक जांच कराने की दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। जिला मुख्यालय के आसपास भी सामने आ रहे सवाल जिला मुख्यालय के समीप स्थित कुछ ग्राम पंचायतों में नल-जल योजना के नाम पर कराए गए कार्यों को लेकर ग्रामीणों द्वारा शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का शुभारंभ और संचालन दिखाने के लिए फोटो सेशन तो कराए गए, लेकिन वास्तविक स्थिति में आज भी कई परिवारों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि योजना धरातल पर सुचारू रूप से संचालित नहीं है तो उसके संचालन और भुगतान की प्रक्रिया किस आधार पर आगे बढ़ाई गई? निर्माण कार्य हादसे का कारण बनने का आरोप! कुछ स्थानों पर नल-जल योजना से जुड़े निर्माण कार्यों की स्थिति इतनी चिंताजनक बताई जा रही है कि वह दुर्घटना का कारण तक बन चुकी है। इस संबंध में शिकायत मऊगंज थाने तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। यदि शिकायत सही है तो यह केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। खटखरी की घटना के बाद जांच की जरूरत लेकिन कोरम पूर्ति तक सीमित ना रहे जांच! नईगढी जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खटखरी में पानी की टंकी धराशायी होने की घटना ने निर्माण गुणवत्ता की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आखिर करोड़ों रुपये की योजनाओं में निर्माण सामग्री, तकनीकी मानकों, स्ट्रक्चरल डिजाइन और निर्माण के दौरान गुणवत्ता परीक्षण की जिम्मेदारी किसकी है? यदि विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया गया था तो कमजोर निर्माण समय रहते पकड़ में क्यों नहीं आया? कार्यपालन यंत्री की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल? नल-जल योजना से जुड़े कार्यों को लेकर पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री संजय पांडे की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में आवश्यक है कि विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराए और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन, घटिया निर्माण अथवा शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित संविदाकार से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों तक जवाबदेही तय की जाए। बड़ा सवाल—फोटो में पानी या गांव में पानी? सरकार की मंशा ग्रामीणों को स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की है, लेकिन यदि योजनाएं केवल कागजों और फोटो तक सीमित रह जाएं तो करोड़ों रुपये खर्च करने का उद्देश्य ही विफल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को फोटो सेशन के बजाय वास्तविक जलापूर्ति की स्थिति का सत्यापन करना चाहिए। अब देखना यह है कि खटखरी की घटना से सबक लेते हुए पीएचई विभाग मऊगंज जिले में संचालित नल-जल योजनाओं का तकनीकी ऑडिट और भौतिक सत्यापन कराता है या फिर किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी। ब्यूरो चीफ रीवा अभिषेक पांडे
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    नल-जल योजना में अनियमितताओं के आरोप, निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल

खटखरी में टंकी धराशायी होने के बाद भी नहीं चेता पीएचई विभाग!
जिला मुख्यालय के आसपास ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल

मऊगंज जिले में ग्रामीणों को घर-घर पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित नल-जल योजना अब अपनी कार्यप्रणाली और निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवालों के घेरे में है। आरोप है कि योजना के तहत कराए जा रहे निर्माण कार्यों में जिम्मेदार अधिकारियों और संविदाकारों की कथित मिलीभगत से जमकर अनियमितताएं की जा रही हैं। स्थिति यह है कि कहीं नल-जल योजना का केवल कागजों और फोटो सेशन में संचालन दिखाई दे रहा है, तो कहीं निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ही गंभीर प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
नईगढ़ी जनपद अंतर्गत खटखरी में नल-जल योजना के तहत निर्मित पानी की टंकी के धराशायी होने की घटना के बाद निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। इसके बावजूद आरोप है कि संबंधित विभाग ने जिले में संचालित अन्य योजनाओं के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की व्यापक जांच कराने की दिशा में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई।
जिला मुख्यालय के आसपास भी सामने आ रहे सवाल
जिला मुख्यालय के समीप स्थित कुछ ग्राम पंचायतों में नल-जल योजना के नाम पर कराए गए कार्यों को लेकर ग्रामीणों द्वारा शिकायतें सामने आने की बात कही जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि योजना का शुभारंभ और संचालन दिखाने के लिए फोटो सेशन तो कराए गए, लेकिन वास्तविक स्थिति में आज भी कई परिवारों को नियमित रूप से पानी उपलब्ध नहीं हो रहा है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि योजना धरातल पर सुचारू रूप से संचालित नहीं है तो उसके संचालन और भुगतान की प्रक्रिया किस आधार पर आगे बढ़ाई गई?
निर्माण कार्य हादसे का कारण बनने का आरोप!
कुछ स्थानों पर नल-जल योजना से जुड़े निर्माण कार्यों की स्थिति इतनी चिंताजनक बताई जा रही है कि वह दुर्घटना का कारण तक बन चुकी है। इस संबंध में शिकायत मऊगंज थाने तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है। यदि शिकायत सही है तो यह केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
खटखरी की घटना के बाद जांच की जरूरत लेकिन कोरम पूर्ति तक सीमित ना रहे जांच!
नईगढी जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खटखरी में पानी की टंकी धराशायी होने की घटना ने निर्माण गुणवत्ता की निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आखिर करोड़ों रुपये की योजनाओं में निर्माण सामग्री, तकनीकी मानकों, स्ट्रक्चरल डिजाइन और निर्माण के दौरान गुणवत्ता परीक्षण की जिम्मेदारी किसकी है? यदि विभागीय अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया गया था तो कमजोर निर्माण समय रहते पकड़ में क्यों नहीं आया?
कार्यपालन यंत्री की भूमिका पर भी उठ रहे सवाल?
नल-जल योजना से जुड़े कार्यों को लेकर पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री संजय पांडे की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में आवश्यक है कि विभाग पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराए और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन, घटिया निर्माण अथवा शासकीय राशि के दुरुपयोग की पुष्टि होती है तो संबंधित संविदाकार से लेकर जिम्मेदार अधिकारियों तक जवाबदेही तय की जाए।
बड़ा सवाल—फोटो में पानी या गांव में पानी?
सरकार की मंशा ग्रामीणों को स्वच्छ और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की है, लेकिन यदि योजनाएं केवल कागजों और फोटो तक सीमित रह जाएं तो करोड़ों रुपये खर्च करने का उद्देश्य ही विफल हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को फोटो सेशन के बजाय वास्तविक जलापूर्ति की स्थिति का सत्यापन करना चाहिए।
अब देखना यह है कि खटखरी की घटना से सबक लेते हुए पीएचई विभाग मऊगंज जिले में संचालित नल-जल योजनाओं का तकनीकी ऑडिट और भौतिक सत्यापन कराता है या फिर किसी बड़ी अनहोनी के बाद ही जिम्मेदारों की नींद टूटेगी।
ब्यूरो चीफ रीवा 
अभिषेक पांडे
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Artist हुजूर नगर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • Available for Sale Locality : रीवा जनता कॉलेज Area (dimensions) : 4000 Property Type : Residential Plot अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए नंबर पर संपर्क करें 8827463641
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    Available for Sale
Locality : रीवा जनता कॉलेज
Area (dimensions) : 4000
Property Type : Residential Plot
अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए नंबर पर संपर्क करें 8827463641
    user_पंडित अभय तिवारी
    पंडित अभय तिवारी
    पत्रकार रायपुर - करचुलियां, रीवा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • छतरपुर जैसी कार्रवाई की मांग, सरपंच के लेटर पर जांच की गुहार छतरपुर में शराब दुकान पर हुई कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सतना जिले के बेला और केमार के ग्रामीणों ने मांग की है कि यातायात प्रभारी द्वारा छतरपुर की तर्ज पर यहां भी पीने वालों, पिलाने वालों और दुकान के सामने बैठकर पीने वालों पर वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि केमार में शराब दुकान अवैध रूप से संचालित है। सरपंच द्वारा आबकारी विभाग और कलेक्टर को दिए गए लेटर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसकी जांच होनी चाहिए। *छतरपुर जैसी कार्रवाई की मांग, सरपंच के लेटर पर जांच की गुहार* छतरपुर में शराब दुकान पर हुई कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। सतना जिले के बेला और केमार के ग्रामीणों ने मांग की है कि यातायात प्रभारी द्वारा छतरपुर की तर्ज पर यहां भी पीने वालों, पिलाने वालों और दुकान के सामने बैठकर पीने वालों पर वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए। ग्रामीणों का आरोप है कि केमार में शराब दुकान अवैध रूप से संचालित है। सरपंच द्वारा आबकारी विभाग और कलेक्टर को दिए गए लेटर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसकी जांच होनी चाहिए।
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    छतरपुर जैसी कार्रवाई की मांग, सरपंच के लेटर पर जांच की गुहार

छतरपुर में शराब दुकान पर हुई कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।

सतना जिले के बेला और केमार के ग्रामीणों ने मांग की है कि यातायात प्रभारी  द्वारा छतरपुर की तर्ज पर यहां भी पीने वालों, पिलाने वालों और दुकान के सामने बैठकर पीने वालों पर वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए।

ग्रामीणों का आरोप है कि केमार में शराब दुकान अवैध रूप से संचालित है। सरपंच द्वारा आबकारी विभाग और कलेक्टर को दिए गए लेटर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसकी जांच होनी चाहिए।
*छतरपुर जैसी कार्रवाई की मांग, सरपंच के लेटर पर जांच की गुहार*
छतरपुर में शराब दुकान पर हुई कार्रवाई का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
सतना जिले के बेला और केमार के ग्रामीणों ने मांग की है कि यातायात प्रभारी  द्वारा छतरपुर की तर्ज पर यहां भी पीने वालों, पिलाने वालों और दुकान के सामने बैठकर पीने वालों पर वैसी ही कार्रवाई होनी चाहिए।
ग्रामीणों का आरोप है कि केमार में शराब दुकान अवैध रूप से संचालित है। सरपंच द्वारा आबकारी विभाग और कलेक्टर को दिए गए लेटर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसकी जांच होनी चाहिए।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • बड़ी खबर मैहर के बड़े अखाड़ा के गणेश जी हर साल बढ़ते थे *मैहर के बड़े अखाड़ा के गणेश जी हर साल बढ़ते थे* मैहर के बड़ा अखाड़ा परिसर में स्थापित प्राचीन गणेश प्रतिमा अपने अद्भुत स्वरूप को लेकर वर्षों से चर्चा में है। मान्यता है कि प्रतिमा का आकार हर साल बढ़ता था। मंदिर के महंत सीताबल्लभशरण के अनुसार, पुरातत्व विभाग की टीम ने भी प्रतिमा की जांच की थी और इसका स्वरूप छठी शताब्दी की परंपरा से मिलता-जुलता बताया गया। वर्ष 1735 में आचार्य श्री मद्राम सुखेन्द्र जू ने प्रतिमा के दाएं चरण के अंगूठे को दबाकर विस्तार रुकने की प्रार्थना की थी। इसके बाद प्रतिमा का बढ़ना रुकने की मान्यता है। प्रतिमा की लंबे समय से नित्य पूजा-अर्चना की जा रही है।
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    बड़ी खबर 
मैहर के बड़े अखाड़ा के गणेश जी हर साल बढ़ते थे
*मैहर के बड़े अखाड़ा के गणेश जी हर साल बढ़ते थे*
मैहर के बड़ा अखाड़ा परिसर में स्थापित प्राचीन गणेश प्रतिमा अपने अद्भुत स्वरूप को लेकर वर्षों से चर्चा में है। मान्यता है कि प्रतिमा का आकार हर साल बढ़ता था। मंदिर के महंत सीताबल्लभशरण के अनुसार, पुरातत्व विभाग की टीम ने भी प्रतिमा की जांच की थी और इसका स्वरूप छठी शताब्दी की परंपरा से मिलता-जुलता बताया गया। वर्ष 1735 में आचार्य श्री मद्राम सुखेन्द्र जू ने प्रतिमा के दाएं चरण के अंगूठे को दबाकर विस्तार रुकने की प्रार्थना की थी। इसके बाद प्रतिमा का बढ़ना रुकने की मान्यता है। प्रतिमा की लंबे समय से नित्य पूजा-अर्चना की जा रही है।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
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