विश्व कल्याण एवं जनकल्याण की भावना से रानीवाड़ा में माहभर चलेगा श्री पार्थेश्वर चिंतामणि पूजन अनुष्ठान, प्रतिदिन होंगे 108 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण, पूजन व विसर्जन रानीवाड़ा। श्रावण मास के पावन अवसर पर श्री बजरंग सेवा ट्रस्ट, रानीवाड़ा के तत्वावधान में श्री पार्थेश्वर चिंतामणि पूजन अनुष्ठान का शुभारंभ गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ हुआ। यह धार्मिक आयोजन पूरे श्रावण मास तक निरंतर चलेगा तथा इसकी पूर्णाहुति 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर विशेष पूजा, हवन, महाआरती एवं पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगी। हनुमान भक्त बसंत भाई प्रजापत ने बताया कि यह अनुष्ठान किसी एक समाज, जाति या वर्ग के लिए नहीं, बल्कि रानीवाड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों एवं सभी 36 कौम के श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क आयोजित किया जा रहा है। इसमें भाग लेने के लिए किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं रखा गया है। सभी श्रद्धालुओं का ट्रस्ट परिवार की ओर से सादर स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिदिन 108 पार्थिव (मिट्टी के) शिवलिंगों का निर्माण किया जाएगा। श्रद्धालु स्वयं अपने हाथों से शिवलिंग बनाकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक, रुद्राभिषेक, पूजन एवं वैदिक मंत्रों के साथ आराधना करेंगे। पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद प्रतिदिन इन 108 पार्थिव शिवलिंगों का शास्त्रोक्त विधि से विसर्जन भी किया जाएगा। बसंत भाई प्रजापत ने बताया कि पार्थिव शिवलिंग पूजन का सनातन धर्म में अत्यंत विशेष महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीराम ने भी लंका विजय से पूर्व भगवान शिव की आराधना करते हुए शिवलिंग की स्थापना कर पूजा की थी। सावन मास में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण एवं पूजन करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे मन को शांति, मानसिक तनाव से मुक्ति, परिवार में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। उन्होंने कहा कि इस माहभर चलने वाले धार्मिक अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण, राष्ट्र की उन्नति, समाज में सुख-शांति, भाईचारा, समस्त मानव जाति के मंगल एवं जनकल्याण की कामना करना है। इस आयोजन में प्रतिदिन श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना, मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा एवं धर्म लाभ प्राप्त करेंगे। बसंत भाई प्रजापत ने रानीवाड़ा नगर सहित आसपास के सभी गांवों के श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में इस दिव्य अनुष्ठान में पधारें, भगवान भोलेनाथ का पूजन करें तथा धर्म लाभ प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज में धार्मिक चेतना, एकता एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। श्री बजरंग सेवा ट्रस्ट ने बताया कि पूरे सावन माह तक प्रतिदिन शिवलिंग निर्माण, अभिषेक, रुद्राभिषेक, पूजन, आरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहेगा। 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन विशेष धार्मिक कार्यक्रमों के साथ इस माहभर चलने वाले भव्य आयोजन की पूर्णाहुति की जाएगी।
विश्व कल्याण एवं जनकल्याण की भावना से रानीवाड़ा में माहभर चलेगा श्री पार्थेश्वर चिंतामणि पूजन अनुष्ठान, प्रतिदिन होंगे 108 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण, पूजन व विसर्जन रानीवाड़ा। श्रावण मास के पावन अवसर पर श्री बजरंग सेवा ट्रस्ट, रानीवाड़ा के तत्वावधान में श्री पार्थेश्वर चिंतामणि पूजन अनुष्ठान का शुभारंभ गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ हुआ। यह धार्मिक आयोजन पूरे श्रावण मास तक निरंतर चलेगा तथा इसकी पूर्णाहुति 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर विशेष पूजा, हवन, महाआरती एवं पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगी। हनुमान भक्त बसंत भाई प्रजापत ने बताया कि यह अनुष्ठान किसी एक समाज, जाति या वर्ग के लिए नहीं, बल्कि रानीवाड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों एवं सभी 36 कौम के श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क आयोजित किया जा रहा है। इसमें भाग लेने के लिए किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं रखा गया है। सभी श्रद्धालुओं का ट्रस्ट परिवार की ओर से सादर स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिदिन 108 पार्थिव (मिट्टी के) शिवलिंगों का निर्माण किया जाएगा। श्रद्धालु स्वयं अपने हाथों से शिवलिंग बनाकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक, रुद्राभिषेक, पूजन एवं वैदिक मंत्रों के साथ आराधना करेंगे। पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद प्रतिदिन इन 108 पार्थिव शिवलिंगों का शास्त्रोक्त विधि से विसर्जन भी किया जाएगा। बसंत भाई प्रजापत ने बताया कि पार्थिव शिवलिंग पूजन का सनातन धर्म में अत्यंत विशेष महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीराम ने भी लंका विजय से पूर्व भगवान शिव की आराधना करते हुए शिवलिंग की स्थापना कर पूजा की थी। सावन मास में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण एवं पूजन करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे मन को शांति, मानसिक तनाव से मुक्ति, परिवार में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। उन्होंने कहा कि इस माहभर चलने वाले धार्मिक अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण, राष्ट्र की उन्नति, समाज में सुख-शांति, भाईचारा, समस्त मानव जाति के मंगल एवं जनकल्याण की कामना करना है। इस आयोजन में प्रतिदिन श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना, मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा एवं धर्म लाभ प्राप्त करेंगे। बसंत भाई प्रजापत ने रानीवाड़ा नगर सहित आसपास के सभी गांवों के श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में इस दिव्य अनुष्ठान में पधारें, भगवान भोलेनाथ का पूजन करें तथा धर्म लाभ प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज में धार्मिक चेतना, एकता एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। श्री बजरंग सेवा ट्रस्ट ने बताया कि पूरे सावन माह तक प्रतिदिन शिवलिंग निर्माण, अभिषेक, रुद्राभिषेक, पूजन, आरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहेगा। 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन विशेष धार्मिक कार्यक्रमों के साथ इस माहभर चलने वाले भव्य आयोजन की पूर्णाहुति की जाएगी।
- विश्व कल्याण एवं जनकल्याण की भावना से रानीवाड़ा में माहभर चलेगा श्री पार्थेश्वर चिंतामणि पूजन अनुष्ठान, प्रतिदिन होंगे 108 पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण, पूजन व विसर्जन रानीवाड़ा। श्रावण मास के पावन अवसर पर श्री बजरंग सेवा ट्रस्ट, रानीवाड़ा के तत्वावधान में श्री पार्थेश्वर चिंतामणि पूजन अनुष्ठान का शुभारंभ गुरुवार को वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ हुआ। यह धार्मिक आयोजन पूरे श्रावण मास तक निरंतर चलेगा तथा इसकी पूर्णाहुति 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) को श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर विशेष पूजा, हवन, महाआरती एवं पूर्णाहुति के साथ संपन्न होगी। हनुमान भक्त बसंत भाई प्रजापत ने बताया कि यह अनुष्ठान किसी एक समाज, जाति या वर्ग के लिए नहीं, बल्कि रानीवाड़ा सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों एवं सभी 36 कौम के श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह निःशुल्क आयोजित किया जा रहा है। इसमें भाग लेने के लिए किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं रखा गया है। सभी श्रद्धालुओं का ट्रस्ट परिवार की ओर से सादर स्वागत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रतिदिन 108 पार्थिव (मिट्टी के) शिवलिंगों का निर्माण किया जाएगा। श्रद्धालु स्वयं अपने हाथों से शिवलिंग बनाकर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक, रुद्राभिषेक, पूजन एवं वैदिक मंत्रों के साथ आराधना करेंगे। पूजा-अर्चना पूर्ण होने के बाद प्रतिदिन इन 108 पार्थिव शिवलिंगों का शास्त्रोक्त विधि से विसर्जन भी किया जाएगा। बसंत भाई प्रजापत ने बताया कि पार्थिव शिवलिंग पूजन का सनातन धर्म में अत्यंत विशेष महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्रीराम ने भी लंका विजय से पूर्व भगवान शिव की आराधना करते हुए शिवलिंग की स्थापना कर पूजा की थी। सावन मास में पार्थिव शिवलिंग का निर्माण एवं पूजन करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इससे मन को शांति, मानसिक तनाव से मुक्ति, परिवार में सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य तथा मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। उन्होंने कहा कि इस माहभर चलने वाले धार्मिक अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य विश्व कल्याण, राष्ट्र की उन्नति, समाज में सुख-शांति, भाईचारा, समस्त मानव जाति के मंगल एवं जनकल्याण की कामना करना है। इस आयोजन में प्रतिदिन श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना, मंत्रोच्चार एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा एवं धर्म लाभ प्राप्त करेंगे। बसंत भाई प्रजापत ने रानीवाड़ा नगर सहित आसपास के सभी गांवों के श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे अपने परिवार सहित अधिक से अधिक संख्या में इस दिव्य अनुष्ठान में पधारें, भगवान भोलेनाथ का पूजन करें तथा धर्म लाभ प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि यह आयोजन समाज में धार्मिक चेतना, एकता एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। श्री बजरंग सेवा ट्रस्ट ने बताया कि पूरे सावन माह तक प्रतिदिन शिवलिंग निर्माण, अभिषेक, रुद्राभिषेक, पूजन, आरती एवं धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम चलता रहेगा। 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के दिन विशेष धार्मिक कार्यक्रमों के साथ इस माहभर चलने वाले भव्य आयोजन की पूर्णाहुति की जाएगी।1
- पिंडवाड़ा सरकारी अस्पताल के बाहर शिवसेना ने कराया निशुल्क नाश्ता, सैकड़ों लोगों ने किया हलवे का प्रसाद ग्रहण *पत्रकार नरेंद्र सिंह भाटी* पिंडवाड़ा, सिरोही। पिंडवाड़ा के सरकारी अस्पताल के बाहर गुरुवार, 30 जुलाई को शिवसेना द्वारा आमजन एवं मरीजों के परिजनों के लिए निशुल्क नाश्ते की व्यवस्था की गई। इस दौरान हलवे का प्रसाद तैयार कर आने-जाने वाले नागरिकों, मरीजों के परिजनों एवं जरूरतमंदों को वितरित किया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने नाश्ते का लाभ उठाया और शिवसेना की इस जनसेवा पहल की सराहना की। कार्यक्रम में शिवसेना जिला प्रमुख रमेश रावल, कांग्रेस जिला सचिव अचल सिंह बालिया, शिवसेना उप जिला प्रमुख भरत राजपुरोहित, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुरेश रावल, पूर्व पार्षद सुरेश मेवाड़ा, युवा सेना तहसील प्रमुख देवेंद्र रावल, भीलवाड़ा नगर प्रमुख धनराज लोहार, महेश रावल, लोकेश कुमार, दिनेश कुमार सहित सैकड़ों गणमान्य नागरिक एवं शिवसेना कार्यकर्ता उपस्थित रहे। शिवसेना पदाधिकारियों ने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के जनसेवा कार्य निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।1
- आबू रोड पंचायत समिति से जोड़ते हुए उपलागढ़ पंचायत से गोरिया प्ले गांव के एक वीडियो है गांव वासी मूल मूल सुविधा से वंचित देखने को मिल रहा है हमारे देश आजाद हुए जब तक अभी तक हमारे कुछ कावासाकियों को मदद नहीं मिली है और सरकार और सरपंच कोई अमेली वगैरा ध्यान नहीं दे रहे हैं इस गांव के लिए इसके लिए आपको क्या राय है मुझे जरूर बताइए कमेंट में1
- गुरु पूर्णिमा पर मानपुर में श्रद्धा का सैलाब, 60 नए शिष्यों को मिला गुरु मंत्र। आबूरोड। मानपुर स्थित श्री ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर, श्री शनि मंदिर एवं श्री खाटू श्याम मंदिर में गुरु पूर्णिमा महोत्सव श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। श्री ज्ञानेश्वर महादेव मंदिर के श्री जनकपुरी जी महाराज ने बताया कि प्रातःकाल तीनों मंदिरों में देवी-देवताओं का पंचामृत अभिषेक, हवन-पूजन एवं महाआरती का आयोजन हुआ। इसके बाद सुबह 11:15 बजे से महाप्रसादी का वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। गुरु पूजन के अवसर पर महाराज श्री ने 50 से 60 नए श्रद्धालुओं को गुरु मंत्र देकर दीक्षा प्रदान की। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल से गूंजता रहा।4
- जालौर बुधवार को अमृत देवासी हत्याकांड निष्पक्ष जांच की मांग व शैष आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन दिया प्रेस नोट तत्काल प्रकाशन हेतु तीन वर्ष बाद भी नहीं मिला न्याय, अमृत देवासी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच एवं शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग, तीसरे दिन भी धरना जारी जालोर, 29 जुलाई 2026।की निष्पक्ष जांच की मांग मेरेवाड़ा (जिला जालोर) निवासी स्वर्गीय अमृत देवासी की माता रती देवी ने आज भारत के माननीय गृह मंत्री के नाम जिला कलेक्टर, जालोर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर अपने पुत्र की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच, शेष आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी तथा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। ज्ञापन शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) जालोर के जिला प्रमुख रूपराज पुरोहित के नेतृत्व में सौंपा गया। इस दौरान पीड़ित परिवार एवं ग्रामीणों ने न्याय की मांग को लेकर चल रहे धरने के तीसरे दिन भी अपना आंदोलन जारी रखा तथा दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई। ज्ञापन में बताया गया कि स्वर्गीय अमृत देवासी की हत्या के लगभग तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद आज तक सभी वास्तविक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। परिवार का आरोप है कि मामले की जांच अपेक्षित गति से नहीं हुई तथा बरामद मोबाइल फोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी लंबे समय तक जांच का हिस्सा नहीं बन सकी, जिससे जांच की निष्पक्षता पर गंभीर प्रश्न खड़े होते हैं। रती देवी ने कहा कि उनका परिवार पिछले तीन वर्षों से लगातार न्याय के लिए प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। उन्होंने गृह मंत्री से मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। ज्ञापन में प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं— अमृत देवासी हत्याकांड की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। मामले में शामिल सभी शेष आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। बरामद मोबाइल फोन की फॉरेंसिक रिपोर्ट तत्काल जांच में शामिल की जाए। जांच में हुई अनावश्यक देरी एवं लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। प्रकरण की नियमित निगरानी कर पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाया जाए। इस अवसर पर पीड़ित परिवार के सदस्यों एवं ग्रामीणों ने ज्ञापन का समर्थन करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।1
- गुरु पूर्णिमा पर मैत्रीवाड़ा में युवा संगठन ने किया पौधारोपण, गौशाला में सहयोग राशि भेंट कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश रानीवाड़ा। गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व के अवसर पर ग्राम मैत्रीवाड़ा में युवा संगठन एवं समस्त ग्रामवासियों द्वारा प्रकृति संरक्षण, गौसेवा एवं सामाजिक सरोकारों को समर्पित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत गांव की गौशाला, ग्राम पंचायत परिसर तथा विभिन्न मंदिरों में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। साथ ही गौशाला में आर्थिक सहयोग राशि भेंट कर गौसेवा के प्रति अपनी आस्था एवं समर्पण व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में सुरेश कुमार चौधरी, महेंद्र सिंह, लखमाराम, कालाराम देवासी, हितेश कुमार, योगेश जोशी, महेंद्र कुमार चौधरी, जीतू सिंह, दीपाराम चौधरी, मेवाराम देवासी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने मिलकर विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल गुरु के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करने का पर्व ही नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन में अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनका संरक्षण करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान गौशाला में गौसेवा के लिए श्रद्धापूर्वक सहयोग राशि भी भेंट की गई। उपस्थित ग्रामीणों ने गौमाता की सेवा को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताते हुए भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प लिया। अंत में सभी ग्रामवासियों ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रकृति संरक्षण, गौसेवा और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए क्षेत्रवासियों से भी अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा पर्यावरण को सुरक्षित रखने की अपील की। कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समर्पण की भावना से ओत-प्रोत रहा।2
- मंडार में स्कूल बस सड़क से उतरी, बड़ा हादसा टला; सभी छात्र सुरक्षित मंडार थाना क्षेत्र के सोनेला के पास राजेश्वर विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय मंडार की स्कूल बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई। बस में करीब 40 से 50 विद्यार्थी सवार थे। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सामने से आ रहे वाहन को साइड देने के दौरान बस चालक ने वाहन को सड़क किनारे लिया, तभी बस का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क से नीचे उतर गई। हालांकि बस पलटी नहीं, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। हादसे के बाद कुछ देर के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बस कुछ और आगे बढ़कर गहरे गड्ढे में चली जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को भी दी गई। सूचना पर मंडार पुलिस मौके पर पहुंची ।पुलिस के अनुसार हादसे में किसी छात्र या स्टाफ सदस्य को गंभीर चोट नहीं आई है। सभी विद्यार्थियों के सुरक्षित होने की सूचना मिलते ही अभिभावकों ने राहत की सांस ली।1