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सोनभद्र के घोरावल क्षेत्र के सेमिया गांव में एक चेक डैम में करीब 35 मगरमच्छ के बच्चे और पांच अंडे मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और दहशत फैल गई। इस सूचना पर तत्काल वन विभाग और पीआरवी पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय मल्लाहों की सहायता से सभी मगरमच्छ के बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और उन्हें सोन नदी के प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। वन विभाग ने बताया कि प्रजनन काल के दौरान अंडे से निकलकर ये बच्चे चेक डैम तक पहुंच गए थे। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर उन्हें कोई भी वन्यजीव दिखाई दे तो वे इसकी सूचना तुरंत दें।

3 hrs ago
user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

सोनभद्र के घोरावल क्षेत्र के सेमिया गांव में एक चेक डैम में करीब 35 मगरमच्छ के बच्चे और पांच अंडे मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और दहशत फैल गई। इस सूचना पर तत्काल वन विभाग और पीआरवी पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय मल्लाहों की सहायता से सभी मगरमच्छ के बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और उन्हें सोन नदी के प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। वन विभाग ने बताया कि प्रजनन काल के दौरान अंडे से निकलकर ये बच्चे चेक डैम तक पहुंच गए थे। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर उन्हें कोई भी वन्यजीव दिखाई दे तो वे इसकी सूचना तुरंत दें।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • सोनभद्र जिले के दुद्धी विकासखंड में स्थित केवाल ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित टीकाकरण अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आशा कार्यकर्ता द्वारा छोटे बच्चों को जिस वैक्सीन बॉक्स से टीके लगाए जा रहे थे, उस बॉक्स में कचरा भी मौजूद था। इस गंभीर लापरवाही को देखकर अभिभावकों में तत्काल आक्रोश फैल गया, जिसके बाद उन्होंने मौके पर ही अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने दृढ़ता से कहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग की इस घोर लापरवाही ने मासूम बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह टीकाकरण कार्यक्रम दुद्धी उप स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आयोजित किया गया था। मामले की जानकारी मिलने पर संबंधित चिकित्साधिकारी, डॉ. शाह आलम ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने एक बार फिर मांग की है कि टीकाकरण जैसी संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो सके। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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    सोनभद्र जिले के दुद्धी विकासखंड में स्थित केवाल ग्राम पंचायत के प्राथमिक विद्यालय में आयोजित टीकाकरण अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आशा कार्यकर्ता द्वारा छोटे बच्चों को जिस वैक्सीन बॉक्स से टीके लगाए जा रहे थे, उस बॉक्स में कचरा भी मौजूद था।

इस गंभीर लापरवाही को देखकर अभिभावकों में तत्काल आक्रोश फैल गया, जिसके बाद उन्होंने मौके पर ही अपना विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने दृढ़ता से कहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और स्वास्थ्य विभाग की इस घोर लापरवाही ने मासूम बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

यह टीकाकरण कार्यक्रम दुद्धी उप स्वास्थ्य केंद्र द्वारा आयोजित किया गया था। मामले की जानकारी मिलने पर संबंधित चिकित्साधिकारी, डॉ. शाह आलम ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में किसी भी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है, तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने एक बार फिर मांग की है कि टीकाकरण जैसी संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और स्वच्छता के सभी निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो सके। अब सभी की निगाहें स्वास्थ्य विभाग की विस्तृत जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
    user_Jitendr Prshad
    Jitendr Prshad
    Court reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए एक व्यक्ति/संस्था को सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के बाद सोनभद्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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    नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ उत्कृष्ट शैक्षिक योगदान के लिए एक व्यक्ति/संस्था को सम्मानित किया गया है। इस सम्मान के बाद सोनभद्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
    user_Nitesh Kumar
    Nitesh Kumar
    Mandi Agent Mahuli•
    8 hrs ago
  • सिंगरौली जिले के सरई क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन का 'खेल' इन दिनों जोरों पर होने के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि सरई रेलवे स्टेशन से सरई बाजार तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के ज़रिए रेत का अवैध परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस अनियंत्रित परिवहन के कारण सड़क सुरक्षा, धूल प्रदूषण और आम लोगों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है। क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन से जुड़ी शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, जिसके चलते अब इस पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभागों से अपील की है कि यदि रेत का खनन और परिवहन वैध अनुमति के बिना हो रहा है, तो इसकी गहन जांच की जाए और दोषी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। यह स्पष्ट किया गया है कि परिवहन पूरी तरह वैध है या अवैध, इसका पता प्रशासन द्वारा की जाने वाली विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा। उपलब्ध जानकारी फिलहाल स्थानीय निवासियों की शिकायतों और रिपोर्टों पर आधारित है।
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    सिंगरौली जिले के सरई क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन का 'खेल' इन दिनों जोरों पर होने के आरोप लगाए गए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि सरई रेलवे स्टेशन से सरई बाजार तक ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के ज़रिए रेत का अवैध परिवहन धड़ल्ले से किया जा रहा है। इस अनियंत्रित परिवहन के कारण सड़क सुरक्षा, धूल प्रदूषण और आम लोगों की आवाजाही गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।

क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन से जुड़ी शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं, जिसके चलते अब इस पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने संबंधित विभागों से अपील की है कि यदि रेत का खनन और परिवहन वैध अनुमति के बिना हो रहा है, तो इसकी गहन जांच की जाए और दोषी व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

यह स्पष्ट किया गया है कि परिवहन पूरी तरह वैध है या अवैध, इसका पता प्रशासन द्वारा की जाने वाली विस्तृत जांच के बाद ही चल पाएगा। उपलब्ध जानकारी फिलहाल स्थानीय निवासियों की शिकायतों और रिपोर्टों पर आधारित है।
    user_Saud pathan patrakar
    Saud pathan patrakar
    सिंगरौली, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • सिंगरौली जिले में विकास कार्यों की एक कड़वी सच्चाई सामने आई है, जहाँ सड़क पर बेतरतीब ढंग से बिखरी निर्माण सामग्री के कारण भीषण यातायात जाम लग गया। इस गंभीर जाम की वजह से एक एंबुलेंस भी घटनास्थल से आगे नहीं निकल सकी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि विकास के नाम पर हो रहे कार्यों ने आम लोगों और आवश्यक सेवाओं को कैसे बाधित किया है।
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    सिंगरौली जिले में विकास कार्यों की एक कड़वी सच्चाई सामने आई है, जहाँ सड़क पर बेतरतीब ढंग से बिखरी निर्माण सामग्री के कारण भीषण यातायात जाम लग गया। इस गंभीर जाम की वजह से एक एंबुलेंस भी घटनास्थल से आगे नहीं निकल सकी, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि विकास के नाम पर हो रहे कार्यों ने आम लोगों और आवश्यक सेवाओं को कैसे बाधित किया है।
    user_उपसंपादक जय प्रकाश द्विवेदी
    उपसंपादक जय प्रकाश द्विवेदी
    Local News Reporter देवसर, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा कस्बे से एक अत्यंत गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ के सरकारी अस्पताल में एक डॉक्टर द्वारा 19 महीने के एक मासूम बच्चे की आँखों में खाँसी का सिरप डाल दिया गया। इस भयावह घटना के परिणामस्वरूप बच्चे की आँखों की रोशनी पूरी तरह चली गई है। सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है कि यह खबर एक गरीब परिवार से जुड़े होने और एक छोटे से कस्बे की घटना होने के कारण बड़ी या ब्रेकिंग न्यूज़ क्यों नहीं बन पाई। इस लापरवाही को केवल एक चिकित्सकीय त्रुटि नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता के रूप में देखा जा रहा है। पोस्ट में तीखे सवाल उठाए गए हैं कि क्या गरीब के बच्चे की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है, और यह कि हमारी व्यवस्था ने गरीबी को ही एक अभिशाप बना दिया है, जबकि यह एक अभिशाप नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री से सीधे अपील करते हुए कहा गया है कि वे 'शीर्षासन छोड़ें और सुशासन करें'। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को तत्काल न्याय दिलाने की पुरजोर माँग की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर चिकित्सा लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो। यह मामला बच्चे के लिए न्याय और चिकित्सा लापरवाही पर लगाम लगाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
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    मध्यप्रदेश के सागर जिले के बंडा कस्बे से एक अत्यंत गंभीर चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है, जिसने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ के सरकारी अस्पताल में एक डॉक्टर द्वारा 19 महीने के एक मासूम बच्चे की आँखों में खाँसी का सिरप डाल दिया गया। इस भयावह घटना के परिणामस्वरूप बच्चे की आँखों की रोशनी पूरी तरह चली गई है। सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया जा रहा है कि यह खबर एक गरीब परिवार से जुड़े होने और एक छोटे से कस्बे की घटना होने के कारण बड़ी या ब्रेकिंग न्यूज़ क्यों नहीं बन पाई।

इस लापरवाही को केवल एक चिकित्सकीय त्रुटि नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता के रूप में देखा जा रहा है। पोस्ट में तीखे सवाल उठाए गए हैं कि क्या गरीब के बच्चे की जिंदगी की कोई कीमत नहीं है, और यह कि हमारी व्यवस्था ने गरीबी को ही एक अभिशाप बना दिया है, जबकि यह एक अभिशाप नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री से सीधे अपील करते हुए कहा गया है कि वे 'शीर्षासन छोड़ें और सुशासन करें'। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को तत्काल न्याय दिलाने की पुरजोर माँग की गई है, ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर चिकित्सा लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो। यह मामला बच्चे के लिए न्याय और चिकित्सा लापरवाही पर लगाम लगाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
    user_Journalist Suraj Kumar
    Journalist Suraj Kumar
    सिहावल, सीधी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सोनभद्र के घोरावल क्षेत्र के सेमिया गांव में एक चेक डैम में करीब 35 मगरमच्छ के बच्चे और पांच अंडे मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और दहशत फैल गई। इस सूचना पर तत्काल वन विभाग और पीआरवी पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय मल्लाहों की सहायता से सभी मगरमच्छ के बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और उन्हें सोन नदी के प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। वन विभाग ने बताया कि प्रजनन काल के दौरान अंडे से निकलकर ये बच्चे चेक डैम तक पहुंच गए थे। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर उन्हें कोई भी वन्यजीव दिखाई दे तो वे इसकी सूचना तुरंत दें।
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    सोनभद्र के घोरावल क्षेत्र के सेमिया गांव में एक चेक डैम में करीब 35 मगरमच्छ के बच्चे और पांच अंडे मिलने से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और दहशत फैल गई। इस सूचना पर तत्काल वन विभाग और पीआरवी पुलिस मौके पर पहुंची।

स्थानीय मल्लाहों की सहायता से सभी मगरमच्छ के बच्चों का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया और उन्हें सोन नदी के प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। वन विभाग ने बताया कि प्रजनन काल के दौरान अंडे से निकलकर ये बच्चे चेक डैम तक पहुंच गए थे। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर उन्हें कोई भी वन्यजीव दिखाई दे तो वे इसकी सूचना तुरंत दें।
    user_Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    Buro chief Sonbhadra Kameshwar Buro Chief
    आवाज न्यूज़ 24X7 ब्यूरो चीफ ओबरा, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सोनभद्र जनपद के दुद्धी तहसील अंतर्गत घिवाही ग्राम पंचायत निवासी सुरेंद्र कुशवाहा का परिवार पिछले लगभग 40 वर्षों से एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। बरसात के मौसम में इस मकान की स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे परिवार पर हर समय किसी हादसे का खतरा मंडराता रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि सुरेंद्र कुशवाहा का यह मकान ग्राम प्रधान के आवास से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी अब तक उन्हें पक्का आवास नहीं मिल पाया। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय विकास और आवास दिलाने के वादे तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे इन समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं देते। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि पात्रता के अनुसार सुरेंद्र कुशवाहा के परिवार को शीघ्र सरकारी आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका परिवार एक सुरक्षित आवास में रह सके।
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    सोनभद्र जनपद के दुद्धी तहसील अंतर्गत घिवाही ग्राम पंचायत निवासी सुरेंद्र कुशवाहा का परिवार पिछले लगभग 40 वर्षों से एक जर्जर कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। बरसात के मौसम में इस मकान की स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे परिवार पर हर समय किसी हादसे का खतरा मंडराता रहता है।

ग्रामीणों ने बताया कि सुरेंद्र कुशवाहा का यह मकान ग्राम प्रधान के आवास से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित है, फिर भी अब तक उन्हें पक्का आवास नहीं मिल पाया। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि चुनाव के समय विकास और आवास दिलाने के वादे तो करते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद वे इन समस्याओं पर अपेक्षित ध्यान नहीं देते।

इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि पात्रता के अनुसार सुरेंद्र कुशवाहा के परिवार को शीघ्र सरकारी आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनका परिवार एक सुरक्षित आवास में रह सके।
    user_Jitendr Prshad
    Jitendr Prshad
    Court reporter दुद्धी, सोनभद्र, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बिहार के रोहतास जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत पंदुका के वार्ड नंबर 10 स्थित सार्वजनिक शौचालय से पानी की टंकी और एक समर्सिबल पंप गायब हो गया है।
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    बिहार के रोहतास जिले के नौहट्टा प्रखंड अंतर्गत पंदुका के वार्ड नंबर 10 स्थित सार्वजनिक शौचालय से पानी की टंकी और एक समर्सिबल पंप गायब हो गया है।
    user_SANTOSH CHAUDHARY
    SANTOSH CHAUDHARY
    नौहट्टा, रोहतास, बिहार•
    16 min ago
  • चंदौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरबसपुर में सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि PWD के ठेकेदार केदार सिंह ने सड़क के दोनों किनारों की मरम्मत तो की, लेकिन बीच के हिस्से को अधूरा छोड़ दिया, जिसके कारण पूरे रास्ते पर भारी जलभराव हो गया है। इस अधूरी सड़क के चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और स्कूली बच्चों व बुजुर्गों के लिए इस मार्ग से गुजरना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क 'तालाब' में बदल चुकी है। मोहम्मद इद्रीस, साहील मुन्ना लाल, संजय सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के तालाब बन जाने से बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, जबकि मुस्ताक ने कहा कि बुजुर्गों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। राम प्रकाश के अनुसार, इस रास्ते पर पैदल चलना तो दूर, यहां से निकलना भी जोखिम भरा है। तबारक ने सड़क को 'गड्ढों का जाल' बताया और मुबारक ने आए दिन लोगों के चोटिल होने की जानकारी दी, साथ ही चेताया कि बरसात में स्थिति 'और भी नारकीय' हो जाती है। ग्रामीणों ने ठेकेदार द्वारा काम बीच में छोड़ने पर सवाल उठाए हैं और अधिकारियों पर सुनवाई न करने का आरोप भी लगाया है। इस मामले में क्षेत्र के संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) हर्ष सिंह ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क का बीच का हिस्सा कुछ 'तकनीकी कारणों' से अधूरा रह गया था। JE ने आश्वासन दिया है कि ठेकेदार को जल्द ही काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे और जलभराव की समस्या का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण जिला प्रशासन से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने, संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने और सड़क निर्माण कार्य को अविलंब पूरा कराने की कड़ी मांग कर रहे हैं।
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    चंदौली जिले के नौगढ़ ब्लॉक की ग्राम पंचायत बरबसपुर में सड़क निर्माण कार्य में ठेकेदार की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि PWD के ठेकेदार केदार सिंह ने सड़क के दोनों किनारों की मरम्मत तो की, लेकिन बीच के हिस्से को अधूरा छोड़ दिया, जिसके कारण पूरे रास्ते पर भारी जलभराव हो गया है। इस अधूरी सड़क के चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, और स्कूली बच्चों व बुजुर्गों के लिए इस मार्ग से गुजरना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सड़क 'तालाब' में बदल चुकी है।

मोहम्मद इद्रीस, साहील मुन्ना लाल, संजय सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के तालाब बन जाने से बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी हो रही है, जबकि मुस्ताक ने कहा कि बुजुर्गों का घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है। राम प्रकाश के अनुसार, इस रास्ते पर पैदल चलना तो दूर, यहां से निकलना भी जोखिम भरा है। तबारक ने सड़क को 'गड्ढों का जाल' बताया और मुबारक ने आए दिन लोगों के चोटिल होने की जानकारी दी, साथ ही चेताया कि बरसात में स्थिति 'और भी नारकीय' हो जाती है। ग्रामीणों ने ठेकेदार द्वारा काम बीच में छोड़ने पर सवाल उठाए हैं और अधिकारियों पर सुनवाई न करने का आरोप भी लगाया है।

इस मामले में क्षेत्र के संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) हर्ष सिंह ने बताया कि यह प्रकरण उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क का बीच का हिस्सा कुछ 'तकनीकी कारणों' से अधूरा रह गया था। JE ने आश्वासन दिया है कि ठेकेदार को जल्द ही काम पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे और जलभराव की समस्या का समाधान भी प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीण जिला प्रशासन से इस मामले का तत्काल संज्ञान लेने, संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करने और सड़क निर्माण कार्य को अविलंब पूरा कराने की कड़ी मांग कर रहे हैं।
    user_Pir Muhmmad
    Pir Muhmmad
    Local News Reporter नौगढ़, चंदौली, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
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