एक महिला पर पार्लर में काम कराने के बाद बिना पैसे दिए जाने का आरोप लगा है। मामला तब गरमा गया, जब पार्लर मालिक ने महिला से अपने काम के पैसे मांगे। आरोप है कि महिला ने खुद को दिल्ली पुलिस में होने की बात कही और पैसे मांगने पर कथित तौर पर बदतमीजी की। बुजुर्ग पार्लर मालिक का कहना है कि उन्होंने मेहनत से काम किया है, इसलिए अपनी मेहनत की रकम मांगना उनका हक है। अब सवाल ये है कि अगर कोई व्यक्ति वास्तव में पुलिस विभाग से जुड़ा है, तो क्या उसकी पहचान का इस्तेमाल किसी से पैसे न देने या दबाव बनाने के लिए किया जाना चाहिए? हालांकि, महिला के खिलाफ लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मामला सामने आने के बाद 😙😙 एक महिला पर पार्लर में काम कराने के बाद बिना पैसे दिए जाने का आरोप लगा है। मामला तब गरमा गया, जब पार्लर मालिक ने महिला से अपने काम के पैसे मांगे। आरोप है कि महिला ने खुद को दिल्ली पुलिस में होने की बात कही और पैसे मांगने पर कथित तौर पर बदतमीजी की। बुजुर्ग पार्लर मालिक का कहना है कि उन्होंने मेहनत से काम किया है, इसलिए अपनी मेहनत की रकम मांगना उनका हक है। अब सवाल ये है कि अगर कोई व्यक्ति वास्तव में पुलिस विभाग से जुड़ा है, तो क्या उसकी पहचान का इस्तेमाल किसी से पैसे न देने या दबाव बनाने के लिए किया जाना चाहिए? हालांकि, महिला के खिलाफ लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। मामला सामने आने के बाद 😙😙
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- पडरौना ब्लॉक के ग्राम माघी विशुनपुरा में राशन दुकान के चयन पर ग्रामीणों ने जताई आपत्ति, डीएम से लगाई जांच की गुहार। हंगामा टाइम्स न्यूज़ कुशीनगर विकास खंड पडरौना के ग्राम माघी विशुनपुरा, पोस्ट परसौनी में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के चयन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को पत्र देकर चयन प्रक्रिया में धांधली का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की राशन की दुकान पहले अनुसूचित जाति के कोटे में थी, जो अनियमितता के चलते निरस्त हो गई। इसके बाद शासन से सामान्य श्रेणी के EWS कोटे में दुकान आवंटित करने का आदेश आया। ग्रामीणों का आरोप ग्रामीण जितेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि 12 सितंबर 2026 को हुई खुली बैठक में जबरन एक ऐसे संपन्न व्यक्ति का नाम आगे बढ़ाया जा रहा है, जिसके पास दो जगह मेडिकल स्टोर और बड़ी-बड़ी पक्की मकान हैं। ऐसे में वह व्यक्ति EWS के मानक में नहीं आता है। ग्रामीणों ने मांग की है कि उस व्यक्ति की संपत्ति की जांच कराकर उसे EWS दायरे से बाहर किया जाए। साथ ही 19 सितंबर 2026 को लगी अगली तारीख को निरस्त कर पहले जांच कराई जाए, फिर नए सिरे से मानक के अनुसार चयन किया जाए। ग्रामीणों का तर्क है कि उनके गांव में 99 प्रतिशत आबादी OBC और SC वर्ग की है, इसलिए राशन दुकान का चयन भी गांव की सामाजिक स्थिति और मानक के अनुसार ही होना चाहिए। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर पात्र व्यक्ति के नाम ही राशन की दुकान का चयन कराया जाए।1
- हड़बोड़ा नदी में डूबने से 15 वर्षीय किशोर की मौत, शाम छह बजे बरामद हुआ शव नरकटियागंज। धूमनगर रेलवे लाइन के समीप हड़बोड़ा नदी में मंगलवार को नहाने के दौरान 15 वर्षीय किशोर की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान नगर परिषद के वार्ड संख्या सात निवासी राधेश्याम प्रसाद के पुत्र लक्की कुमार के रूप में हुई है। बताया गया कि लक्की नदी में अकेले नहा रहा था। इसी दौरान नदी किनारे बकरी चरा रहीं महिलाओं ने उसे डूबते देखा और शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में उसकी तलाश शुरू की। कई घंटे की मशक्कत के बाद शाम करीब छह बजे किशोर का शव बरामद किया गया। शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की सूचना पर राजस्व अधिकारी अशोक कुमार और शिकारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी की तथा अंत्यपरीक्षण के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी।1
- लाखों की लागत से बना विवाह भवन हुआ खंडहर, उपयोग के अभाव में बदहाल हो रही सरकारी संपत्ति** # **लाखों की लागत से बना विवाह भवन हुआ खंडहर, उपयोग के अभाव में बदहाल हो रही सरकारी संपत्ति** **बंजारी पट्टी क्षेत्र के चमाडिया गांव का मामला** **बंजारी पट्टी।** ग्रामीणों की सुविधा और सामुदायिक आयोजनों के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाया गया विवाह भवन अब देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। भवन बनने के बावजूद इसका समुचित उपयोग नहीं हो रहा है। लंबे समय से उपेक्षित पड़े भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की ओर से जनसुविधाओं के लिए लाखों रुपये खर्च कर भवन का निर्माण कराया जाता है, लेकिन निर्माण के बाद उसकी देखरेख और उपयोग की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया जाता। यही वजह है कि चमाडिया गांव में बना विवाह भवन भी अब अपनी उपयोगिता खोता नजर आ रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि **जब भवन का निर्माण विवाह और सामुदायिक आयोजनों के लिए कराया गया था, तो इसका उपयोग आखिर क्यों नहीं हो रहा है?** यदि इसी तरह भवन बंद पड़ा रहा तो आने वाले समय में इसकी हालत और खराब हो सकती है और सरकारी धन से बनी संपत्ति पूरी तरह जर्जर हो जाएगी। ग्रामीणों ने मांग की है कि संबंधित विभाग मौके पर जांच कर भवन की वर्तमान स्थिति का जायजा ले और इसकी साफ-सफाई, मरम्मत तथा उपयोग की व्यवस्था सुनिश्चित करे, ताकि जिस उद्देश्य से लाखों रुपये खर्च कर भवन बनाया गया था, उसका लाभ ग्रामीणों को मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि **सरकारी धन से बनी संपत्ति का इस तरह बर्बाद होना चिंता का विषय है।** जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी इसकी सुध लें और विवाह भवन को दोबारा उपयोग के लायक बनाकर ग्रामीणों के लिए उपलब्ध कराएं।4
- 40 हजार के लैपटॉप की जगह 250 रुपये के सेंचुरी पेपर! फ्लिपकार्ट की ऑनलाइन डिलीवरी पर उठे सवाल पश्चिम चंपारण के गौनाहा से ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फ्लिपकार्ट से करीब 40 हजार रुपये का लैपटॉप ऑर्डर करने वाले ग्राहक को लैपटॉप की जगह सेंचुरी पेपर के दो पैकेट मिलने का आरोप है। घटना के बाद ऑनलाइन शॉपिंग और डिलीवरी व्यवस्था को लेकर ग्राहक के भरोसे पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला सहोदरा थाना क्षेत्र के जमुनिया का है। यहां न्यू सनराइज पब्लिक स्कूल के संचालक चंदू कुमार ने आरोप लगाया है कि उन्होंने फ्लिपकार्ट से करीब 40 हजार रुपये का लैपटॉप ऑनलाइन ऑर्डर किया था। ऑर्डर की डिलीवरी छह सितंबर को होनी थी, लेकिन कथित तौर पर 13 सितंबर की दोपहर डिलीवरी मैन बिपुल यादव पार्सल लेकर उनके घर पहुंचे। चंदू कुमार के मुताबिक, ऑर्डर ओपन बॉक्स डिलीवरी का था। पार्सल की सील उन्हें पहले से ही कुटी हुई नजर आई, जिससे उन्हें शक हुआ। इसके बाद उन्होंने पैकेट खोलने की पूरी प्रक्रिया का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। पैकेट खुला तो अंदर का नजारा देखकर वह हैरान रह गए। करीब 40 हजार रुपये के लैपटॉप की जगह सेंचुरी पेपर के दो पैकेट निकले, जिनकी कीमत करीब 250 रुपये बताई जा रही है। चंदू कुमार का कहना है कि लैपटॉप की पूरी रकम उन्होंने पहले ही क्रेडिट कार्ड से भुगतान कर दी थी। मामला सामने आने के बाद उन्होंने डिलीवरी मैन को रोक लिया और नरकटियागंज हब के जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाया। सूचना पर ईकार्ट हब के मालिक चंदन कुमार मिश्रा, सेकेंड इंचार्ज प्रियांशु कुमार, राहुल और शिवबच्चन मौके पर पहुंचे। हालांकि, हब अधिकारियों ने अपने स्तर से किसी तरह की गड़बड़ी होने से इनकार किया। हब मालिक चंदन कुमार मिश्रा ने चंदू कुमार को रविवार शाम तक राशि वापस होने का आश्वासन दिया। साथ ही यह भी कहा कि आखिर लैपटॉप की जगह सेंचुरी पेपर पार्सल में किस स्तर पर पहुंचा, इसकी जांच कराई जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक वजह सामने आने की बात कही गई है। चंदू कुमार ने यह भी दावा किया कि ऑनलाइन स्टेटस के अनुसार पार्सल छह सितंबर से ही नरकटियागंज हब में उपलब्ध था। इसके बावजूद करीब सात दिन बाद जमुनिया में डिलीवरी की गई। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर ग्राहक ने लैपटॉप ऑर्डर किया था, तो पैकेट के अंदर A4 साइज के पेपर के दो पैकेट कैसे पहुंच गए? पार्सल के साथ छेड़छाड़ हुई या पैकिंग के स्तर पर कोई गड़बड़ी हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फ्लिपकार्ट जैसी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी से ग्राहक उम्मीद करता है कि उसे ऑर्डर किया गया वही उत्पाद सुरक्षित तरीके से मिले। लेकिन इस मामले में लैपटॉप की जगह पेपर मिलने के आरोप ने ऑनलाइन खरीदारी और डिलीवरी सिस्टम की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल ग्राहक ने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि जांच में सामने क्या आता है और ग्राहक को उसकी करीब 40 हजार रुपये की रकम कब तक वापस मिलती है।1
- गोपालगंज में पेट दर्द के बाद अस्पताल पहुंची महिला की मौत, इलाज में लापरवाही का आरोप, अस्पताल में परिजनों का हंगामा! गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर थाना के बसहाँ मोड़ स्थित मां सरस्वती क्लिनिक में इलाज के दौरान एक महिला की मौत हो गई। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया। हंगामे के दौरान क्लिनिक के एक स्टाफ के चोटिल होने की भी बात सामने आई है। घटना के बाद डॉक्टर के क्लिनिक छोड़कर फरार होने की सूचना है। बताया जाता है कि सोमवार की सुबह करीब 10 बजे तीज पर्व के दौरान बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के बसहाँ गांव निवासी शिवजी महतो की पत्नी प्रियंका देवी को अचानक पेट में तेज दर्द हुआ। परिजन उन्हें इलाज के लिए बसहाँ स्थित मां सरस्वती क्लिनिक लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टर ने महिला का उपचार शुरू किया। हालांकि महिला की स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टर ने उसे रेफर कर दिया। परिजनों के अनुसार एंबुलेंस से महिला को दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजन महिला के शव को वापस क्लिनिक लेकर पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।1
- hamare baliwan sagar gaun me road par jaljamao se am nagriko ko aane jane me ho rahi paresani1
- गोंडा के विनोद साहनी हत्याकांड को लेकर VIP पार्टी ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, एनकाउंटर और बुलडोजर कार्रवाई की मांग। हंगामा टाइम्स न्यूज़ कुशीनगर गोंडा निवासी विनोद साहनी की हत्या के मामले को लेकर विकासशील इंसान पार्टी (VIP) में उबाल है। सोमवार 14 सितंबर 2026 को VIP पार्टी के जिला अध्यक्ष सौखी निषाद के नेतृत्व में जिला इकाई के कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन सौखी निषाद ने बताया कि वे ग्राम जंगल नौगांवा, थाना विशुनपुरा, जिला कुशीनगर के निवासी हैं और VIP पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर यह ज्ञापन दिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विनोद साहनी की हत्या मुख्यमंत्री की स्वजाति के लोगों द्वारा की गई है। ज्ञापन में पार्टी ने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं - 1- हत्यारों का एनकाउंटर और उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर की कार्रवाई की जाए। 2-मृतक के परिवार को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा दिया जाए। 3- पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जाए और आरोपियों पर NSA की कार्रवाई की जाए। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द अमल नहीं किया तो VIP पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को बाध्य होगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की विचारधारा है कि किसी भी व्यक्ति पर होने वाला जुल्म-अत्याचार उनकी अपनी लड़ाई है।2
- गोपालगंज में नदी से 12 दिन बाद मिला शव, मचा कोहराम, पशु को पूँछ पकड़कर नदी पार करने के दौरान डूबा था वृद्ध गोपालगंज जिले के उचकागांव अंतर्गत उजरा नारायणपुर गांव से होकर गुजरने वाली दाहा नदी में डूबे 70 वर्षीय वृद्ध का घटना के 12 दिन बाद सोमवार को शव ग्रामीणों ने नदी से बरामद कर लिया। बताया जा रहा है कि उचकागांव थाना क्षेत्र के उजरा नारायणपुर गांव निवासी लगभग 70 वर्षीय वृद्ध राम इकबाल चौधरी दो सितंबर की दोपहर भैंस चराने के लिए गांव के अपने साथी ललन चौधरी के साथ घर से नदी की तरफ गए हुए थे। दोनों लोगों ने नदी के दूसरी तरफ सियरूहां सियारामपुर गांव के चंवर में भैंस को चराने के लिए भैंस की पूंछ पकड़ कर नदी पार करने का प्रयास करने लगे। इसी दौरान उनके साथी ललन चौधरी अपनी भैंस की पूंछ पकड़कर पहले नदी पार कर लिए परंतु जैसे ही राम इकबाल चौधरी अपनी भैंस की पूंछ पकड़कर नदी पार करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान भैंस की पूछ से हाथ छूट जाने के बाद वे दाहा नदी की तेज बहाव में बहते हुए गहरे पानी में डूबने लगे। इसके बाद मामले की सूचना ललन चौधरी द्वारा ग्रामीणों को दी। जिसके बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीण तैराकों द्वारा नदी में डूबे राम इकबाल चौधरी को ढूंढने का काफी प्रयास किया गया। परंतु उनका कोई पता नहीं चल सका। इसी दौरान सोमवार के दिन उचकागांव थाना क्षेत्र के बलिभद्रपट्टी गांव के समीप दाहा नदी में मछली पकड़ने के लिए लगाए गए जाल में मछुआरों ने फंसे एक वृद्ध के शव को देखा। जिसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा पुलिस को दी गई। जाल में फंसे वृद्ध के शव की पहचान उचकागांव थाना क्षेत्र के उजरा नारायणपुर गांव के राम इकबाल चौधरी के रूप में की गई। मामले की सूचना मृतक के स्वजन को मिलते ही वहां चीख-पुकार मच गई। वहीं पोस्टमार्टम कराने के बाद वृद्ध के शव को स्वजन को सौंप दिया गया। जहां स्वजन व ग्रामीणों की देखरेख मृतक का दाह संस्कार कर दिया गया।1
- डीएम ने बरहज ब्लॉक परिसर में निर्माणाधीन आवासीय भवन का किया औचक निरीक्षण निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा कराने के दिए निर्देश देवरिया। जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने मंगलवार को विकास खंड बरहज के परिसर में एक करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से निर्माणाधीन आवासीय भवन का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, भवन की संरचना, उपयोग में लाई जा रही निर्माण सामग्री तथा कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति और अब तक की प्रगति के संबंध में जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि आवासीय भवन के निर्माण कार्य की शुरुआत अगस्त 2025 में हुई थी तथा इसे दिसंबर 2026 तक पूर्ण किया जाना निर्धारित है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और कार्यदायी संस्था द्वारा स्वीकृत मानकों के अनुरूप ही निर्माण कराया जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करते हुए प्रगति की समीक्षा की जाए, ताकि कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरा हो सके। उन्होंने निर्माण में प्रयुक्त होने वाली सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा कार्य में अनावश्यक विलंब न होने देने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उप जिलाधिकारी बरहज प्रवीण कुमार, अधिशासी अभियंता आरईडी सहित सम्बंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।1